Saturday, May 21, 2022
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हिंदू नववर्ष, रामनवमी, हनुमान जन्मोत्सव: मस्जिद, मुस्लिम, पत्थर… करौली से जहाँगीरपुरी तक हिंदुओं पर हमले का एक ही पैटर्न

एक ओर जहाँ उत्तर प्रदेश में शोभा यात्राओं में फूल बरस रहे हैं वहीं अन्य जगह पर श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात क्यों हो रहा है, ये एक बड़ा सवाल है? क्या ये सब इसलिए तो नहीं कि यूपी में बीजेपी की जीत से बिदके कट्टरपंथी अपनी मनमानी बाहरी राज्यों में चलाने के लिए ऐसे उपद्रव को अंजाम दे रहे हों।

अप्रैल के शुरुआती दिनों से ही मीडिया में हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं। सबसे पहले हिंदू नव वर्ष के मौके पर राजस्थान में हिंदुओं को निशाना बनाने का काम हुआ, फिर राम नवमी के मौके पर खरगोन जैसी हिंसा ने हिंदुओं को दहला दिया। हालात सुधारने का प्रयास प्रशासन कर ही रहा था कि हनुमान जन्मोत्सव आ गया। किसने सोचा था कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिर वो दृश्य नजर आएँगे जो 2020 के दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों में दिखे थे, लेकिन जहाँगीरपुरी के कट्टरपंथियों के चलते ये भी देखने को मिल गया। वैसी ही पत्थरबाजी, वही खून से लथपथ पुलिस, हाथ में हथियार, मुँह पर मजहबी नारे… आदि-आदि।

इन हमलों की खबर सुनते-सुनते अब धीरे-धीरे 15 दिन से ज्यादा हो गए हैं। कभी कहीं- तो कभी कहीं से हिंदुओं के जुलूस को निशाना बनाए जाने की खबरें लगातार आ रही हैं। हैरानी की बात ये है कि हर जगह एक ही तरह का पैटर्न इस्तेमाल हो रहा है। एक ही समुदाय द्वारा इसे अंजाम दिया जा रहा है। आइए एक बार सिलसिलेवार ढंग से याद कर लें कि अचानक अप्रैल माह में ये सब कहाँ-कहाँ और कैसे हुआ।

तारीख: 2 अप्रैल 2022। जगह: करौली, राजस्थान।

हिंदू नववर्ष के मौके पर हिंदू संगठनों ने शोभा यात्रा का आयोजन किया था। ये यात्रा फूटा कोट इलाके से होकर निकल रही थी। हालाँकि जैसे ही ये शोभा यात्रा मस्जिद के पास वाले इलाके में पहुँची, हिंदुओं पर अचानक पत्थर बरसने लगे। इसके बाद इलाके में खूब बवाल हुआ। आधा दर्जन दुकानों से लेकर वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। बाद में पीडित हिंदुओं ने बताया कि हमले को अंजाम दिए जाने से पहले बाजार में  मुस्लिम पहले ही दुकानें बंद करके चले गए थे और शोभा यात्रा के वक्त पड़ोसी मुस्लिमों ही हमलावर बन गए थे।

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: खरगोन, मध्य प्रदेश।

रामनवमी के मौके पर रविवार के दिन 10 अप्रैल को हिंदुओं द्वारा खरगोन में जुलूस निकाला जा रहा था। इसी बीच मस्जिद से अचानक कुछ नमाजी से निकले और पत्थरबाजी शुरू हो गई। बाद में इलाके में जमकर आगजनी और हिंसा हुई। घटना के दौरान गोली लगने से घायल होने वाले एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि हिंसक भीड़ में से एक व्यक्ति तलवार लेकर हिंदुओं को मारने जा रहा था। जब उन्होंने उसे पकड़ना चाहा तो किसी ने उन्हें भी गोली मार दी ।

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: बंगाल का हावड़ा का फाजिर बाजार ।

बंगाल के हावड़ा के फाजिर बाजार में रामनवमी के मौके पर जुलूस निकाला जा रहा था कि तभी समुदाय विशेष ने हमला करना शुरू कर दिया। इसके बाद तमाम दुकानों और गाड़ियों में आग लगाने की खबरें आईं। पुलिस पर भी खूब पत्थरबाजी हुई।

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: बंगाल का बाँकुड़ा।

राम नवमी के मौके पर बंगाल के बांकुड़ा में मस्जिद के पास से हिंदुओं का जुलूस निकला और देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस से जब इस बाबत शिकायतें हुई तो सफाई में जवाब आया कि उन्होंने तो पहले ही जुलूस के लिए दूसरा रास्ता दिया था। मगर हिंदू जानबूझकर वहाँ से गुजरे।

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: हिम्मतनगर, गुजरात।

रामनवमी के मौके पर गुजरात के हिम्मतनगर में जब कट्टरपंथियों ने शोभा यात्रा को निशाना बनाया तो तमाम पुलिकर्मियों को भी टारगेट करने से पीछे नहीं रहे। हर तरफ से पथराव किया गया। शोर-शराबे के बीच कई वाहन क्षतिग्रस्त किए गए। दुकानों में आग लगाई गई। स्थानीयों ने बताया कि उनके ऊपर पूरी प्लॉनिंग से पत्थरबाजी हुई। डंडों का इस्तेमाल किया गया। लोग घर से पत्थरबाजी कर रहे थे। गाड़ियों को जलाया जा रहा था। 

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: खंबात, गुजरात।

रामनवमी पर खंभात शहर के शंकरापुरा क्षेत्र में 10 अप्रैल को रामजी मंदिर के पास से जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में 3 हजार से ज्यादा श्रद्धालु थे। इन लोगों को चितरी बाजार, पीठ बाजार, मंडई चौकी क्षेत्र से होकर गुजरना था। हालाँकि जैसे ही जुलूस शंकरापुर से बाहर निकला वैसे ही दंगाई आगे आ गए और जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना की जाँच में ये सामने आया था कि कैसे तीन मौलवियों और दो अन्य लोगों ने इसकी साजिश रची थी। पत्थरबाजी के लिए बाहरी लोगों को बुलाया गया था और खेत में जमा करके उनसे ये काम कराया गया था। 

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: आणंद, गुजरात।

10 अप्रैल को आणंद जिले में हिंसक झड़प की घटना घटी जहाँ छपरिया के हनुमान मंदिर के पास निकल रही शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी हुई और बाद में वाहनों में तोड़फोड़ की खबर आई।

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: मानखुर्द, मुंबई।

मानखुर्द में रामनवमी के दौरान हमला हुआ जहाँ खाना खाते लोगों का खाना गिरा दिया गया। बाद में 20 वाहनों में यहाँ भी तोड़ फोड़ हुई।

तारीख: 10 अप्रैल 2022। जगह: लोहरदगा, झारखंड।

झारखंड के लोहरदगा के हिरही भोक्ता बगीचे में रामनवमी की शोभायात्रा पर धारधार हथियार लेकर हिंदुओं पर हमला किया। कथिततौर पर यहाँ कब्रिस्तान के पास धार्मिक नारे लगाने से पहले हिंदुओं को रोका गया और जब तक वह कुछ समझते तब तक पथराव होने लगा। उपद्रवियों ने घरों, ठेलों, दुकानों, पिकअप वाहन और 10 बाइकों में आग लगाई।

तारीख:10 अप्रैल 2022। जगह: बोकारो, झारखंड।

झारखंड के बोकारो में दो दर्जन बाइक सवारों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वो रामनवमी के जुलूस का हिस्सा बनने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, ये बाइक सवार जिस गली से जा रहे थे वहीं से बड़ी संख्या में दूसरे समुदाय वाले नमाज अता करके लौट रहे थे। इसी बीच बहस शुरू हुई और बाइक सवार लोगों पर पथराव की घटना को अंजाम दिया गया।

तारीख:10 अप्रैल 2022। जगह: जेएनयू, दिल्ली।

दिल्ली के जेएनयू में भी रामनवमी की पूजा करने वाले छात्रों को निशाना बनाने का काम वामपंथियों द्वारा किया गया था। पूजा में शामिल लोगों ने बताया था कि कैसे पूजा के विरोध में उनके ऊपर हमला हुआ और झड़प में महिलाओं से लेकर दिव्यांग छात्र को पीटा गया।

तारीख: 16 अप्रैल 2022। जगह: जहाँगीरपुरी, दिल्ली।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर निकल रही शोभा यात्रा में हिंदुओं पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। पुलिस ने बताया कि कैसे घरों से निकल कर महिलाएँ गाली-गलौच कर रही थीं और फिर देखते ही देखते हिंसा भड़क गई। भारी-भारी पत्थर छतों से फेंके जाने लगे। अल्लाहु अकबर, नारा-ए-तकबीर के नारों के साथ भीड़ सड़कों पर आ गई और शोभा यात्रा में शामिल लोगों की ओर दौड़ पड़ी। इस घटना में भी कई पुलिसकर्मी घायल हुए। 

तारीख: 17 अप्रैल 2022। जगह: हुबली, कर्नाटक।

हिजाब विवाद के बाद हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर एक बार फिर कट्टरपंथियों का राज्य में असली चेहरा देखने को मिला जब एक व्हाट्सएप स्टेट लगाने के बहाने कट्टरपंथियों की भीड़ वहाँ जमा हो गई। पुलिस पर इस दौरान पथराव हुआ। वाहनों में तोड़फोड़ की गई।

तारीख: 16 अप्रैल। जगह: कोलार, कर्नाटक।

कर्नाटक के कोलार में मुलबगल इलाके में रामनवमी की शोभा यात्रा के दौरान पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद वहाँ भी हिंदू त्योहार पर तमावपूर्ण माहौल बना दिया गया।

तारीख: 16 अप्रैल 2022। जगह: कुरनूल, आँध्रप्रदेश।

आँध्र प्रदेश के कुरनूल में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा पर मुस्लिमों द्वारा अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए 10 मिनट पत्थरबाजी की गई। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी जवाब में पत्थर फेंके। कथिततौर पर कुरनूल जिले के होलागुंडा के ईरला कट्टा में हनुमान जयंती के अवसर पर समारोह का आयोजन किया था। समारोह के दौरान जब शोभायात्रा आगे बढ़ने लगी तो पुलिस ने रास्ते में पड़ने वाली मस्जिद को देखकर डीजे पर चलने वाले संकीर्तन को जबरन बंद करा दिया।

तारीख: 16 अप्रैल 2022 । जगह: रुड़की, उत्तराखंड।

उत्तराखंड के रुड़की स्थित भगवानपुर थाना क्षेत्र के डाडा पट्टी में भी हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर शोभा यात्रा करने वालों को निशाना बनाया गया। यहाँ पर मुस्लिम मोहल्ले के छतों से पत्थरबाजी की गई और उनमें संपत्तियों को जलाने के लिए तोड़फोड़ हुई।

एक पैटर्न में अलग-अलग हिंदुओं पर हमला

यहाँ स्पष्ट हो कि अप्रैल महीने में घटी ये सारी घटनाएँ केवल चंद हैं। अगर इससे पहले होली और उससे पहले सरस्वती पूजा जैसे हिंदू त्योहार देखे जाएँ तो ये 16 घटनाएँ बढ़कर और हो जाएँगी। हो सकता है एक समय आए कि इनकी गिनती सैंकड़ों में हो। मगर, इन सभी घटनाओं में आप देखेंगे कि केवल स्थान को छोड़कर इनमें हर चीज समान है। जैसे हर जगह हिंदुओं के त्योहार पर हिंदुओं को निशाना बनाया जाना, पहले से पत्थर इकट्ठा करके शोभा यात्रा में शामिल हिंदुओं पर पत्थरबाजी करना, संपत्तियों को नुकसान पहुँचाना, हाथ में धारधार हथियार होना, मुँह पर मजहबी नारे होना आदि।

आज तर्क दिए जा रहे हैं कि हिंदू अपनी शोभा यात्रा लेकर मुस्लिम इलाकों में गए इसलिए हिंसा भड़की। मगर यही तर्क देने वाले उस वीडियो को भूल रहे हैं जिसमें मंदिर के सामने इस्लामी नारे लगाते हुए भीड़ जा रही है और मंदिर में बैठे लोग कुछ नहीं बोल रहे। लेकिन आप ऊपर की हर घटना देखिए। वहाँ मुस्लिम इलाका, मस्जिद या घर से पथराव सब जानकारी है। क्या कहीं किसी मजहबी स्थान पर पत्थर इकट्ठा होना सामान्य बात है। सैंकड़ों लोगों की भीड़ में हथियार निकलकर आना बिलकुल किसी संदेह को पैदा नहीं करता है?

एक पैटर्न पर सालों से हिंसा को अंजाम दिया जाता रहा है। साल 2020 में दिल्ली दंगे भी यूँ ही शुरू हुए थे और फिर खरगोन से पहले मलवाड़-निमाड़ जैसे इलाके भी इसी पैटर्न के चलते दंगों का शिकार हुए ।थे आज जरूरत है कि इस पूरे पैटर्न की जाँच हो और कट्टरपंथी मानसिकता पर सवाल उठाए जाएँ। एक ओर जहाँ उत्तर प्रदेश में शोभा यात्राओं में फूल बरस रहे हैं वहीं अन्य जगह पर श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात क्यों हो रहा है, ये एक बड़ा सवाल है? क्या ये सब इसलिए तो नहीं कि यूपी में बीजेपी की जीत से बिदके कट्टरपंथी अपनी मनमानी बाहरी राज्यों में चलाने के लिए ऐसे उपद्रव को अंजाम दे रहे हों।

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