Saturday, July 31, 2021
Homeदेश-समाजसरकारी पैसे से फल-फूल रही ईसाई संस्था फैला रही अपनी आस्था, छात्रों के बीच...

सरकारी पैसे से फल-फूल रही ईसाई संस्था फैला रही अपनी आस्था, छात्रों के बीच बांटा ‘चमत्कारी’ परचा

दुर्भाग्य से केरल में अन्धविश्वास-रोधी कानून नहीं है और इसी का फायदा उठाकर क्रेउपासनम जैसी संस्थाएं अपनी आस्था को चमत्कार का कवर चढ़ाकर बेचती हैं।

‘सेक्युलर’ संविधान की शपथ लेने वाली सरकार के पैसे से फल-फूल रही एक ईसाई संस्था केरल के आलप्पुषा जिले में अपनी आस्था फैलाने के साथ-साथ चमत्कार के नाम पर अन्धविश्वास को भी हवा दे रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कुछ दिन पहले जिले के एससीयू नामक सरकारी व्यवसायिक उच्चतर माध्यमिक स्कूल में इस संस्था के प्रोपेगैंडा अख़बार ‘क्रेउपासनम’ की प्रतियाँ छात्रों के बीच बांटकर और इसे संभाल कर रखने का निर्देश दिया गया। इम्तिहान में अच्छा करने और अच्छे अंक हासिल करने के लिए अख़बार की कॉपी छात्रों से अपनी किताब में डालकर तकिए के नीचे रख कर सोने को कहा गया।

स्कूल के ही टीचर की कारस्तानी

ऐसा गैर-सेक्युलर कृत्य करने वाला व्यक्ति और कोई नहीं, सेक्युलर सरकार से तनख्वाह पाने वाला कक्षा 8 का अध्यापक जोसफ ही है। कथित तौर पर उसी ने छात्रों को अख़बार के इस ‘चमत्कारी’ गुण के बारे में बताया। जब अभिवावकों को यह पता चला तो वे बिफ़र पड़े और उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की। लेकिन, केरल के शिक्षा विभाग द्वारा खबर लिखे जाने तक कोई कार्रवाई किए जाने की सूचना नहीं थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अभिवावकों की शिकायत के बाद जोसेफ़ मास्टर साहब छुट्टी लेकर निकल गए

लड़की की जान खतरे में डाल चुका है अख़बार

इस अख़बार के कारण पूर्व में एक 27 वर्षीय युवती की जान जाते-जाते बची थी। असल में, एक महिला ने अपनी बेटी को यह अख़बार कतरा-कतरा कर डोसे में मिलाकर खिला दिया था, जिसके बाद लड़की को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया था। यह परिवार चाहता था कि उसकी बेटी की शादी जल्द-से-जल्द हो जाए। इसका उपाय बताते हुए फादर वीपी जोसेफ़ वलियावीतील ने उन्हें ऐसा करने की सलाह दी थी। फादर वीपी जोसेफ़ इस विवादित अख़बार को प्रकाशित करने वाली संस्था क्रेउपासनम मारिआन रिट्रीट सेण्टर एंड सोशिओ-कल्चरल सेंटर चलाते हैं। उन्होंने महिला को इस अख़बार की प्रति ₹2,000 में बेची थी।

मई, 2019 में केरल शास्त्र साहित्य परिषद ने जिलाधिकारी और जिला पुलिस से क्रेउपासनम सेंटर के खिलाफ ड्रग एंड मैजिक रेमेडीज (ऑब्जेक्शनेबल एंड एडवर्टाइज़मेन्ट) एक्ट के अंतर्गत शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार सेंटर की कथित जालसाज़ी से सैकड़ों लोग परेशान हैं। दुर्भाग्य से केरल में अन्धविश्वास-रोधी कानून नहीं है और इसी का फायदा उठाकर क्रेउपासनम जैसी संस्थाएं अपनी आस्था को चमत्कार का कवर चढ़ाकर बेचती हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शिवाजी से सीखा, 60 साल तक मुगलों को हराते रहे: यमुना से नर्मदा, चंबल से टोंस तक औरंगज़ेब से आज़ादी दिलाने वाले बुंदेले की...

उनके बारे में कहते हैं, "यमुना से नर्मदा तक और चम्बल नदी से टोंस तक महाराजा छत्रसाल का राज्य है। उनसे लड़ने का हौसला अब किसी में नहीं बचा।"

हिंदू मंदिरों की संपत्तियों का दूसरे धर्म के कार्यों में नहीं होगा उपयोग, कर्नाटक में HRCE ने लगाई रोक

कर्नाटक के हिन्दू रिलीजियस एण्ड चैरिटेबल एंडोवमेंट्स (HRCE) विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में यह कहा गया है कि हिन्दू मंदिर से प्राप्त किए गए फंड और संपत्तियों का उपयोग किसी भी तरह के गैर -हिन्दू कार्य अथवा गैर-हिन्दू संस्था के लिए नहीं किया जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,211FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe