Monday, January 18, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे 'The Print' को पीयूष गोयल से दिक्कत है क्योंकि वो जनता के लिए अफसरों...

‘The Print’ को पीयूष गोयल से दिक्कत है क्योंकि वो जनता के लिए अफसरों की नहीं सुनते

2017 की शुरुआत में सरकार ने कई सुस्त अधिकारियों को समय-पूर्व सेवानिवृत्ति दे कर साफ़-साफ़ सन्देश दे दिया कि अगर पद पर बने रहना है तो ऊर्जावान बन कर कार्य करना पड़ेगा।

‘द प्रिंट’ को केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से दिक्कतें हैं। समाचार पोर्टल को गोयल से एक नहीं बल्कि कई दिक्कतें हैं। प्रिंट ने रूही तिवारी का लिखा एक लेख छापा है, जिसमे कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का उनके मातहत अधिकारियों के प्रति रवैया सही नहीं है। इसके लिए कोयला मंत्रालय के पूर्व केंद्रीय सचिव अनिल स्वरूप की पुस्तक ‘Not Just A Civil Servant’ का हवाला दिया गया है। बकौल प्रिंट, इस पुस्तक में कहा गया है कि पीयूष गोयल का मंत्रालय के अधिकारियों के प्रति रवैया बेस्वादु है, वे अपने मंत्रालय के अधिकारियों पर चिल्लाते हैं।

‘द प्रिंट’ का जबरदस्ती किया गया हिटजॉब

इस लेख का शीर्षक दिया गया है कि आईएएस अधिकारी पीयूष गोयल के फैन नहीं हैं। यह अजीब है, क्योंकि कोई नेता मंत्रालय में अधिकारियों को फैन बनाने नहीं जाता बल्कि जनता के लिए कार्य करने जाता है। वह ‘पीयूष गोयल’ हैं, ‘यो यो हनी सिंह’ नहीं, जो रैप कर के बाबुओं को अपना फैन बनाएँ। मजे की बात तो यह कि इस पुस्तक में पीयूष गोयल का कहीं भी नाम नहीं लिया गया है लेकिन चूँकि अक्टूबर 2014 से नवंबर 2016 तक स्वरूप कोयला मंत्रालय में कार्यरत थे और उसी दौरान पीयूष गोयल ही कोयला मंत्रालय संभाल रहे थे, इसीलिए प्रिंट ने गोयल को निशाने पर रखा। अन्य अधिकारियों ने भी प्रिंट की इस ‘खोज’ की ‘तस्दीक़’ की। बकौल प्रिंट, स्वरूप ने अपनी पुस्तक में लिखा है:

“जब मैं कोयला मंत्रालय में था तब एक मंत्री अधिकारियों पर चिल्लाया करते थे। मैंने उनसे कहा कि ‘आप लोगों के सामने इस तरह मेरे संयुक्त सचिव पर नहीं चिल्ला सकते। अगर आपको उनको डाँटना ही है तो आप उन्हें अपने कक्ष में बुला कर ऐसा कर सकते हैं। अगर आप ऐसे ही अधिकारियों पर चिल्लाते रहे तो मैं प्रधानमंत्री के पास जाकर अपने तबादले के लिए निवेदन करूँगा।’ इसके बाद उन्होंने मेरे सामने अधिकारियों को डाँटना बंद कर दिया लेकिन अन्य जगहों पर वे ऐसा करते रहे।”

एक अधिकारी ने ‘द प्रिंट’ को बताया कि तीन महीने तक कार्यवाहक वित्त मंत्री का प्रभार सँभालने के दौरान भी उनके अधिकारियों के साथ झगड़े होते थे। गोयल ने अधिकारियों की आपत्ति को दरकिनार करते हुए जीएसटी दर को कम करने का प्रस्ताव किया। अधिकारियों ने जीएसटी रेट कम नहीं करने की सलाह दी, लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसा किया। इसीलिए प्रिंट ने गोयल को अधिकारियों के साथ अशिष्ट व्यवहार करने वाला बताया है।

कैसे मोदी के आते ही ख़त्म हुआ बाबू कल्चर

जैसा कि किसी से छिपा नहीं है, जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने थे तब मंत्रालयों की स्थिति ऐसी थी कि वहाँ अधिकारीगण का ही राज चलता था। एक ताक़तवर प्रधानमंत्री वक़्त की ज़रूरत था, न सिर्फ़ जनता के लिए बल्कि सरकारी बाबुओं को नियंत्रित करने के लिए। ब्यूरोक्रेसी की तो हालत यह रही है कि ख़ुद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने कहा था कि अगर केंद्र सरकार किसी ग़रीब को 1 रुपया भेजती है तो उसके पास मात्र 15 पैसे ही पहुँच पाते हैं। डॉक्टर मनमोहन सिंह के कार्यकाल में उनके ही मंत्रियों पर उनका पूरा नियंत्रण नहीं रहता था, ऐसे में सरकारी बाबुओं व उच्चाधिकारियों का कहना ही क्या। मोदी के रूप में एक शक्तिशाली पीएम के आने के बाद यह कल्चर बदला।

मोदी के पीएम बनने के लगभग एक महीने बाद जून 2014 में हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि मंत्रालयों के अधिकारियों के वर्किंग कल्चर में प्रत्यक्ष बदलाव आया है। मोदी के आने के बाद उन पर काम करने का दबाव बढ़ा, पीएम की एनर्जी के आगे फीका पड़ने का डर बढ़ा और अधिकारी समय पर दफ्तर पहुँचने लगे। इस रिपोर्ट में पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि वे अब सिर्फ़ समय पर ऑफिस ही नहीं आते बल्कि एक समय-सीमा के भीतर फाइलों का तुरंत निपटारा भी करते हैं। इसके लिए उन्हें देर तक बैठना पड़ता है।

मोदी के सत्ता सँभालने के बाद लम्बे और सुस्त लंच ब्रेक पर जाने वाले बाबू डेस्क पर ही जल्दी-जल्दी खाने लगे। नियमित बैठकों का दौर चल पड़ा और प्रत्येक योजनाओं पर अधिकारियों की राय ली जाने लगी। इसके बाद अधिकारियों के पास होम-वर्क कर के आने के सिवाय और कोई चारा ही नहीं बचा। अगर मुखिया सख़्त है तो सरकार भी सही से चलती है। ऐसे में मोदी के मंत्रियों ने भी ऐसे बाबुओं पर शिकंजा कसा और उन्हें जनहित के कार्य में लगाया, तो दिक्कत क्या है? उनके काम-काज के तरीके सही हुए हैं, इसमें भी बुराई खोजना कहाँ तक उचित है?

गोयल ने GST दर घटाने का प्रस्ताव अपने लिए लाया था क्या?

‘द प्रिंट’ ने कहा है कि पीयूष गोयल जीएसटी दर में कटौती के लिए अड़ गए और अधिकारियों की एक न सुनी। यह जनता के लिए खुश होने वाली बात है। जैसा कि उसी रिपोर्ट में बताया गया है, ऐसे किसी भी प्रस्ताव के लिए एक सप्ताह पहले सर्कुलर जारी करना होता है लेकिन गोयल ने बैठक में इसे तुरंत प्रस्तावित किया। यह सरकार, जनता व सिस्टम- तीनों के लिए ही अच्छे संकेत हैं। यह दिखता है कि मोदी कैबिनेट के मंत्री किस तरह से कार्य करते हैं। अगर जनहित से जुड़े मुद्दों पर सर्कुलर जारी करने, उस पर अमल करने और उसे ज़मीन पर उतारने में महीनों की बजाय कुछ मिनट्स ही लग रहे हैं, तो दिक्कत क्या है?

सरकार का सीधा सन्देश है कि अब बाबूगिरी नहीं चलेगी। अब फाइल इस मंत्रालय से उस मंत्रालय धूल नहीं फाकेंगे बल्कि उन पर तुरंत निर्णय होगा। वैसे भी, पीएम मोदी त्वरित कार्रवाई में विश्वास रखते हैं और अधिकारीगण भी अब समझ गए हैं कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर है, सचेत है और त्वरित कार्रवाई में भरोसा रखती है। हमें ‘द प्रिंट’ को धन्यवाद करना चाहिए क्योंकि पीयूष गोयल को नकारात्मक दिखाने के चक्कर में उसने अनजाने में मोदी सरकार के एक अच्छे पहलू को उजागर कर दिया। सरकार ने अधिकारियों को अनुशासित करने के लिए एक बेंचमार्क सेट किया, उसके परिणाम अब दिख रहे हैं।

मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही आईएएस अधिकारियों को उनकी संपत्ति सार्वजनिक करने को कहा। पीएम मोदी ने सबसे पहले अपनी संपत्ति का ब्यौरा दे कर पीएमओ के अन्य अधिकारियों को भी इसके लिए प्रेरित किया। भ्रष्टाचार और आलस से पीड़ित ब्यूरोक्रेसी में अमूल-चूल बदलाव यूँ ही संभव नहीं हुआ है, इसके लिए पीएम ने स्वयं उदाहरण साबित किया है। मोदी सरकार ने बाबुओं का परफॉरमेंस ट्रैक करने से लेकर ‘अंडर-अचीवर’ अधिकारियों पर कार्रवाई करने तक- हर तरफ से अफसरशाही पर वार किया। 2017 की शुरुआत में सरकार ने कई सुस्त अधिकारियों को समय-पूर्व सेवानिवृत्ति दे कर साफ़-साफ़ सन्देश दे दिया कि अगर पद पर बने रहना है तो ऊर्जावान बन कर कार्य करना पड़ेगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘तांडव’ पर मोदी सरकार सख्त, अमेजन प्राइम से I&B मिनिस्ट्री ने माँगा जवाब: रिपोर्ट्स

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वेब सीरिज तांडव को लेकर अमेजन प्राइम वीडियो के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।

‘जेल में मेरे पति को कर रहे टॉर्चर’: BARC के पूर्व सीईओ की पत्नी ने NHRC से की शिकायत

BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराने के बाद उनकी पत्नी ने NHRC के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

हार्वर्ड वाले स्टीव जार्डिंग के NDTV से लेकर राहुल-अखिलेश तक से लिंक, लेकिन निधि राजदान को नहीं किया खबरदार!

साइबर क्राइम के एक से एक मामले आपने देखे-सुने होंगे। लेकिन निधि राजदान के साथ जो हुआ वो अलग और अनोखा है। और ऐसा स्टीव जार्डिंग के रहते हो गया।

शिवलिंग पर कंडोम: अभिनेत्री सायानी घोष को नेटिजन्स ने लताड़ा, ‘अकाउंट हैक’ थ्योरी का कर दिया पर्दाफाश

अभिनेत्री सायानी घोष ने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें एक महिला पवित्र हिंदू प्रतीक शिवलिंग के ऊपर कंडोम डालते हुए दिख रही थी।

‘आइए, हम सब वानर और गिलहरी बन अयोध्या के राम मंदिर के लिए योगदान दें, मैंने कर दी शुरुआत’: अक्षय कुमार की अपील

अक्षय कुमार ने बड़ी जानकारी दी कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अपना योगदान दे दिया है और उम्मीद जताई कि और लोग इससे जुड़ेंगे।

निधि राजदान के ‘प्रोफेसरी’ वाले दावे से 2 महीने पहले ही हार्वर्ड ने नियुक्तियों पर लगा दी थी रोक

हार्वर्ड प्रकरण में निधि राजदान ने ब्लॉग लिखकर कई सारे सवालों के जवाब दिए हैं। इनसे कई सारे सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

शिवलिंग पर कंडोम: अभिनेत्री सायानी घोष को नेटिजन्स ने लताड़ा, ‘अकाउंट हैक’ थ्योरी का कर दिया पर्दाफाश

अभिनेत्री सायानी घोष ने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें एक महिला पवित्र हिंदू प्रतीक शिवलिंग के ऊपर कंडोम डालते हुए दिख रही थी।

‘अगर तलोजा वापस गए तो मुझे मार डालेंगे, अर्नब का नाम लेने तक वे कर रहे हैं किसी को टॉर्चर के लिए भुगतान’: पूर्व...

पत्नी समरजनी कहती हैं कि पार्थो ने पुकारा, "मुझे छोड़कर मत जाओ... अगर वे मुझे तलोजा जेल वापस ले जाते हैं, तो वे मुझे मार डालेंगे। वे कहेंगे कि सब कुछ ठीक है और मुझे वापस ले जाएँगे और मार डालेंगे।”

‘भूखमरी वाले देश में राम मंदिर 10 साल बाद नहीं बन सकता?’: अक्षय पर पिल पड़े लिबरल्स

आनंद कोयारी नामक यूजर ने उन्हें अस्पतालों और स्कूलों के लिए चंदा इकट्ठा करने की सलाह दे दी और दावा किया कि कोरोना काल में एक भी मंदिर काम नहीं आया।

‘मैं सभी को मार दूँगा, अल्लाहु अकबर’: जर्मन एयरपोर्ट पर मचाई अफरातफरी

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मास्क न पहनने की वजह से टोके जाने पर एक शख्स ने 'अल्लाहु अकबर' का नारा लगाते हुए जान से मारने की धमकी दी।

2000 करोड़ रुपए कचड़े में: 7 साल पहले बेकार समझ फेंक दी थी, खोजने वाले को मिलेगा 50%

2013 में ब्रिटिश आईटी कर्मचारी जेम्स हॉवेल्स (James Howells) ने 7500 Bitcoins वाले एक हार्ड ड्राइव को कचरे में फेंक दिया था।

‘तांडव’ पर मोदी सरकार सख्त, अमेजन प्राइम से I&B मिनिस्ट्री ने माँगा जवाब: रिपोर्ट्स

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वेब सीरिज तांडव को लेकर अमेजन प्राइम वीडियो के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।

मुंबई के आजाद मैदान में लगे ‘आजादी’ के नारे, ‘किसानों’ के समर्थन के नाम पर जुटे हजारों मुस्लिम प्रदर्शनकारी

मुंबई के आजाद मैदान में हजारों मुस्लिम प्रदर्शनकारी कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर जुटे और 'आजादी' के नारे लगाए गए।

कॉन्ग्रेस ने कबूला मुंबई पुलिस ने लीक किया अर्नब गोस्वामी का चैट: जानिए, लिबरलों की थ्योरी में कितना दम

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने स्वीकार किया है कि मुंबई पुलिस ने ही अर्नब गोस्वामी के निजी चैट को लीक किया है।

रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है ED, राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

ED ने बेनामी संपत्ति मामले में रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

‘तांडव’ के मेकर्स को समन, हिंदू घृणा से सने कंटेंट को लेकर बीजेपी नेता राम कदम ने की थी शिकायत

बीजेपी नेता राम कदम की शिकायत के बाद वेब सीरिज तांडव के मेकर्स को समन भेजा गया है।

बांग्लादेश से भागकर दिल्ली में ठिकाना बना रहे रोहिंग्या, आनंद विहार और उत्तम नगर से धरे गए

दिल्ली पुलिस ने आनंद विहार से 6 रोहिंग्या को हिरासत में लिया है। उत्तम नगर से भी दो को पकड़ा है।

‘जेल में मेरे पति को कर रहे टॉर्चर’: BARC के पूर्व सीईओ की पत्नी ने NHRC से की शिकायत

BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराने के बाद उनकी पत्नी ने NHRC के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

डिमांड में ‘कॉमेडियन’ मुनव्वर फारूकी, यूपी पुलिस को चाहिए कस्टडी

यूपी पुलिस ने मुनव्वर फारूकी के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में दर्ज एक मामले को लेकर प्रोडक्शन वारंट जारी किया है।

हार्वर्ड वाले स्टीव जार्डिंग के NDTV से लेकर राहुल-अखिलेश तक से लिंक, लेकिन निधि राजदान को नहीं किया खबरदार!

साइबर क्राइम के एक से एक मामले आपने देखे-सुने होंगे। लेकिन निधि राजदान के साथ जो हुआ वो अलग और अनोखा है। और ऐसा स्टीव जार्डिंग के रहते हो गया।

आतंकियों की तलाश में दिल्ली पुलिस ने लगाए पोस्टर: 26 जनवरी पर हमले की फिराक में खालिस्तानी-अलकायदा आतंकी

26 जनवरी पर हमले के अलर्ट के बीच दिल्ली पुलिस ने खालिस्तानी आतंकियों की तलाश में पोस्टर लगाए हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
381,000SubscribersSubscribe