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ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ

Being learner, Spiritual, Reader

अहमदाबाद में छात्र की हत्या के बाद साबरकांठा के स्कूल में 4 मुस्लिम नाबालिगों ने हिंदू छात्र पर किया हमला, जान से मारने की...

पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि घटना 21 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे स्कूल की छुट्टी के बाद हुई। 4 मुस्लिम नाबालिगों ने स्कूल परिसर में उनके बेटे पर हमला किया और मारने की धमकी दी।

भारत विभाजन के वक्त RSS ने जमीन पर निभाई भूमिका: सरदार पटेल ने भी की थी काम की तारीफ, लाखों हिंदुओं के खून से...

हिंदू मर रहे थे, पलायन कर रहे थे। ऐसे में भारत विभाजन के समय कठिन परिस्थितियों में RSS जमीन पर सबकी रक्षा और मदद कर रहा था।

गुजरात में बढ़ी BJP की लोकप्रियता, जनता का विश्वास भी बरकरार : गुजरात उपचुनाव के नतीजों में बिखरा दिखा विपक्ष, कॉन्ग्रेस हुई साफ

विसावदर उपचुनाव में मिली हार भी भाजपा के लिए कोई बड़ा झटका नहीं है, क्योंकि यह सीट पहले से ही उसके पास नहीं थी।

अवैध दरगाह को समतल करने पहुँचा बुलडोजर, भीतर मिले स्पेशल रूम से लेकर ऐशोआराम के सामान: बाथटब-संगमरमर के कमरे, लिखा था- याद रखोगे तो...

गुजरात के जामनगर में अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मेगा डिमोलिशन के तहत 300 से अधिक मकान और मजहबी ढाँचे भी ध्वस्त किए गए हैं।

तालाब पर नहाती हिन्दू महिलाओं का वीडियो बनाने से रोका तो मुस्लिमों ने किया हमला, ‘अल्लाहू अकबर’ के लगाए नारे: ऑपइंडिया को पीड़ितों ने...

हिन्दू महिलाओं का वीडियो बनाने से रोकने पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। हिन्दू परिवार पर अस्पताल जाते भी हमला किया गया।

‘ये हिंदू सुधरेंगे नहीं, इनके हाथ पैर तोड़ दो, औरतों की इज्जत लूट लो’: दलित लड़की की शादी में 500+ मुस्लिमों का उपद्रव, पाइप-लाठियों...

गुजरात के सारण में मुस्लिमों के इस हमले में 8 लोग घायल हुए, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और गहनों की लूट की शिकायत भी सामने आई।

उर्दू स्कूल के लिए मिली जमीन पर बनाई दुकानें, 20 साल तक वसूला लाखों का किराया: वक्फ संपत्ति घोटाला में सलीम, महमूद समेत 5...

अहमदाबाद में पाँच मुस्लिमों ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध रूप से दुकानें खड़ी कर दीं। उन्हें FIR दर्ज करके गिरफ्तार किया गया है।

ST की कुलदेवी को हटाकर बनाया ‘माता मरियम का मंदिर’, अकेले तापी में बन गए 1500 चर्च: दक्षिण गुजरात में ईसाई धर्मांतरण से हिंदू...

कार्यकर्ता ने पूछा, "हम वनवासी हैं, तो हमारे इलाके में ईसाई जनसभा और बड़े कार्यक्रमों की क्या ज़रूरत है? अलग-अलग राज्यों से ईसाई पादरी, प्रचारक और बड़े लोग सिर्फ़ यहीं सभा करने क्यों आते हैं?"