राम नवमी के मौके पर खरगोन में हिंसा क्यों हुई ये वामपंथी लिबरलों की चिंता नहीं है, उन्हें दुख इसलिए है कि प्रशासन 'मुस्लिम' दंगाइयों पर क्यों कार्रवाई कर रहा है।
90 के दशक में कश्मीरी पंडितों का नरसंहार पहली बार नहीं हुआ था। 14वीं शताब्दी में सूफी संतों से मिली सीख पर सिकंदर बुतशिकन ने इस काम को धड़ल्ले से किया था।