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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

आजम खान के ‘घर’ की औरतें भी जगीं, शौहर के मुॅंह पर दे मारा तीन तलाक का पेपर

तीन तलाक को अपराध बनाने वाले ऐतिहासिक बिल के अमल में आने के बाद इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले सहारनपुर में मोहम्मद अली ने कानून के डर से अपनी पत्नी को अपना लिया था।

आज शाम 8 बजे राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे PM मोदी, कुछ बड़े ऐलान किए जाने की संभावना

पीएम मोदी ने इससे पहले 27 मार्च को देश को सम्बोधित किया था। तब उन्होंने बताया था कि अंतरिक्ष में सक्रिय सैटेलाइट को मार गिरा कर भारत यह क्षमता हासिल करने वाले देशों में शुमार हो गया है।

‘मुसलमान भी राम, कृष्ण और शिव के हैं वंशज, राम मंदिर के समर्थन में खड़े हों वो भी’

"मजहब से बड़े अपने पूर्वज होते हैं इसलिए मुसलमानों को खड़ा होकर समर्थन करना चाहिए। हमारे और मुसलमानों के डीएनए एक हैं, ये मक्का-मदीना से नहीं आए। पूर्वज हमारे एक है, राम हैं, कृष्ण हैं, शिव हैं।"

माहौल अशांत करने की आशंका में श्रीनगर पहुँचते ही उलटे पाँव लौटाए गए ग़ुलाम नबी आज़ाद

जम्मू कश्मीर के 100 से अधिक नेता व अलगाववादी पहले से ही नजरबन्द किए जा चुके हैं ताकि जनता को भड़काने की कोई भी कोशिश सफल न हो सके। आशंका जताई गई है कि गुलाम नबी आजाद के पहुँचने के बाद विपक्षी नेता जनता को उकसा सकते हैं।

Bigg Boss एक्ट्रेस ने 80000 लोगों की मदद करने वाली सुषमा स्वराज पर की अभद्र टिप्पणी

वीना ने अपने ट्विटर पर सुषमा स्वराज के लिए न केवल अभद्र टिप्पणी है बल्कि इस बात का भी सबूत दिया है कि वो भारत और उसके राजनेताओं के बारे में कैसी सोच रखती है। उसने सुषमा स्वराज के जाने के बाद R.I.H लिखा और साथ में एक आग वाली ईमोजी भी लगाई।

क्या कश्मीरी जनता बिकाऊ है? – गुलाम नबी आजाद के विवादित बयान पर लोगों ने समझाया ‘मतलब’

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद का यह मानना है कि एनएसए डोभाल से बातचीत करने के लिए कश्मीरियों को रुपए दिए गए। ट्विटर पर लोगों ने आजाद से पूछा की क्या कश्मीरी जनता बिकाऊ है? लोगों ने इसे न सिर्फ़ डोभाल बल्कि कश्मीर के लोगों का भी अपमान बताया।

अनुच्छेद 370: महाराजा हरि सिंह के पुत्र, कॉन्ग्रेस नेता कर्ण सिंह ने किया सरकार के निर्णय का स्वागत

कर्ण सिंह ने कहा, लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने वाला निर्णय स्वागत योग्य है। अनुच्छेद 370 के कारण महिलाओं से जो भेदभाव किया जा रहा था, उसे ठीक करना ज़रूरी था। डॉक्टर सिंह ने लिखा कि 1965 में जब वे जम्मू कश्मीर के सदर-ए-रियासत थे, उन्होंने तभी राज्य के पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया था।

370 पर त्वरित सुनवाई से SC का इनकार, क्या UN भारत के संविधान संशोधनों पर रोक लगा सकता है?

जस्टिस रमना ने अधिवक्ता शर्मा को इन त्रुटियों को दूर करने को कहा और बताया कि इस मसले को उचित समयावधि के भीतर लिस्ट किया जाएगा। कॉन्ग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने भी कश्मीर में कर्फ्यू हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।