Advertisements
Sunday, May 31, 2020
होम रिपोर्ट मीडिया रवीश कुमार नहीं समझ पा रहे जामिया की लाइब्रेरी में क्यों भागे 'छात्र': बताने...

रवीश कुमार नहीं समझ पा रहे जामिया की लाइब्रेरी में क्यों भागे ‘छात्र’: बताने की कृपा करें

अभी समय के साथ ऐसे और भी कुत्सित प्रयास किए जाएँगे। आज जामिया के दंगाइयों को बचाने के लिए प्रपंच खेला जा रहा है, बीते कल को जेएनयू के उपद्रवियों को बचाने के लिए भी ऐसा ही खेल किया गया था और आने वाले दिनों में शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को गाँधीवादी बताने के लिए चल रहा प्रपंच भी और गहरा होगा।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

जामिया के उपद्रवियों का मीडिया के लिबरल गिरोह विशेष से ऐसा गठजोड़ हुआ कि दिल्ली पुलिस को बदनाम करने के लिए काटा-छाँटा हुआ वीडियो जारी किया गया। मकसद था जामिया के दंगाइयों को पाक-साफ़ साबित किया जा सके और दिसंबर में हुई हिंसा का पूरा दोष दिल्ली पुलिस पर मढ़ा जा सके। क्यों? क्योंकि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, जिसके मुखिया अमित शाह हैं। पुलिसकर्मियों का ‘गुनाह’ इतना भर है कि उन्होंने उपद्रवियों के ख़िलाफ़ एक्शन लिया।

आप क्रोनोलॉजी समझिए। नकाब पहने छात्र बिना किताबें लिए बैठे हुए थे। एक अन्य वीडियो के जरिए उनकी पोल खुल गई, जिसमें देखा जा सकता है कि छात्र किताबें बंद कर के बैठे हुए थे और जैसे ही पुलिस आई, उन्होंने किताबें खोल कर पढ़ने का नाटक शुरू कर दिया। दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है कि दरवाजे पर खड़ा एक छात्र नकाबपोशों को लाइब्रेरी के भीतर घुसा रहा है। हाथ में पत्थर और चेहरे पर नकाब- जामिया के लाइब्रेरी का ड्रेस कोड कुछ अजीब नहीं लग रहा?

अब दंगाई अगर कहीं छिपेंगे, तो क्या पुलिस वहाँ जाकर उन्हें चिह्नित नहीं करेगी? एक बार वो चिह्नित हो गए तो उन पर पुलिस कार्रवाई भी करेगी ही। इसीलिए, जामिया के उपद्रवियों ने काट-छाँट कर वीडियो रिलीज किया, ताकि उन्हें सहानुभूति मिल सके। तभी तो अमित मालवीय ने पूछा है कि जामिया के छात्रों की शिक्षा के लिए भारत सरकार प्रतिवर्ष 600 करोड़ रुपए ख़र्च करती है, बदले में ये छात्र क्या देते हैं? यानी, जामिया के एक छात्र पर सरकार एक साल में सवा 3 लाख रुपए ख़र्च करती है।

जब विडियो 29 सेकेंड से 49 सेकेंड का होते हुए अब 2 मिनट से ज़्यादा लम्बा आ गया है, जिसमें दंगाई और फ़सादी लौंडे लाइब्रेरी में पहुँचाए जा रहे हैं, कोई डायरेक्शन दे रहा है कि किधर जाना है, छुपना है, हाथों में पत्थर और गले में रुमाल का मास्क दिख रहा है, तब रवीश जी ने इंडिया टुडे के ‘एक और विडियो’ का लिंक डाला है। इस दोहरे रवैये पर सवाल तो पूछे जाएँगे। लेकिन इस आदमी से पूछना चाहिए कि क्या उसके पास अभी भी सही विडियो नहीं गया?

क्या यही छात्र लाइब्रेरी में छुपते हुए, इसी पुलिस पर आरोप लगाने के लिए भीतर जा कर आग ही लगा देती तो जिम्मेदारी किसकी होती? जब 15-16 दिसंबर को कुछ विडियो सामने आए थे, जिसमें कहीं भी पुलिस नहीं थी, और छात्र स्वयं ही टेबल आदि तोड़ते दिख रहे थे, तो ये सवाल उठा था कि इसमें पुलिस कहाँ है। साथ ही इस बात का अंदाज़ा पहले ही लग गया था कि अगर पुलिस घुसी भी होगी तो दंगाइयों का पीछा करते हुए घुसी होगी जो बाहर आग लगा कर, पत्थरबाजी करने के बाद लाइब्रेरी की तरफ भागे होंगे। अब यही सत्य साबित होती हुई दिख रही है।

आज विडियो में वही दिख रहा है। रवीश समेत कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस डंडे क्यों मार रही है? भाई, हाथ में पत्थर ले कर घूमने वाले और बसों में आग लगाने वाले छात्र नहीं, फसादी होते हैं। उनसे अपराधियों की तरह ही निपटना चाहिए। उन्हें नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज पुलिस को तब करना होता है जब मान-मनौव्वल की संभावना दंगाइयों की तरफ से खत्म हो जाती है। विडियो जैसे-जैसे बाहर आएँगे, सच भी सामने आता चला जाएगा।

अभी समय के साथ ऐसे और भी कुत्सित प्रयास किए जाएँगे। आज जामिया के दंगाइयों को बचाने के लिए प्रपंच खेला जा रहा है, बीते कल को जेएनयू के उपद्रवियों को बचाने के लिए भी ऐसा ही खेल किया गया था और आने वाले दिनों में शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को गाँधीवादी बताने के लिए चल रहा प्रपंच भी और गहरा होगा। हर एक सरकार विरोधी हिंसा की वारदात में शामिल व्यक्ति को भारत का ‘स्वतंत्रता सेनानी’ साबित करने का प्रयास होता है, भले ही उसने पुलिस पर गोली चलाई हो या फिर आम लोगों पर पत्थर।

हाथ में पत्थर लेकर जामिया की लाइब्रेरी में कौन सी पढ़ाई करने जा रहे ‘छात्र’: नए Video से पलटी पूरी तस्वीर

जामिया के लाइब्रेरी में पहले घुसे नकाबपोश, पीछे से आई पुलिस: नए वीडियो से बेनकाब हुआ प्रपंच

7 फरेबी पत्रकार: जामिया के एडिटेड विडियो से कर रहे बलजोरी, सोशल मीडिया पर लत्तम-जूत्तम

जामिया का कटा विडियो: रवीश ने जानबूझ कर क्यों दिखाया एडिटेड विडियो? समझिए क्रोनोलॉजी

Advertisements

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने आम की चटनी के साथ बनाया समोसा, PM मोदी ने कहा- कोरोना पर जीत के बाद साथ लेंगे आनंद

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने रविवार को आम की चटनी के साथ समोसे का स्वाद लिया। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को याद किया।

‘ईद पर गोहत्या, विरोध करने पर 4 लोगों को मारा’ – चतरा में हिन्दुओं का आरोप, झारखंड पुलिस ने बताया अफवाह

झारखंड के चतरा में हिन्दुओं ने मुसलमानों पर हमला करने का आरोप लगाया। कारण - ईद पर गोहत्या का विरोध करने को लेकर...

कल-पुर्जा बनाने के नाम पर लिया दो मंजिला मकान, चला रहे थे हथियारों की फैक्ट्री: इसरार, आरिफ सहित 5 गिरफ्तार

बंगाल एसटीएफ ने एक हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पॉंच लोगों को गिरफ्तार किया है। करीब 350 अर्द्धनिर्मित हथियार बरामद किए हैं।

मुंबई में बेटे ने बुजुर्ग माँ को पीटकर घर से निकाला, रेलवे अधिकारियों ने छोटे बेटे के पास दिल्ली भेजने की व्यवस्था की

लॉकडाउन के बीच मुंबई से एक बेहद असंवेदनशील घटना सामने आई है। एक बेटे ने अपनी 68 वर्षीय माँ को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।

MLA विजय चौरे ने PM मोदी को दी गाली, भाई के साथ किसानों को धमकाया: BJP ने कहा- कॉन्ग्रेस का संस्कार दिखाया

विजय चौरे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा के सौसर से विधायक हैं। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

दुनिया के सारे नेता योग, आयुर्वेद की बातें कर रहे हैं, भारत में कोरोना मृत्यु दर नियंत्रण में: ‘मन की बात’ में PM मोदी

PM मोदी ने 'मन की बात' के दौरान स्वच्छ पर्यावरण के लिए पेड़ लगाने की सलाह दी। फिर उन्होंने जल-चक्र समझाते हुए पानी बचाने की भी सलाह दी।

प्रचलित ख़बरें

असलम ने किया रेप, अखबार ने उसे ‘तांत्रिक’ लिखा, भगवा कपड़ों वाला चित्र लगाया

बिलासपुर में जादू-टोना के नाम पर असलम ने एक महिला से रेप किया। लेकिन, मीडिया ने उसे इस तरह परोसा जैसे आरोपित हिंदू हो।

चीन के खिलाफ जंग में उतरे ‘3 इडियट्स’ के असली हीरो सोनम वांगचुक, कहा- स्वदेशी अपनाकर दें करारा जवाब

"सारी दुनिया साथ आए और इतने बड़े स्तर पर चीनी व्यापार का बायकॉट हो, कि चीन को जिसका सबसे बड़ा डर था वही हो, यानी कि उसकी अर्थव्यवस्था डगमगाए और उसकी जनता रोष में आए, विरोध और तख्तापलट और...."

जिस महिला अधिकारी से सपा MLA अबू आजमी ने की बदसलूकी, उसका उद्धव सरकार ने कर दिया ट्रांसफर

पुलिस अधिकारी शालिनी शर्मा का ट्रांसफर कर दिया गया है। नागपाड़ा पुलिस स्टेशन की इंस्पेक्टर शालिनी शर्मा के साथ अबू आजमी के बदसलूकी का वीडियो सामने आया था।

‘TikTok हटाने से चीन लद्दाख में कब्जाई जमीन वापस कर देगा’ – मिलिंद सोमन पर भड़के उमर अब्दुल्ला

मिलिंद सोमन ने TikTok हटा दिया। अरशद वारसी ने भी चीनी प्रोडक्ट्स का बॉयकॉट किया। उमर अब्दुल्ला, कुछ पाकिस्तानियों को ये पसंद नहीं आया और...

POK में ऐतिहासिक बौद्ध धरोहरों पर उकेर दिए पाकिस्तानी झंडे, तालिबान पहले ही कर चुका है बौद्ध प्रतिमाओं को नष्ट

POK में बौद्ध शिलाओं और कलाकृतियों को नुकसान पहुँचाते हुए उन पर पाकिस्तान के झंडे उकेर दिए गए हैं।

हमसे जुड़ें

210,044FansLike
60,894FollowersFollow
244,000SubscribersSubscribe
Advertisements