पीएम मोदी ने बताया कि कैसे कृषि सुधारों में सख्त फैसले लेने के लिए शास्त्री कैबिनेट में कोई कृषि मंत्रालय लेना ही नहीं चाहता था। उन दिनों कॉन्ग्रेस नेताओं में चुनौती लेने की हिम्मत नहीं थी।
"कुछ लोग ये कहते थे कि इंडिया वाज ए मिरेकल डेमोक्रेसी। ये भ्रम भी हमने तोड़ा है। लोकतंत्र हमारी रगों और साँस में बुना हुआ है, हमारी हर सोच, हर पहल, हर प्रयास लोकतंत्र की भावना से भरा हुआ रहता है।"
जहाँ मुस्लिम समाज नमाज पढ़ता है, वो विवादित ढाँचे के तहखाने की छत है। इसीलिए अवैध कब्जे के खिलाफ वाद पर सुनवाई चलनी चाहिए और इस पर आपत्ति जताने वाले याचिका को ख़ारिज किया जाए।
“आंदोलन के बारे में क्या कहा जा रहा है? वे लोग आंदोलनजीवी हैं। मुझे उन लोगों को क्या कहना चाहिए जो दान लेने के लिए बाहर जाते हैं? क्या वे चंदाजीवी संगठन के सदस्य नहीं है?”