जामिया हिंसा के विडियो में से एक चेहरा पहचान (सूत्रों के अनुसार) लिया गया है। जिस शख्स का चेहरा वायरल हुआ है, उसका नाम मो. अशरफ भट है। यह जामिया में PhD का स्टूटेंड है। लेकिन फिलहाल गायब है। ऑनलाइन-ऑफलाइन, कहीं भी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
अजय माकन के ट्वीट पर पलटवार करते हुए मिलिंद देवड़ा ने उनके राजनीतिक मंशे पर ही सवाल खड़े कर दिए। मिलिंद ने कहा, "अगर आपने AAP के संग गंठबंधन की वकालत के बजाय शीला दीक्षित (जिनके कामों पर आपने हमेशा निशाना साधा) के कामों को जनता के बीच ले जाते तो आज हम सत्ता में होते।"
"अगर औरंगजेब की जगह वह शहंशाह होता, तो क्या अलग भारत होता? ये धारणाएँ मुगल इतिहास की मिसप्लेस्ड अंडरस्टैंडिंग की वजह से आ रही हैं। उन्हें एक अच्छा मुस्लिम बनाया गया है लेकिन उनकी कब्र की खोज क्यों हो रही है?”
भाजपा के नेता ही दिल्ली के चुनाव में पार्टी की दुर्गति चाहते थे। उन्हीं के नेता चाहते थे कि भाजपा को अच्छे नतीजे न मिलें। मुख्यमंत्री गहलोत के मुताबिक भाजपा के नेता मन ही मन कह रहे थे कि इन्हें कोई सबक मिलना चाहिए।
पहले एडिटेड वीडियो के जरिए दिल्ली पुलिस को बदनाम करने और दंगाइयों को पाक-साफ बताने की कोशिश की गई। हालॉंकि समय बीतने के साथ पूरी तस्वीर पलट गई और लिबरलों के प्रपंच का किला रेत की महल के माफिक ढह गया।
रवीश समेत कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस डंडे क्यों मार रही है? भाई, हाथ में पत्थर ले कर घूमने वाले और बसों में आग लगाने वाले छात्र नहीं, फसादी होते हैं। उनसे अपराधियों की तरह ही निपटना चाहिए।
इस विश्वविद्यालय का प्रारम्भिक बजट 5 मिलियन डॉलर का है, जो प्राचीन भारतीय पद्धति पर शोधों को भी बढ़ावा देगी। एचआर नरेंद्र को यूनिवर्सिटी का चेयरमैन और श्री श्रीनाथ को प्रेसीडेंट बनाया गया है।