"पाकिस्तान कश्मीर में जनमत संग्रह की बात करता है, लेकिन क्या वह यही अधिकार अपने यहाँ के उन अल्पसंख्यकों को देने के लिए तैयार है, जो सांस्कृतिक व जातीय भिन्नता के कारण हाशिये पर हैं?"
'हमने सिर्फ एक किताब फाड़ा है।' यानी कि उनके अनुसार देश के संविधान की प्रति उनके लिए महज एक किताब है। उनका कहना है कि संविधान उन्होंने नहीं, बल्कि भाजपा ने फाड़ा है।
अनुच्छेद 370 में किए गए बदलाव पर जहाँ पूरा देश जश्न मना रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में लोगोंं को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सिलीगुड़ी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष कंचन देबनाथ और महामंत्री समेत 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
"आप लोग डरिए मत, ये हम कह रहे हैं... ये जुल्म कश्मीरी बर्दाश्त नहीं करेगा। हिन्दुस्तान तो फासिस्ट है... ये हमारे लिए एक लानत है और मैं इस लानत को स्वीकार नहीं करूँगा।"
”हम समझते हैं कि नेहरू की वजह से कश्मीर हमारे पक्ष में आया। अगर रेडक्लिफ अवॉर्ड न होता और गुरदासपुर हमारे पास न होता और मैजॉरिटी का सिद्धांत माना जाता तो शायद यह राज्य हमारे पक्ष में न आता। उस वक्त सरदार पटेल होम मिनिस्टर थे और वही यहाँ 370 लेकर आए।”
कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी अलग ही राग छेड़ते दिखे। उन्होंने बेतुकी बात कहते हुए कश्मीर मसले को UN का मसला बता दिया। इस पर अमित शाह ने करारा जवाब देते हुए कहा कि अब कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र मॉनिटर करेगा?
दुर्घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौक़े पर पहुँच गई है और घायल बच्चों को नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में 5 बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। अस्पताल में घायल बच्चों को हर संभव इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।
जहाँ कॉन्ग्रेस के आलाकमान अनुच्छेद-370 का 'पावर' खत्म होने का विरोध कर रहे हैं, वहीं पार्टी के दो धुरंधर युवा नेता मोदी सरकार के फैसले से न सिर्फ खुश हैं बल्कि अपनी बात रख भी रहे हैं। इनके अलावा वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता जनार्दन द्विवेदी ने भी...