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‘POK पर भी निकालेंगे हल बेटे!’ – Article 370 पर बौखलाए अफरीदी को गौतम का गंभीर जवाब

"शाहिद अफरीदी तुम बहुत मजाकिया हो। वैसे हम अभी भी पाकिस्तान के लोगों को इलाज कराने के लिए भारत का वीजा दे रहे हैं। मैं तुम्हें खुद मनोचिकित्सक के पास ले जाऊँगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पर लिए गए फैसले के बाद पाकिस्तान के कई नामी चेहरों ने ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इसमें अब पाकिस्तानी क्रिकेट के पूर्व ख़िलाड़ी शाहिद अफरीदी भी शामिल हो गए हैं।

शाहिद अफरीदी ने कल रात डोनल्ड ट्रंप को टैग करते हुए कश्मीर मामले पर अपनी बौखलाहट निकाली। लेकिन भारत के पूर्व आक्रामक बल्लेबाज गौतम गंभीर और फिलहाल भाजपा के सांसद ने उन्हें जवाब देने में देर नहीं लगाई।

शाहिद अफरीदी ने 5 अगस्त को रात 8:41 पर अपने ट्विटर पर लिखा, “कश्मीरियों को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के आधार पर उनके अधिकार दिए जाने चाहिए। आजादी का अधिकार हम सभी को है। संयुक्त राष्ट्र की रचना क्यों की गई है और यह क्यों सो रहा है? कश्मीर में लगातार जो मानवता विरोधी अनुत्तेजित आक्रामकता और अपराध हो रहे हैं। उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। डॉनल्ड ट्रंप (अमेरिका के राष्ट्रपति) को इस मामले में जरूरी रूप से मध्यस्थ की भूमिका अदा करनी चाहिए।”

इस पर गौतम गंभीर ने 6 अगस्त की सुबह-सुबह 6:35 पर अफरीदी के ट्वीट पर चुटकी लेते हुए लिखा, “दोस्तों शाहिद अफरीदी बिल्कुल ठीक हैं। वहाँ पर अनुत्तेजित आक्रामकता है, वहाँ मानवता के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। वह यह मामला सामने लाए, इसलिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए। बस वह इसमें एक बात लिखना भूल गए कि यह यह सब ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर’ में हो रहा है।” उन्होंने आगे लिखा, “चिंता मत करो, हम इसका भी हल निकालेंगे बेटे!!!!”

गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी और गौतम गंभीर के बीच होने वाली ये नोंक-झोंक नई नहीं है। इससे पहले शाहिद अफरीदी गौतम गंभीर के चुनाव जीतने पर भी विवादित बयान दे चुके हैं। जिसका जवाब उस समय भी गंभीर ने व्यंग्य करके ही दिया था। उस दौरान शाहिद ने कहा था कि गौतम में अक्ल ही नहीं है फिर भी लोगों ने उन्हें वोट दे डाला है। जिस पर उस समय भी गौतम ने उन्हें करारा जवाब देते हुए कहा था, “शाहिद अफरीदी तुम बहुत मजाकिया हो। वैसे हम अभी भी पाकिस्तान के लोगों को इलाज कराने के लिए भारत का वीजा दे रहे हैं। मैं तुम्हें खुद मनोचिकित्सक के पास ले जाऊँगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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