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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

अल्लाह मेहरबान तो PK पहलवान: मिलिए, चुनावी कैंपेन की दुनिया के ‘रामविलास’ से

मोदी मैजिक पर सवार होकर ​आए पीके को अब तक जो एकमात्र मुश्किल मोर्चा मिला है उस पर वे बुरी तरह नाकाम रहे। सो, यह देखना दिलचस्प होगा कि वे सियासी महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर पाएँगे या फिर ब्रांडिंग की दुनिया के रामविलास' बनकर ही रह जाएँगे।

AAP की जीत के बाद भी तुम मुझे क्लीन चिट नहीं दे रहे, बंगाल हारने का डर है?: EVM का पत्र नेताओं को

संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, हर जगह बलि का बकरा मुझे ही बनाया जाता है। एक दिन पहले मुझे गालियाँ दी जाती हैं, अगले ही दिन मनपसंद परिणाम आते ही उन बातों को भुला दिया जाता है। इस बार मेरी लाज बच गई। चलिए, दिल्ली चुनाव को वणक्कम।

NDTV में आखिर क्यों हाशिए पर ढकेले गए रवीश कुमार

जिन NDTV के लिए पसीना बहा कर प्रोपेगेंडा फैलाते-फैलाते बाल सफ़ेद कर दिए, अब उसी NDTV ने रवीश के ब्लॉग को वेबसाइट पर एक कोने में छोटी सी जगह में ढकेल दिया है। क्या रवीश के शो की गिरती TRP के कारण उन्हें अपने ही संस्थान में किनारे किया जा रहा है? दुःखद। निंदनीय।

सेना को रेपिस्ट बताना, शरजील के लिए नारेबाजी, बलात्कारियों का समर्थन: TISS में फैलता वामपंथी ज़हर

देश में एक ऐसा प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान है, जहाँ वामपंथियों ने JNU से भी ज़्यादा तबाही मचा रखी है। निर्भया का बलात्कारियों के समर्थन से लेकर सेना को बलात्कारी और हिंसक बता तक, वहाँ के वामपंथी छात्र और प्रोफेसर घृणा की नई इबारत लिख रहे हैं। TISS में वामपंथियों की साज़िश का भंडाफोड़।

IIT बॉम्बे को JNU बनाने की साजिश की पोल खोल: ग्रोवर और कश्यप जैसों के सहयोग से हावी होता गिरोह

वरुण ग्रोवर और अनुराग कश्यप जैसों की नज़र अब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक पर है। उसे धीमे-धीमे बर्बाद करने की साज़िश रची जा रही है। IIT बॉम्बे को चंद वामपंथी प्रोफेसरों व छात्रों ने बंधक बना लिया है। रवीश कुमार व अन्य वामपंथी मीडिया उनका समर्थन कर रहे हैं।

नीरज के परिवार के लिए ऑपइंडिया का अभियान, 1 दिन में जुटे ₹15 लाख: CAA का समर्थन करने पर मिली थी मौत

CAA समर्थन रैली पर मुस्लिमों ने हमला किया, जिसमें घायल हुए नीरज प्रजापति की रिम्स में मृत्यु हो गई। ऑपइंडिया ने उनके परिवार की मदद के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लिया, जिसके बाद लोगों ने 15 लाख रुपए का अब तक सहयोग किया है। सोरेन सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया।

टॉर्च की रोशनी में हुआ नीरज का अंतिम संस्कार, लोगों को शव यात्रा में शामिल होने से रोका

सीएए के समर्थन में आयोजित रैली में शामिल नीरज प्रजापति मुस्लिमों की हिंसा का शिकार बने थे। परिजनों ने ऑपइंडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन ने जल्दी-जल्दी अंतिम संस्कार कराने के चक्कर में धार्मिक रीति-रिवाज भी पूरा नहीं करने दिया।

दंगाइयों ने मेरे पति को मार डाला, मेरे दो छोटे बच्चे हैं: नीरज की पत्नी ने CM सोरेन से लगाई गुहार, पढ़ें पत्र

"दंगाइयों ने मेरे पति को दौड़ा कर उनके सिर पर रॉड से वार किया। इसके बाद वो किसी तरह भागते हुए घर पहुँचे। वहाँ पहुँच कर उन्होंने मुझे सारी बातें बताईं। इसके बाद वो अचानक से बेहोश हो गए।" - क्या मुख्यमंत्री सोरेन सुन रहे हैं मृतक की पत्नी की दर्द भरी आवाज़?