राजपूत करणी सेना ने कहा है कि इस घटना से क्षत्रिय समाज आहत है। ऐसा लगता है कि युवक को मोहरा बनाकर साजिशन महाराणा प्रताप की प्रतिमा के साथ तोडफोड़ की गई है। एसपी तेजस्विनी गौतम से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की गई है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस मामले में एकतरफा कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पीड़ित पक्ष के ही तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों ने जब थाना पहुँच कर विरोध प्रदर्शन किया और हिंदूवादी संगठनों ने आवाज़ उठाई, तब जाकर उक्त युवकों को छोड़ा गया।
एक कश्मीरी युवा पर रॉ की नजर थी। रॉ के स्टेशन चीफ, डीबी माथुर को साथी अधिकारियों ने इसके बारे में अंसारी को सूचना नहीं देने की सलाह दी। हालाँकि, माथुर ने अंसारी को इसकी जानकारी दे दी। कथित तौर पर अंसारी ने इसकी सूचना ईरान के विदेश विभाग को दी, जिससे एसएवीएके को इसकी भनक लग गई और फिर माथुर अगवा हो गए।
ईसाई संस्था के प्रोपेगैंडा अख़बार 'क्रेउपासनम' की प्रतियाँ छात्रों के बीच बांटकर उन्हें इसे संभाल कर रखने का निर्देश दिया गया। इम्तिहान में अच्छा करने और अच्छे अंक हासिल करने के लिए अख़बार की कॉपी छात्रों से अपनी किताब में डालकर तकिए के नीचे रख कर सोने को कहा गया।