उन्नाव बलात्कार मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए कहा कि इससे संबंधित सभी केस दिल्ली ट्रांसफर हों। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान कोर्ट में CBI के ऑफ़िसर को उपस्थित रहने के लिए भी कहा, जो इस बात की जानकारी देंगे कि इस मामले की जाँच में अब तक क्या हुआ।
इस बिल को मोदी सरकार ने लोकसभा में 25 जुलाई को और 30 जुलाई मंगलवार को राज्यसभा ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को अपनी स्वीकृति दी थी। बिल के क़ानून बनने के बाद ये तय हो गया है कि 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी तीन तलाक़ के मामले सामने आए हैं उन सभी का निपटारा इसी क़ानून के तहत किया जाएगा।
शोएब और असलम ने युवती के मंगेतर को भी गैंगरेप का विडियो भेजा। मंगेतर के पास बात पहुँचने के बाद लड़की उसके साथ नगर कोतवाली थाने पहुँची और दोनों आरोपितों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस दोनों आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है।
शगुफ्ता का कहना है कि इस मामले में न्यायालय में प्रताड़ना का मुकदमा चला। इसमें कोर्ट ने पीड़ित महिला को गुजाराभत्ता के रूप में 2000 रुपए महीना देने के लिए निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश के बाद भी आजतक उसके शौहर ने उसे कुछ नहीं दिया और न ही वह उससे मिलता है।
विपक्ष की पहली कतार में मुलायम सिंह यादव, सोनिया गाँधी, सुदीप बंदोपाध्याय और माहताब जैसे नेताओं को जगह मिली है। दूसरी कतार में फारूक़ अब्दुल्ला, सुप्रिया सुले, अखिलेश यादव, व अन्य नेता नजर आएँगे।
विपक्षी दलों की बात की जाए तो लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, डीएमके लीडर टीआर बालू को भी पहली कतार में स्थान दिया गया है। जेडीयू, तृणमूल कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस के कुछ सदस्यों को भी प्रथम पंक्ति में जगह मिली है।
मुख्य आरोपित रिंकू साहू की माँ गिरीडीह जिला पुलिस मुख्यालय में हवलदार है। रिंकू पहले से ही कई मामलों में आरोपी भी रहा है। रिंकू की माँ का कहना है कि उसका बेटा साइको है, जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
IT विभाग का कहना है कि उसके पास सिद्धार्थ का जो हस्ताक्षर है, वह सोशल मीडिया में चल रहे उनके कथित पत्र के हस्ताक्षर से अलग है। साथ ही विभाग ने जाँच के दौरान सिद्धार्थ को प्रताड़ित करने के आरोपों से भी इनकार किया है।