ऑपइंडिया स्टाफ़

राहुल गाँधी ने मुझे मेरी जगह दिखा दी है: नवजोत सिंह सिद्धू

सिद्धू पिछले कुछ समय से पार्टी लाइन के विपरीत चल रहे हैं, जो कि पार्टी को रास नहीं आ रहा है।

Modi is our daddy, he is our daddy, India’s daddy: तमिल नाडु मंत्री राजेंद्र बालाजी

"अम्मा का की बात और थी, उनका अपना निर्णय था लेकिन आज जब अम्मा नहीं हैं तो "मोदी इज आवर डैडी, ही इज आवर डैडी, इंडिआज डैडी।"

छत्तीसगढ़: ‘कॉन्ग्रेस नेता पुत्र’ बिना परीक्षा दिए बना डिप्टी कलेक्टर

छत्तीसगढ़ में वर्तमान कॉन्ग्रेस सरकार का ये पक्षपातपूर्ण निर्णय ऐसे समय में आया है जब कॉन्ग्रेस पार्टी लगातार मोदी सरकार को घेरने के लिए बलिदानी सैनिकों का सहारा लेकर लगातार राजनीति कर रही है।

जैश का प्रवक्ता है पाकिस्तान, दो मिग गिराए तो सबूत दो: भारत

पाकिस्तान का दावा है कि उसने भारत के दूसरे विमान को मार गिराया है और उसके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है, तो उसने इसे अभी तक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के साथ साझा क्यों नहीं किया है?

रामजन्मभूमि मसले को मध्यस्थता के लिए भेजना आश्चर्यजनक: RSS

संघ की रिपोर्ट में कहा गया कि न्यायालय का हिन्दू धर्म के संवेदनशील विषयों को प्राथमिकता न देना समझ के बाहर है।

कमाल ‘अतातुर्क’ का ख़ूनी जुनून था जिन्ना के सर पर: अभिजित चावड़ा

अतातुर्क से प्रभावित जिन्ना हिंदुस्तान लौटे और देश का बँटवारा करा कर ही दम लिया; उनके हिंसक पैंतरे अतातुर्क द्वारा यूनानियों के कत्लेआम की नक़ल थी।

मोदी का चेहरा अच्‍छा नहीं था, इसलिए पत्‍नी ने छोड़ा: कॉन्ग्रेस MLA जमीर अहमद खान

जमीर अहमद खान ने कहा ने मोदी का चेहरा अच्छा नहीं था, इसीलिए पत्नी ने त्याग दिया। ऐसे चेहरे पर वोट देना चाहिए क्या लोगों को?

देखिए राहुल के मनगढ़ंत आँकड़े कितने तेजी से बदल रहे हैं

अभी चुनाव प्रचार चल ही रहा है हो सकता है इस दौरान आपको और भी कई नए आँकड़े सुनने को मिले। आप भी तब तक इन आँकड़ों का मज़ा लीजिए।

बेटे रेहान के साथ दिखी रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका, लोगों ने कहा भविष्य के ‘पप्पू अध्यक्ष’ ले रहे हैं ‘ट्रेनिंग’

एक ट्विटर यूजर ने इस फोटो पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "गाँधी परिवार है साहब, यहाँ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पैदा होते है कार्यकर्ता नहीं।"

चुनाव आयोग आख़िर चाहता क्या है?

चुनाव आयोग को कुछ असहज करते प्रश्नों का जवाब देने की जरूरत है। नहीं तो वह जनता का भरोसा खो देगा। यह लोकतंत्र के लिए कतई शुभ नहीं होगा।