पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।
दातार से पहले हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का नाम एनडीटीवी की पूर्व कर्मचारी निधि राजदान के कारण चर्चा में आया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें यूनिवर्सिटी ने पत्रकारिता पढ़ाने के लिए नियुक्त कर लिया है।
पिछले दिनों कॉन्ग्रेस ने इस आंदोलन की आग में घी डालने का काम किया। उसी का नतीजा है कि राजधानी में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।