Homeराजनीतिकर्नाटक: विधानसभा स्पीकर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे कॉन्ग्रेस के 5 और बागी MLA

कर्नाटक: विधानसभा स्पीकर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे कॉन्ग्रेस के 5 और बागी MLA

बगावत करने वाले विधायकों को पर्दे के पीछे से साधने की कोशिश में भी कॉन्ग्रेस और जनता दल(एस) लग गई है। एन नागराज को मनाने के लिए राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार उनके घर पहुँचे।

कर्नाटक में जारी सियासी उठापठक के बीच कॉन्ग्रेस के पांच और बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन विधायकों ने अपनी याचिका में कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार जान-बूझकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुँचने वाले विधायकों में आनंद सिंह, डॉ. के सुधाकर, एन नागराज, मुनीरत्न और रोशन बेग शामिल हैं। इसी के साथ कर्नाटक में सियासी संकट शुरू होने के बाद से सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने वाले बागी विधायकों की कुल संख्या 15 हो चुकी है। 

दूसरी ओर, बगावत करने वाले विधायकों को पर्दे के पीछे से साधने की कोशिश में भी कॉन्ग्रेस और जनता दल(एस) लग गई है। कॉन्ग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार तड़के एन नागराज को मनाने के लिए उनके आवास पर पहुँचे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर भी नागराज को मनाने उनके आवास पर गए। साथ ही उनसे इस्तीफ़ा वापस लेने का अनुरोध भी किया।

अन्य विधायकों जिनमें रामलिंगा रेड्डी, मणिरत्न और रोशन बेग शामिल हैं, को मनाने की भी कवायद जारी है। गौरतलब है कि विधायकों की बगावत के कारण एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में चल रही कॉन्ग्रेस-जनता दल(एस) सरकार पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इसे मार डालो-मार डालो’: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में हिंदू युवक की लिंचिंग के बाद बिगड़ा माहौल, सिराज-सैयद-मुस्तकीम-युनूस गिरफ्तार; पढ़िए ऑपइंडिया को FIR में क्या...

अहिल्यानगर में हिंदू युवक पर मुस्लिमों ने हमला किया, 3 दिन बाद मौत। मीडिया रिपोर्ट्स में तिलक-कलावा का जिक्र है। जानें- FIR में क्या है।

FCRA संशोधन बिल से कैसे रुकेगी अवैध विदेशी फंडिंग: जानिए उन 13 संगठनों का बही-खाता, जिनके लाइसेंस सरकार ने किए रद्द

प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 का मकसद भारत में आने वाले विदेशी दान की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है।
- विज्ञापन -