राज्य में राजनीतिक हिंसा बेरोकटोक जारी है और भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की हत्याएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। यहाँ तक कि महिलाओं को भी नहीं बख़्शा जा रहा है। हर दिन हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
विपक्ष को आम जनता की आवाज़ बनने की ज़रूरत थी, मगर उनकी आवाज़ को बुलंद कर सरकार तक पहुँचाने की बजाए ऐसे संवेदनशील मामले पर चुप्पी साध लेना, नेता प्रतिपक्ष का इस तरह अज्ञातवास पर चले जाना, विपक्ष की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
वीर सावरकर की जयंती के मौके पर कुछ हफ़्ते पहले, एबीपी माझा ने ‘सावरकर-एक नायक या एक खलनायक?’ शीर्षक से एक बहस शुरू की थी- जिसे लोगों ने वीर सावरकर के अपमान के रूप में लिया और अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज की क्योंकि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका बहुत बड़ा योगदान था।
गोधरा कांड मामले पर बीबीसी ने अपने अनेक झूठ को दो छोटे वाक्यों में समेट दिया। 2011 में बीबीसी ने खुद रिपोर्ट की थी कि इस्लामी भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस पर हमला किया था, जिसमें 31 लोग दोषी पाए गए थे। इन सभी 31 लोगों को कारसेवकों को जिंदा जलाने के आरोप में अपराधी पाया गया था। खास बात ये थी कि ये सभी समुदाय विशेष से थे।
राम माधव ने कहा, “ कई बार कक्षा में शिक्षक जो पढ़ा रहे होते हैं, उस पर फोकस करना कठिन होता है। परीक्षा के दौरान किताबों पर फोकस करना भी कठिन होता है। हमें नींद आने लगती है और हम सो जाते हैं। पर चिंता करने की कोई बात नहीं! स्कूली बच्चों की तरह संसद में भी कुछ बच्चे हैं। वो हमारे राष्ट्रपति के भाषण पर भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
ऐसा पहली बार नहीं है कि जब गठबंधन सरकार में खींचतान की ख़बरें सामने आई हों, इससे पहले भी मुख्यमंत्री कुमारस्वामी कई बार गठबंधन सरकार चलाने का दर्द बयाँ कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि वो रोज जिस ‘दर्द’ से गुज़रते हैं, वो उसे जनता से बयाँ नहीं कर सकते।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है। इससे भारत को करारा झटका लगा है क्योंकि निशानेबाजी में भारत हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन करता है और यह उन खेलों में शामिल है जिसमें भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता है। साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम में भारत ने 7 स्वर्ण समेत 16 पदक जीते थे।
रणनीतिक भागीदारों को मूल उपकरण निर्माताओं के साथ मिलकर देश में इन पनडुब्बियों के निर्माण हेतु संयंत्र लगाने को कहा गया है। बताया जा रहा है ऐसा करने के पीछे देश को पनडुब्बियों के डिजाइन एवं उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है।