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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘10000 मुस्लिमों ने बेलदांगा में BDO का दफ्तर घेरा, लगाई आग, पत्नी ने किसी तरह बचाई जान’

“ममता राज में सरकारी अधिकारी इस हाल में हैं। बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) के विकासखंड अधिकारी सरकारी काम से सिलीगुड़ी गए थे, तब उनके ऑफिस को 10,000 मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया और आग लगा दी। उनकी पत्नी ने किसी तरह जान बचाई। जब अधिकारियों के ये हाल हैं,तो जनता की बेबसी समझी जा सकती है।”

दिलीप मंडल पढ़ाने की जगह ‘जाति के आधार पर विभाजन’ खड़ा कर रहे हैं: माखनलाल यूनिवर्सिटी में बवाल

कुलपति ने मामले की जाँच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इन दोनों प्रोफ़ेसरों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाएँ। साथ ही छात्रों ने कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत अफ़वाहें भी उड़ाई जा रहीं हैं।

CAB विरोध के बहाने पत्थरबाजी पर उतरे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र, दो पुलिस वाले ICU में

हमलावर विशेष तौर पर ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों पर हमले की फ़िराक में थे। ऐसे में यह भी नहीं माना जा सकता कि यह 'गुस्सा' क्षणिक, स्वःस्फूर्त था।

राजस्थान के टोंक में भाईयों ने किया बहन का रेप, गर्भवती पीड़िता का बच्चा कुछ घंटों में चल बसा

पुलिस ने फ़ुफ़ेरे भाई के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि चूँकि वह खुद भी नाबालिग है, अतः उसे किशोर न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद पर स्टे खत्म, 9 जनवरी से सुनवाई शुरू: रिपोर्ट्स

1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।

CAB पर जुमे की नमाज के बाद कई जगह पत्थरबाज़ी, आगजनी और हिंसा की खबरें

मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ आज जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। साथ ही पश्चिम बंगाल से पुलिस बल पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर भी आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया तो कई जगह सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।

आंध्र प्रदेश ने पास किया ‘दिशा बिल’, 21 दिनों के अंदर दी जाएगी बलात्कारियों को सज़ा

नए क़ानून के तहत रिकॉर्ड समय सात दिनों के भीतर यौन अपराधों के मामलों की जाँच और चार्जशीट दाखिल करने की तारीख से 14 कार्य दिवसों के भीतर मुक़दमे को पूरा करने की बात कही गई है। नए पारित क़ानून के तहत सज़ा के ख़िलाफ़ अपील को छ: महीने के अंदर निपटाना होगा।

आर्टिकल 370, अयोध्या, CAB…, कहीं आपने भी तो गूगल पर नहीं खोजे इन 20 सवालों के जवाब

भारतीयों ने जिन सवालों के जवाब सबसे ज्यादा तलाशे वे राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र के अलावा खेल और मनोरंजन से भी जुड़े हैं। यहॉं तक कि होली के रंग कैसे छुड़ाए, यह सवाल भी गूगल से पूछा गया। जाने कौन से थे टॉप 20 सवाल।