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देश जनता से बनता है न कि जमीन के टुकड़ों से कहकर राहुल गाँधी ने ट्विटर पर कई लोगों को किया ब्लॉक

राहुल गाँधी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पार्टी के दिग्गज नेता सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं। बता दें कि, वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी और मुंबई कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा के साथ ही रायबरेली से कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।

भाजपा सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 में किए गए बदलाव और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने पर पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस फैसले पर चुप्पी तोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गाँधी ने फैसले का विरोध करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को एकतरफा फैसले के चलते टुकड़ों में बाँटा गया है, यह संविधान का उल्लंघन है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ेगा। 

राहुल गाँधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, “जम्मू-कश्मीर को 2 हिस्सों में बाँटकर, जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को जेल में डालकर और संविधान का उल्लंघन करके देश को एकजुट नहीं रखा जा सकता। देश उसकी जनता से बनता है न कि जमीन के टुकड़ों से। सरकार द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंंभीर खतरा साबित हो सकता है।”

राहुल गाँधी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पार्टी के दिग्गज नेता सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं। बता दें कि, वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी और मुंबई कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा के साथ ही रायबरेली से कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। जनार्दन द्विवेदी ने पार्टी के रुख के विपरीत राय रखते हुए कहा कि सरकार ने एक ‘ऐतिहासिक गलती’ सुधारी है। द्विवेदी ने कहा कि यह राष्ट्रीय संतोष की बात है कि स्वतंत्रता के समय की गई गलती को सुधारा गया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत पुराना मुद्दा है। स्वतंत्रता के बाद कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं चाहते थे कि अनुच्छेद 370 रहे। उन्होंने कहा, “मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया शुरू से ही अनुच्छेद 370 का विरोध करते थे। मेरे व्यक्तिगत विचार से तो यह एक राष्ट्रीय संतोष की बात है।”

राहुल गाँधी ने लोगों का महत्त्व तो बतलाया लेकिन इसी मुद्दे पर उनसे सवाल करने वाले कइयों को ट्विटर पर दनादन ब्लॉक भी मार दिया। आप नीचे उनमे से कुछ का ट्वीट भी देख सकते हैं।

राहुल गाँधी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पार्टी के दिग्गज नेता सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं। बता दें कि, वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी और मुंबई कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा के साथ ही रायबरेली से कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। जनार्दन द्विवेदी ने पार्टी के रुख के विपरीत राय रखते हुए कहा कि सरकार ने एक ‘ऐतिहासिक गलती’ सुधारी है। द्विवेदी ने कहा कि यह राष्ट्रीय संतोष की बात है कि स्वतंत्रता के समय की गई गलती को सुधारा गया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत पुराना मुद्दा है। स्वतंत्रता के बाद कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं चाहते थे कि अनुच्छेद 370 रहे। उन्होंने कहा, “मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया शुरू से ही अनुच्छेद 370 का विरोध करते थे। मेरे व्यक्तिगत विचार से तो यह एक राष्ट्रीय संतोष की बात है।”

मिलिंद देवड़ा ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनुच्छेद 370 को उदार बनाम रूढ़िवादी बहस में तब्दील कर दिया गया। पार्टियों को अपनी विचारधारा से अलग हटकर इस पर बहस करनी चाहिए कि भारत की संप्रभुता और संघवाद, जम्मू-कश्मीर में शांति, कश्मीरी युवाओं को नौकरी और कश्मीरी पंडितों के न्याय के लिए बेहतर क्या है?”

इसके अलावा, अदिति सिंह ने कहा कि वो पूरी तरह से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के पक्ष में हैं। इससे जम्मू-कश्मीर को देश के मुख्यधारा में जुड़ने के लिए मदद मिलेगी। यह एक ऐतिहासिक फैसला है। इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। एक विधायक के तौर पर वो इस फैसले का स्वागत करती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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