फैसले का आधार बनी एएसआई रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित ढॉंचे के नीचे नक्काशीदार ईंटें, देवताओं की युगल खंडित मूर्तियाँ, नक्काशीदार वास्तुशिल्प, पत्तों के गुच्छे, अमालका, कपोतपाली, कमल की आकृति जैसी चीजें मिली हैं।
अयोध्या विवाद मामले पर आए फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर यह ट्वीट फिर से वायरल हो रहा है। सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा के सभी नेताओं की तरह, अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बनाने के मुखर प्रस्तावक रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “करतारपुर में ही उन्होंने प्रकृति के गुणों का गायन किया था। उन्होंने कहा था- “पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरति महतु”!!! यानि हवा को गुरु मानो, पानी को पिता और धरती को माता के बराबर महत्व दो।”
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से गोगोई रामभक्तों की आँखों के तारे बन गए हैं। कोई प्रणाम करने के लिए उनका घर ढूँढ़ रहा है तो कोई उन पर ईश्वर की कृपा बने रहने की कामना कर रहा है।
"इस फैसले को सहज रूप से सभी को स्वीकार करना चाहिए। इससे सर्वधर्म सद्भाव की भावना भी और मजबूत होगी और साथ ही साथ उन्होंने विश्वास जताया कि इससे सामाजिक ताना-बाने को भी मजबूती मिलेगी।"
सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने शरीयत क़ानून का जिक्र करते हुए कहा कि मस्जिद किसी को नहीं दिया जा सकता है। जिलानी ने कहा कि मस्जिद की कोई क़ीमत नहीं होती और मस्जिद की मिलकियत अल्लाताला के पास होती है।
फासिस्ट फकीरा ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को 'न्याय' न बताकर 'निर्णय' करार दिया और लिखा कि INDIA को आज आधिकारिक रूप से HINDU REPUBLIC घोषित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फ़ैसला सुनाया दिया है। अयोध्या की पूरी विवादित ज़मीन रामलला की है। मंदिर वहीं बनेगा। मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।