शेहला रशीद ने कश्मीर की चुनावी राजनीति से अलग रहने का ऐलान किया है। उन्होंने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है जब जम्मू-कश्मीर में बीडीसी यानी ब्लॉक डेवलपमेंट कौंसिल के चुनाव होने हैं। राजनीति से तौबा करने का दोष भी उन्होंने मोदी सरकार पर ही मढ़ा है।
इस्लामिक स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ सेंटर की सालाना सूची में 500 मुस्लिमों के नाम होते हैं। इनमें महिलाएँ भी शामिल होती हैं। क्रिकेट और राजनीति के करियर के कारण इमरान खान को ये अवॉर्ड मिला है।
केंद्र ने ₹2,000 करोड़ के एक "वन-टाइम सेटेलमेंट" पैकेज की घोषणा की थी। उसे भी यह शरणार्थी इसलिए नहीं ले पाए क्योंकि उनके पास डोमिसाइल सर्टिफ़िकेट नहीं था। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 1.5 लाख परिवार, यानी 10 लाख शरणार्थी आज भी शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं।
एक उइगर कार्यकर्ता ने बताया कि उसके दादा के दादा जिस कब्रगाह में दफ़न किए गए थे, उस कब्रगाह को तबाह कर दिया गया है। उइगर कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके इतिहास, उनकी पहचान और उनकी पूर्वजों की हर एक निशानी मिटाई जा रही है।
पुलिसकर्मियों को पीटने के लिए बदमाश उन्हें मध्य प्रदेश के बीहड़ में लेकर चले गए। इसके बाद बदमाशों ने घायल पुलिसकर्मियों की वहाँ भी पिटाई की और दोनों को वहीं पर छोड़ कर चलते बने। पिटाई के बाद दोनों पुलिसकर्मी अधमरी अवस्था में वहाँ तड़प रहे थे।
खुर्शीद ने सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने पर नाखुशी जताते हुए कहा था कि पार्टी को करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल के इस्तीफे के कारण पार्टी जनादेश का विश्लेषण नहीं कर पाई। इससे पार्टी में एक शून्य पैदा हो गया।
सरकार कॉन्ग्रेस के साथ कोई सहयोग नहीं कर रही है, जबकि पार्टी ने चुनाव के समय और राज्य के हालात को लेकर शंकाओं के बावजूद सरकार के साथ सहयोग की इच्छा प्रकट की थी।
"जो देश के संविधान के ख़िलाफ़ जाता है, वो जेल में जाता है। इसी तरह जो आध्यात्म के संविधान का उल्लंघन करता है, वो जीवन चक्र में फँस जाता है। गीता को मानव जीवन के संविधान के रूप में स्वीकार करना चाहिए।"