कई पत्रकारों व 'गिरोह विशेष' ने इसे मीडिया पर सरकार द्वारा हमला के रूप में प्रचारित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि सरकार मीडिया से डर गई है और पत्रकारों को मंत्रालय में नहीं घुसने दे रही है। लेकिन, इनके झूठ की पोल खुल गई।
भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। भीड़ ने पाँच सिटी बसों को भी निशाना बनाया और सार्वजनिक संपत्ति को जम कर नुकसान पहुँचाया। पूरे क्षेत्र में तनाव फैलने के बाद पुलिस को धारा 144 लागू करनी पड़ी।
आसिया अंद्राबी के इस घर का इस्तेमाल आतंकी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की गतिविधियों के लिए किया गया। अब आसिया अंद्राबी अपने इस घर को तब तक नहीं बेच सकती है, जब तक इस पूरे मामले की जाँच खत्म न हो जाए।
फ़ारुख़ 3 वर्ष पहले भी बलात्कार के प्रयास के आरोप में जेल की हवा खा चुका है। उस समय उसने एक युवती का बलात्कार करने की कोशिश की थी। फ़ारुख़ अव्वल दर्जे का नशेड़ी है और वह नशे की हालत में इधर-उधर भटकता रहता था।
हाजी इक़बाल के बारे में कहा जाता है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का क़रीबी है। उसका नाम खनन घोटाले में भी आ चुका है। हाजी इक़बाल को 2010 में बसपा से विधान पार्षद बनाया गया था। उसके भाई महमूद अली को भी विधान पार्षद बनाया गया है। जानिए यूपी के चीनी मिल घोटाले के बारे में।
बंगाल में हाल ही में पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है, जिसमें ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए सिंगुर आंदोलन के अलावा उनके द्वारा किए गए अन्य आन्दोलनों को जगह दी गई है। कई ऐसी पुस्तकों के सामने आने की ख़बर है, जिसमें भारतीय विभूतियों को ग़लत तरीके से पेश किया गया है।
भारत के लिए एक टेस्ट मैच और 6 वनडे खेलने वाले योगराज सिंह ने रायडू के संन्यास का कारण महेंद्र सिंह धोनी को बताया है। उन्होंने कहा कि सौरव गाँगुली युवाओं को मौका देते थे, जबकि धोनी ने ऐसा नहीं किया।
शिकंजा कसने पर जेएमबी ने कुछ समय के लिए अपनी गतिविधियाँ बंद कर दी थी। लेकिन सलाउद्दीन अहमद और जहीदुल इस्लाम की अगुवाई में वह दोबारा पैर पसारने लगा है और अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने की फिराक में है। हाल ही में भारत सरकार ने जेएमबी को प्रतिबंधित किया है।