राहुल-प्रियंका की सहारनपुर रैली के दौरान सबकुछ ठीक-ठाक था लेकिन अचानक मौसम ने धोखा दे दिया और आसमान में काले बादल छा गए। पंडाल में कुर्सियाँ इधर-उधर उड़ने लगी। कॉन्ग्रेस ने रैली रद्द होने के पीछे योगी आदित्यनाथ को ज़िम्मेदार ठहराया है।
"रोहिंग्या को लावारिस मत समझना कि उन्हें बंगाल से निकाल दोगे। सुनो... ये असम नहीं, ये गुजरात नहीं, ये यूपी नहीं, ये मुजफ्फरनगर नहीं... ये बंगाल है, बंगाल। और बंगाल में अभी तक किसी माँ ने वो औलाद नहीं जना है जो मुसलमानों को निकाल कर दिखा दे।"
विश्वविद्यालयों की सूची में जेएनयू को NIRF की रैंकिंग के अनुसार देश का दूसरा सबसे बेहतरीन विश्वविद्यालय बताया गया है। इस कैटिगरी में पहले स्थान पर बंगलुरू स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस है। इसी कैटिगरी में जामिया मिलिया को 12वाँ और दिल्ली विश्वविद्यालय को 13वाँ स्थान मिला।
बिहार की राजनीति को समझने वाले लोग जानते हैं कि यहाँ लालू यादव जैसा वरिष्ठ और अनुभवी नेता भी संसदीय चुनाव हार सकता है, तो इन हवा-हवाई सेलेब्स की बात पर यहाँ की जनता शायद ही ध्यान दे। शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर का न तो यहाँ जनाधार है और न ही उनका ऐसा कोई प्रभाव है कि उन्हें सुनने के लिए भीड़ जुटे।
दिल्ली में एक बड़े नेता के क़रीबी के यहाँ से 230 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का पता चला है। टैक्स हेवेन कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों की मौजूदगी के सुबूत भी मिले हैं। दिल्ली के पॉश इलाक़ों में कई बेनामी और अवैध संपत्ति का भी पता लगा है।
LET'S KILL THIS LOVE नाम का यह गाना 3.13 मिनट का है। इस गाने को बनाने के बाद जब इसको यूट्यूब पर 4 अप्रैल को अपलोड किया गया तो यह कुछ ही समय में यह वायरल हो गया। 24 घंटे में इसे 56.7 मिलियन (5 करोड़ 67 लाख) बार देखा गया।
फ़िल्मों में गुंडों को उड़-उड़ कर मारने वाले तेलुगू अभिनेता नंदमुरी बालाकृष्णा उस वक़्त रील और रियल लाइफ का फ़र्क़ भूल गए, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता की जम कर पिटाई कर दी और उसके फोन को छीन कर फेंक दिया। हाल ही में उन्होंने एक पत्रकार को भी पीटा था।
सीबीआई ने सज्जन कुमार के राजनीतिक रसूख का जिक्र करते हुए अदालत से कहा कि वो बाहर निकलते ही गवाहों को आतंकित कर सकता है। 34 वर्ष बाद आए फैसले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सज्जन कुमार को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी। वो 3 महीने से जेल में है।