53555 कुल लेख

ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

212 स्तम्भ, 5 द्वार: कुछ ऐसा होगा अयोध्या का भव्य राम मंदिर, 1990 से ही चल रहा है काम

इस विशाल मंदिर को विशिष्ट बनाने के लिए स्टील का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। रामलला की मूर्ति भूतल पर ही रखी जाएगी। छत पर एक "शिखर" होगा, जो विशाल राम मंदिर की भव्यता को प्रदर्शित करेगा।

नमाज तो कहीं भी पढ़ लेंगे, मुस्लिमों को स्कूल की ज़रूरत: अयोध्या फैसले पर सलीम खान

"हमें मस्जिद की ज़रूरत नहीं, नमाज तो हम कहीं भी पढ़ लेंगे..ट्रेन में, प्लेन में ज़मीन पर, कहीं भी पढ़ लेंगे। लेकिन हमें बेहतर स्कूल की ज़रूरत है। तालीम अच्छी मिलेगी 22 करोड़ मुस्लिमों को, तो इस देश की बहुत सी कमियाँ ख़त्म हो जाएँगी।"

मुझे केवल मस्जिद चाहिए, पूजा स्थल ध्वस्त करने वाले हिन्दुओं को जमीन देकर पुरस्कृत किया: वामपंथन संजुक्ता बसु

संजुक्ता ने लिखा है कि आज भारतीय मुस्लिम राजनीतिक तौर पर अनाथ हो गए हैं। एक भी ऐसा नेता नहीं है, जिसने अयोध्या फ़ैसले पर अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात की हो।

करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करते इमरान ने पूछा- हमारा सिद्धू किधर है, मनमोहन आ गया?

“अच्छा, हमारा वो सिद्धू किधर है? मैं कह रहा हूँ हमारा सिद्धू...आ गया वो?" जिस पर आसपास के लोग जोर-जोर से हँसने लगते हैं। इसके बाद वीडियो में 1:23 पर इमरान खान कहते हैं कि मनमोहन आ गया? तो उसी ग्रुप में शामिल एक महिला कहती है, “उसको रोकेंगे तो…."

‘बिग बॉस’ से निकाल बाहर किए गए रॉबर्ट वाड्रा के जीजा, बीवी बोली- अयोध्या के कारण छोड़ा शो

मोनिका ने दावा किया है कि उनके पति तहसीन पूनावाला को शो में काफ़ी प्यार और समर्थन मिला। वह काफी पॉपुलर थे। लेकिन अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों की वजह से तहसीन अब लौट आए हैं।

कॉन्ग्रेसी मुखपत्र को खटका ‘अयोध्या में रामलला विराजमान’, फैसले को पाकिस्तानी कोर्ट के आदेश जैसा बताया

लेख में कहा गया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दूरगामी असर होगा। समय के साथ यह देखने को मिलेगा। लेखक ने 'उम्मीद' जताई है कि भारत के लिए यह उतना घातक नहीं हो, जिस तरह वह फैसला पाकिस्तान के लिए साबित हुआ।

राम मंदिर पर फ़ैसले के बाद वामपंथी गैंग में सिर-फुटव्वल, चल रहा फॉलो-अनफॉलो का खेल

कविता कृष्णन ने आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने लिखा कि ध्रुव राठी कभी अपनी आलोचना को स्वीकार नहीं करता है। बकौल कविता कृष्णन, स्वस्थ आलोचना को नज़रअंदाज़ करने वाला ध्रुव कभी इस बात को नहीं समझता कि उसे काफ़ी कुछ सीखने की ज़रूरत है।

5 जजों की पीठ में से 1045 पन्नों का फैसला किसने लिखा? कानून के जानकार भी आश्चर्य में

सामान्यत: जब एक पीठ द्वारा किसी विषय पर फैसला दिया जाता है, तो निर्णय को लिखने वाले न्यायाधीश का नाम इसमें दिया जाता है। लेकिन अयोध्या के फैसले को किसने लिखा है, इसका जिक्र नहीं किया गया है।