मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के मकसद से राज्यसभा में पेश विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसे अपराध की श्रेणी में डालने के प्रावधान पर आपत्ति भी जताई और कहा कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होगा।
हिन्दुओं को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बताने और उनकी आस्था और प्रतीकों को अपमानित करने का बहना तलाशने वाले कमल हासन अपने सामने दिए जा रहे एक बेहद घटिया और महिला विरोधी बयान पर तालियाँ बजाते और हँसते हुए देखे जा रहे हैं।
कॉन्ग्रेस के एक और एनसीपी के तीन विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा। इनमें कॉन्ग्रेस के विधायक कालिदास कोलाम्बकर, NCP के विधायक शिवेन्द्र राजे भोसले, वैभव पिचाड और संदीप नाइक शामिल हैं। चारों ने स्पीकर हरिभाऊ बागड़े से मुलाकात कर अलग-अलग इस्तीफा सौंपा।
जदयू की ओर से सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, "तीन तलाक, बाल विवाह जैसी चीजें समाज में अपनी जड़े जमा चुकी हैं, लेकिन इन्हें दूर करने में समय लगता है। इस पर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। हम तीन तलाक बिल के मौजूदा कानून का विरोध करते हैं।"
अभी तक तकरीबन 300 चोरी की किताबें मिल चुकी हैं। ये किताबें 100 से 150 साल पुरानी हैं। 1774 में रामपुर के आलिया मदरसे से चोरी की गईं प्राचीन किताबें जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से बरामद हुई हैं।
इस चिट्ठी में पीड़िता की माँ ने लिखा था कि 7 जुलाई 2019 को आरोपित शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके घर आकर सुलह न करने की स्थिति में उन्हें फर्जी मुकदमे में फँसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी गई थी।
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