Sunday, July 5, 2020
Home बड़ी ख़बर तो इमरान 'तालिबान' टेरेसा को POP (Pak Occupied Patrakar) कब देंगे नोबल शांति पुरस्कार?

तो इमरान ‘तालिबान’ टेरेसा को POP (Pak Occupied Patrakar) कब देंगे नोबल शांति पुरस्कार?

संवेदनशील मुद्दों को अपने पक्ष में भुनाने के लिए ये गिद्ध कुछ भी कर सकते हैं। इमरान ख़ान इनके लिए आज की नई मदर टेरेसा है। ऐसा न हो कि भविष्य में ये इमरान ख़ान की मूर्तियाँ लगा कर नमाज़ शुरू कर दें। हाइब्रिड लोग, हाइब्रिड नमन।

ये भी पढ़ें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

शांति- यह एक ऐसा शब्द है जो भारत का पर्यायवाची रहा है। ऐसे भी दौर (इस्लामिक और अंग्रेजी शासन) आए, जब भारत के कई क्षेत्रों में अशांति थी लेकिन ऐसे हालातों में भी हमारे देश ने दुनिया को शांति का ही पाठ पढ़ाया। लिबरल गिरोह Pluralism (बहुवाद) और Tolerance (सहिष्णुता) की वकालत करते नहीं थकते। उन्होंने Jingoism (अति-राष्ट्रवाद) और Intolerance (असहिष्णुता) जैसे भारी-भरकम शब्दों का प्रयोग कर आज के भारत को ऐसे रूप में पेश करने का प्रयास किया है, जो भारत की असल छवि से बिलकुल अलग है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भारत को लेकर नकारात्मक विचार छपते हैं और अधिकतर मामलों में लेखक कोई भारतीय पत्रकार ही होता है।

नायक की खोज में खलनायकों का गैंग

ये आज के पत्रकार हैं। ये लगातार नायक की खोज में रहते हैं। कभी राहुल, कभी केजरीवाल, कभी अखिलेश- इन्हे आए दिन एक नया नायक दिख जाता है, जिसे मोदी के ख़िलाफ़ खड़ा कर एक ‘Public Perception’ तैयार किया जा सके। इनकी पूरी की पूरी पत्रकारिता (कथित) ही Propaganda आधारित Narrative पर चलती है। जब इनकी दुकान बंद होने को आती है, इन्हे लालू यादव जैसे भ्रष्टाचारियों में भी नायक दिखने लगता है। इन खलनायकों को अब एक नया नायक मिल गया है। चूँकि अब इन्हे देश के अंदर कोई नायक नहीं मिल रहा, इन्होंने पाकिस्तान का रुख़ किया है।

अगर आप भारतीय लिबरल गैंग के ट्वीट्स देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि उन्हें इमरान ख़ान में एक ऐसा नायक दिख रहा है, जिसे मोदी के ख़िलाफ़ खड़ा किया जा सके। अगर इस गैंग का बस चले तो इमरान ख़ान को बनारस से मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव में उतार दें। इससे पहले कि हम इन मौसमी साँपों के मीठे ज़हर की चर्चा करें, उस से पहले पूरे घटनाक्रम को समझ कर इस अभियान के परिपेक्ष्य को समझना पड़ेगा। इसमें वही लोग शामिल हैं जो जाने-पहचाने हैं, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोवर्स लेकर इतराते हैं और आए दिन मोदी को गाली देकर जीविका निर्वहन करते हैं।

भारत द्वारा पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें उसके एक एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। इस क्रम में भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनन्दन को वर्तमान में पकिस्तान ने हिरासत में ले लिया। प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे उनकी नज़र में पाक की कोई औकात ही न हो। भारत ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए पाक से साफ़-साफ़ कह दिया कि पायलट को लेकर किसी भी प्रकार का मोलभाव नहीं किया जाएगा। जेनेवा कन्वेंशन के पालन को लेकर सख़्त भारत की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी से डरे पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को छोड़ने का निर्णय लिया।

गिरोह विशेष के नए पोस्टर बॉय- शांतिदूत इमरान ख़ान

“मोदी के कारण विंग कमांडर अभिनन्दन पकड़े गए” से लेकर “अभिनन्दन को छुड़ाने में मोदी का कोई हाथ नहीं” तक, गिरोह विशेष ने अपना एजेंडा सही समय पर चलाया (उनके लिए सही समय वही है जब देश संकट में हो या किसी निर्णायक मोड़ पर खड़ा हो)। इमरान ख़ान की सेना ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले किए- गिरोह विशेष के लिए यह शान्ति स्थापित करने की दिशा में किया गया प्रयास है। माफ़ कीजिए, हम भूल गए थे कि ये इमरान ख़ान की सेना नहीं है बल्कि सेना ने इमरान ख़ान को बिठा रखा है। कभी ‘तालिबान ख़ान’ के नाम से जाने जाने वाले इमरान ख़ान को मसीहा के रूप में देखने वाले इन पत्रकारों के लिए यह सब नया नहीं है।

ओसामा बिन लादेन के ‘मानवीय पक्ष’ से लेकर आतंकियों की ‘ग़रीबी’ की चर्चा कर उन्हें बेचारा बनाने की कोशिशों तक- इनके हथकंडों का एकमात्र लक्ष्य यही रहा है कि कैसे आतंकियों व उनके पोषकों को जनता की नज़र में हीरो बनाया जा सके। एक ऐसा नेता शांति का प्रतीक है जो कभी तालिबान का अनाधिकारिक प्रवक्ता हुआ करता था। वहीं सफाईकर्मियों के पाँव धोने वाले नेता उनके लिए घृणा का प्रतीक है। बात-बात पर भारत को सैन्य ताक़तों का इस्तेमाल कर ‘जवाब’ देने की बात करने वाले नेता मसीहा है जबकि सियाचिन में हमारी रक्षा कर रहे सैनिकों के साथ दिवाली मनाने वाला नेता विलेन है। बुलेट ट्रेन, डिजिटल इंडिया और विकास की बात करने वाला नेता युद्ध भड़काता है जबकि जिससे ईरान, अफ़ग़ानिस्तान सहित सभी परेशां हैं, वह शांतिदूत हैं।

Statesmanship शब्द की माचिस जलाकर छोड़ दी इन्होंने

सैकड़ों ऐसे ट्वीट्स हैं, जिनमें पाकिस्तान के ख़ान को एक बेहतर शासक और कुशल राजनीतिज्ञ बताया जा रहा है। उनकी प्रशंसा में उन्हें क्यूट और कूल बताया जा रहा। इन्हे सबसे पहले एक कुशल शासक का अर्थ समझने की ज़रूरत है। आँख से पट्टी हटा कर देखने पर पता चलेगा कि कुशल शासक वह है जिसने बिना एक शब्द बोले पाकिस्तान को घुटनों के बल ला खड़ा किया। कुशल शासक वह है जिसने पार्टी से लेकर देश तक- किसी पर भी भारत-पाकिस्तान तनाव का गलत असर नहीं पड़ने दिया। कुशल शासक वह है जिसनें बस पिछले 4-5 दिनों में मीडिया, सरकार, पार्टी से लेकर चुनावी कार्यक्रमों तक को भी सम्बोधित किया लेकिन एयर स्ट्राइक के लिए अपनी पीठ नहीं थपथपाई।

कुशल प्रशासक वह नहीं है जिसने एयर स्ट्राइक की ख़बर के तुरंत बाद हुई बैठक में हिस्सा तक नहीं लिया। कुशल प्रशासक वह नहीं है जिसने आतंकियों के ख़िलाफ़ प्रयोग करने के लिए मिले सैन्य साजो-सामान का प्रयोग भारत के विरुद्ध किया। क्या यही शांति का नोबल पुरस्कार मिलने का क्राइटेरिया है? क्या अपने सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान को सीमा पर के देश के सैन्य ठिकानों पर हमला के लिए इस्तेमाल करना आपको गिरोह विशेष के पत्रकारों की नज़र में महान बनाए देता है? पत्रकारों और लिबरल्स का गिरोह विशेष पाकिस्तानी सरकारी मीडिया के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहा है।

वास्तविक दुनिया से जान-बूझ कर दूर रहने वाले और जनता को भी दूर रखने के प्रयास करने वाले इन पाकिस्तान परस्तों को जनता को जानना चाहिए कि विंग कमांडर अभिनन्दन की रिहाई कैसे संभव हुई। हमारे जाँबाज़ पायलट अभिनन्दन की रिहाई संभव हुई क्योंकि भारत ने पाकिस्तान को विश्व पटल पर मुँह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है। अभिनन्दन को पाक के चंगुल से निकालने में देश क़ामयाब हुआ क्योंकि भारत ने पाक को जेनेवा कन्वेंशन के पालन की सख़्त हिदायत दी थी। अभिनन्दन आज स्वदेश लौट रहे हैं क्योंकि भारत की आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई से पाकिस्तान को डेमो मिल गया था। हमारे अभिनन्दन हमे वापस मिल गए क्योंकि पाक को पता चल गया था कि अगर उनके साथ कुछ भी गलत होता है तो भारत क्या कर सकता है।

इनका बस चले तो तालिबान के पूर्व अनाधिकारिक प्रवक्ता को नोबल दे दें। ये इतने बेताब हो उठे हैं कि कल को अगर मसूद अज़हर इनके लिए अच्छी बातें कर दे तो उसे भी क्यूट, बेचारा और मसीहा साबित कर देंगे। संवेदनशील मुद्दों को अपने पक्ष में भुनाने के लिए ये गिद्ध (जैसा कि राजदीप ने ख़ुद की केटेगरी वाले पत्रकारों को बताया था) कुछ भी कर सकते हैं। इमरान ख़ान इनके लिए आज की नई मदर टेरेसा है। वैसे, मदर टेरेसा की सच्चाई बहुत लोगों को नहीं पता है। कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में ये इमरान ख़ान की मूर्तियाँ लगा कर नमाज़ शुरू कर दे। ओह सॉरी, इस्लाम में मूर्तिपूजा की अनुमति नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

ख़ास ख़बरें

‘द वायर’ और ‘द हिन्दू’ के पत्रकार ने किया भगवान हनुमान का अपमान, कहा- ‘हनुमान का राम पर समलैंगिक क्रश था’

‘द वायर’ और ‘द हिंदू’ जैसी कुख्यात वामपंथी वेबसाइटों में रोजगार प्राप्त करने की एकमात्र शर्त हिंदूफोबिक विचारों को पोषित और प्रकट करना है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हिंदू-विरोधी प्रवृत्ति लंबे समय से इन वेबसाइटों से जुड़े पत्रकारों और लेखकों की पहचान रही है।

गलवान घाटी में सिर्फ कृपाण से 12 चीनी सैनिकों को मारकर बलिदान हुए 23 साल के गुरतेज सिंह की कहानी

20 बहादुरों में एक नाम 23 साल के सिपाही गुरतेज सिंह का भी है। गुरतेज सिंह ने बलिदान होने से पहले 12 चीनी सैनिकों को अपने कृपाण से ही ढेर कर दिया।

कॉन्ग्रेस नेताओं और भाजपा विरोधियों ने फर्जी खबरें फैलाईं: PM मोदी की लेह सैन्य अस्पताल विजिट को कहा दिखावा, ये रहा सच

अस्पताल के कॉन्फ्रेंस हॉल को मामूली चोटों वाले सैनिकों के लिए अस्पताल में बदल दिया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसका मंचन करने के लिए यह सब किया गया था।

ताहिर हुसैन ने न केवल दंगे की योजना बनाई और भीड़ को भड़काया, बल्कि हिंदुओं पर पत्थर और पेट्रोल बम भी फेंके: चार्जशीट में...

अब तक, ताहिर हुसैन की संलिप्तता चाँद बाग में हिन्दू विरोधी दंगों की योजना बनाने और दंगों को फंडिग करने की बात सामने आई थी। मगर अब यह भी पाया गया कि वह 'काफिरों' (हिंदुओं) के ऊपर पत्थर......

ब्रिटिशर्स के खिलाफ सशस्त्र आदिवासी विद्रोह के नायक थे अल्लूरी सीताराम राजू: आज जिनकी जयंती है

अल्लूरी को सबसे अधिक अंग्रेजों के खिलाफ रम्पा विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए याद किया जाता है, जिसमें उन्होंने ब्रिटिशर्स के खिलाफ विद्रोह करने के लिए विशाखापट्टनम और पूर्वी गोदावरी जिलों के आदिवासी लोगों को संगठित किया था।

काफिरों को देश से निकालेंगे, हिन्दुओं की लड़कियों को उठा कर ले जाएँगे: दिल्ली दंगों की चार्ज शीट में चश्मदीद

भीड़ में शामिल सभी सभी दंगाई हिंदुओं के खिलाफ नारे लगा रहे और कह रहे थे कि इन काफिरों को देश से निकाल देंगे, मारेंगे और हिंदुओं की लड़कियों को.......

प्रचलित ख़बरें

जातिवाद के लिए मनुस्मृति को दोष देना, हिरोशिमा बमबारी के लिए आइंस्टाइन को जिम्मेदार बताने जैसा

महर्षि मनु हर रचनाकार की तरह अपनी मनुस्मृति के माध्यम से जीवित हैं, किंतु दुर्भाग्य से रामायण-महाभारत-पुराण आदि की तरह मनुस्मृति भी बेशुमार प्रक्षेपों का शिकार हुई है।

गणित शिक्षक रियाज नायकू की मौत से हुआ भयावह नुकसान, अनुराग कश्यप भूले गणित

यूनेस्को ने अनुराग कश्यप की गणित को विश्व की बेस्ट गणित घोषित कर दिया है और कहा है कि फासिज़्म और पैट्रीआर्की के समूल विनाश से पहले ही इसे विश्व धरोहर में सूचीबद्द किया जाएगा।

‘व्यभिचारी और पागल Fuckboy थे श्रीकृष्ण, मैंने हिन्दू ग्रंथों में पढ़ा है’: HT की सृष्टि जसवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज

HT की पत्रकार सृष्टि जसवाल ने भगवान श्रीकृष्ण का खुलेआम अपमान किया है। उन्होंने श्रीकृष्ण को व्यभिचारी, Fuckboy और फोबिया ग्रसित पागल (उन्मत्त) करार दिया है।

व्यंग्य: अल्पसंख्यकों को खुश नहीं देखना चाहती सरकार: बकैत कुमार दुखी हैं टिकटॉकियों के जाने से

आज टिकटॉक बैन किया है, कल को वो आपका फोन छीन लेंगे। यही तो बाकी है अब। आप सोचिए कि आप सड़क पर जा रहे हों, चार पुलिस वाला आएगा और हाथ से फोन छीन लेगा। आप कुछ नहीं कर पाएँगे। वो आपके पीछे-पीछे घर तक जाएगा, चार्जर भी खोल लेगा प्लग से........

नेपाल के कोने-कोने में होऊ यांगी की घुसपैठ, सेक्स टेप की चर्चा के बीच आज जा सकती है PM ओली की कुर्सी

हनीट्रैप में नेपाल के पीएम ओली के फँसे होने की अफवाहों के बीच उनकी कुर्सी बचाने के लिए चीन और पाकिस्तान सक्रिय हैं। हालॉंकि कुर्सी बचने के आसार कम बताए जा रहे हैं।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर पर चला बुलडोजर, भाभी के पास मिली पिस्तौल: तलाश में पुलिस की 100 टीमें

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, दूसरी तरफ उसके घर पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।

Covid-19: भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या हुई 648315, मृतकों की संख्या 18655

भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6,48,315 हो गई। इनमें से वर्तमान में 2,35,433 सक्रिय मामले हैं। ठीक होने वालों का आँकड़ा इनमें 3,94,227 का है, जबकि घातक संक्रमण से मरने वाले 18,655 लोग हैं।

जानिए रूसी शहर व्लादिवोस्तोक पर क्यों नजर गड़ाए है चीन, क्या है उसकी विस्तारवादी नीति?

चीन कम से कम 21 देशों के जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए है। भले ही अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने उसके संदिग्ध दावों को खारिज कर दिया है, मगर फिर भी चीन फिलीपींस में द्वीपों के स्वामित्व पर जोर देता है।

‘द वायर’ और ‘द हिन्दू’ के पत्रकार ने किया भगवान हनुमान का अपमान, कहा- ‘हनुमान का राम पर समलैंगिक क्रश था’

‘द वायर’ और ‘द हिंदू’ जैसी कुख्यात वामपंथी वेबसाइटों में रोजगार प्राप्त करने की एकमात्र शर्त हिंदूफोबिक विचारों को पोषित और प्रकट करना है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हिंदू-विरोधी प्रवृत्ति लंबे समय से इन वेबसाइटों से जुड़े पत्रकारों और लेखकों की पहचान रही है।

गलवान घाटी में सिर्फ कृपाण से 12 चीनी सैनिकों को मारकर बलिदान हुए 23 साल के गुरतेज सिंह की कहानी

20 बहादुरों में एक नाम 23 साल के सिपाही गुरतेज सिंह का भी है। गुरतेज सिंह ने बलिदान होने से पहले 12 चीनी सैनिकों को अपने कृपाण से ही ढेर कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर, दो जवान घायल

शनिवार को ही सुरक्षाबलों ने राजौरी जिले के थानामंडी इलाके में मौजूद आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ कर दिया। सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान आतंकी......

दुनिया के कई देशों ने दिया भारत का साथ: LAC पर टकराव के लिए चीन को ठहराया ज़िम्मेदार, विस्तारवादी नीति का विरोध

प्रधानमंत्री का यह दौरा चीन के लिए साफ़ संदेश था कि भारत किसी भी तरह का विवाद होने पर पीछे नहीं हटेगा। इन बातों के बावजूद यह उल्लेखनीय है कि दुनिया के किन-किन देशों ने भारत का समर्थन करते हुए क्या कुछ कहा है?

कॉन्ग्रेस नेताओं और भाजपा विरोधियों ने फर्जी खबरें फैलाईं: PM मोदी की लेह सैन्य अस्पताल विजिट को कहा दिखावा, ये रहा सच

अस्पताल के कॉन्फ्रेंस हॉल को मामूली चोटों वाले सैनिकों के लिए अस्पताल में बदल दिया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसका मंचन करने के लिए यह सब किया गया था।

ताहिर हुसैन ने न केवल दंगे की योजना बनाई और भीड़ को भड़काया, बल्कि हिंदुओं पर पत्थर और पेट्रोल बम भी फेंके: चार्जशीट में...

अब तक, ताहिर हुसैन की संलिप्तता चाँद बाग में हिन्दू विरोधी दंगों की योजना बनाने और दंगों को फंडिग करने की बात सामने आई थी। मगर अब यह भी पाया गया कि वह 'काफिरों' (हिंदुओं) के ऊपर पत्थर......

COVAXIN के मानव परीक्षण के लिए विहिप नेता सुरेंद्र जैन ने खुद को किया प्रस्तुत, कहा- मुझ पर किया जाए वैक्सीन का परीक्षण

भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई देश की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन की मानव परीक्षण करने की योजना बना रही है। इस बीच विहिप के वरिष्ठ नेता डॉ सुरेंद्र जैन ने कोरोना वैक्सीन के मानवीय परीक्षण के लिए खुद को प्रस्तुत करने का निवेदन किया है।

ब्रिटिशर्स के खिलाफ सशस्त्र आदिवासी विद्रोह के नायक थे अल्लूरी सीताराम राजू: आज जिनकी जयंती है

अल्लूरी को सबसे अधिक अंग्रेजों के खिलाफ रम्पा विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए याद किया जाता है, जिसमें उन्होंने ब्रिटिशर्स के खिलाफ विद्रोह करने के लिए विशाखापट्टनम और पूर्वी गोदावरी जिलों के आदिवासी लोगों को संगठित किया था।

हमसे जुड़ें

234,194FansLike
63,099FollowersFollow
269,000SubscribersSubscribe