Thursday, February 2, 2023
Homeरिपोर्टमीडियाकॉन्ग्रेस नेता के अस्पताल में नहीं मिला डॉक्टरों को 16 महीने से वेतन, राजदीप...

कॉन्ग्रेस नेता के अस्पताल में नहीं मिला डॉक्टरों को 16 महीने से वेतन, राजदीप कर रहे मोदी सरकार की आलोचना

खोजबीन में यह पाया गया कि राजदीप जिस अस्पातल के नाम पर अपना प्रोपगेंडा चलाने की कोशिशों में जुटे थे। वो अस्पताल जेजेएम मेडिकल कॉलेज है। जिसका नाम तक राजदीप ने बताना जरूरी नहीं समझा। लेकिन जब इसके बारे में जानकारियाँ जुटाई गईं तो ज्ञात हुआ कि इसके चेयरमैन तो कॉन्ग्रेस विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा हैं। जो कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

कोरोना महामारी के बीच एक ओर जहाँ हर किसी का ध्यान इन हालातों से उबरने पर है। वहीं मीडिया गिरोह के लोग इस समय भी कोई न कोई जुगाड़ करके प्रोपगेंडा चलाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। राजदीप सरदेसाई इस कड़ी में सबसे सक्रिय नाम हैं।

राजदीप ने कल गणपति पर अपमानजनक ट्वीट किया था। अब उनका एक अन्य ट्वीट उनकी फजीहत का कारण बन गया है। दरअसल, राजदीप ने 1 जुलाई को अपने इस ट्वीट में कर्नाटक के दावणगेर जिले में स्थित एक अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों को 16 महीने से वेतन न मिलने का मुद्दा उठाया। इसके बाद वह इस पूरे मामले को भी मोदी सरकार की आलोचना पर ले आए।

राजदीप ने लिखा, “कर्नाटक के दावणगेर अस्पताल में कुछ डॉक्टर्स को 16 महीने से वेतन नहीं मिला। बिलकुल 16 महीने। यहाँ थाली बजाकर कोरोना वॉरियर्स को सैल्यूट करने की कोई बात ही नहीं है अगर उन्हें उनका मेहनताना समय से न दिया जाए। ये समय बात करने का है।”

इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने राजदीप के ट्वीट मे उल्लेखित अस्पताल से जुड़ी जानकारी निकाली। पता लगाया गया कि जिस अस्पताल में डॉक्टरों से होते अत्याचार के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, उसकी हकीकत क्या है।

इसी खोजबीन में यह पाया गया कि राजदीप जिस अस्पातल के नाम पर अपना प्रोपगेंडा चलाने की कोशिशों में जुटे थे। वो अस्पताल जेजेएम मेडिकल कॉलेज है। जिसका नाम तक राजदीप ने बताना जरूरी नहीं समझा। लेकिन जब इसके बारे में जानकारियाँ जुटाई गईं तो ज्ञात हुआ कि इसके चेयरमैन तो कॉन्ग्रेस विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा हैं। जो कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। मगर, राजदीप को इन तथ्यों से क्या? उन्हें तो खुद को कायम रखने के लिए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर इन्हीं पब्लिक स्टंट का सहारा है।

खैर! राजदीप के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टरों को 16 महीने से वेतन नहीं दिया गया। जबकि भाजपा सरकार तो वहाँ केवल 11 महीने से है। क्या कॉन्ग्रेस बता सकती है कि उससे पहले से डॉक्टरों को उनकी सैलरी क्यों नहीं मिल रही थी।

कुछ लोग ऐसे भी है। जो कर्नाटक के अस्पताल के हालातों के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं को जिम्मेदार बता रहे हैं। एक यूजर लिखता है- “अधिकांश मेडिकल व डेंटल कॉलेज कॉन्ग्रेस और उनके नुमाइंदो ने खरीदे। इन्होंने लगातार फ्रॉड किया। अब समय आ गया है इनके ख़िलाफ़ जाँच की जाए।”

इसके अलावा कुछ यूजर्स, डॉक्टरों को वेतन न दिए जाने पर राजदीप सरदेसाई की तरह मोदी सरकार को जिम्मेदार मान रहे हैं। वहीं, कुछ प्रमाण के साथ ये दावा कर रहे हैं कि येदियुरप्पा सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों को उनका बकाया वेतन लौटाने के लिए निर्देश दे दिए हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुस्लिमों कैदियों की जमानत के लिए बजट में मोदी सरकार ने नहीं किया है कोई विशेष प्रावधान, मीडिया की भ्रामक रिपोर्टों का जानिए सच

मोदी सरकार ने बजट में मुस्लिम कैदियों की रिहाई और जमानत राशि में मदद का कोई विशेष प्रावधान नहीं किया।

फतेहपुर में हिंदुओं को ईसाई बनाने का पैसा कहाँ से आया, किसको मिला, सब कुछ गवाह आईजेक फ्रेंक ने बताया: धर्मांतरण की साजिश के...

फतेहपुर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ईसाई धर्मांतरण रैकेट को लेकर गवाह डॉ.आईजेक फ्रेंक ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 38 नाम उजागर करते हुए उनकी भूमिका भी बताई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
243,653FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe