लड़की पर एकतरफा कार्रवाई के विरोध में VHP, RSS, बजरंग दल आदि के लोगों का कहना है कि अगर जिस धर्म को लेकर लड़की ने टिप्पणी की है, तो उसी धर्म के लोगों ने प्रतिक्रिया में लड़की के धर्म को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। ऐसे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले संप्रदाय-विशेष के लोग बाहर क्यों हैं?
पीसी चाको ने शीला दीक्षित को पत्र लिखकर कहा कि पार्टी संगठन का फैसला वो अकेले नहीं कर सकती हैं। इसलिए शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को जो उन्होंने ब्लॉक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी, उसे महासचिव प्रभारी के तौर पर वे (पीसी चाको) अयोग्य करार देते हैं।
गाँव के दलित समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह भेदभाव वे अरसे से झेलते आ रहे हैं। लेकिन, चाहते हैं कि उनकी नई पीढ़ी को इससे आजादी मिले। इसलिए जाति के आधार पर भेदभाव अब खत्म होना चाहिए।
"राहुल, मुझे आपसे सीखने को बहुत कुछ मिला है। हमारे देश में लगभग 65 प्रतिशत युवा हैं, जो आपके मार्गदर्शन में विश्वास रखते हैं। आपका जमीनी स्तर पर काम करने का और देश की जनता से और करीब से जुड़ने का निश्चय बहुत ही सराहनीय है। आपके इस कदम में मैं आपके साथ हूँ क्योंकि जनसेवा किसी पदवी की महोताज नहीं होती।"
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि FIR में नामजद लोग मौक़े पर मौजूद ही नहीं थे। इस नोट में साफ-साफ लिखा है कि नारा लगवाने की बात प्रकाश में नहीं आई। इसका मतलब है कि जिस आधार पर उन चार लोगों को दोषी ठहराने की कोशिश की गई, वो झूठ था, उन्हें ‘जय श्री राम’ के नारे के नाम पर बेवजह इस मामले में घसीटा गया।
हाल ही में सूरत नगर निगम (एसएमसी) के एक कॉन्ग्रेस पार्षद असलम साइकिलवाला को पुलिस ने गुजरात के सूरत शहर के अठवा लाइन्स इलाक़े में हुई एक भगदड़ की घटना में हिरासत में लिया था। इस घटना में झारखंड में तबरेज़ अंसारी की कथित रूप से हत्या के ख़िलाफ़ रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। साइकिलवाला के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट पहुँचने वाले विधायकों में आनंद सिंह, डॉ. के सुधाकर, एन नागराज, मुनीरत्न और रोशन बेग शामिल हैं। इसी के साथ कर्नाटक में सियासी संकट शुरू होने के बाद से सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने वाले बागी विधायकों की कुल संख्या 15 हो चुकी है।
कारवाँ के कार्यकारी सम्पादक विनोद के. होज़े ने लंदन में भारत-विरोधी प्रेज़ेंटेशन दिया। उन्होंने दावा किया कि हिंदुस्तान के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि "सैकड़ों ईसाईयों की हत्या हो रही है।" और "1984 का सिख हत्याकांड भी आरएसएस का रचा हुआ था।"