Homeदेश-समाजगोतस्करों ने किया गोरक्षक पर हमला... 12 दिन बाद हुई मौत: ओडिशा के भद्रक...

गोतस्करों ने किया गोरक्षक पर हमला… 12 दिन बाद हुई मौत: ओडिशा के भद्रक में आक्रोशित हुए हिन्दू, इन्टरनेट बंद; भाजपा सरकार ने किया ₹10 लाख मुआवजे का ऐलान

एक रिपोर्ट बताती है कि ओडिशा में 2019-24 के बीच 2000+ गोतस्करी के मामले दर्ज हो चुके हैं। ओडिशा पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने नाम ना लिखने की शर्त पर ऑपइंडिया को बताया कि भद्रक की सीमा पश्चिम बंगाल से विशेष दूर नहीं है, ऐसे में यहाँ से गायों की तस्करी बंगाल के रास्ते बांग्लादेश में होती है।

ओडिशा के भद्रक में गोतस्करों के हमले में एक गोरक्षक की मौत हो गई है। गोतस्करों के एक समूह में गोरक्षक पर बीते दिनों हमला किया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल था। उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके चलते हिन्दू आक्रोशित हैं। भद्रक में अब इन्टरनेट पर रोक लगा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार (11 जून, 2025) को गोरक्षक संतोष पारीदा की एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। वह भद्रक के तिहदी के रहने वाले थे। गोरक्षक पारीदा बीते 30 मई, 2025 से अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था।

पारीदा पर 30 मई, 2025 को गोतस्करों के गैंग ने हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि गोतस्कर मुस्लिम थे। गोतस्करों के हमले में पारीदा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आशंका जताई जा रही है कि यह हमला तब हुआ जब गोरक्षक ने गोतस्करों को रोका।

भद्रक में इस मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है । मामले में भद्रक पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। भद्रक पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। बिगड़ी स्थिति को देखते हुए भद्रक में इन्टरनेट को 12 जून, 2025 से बंद कर दिया गया है।

भद्रक में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मामले का संज्ञान राज्य की मोहन चरण माँझी सरकार ने भी ले लिया है। माँझी सरकार ने पीड़ित परिवार को ₹10 लाख मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया है। सरकार ने मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

एक रिपोर्ट बताती है कि ओडिशा में 2019-24 के बीच 2000+ गोतस्करी के मामले दर्ज हो चुके हैं। ओडिशा पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने नाम ना लिखने की शर्त पर ऑपइंडिया को बताया कि भद्रक की सीमा पश्चिम बंगाल से विशेष दूर नहीं है, ऐसे में यहाँ से गायों की तस्करी बंगाल के रास्ते बांग्लादेश में होती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘200 लोगों ने शमशान में पैरों से अस्थियाँ भी रौंद डालीं’: सरला भट्ट के भाई ने सुनाई दर्दनाक दास्ताँ, J&K में नर्स की बर्बर...

सरला भट्ट केस में चार्जशीट के बाद पीके भट्ट ने बताया कि हत्या के बाद श्मशान घाट पर उनकी अस्थियाँ तक पैरों से रौंद दी गई थीं।

किसी का हिंदू-घृणा फैलाना काम, किसी की हिंसा भड़काने की हिस्ट्री: जानिए कौन हैं CJP प्रोटेस्ट में शामिल हुए ये 6 आंदोलनजीवी, ‘NEET’ नहीं...

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में 'आंदोलनजीवी' की जमात देखने को मिल रही है। ये वही जमात है जो हर प्रदर्शन में अपना मोदी-विरोधी, हिंदू-घृणा प्रोपेगेंडा फैलाती है।
- विज्ञापन -