इन्हीं दोनों ट्वीट के स्क्रीनशॉट्स को शेयर करके एमनेस्टी इंडिया के पाखंड पर लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि एमनेस्टी बहुत भयानक तरह से झूठ फैलाता है।
30 जून की शाम करीब 4 बजे लड़की अपने घर के बाहर खेल रही थी और इसी बीच वह गायब हो गई। लड़की के माता-पिता ने बच्ची के लापता होने की शिकायत उसी शाम को करीब 7 बजे पुलिस थाने में कराई।
राजदीप जिस अस्पातल के नाम पर अपना प्रोपगेंडा चलाने की कोशिशों में जुटे थे। वो अस्पताल जेजेएम मेडिकल कॉलेज है। जिसके चेयरमैन तो कॉन्ग्रेस विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा हैं।
भारतीय रेल में निजीकरण के फैसले ने लोगों के मन में कई तरह के सवालों को जन्म देना शुरू कर दिया है। इसीलिए जरूरी है कि सरकार के इस फैसले के पीछे निहित उद्देश्य को लेकर लोगों को स्पष्ट किया जाए।
'द टेलीग्राफ' ने ट्विटर से एक दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ़्ल्युएन्सर एकाउंट का ट्वीट उठाकर पूरी फर्जी घटना को रिपोर्ट की शक्ल में प्रकाशित करने का नायाब कारनामा किया है।