जो राहुल गाँधी खुद घोटालों और झूठ के भार तले दबे हैं, वो मोदी को ‘चोर’ और ‘डरपोक’ कह रहे हैं

राहुल को समझने की जरूरत है कि अगस्ता वेस्टलैंड के बिचौलिए मिशेल की हकीकत, भोपाल गैस त्रासदी के जिम्मेदारों को देश से भगाने और बचाने का सच, यूपीए कार्यकाल में राहुल की संपत्ति में हुई 1600 गुना वृद्धि का सच अब किसी से भी छिपा नहीं है।

केंद्र सरकार पर विपक्ष का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। ममता से लेकर मायावती तक इस समय मोदी सरकार के ख़िलाफ़ माहौल बनाने में प्रयासरत है। इसी कड़ी में राहुल गाँधी जैसी ‘शख्सियत’ ने भी मोदी के लिए डरपोक और चोर जैसे शब्दों का एक बार फिर इस्तेमाल किया है।

प्रधानमंत्री पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए मंगलवार (अप्रैल 9, 2019) को राहुल गाँधी ने अपनी असम रैली में कहा, “नरेंद्र मोदी और उनकी योजनाएँ सिर्फ़ उनके अमीर उद्योगपतियों (मेहुल चॉकसी, नीरव मोदी, अनिल अंबानी) दोस्तों के लिए हैं।”

जानकार हैरानी होगी लेकिन इन दिनों घोटालों और जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामलों में बुरी तरह से फँस चुके गाँधी परिवार के ‘चिराग’ ने अपने भाषण में कहा, “चौकीदार सिर्फ़ चोर ही नहीं हैं, बल्कि डरपोक भी हैं। क्योंकि वो हमेशा भ्रष्टाचार पर बात करते हैं इसलिए मैनें चौकीदार से मुझसे डिबेट करने को कहा, लकिन वो भाग गए।”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बात सिर्फ़ यही पर खत्म नहीं होती है, राहुल गाँधी ने इस रैली के दौरान मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2 करोड़ जॉब, किसानों के लिए वादे और 15 लाख देने के बारे में झूठ बोला था। इस रैली में राहुल गाँधी ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के जरिए चौकीदार सारा पैसा ले गया। बैंकों की चाभी भी अनिल अंबानी जैसे चोरों के हाथ में दे दी गई। यहाँ उन्होंने बराक वैली के लोगों को आश्वासन भी दिया कि अगर कॉन्ग्रेस सरकार सत्ता में आती है तो वह उस चाभी को अनिल अंबानी से छीनकर बराक वैली के नौजवानों को दे देंगे।

यहाँ राहुल गाँधी ने मोदी के बारे में कहा कि पिछले 5 सालों में मोदी सरकार ने 15 लोगों को फायदा पहुँचाया है और देश के सभी अमीरों को बेतहाशा रुपया दिया है। उन्होंने कहा, जब कॉन्ग्रेस 2019 में सत्ता में आएगी तो हेडलाइन आएगी कि “गरीबों को पैसा दिया गया।”

अब राहुल की रैली में कही एक-एक बिंदु पर विचार करिए कि यह पूरी बातचीत कितनी ज्यादा हास्यास्पद और निराधार है। जिस कॉन्ग्रेस के पास खुद के दस सालों में किए घोटालों का जवाब नहीं है, उसके अध्यक्ष चाहते हैं कि मोदी उनसे भ्रष्टाचार पर बात करें। इसके अलावा देश के सबसे काबिल वक्ता को उस व्यक्ति द्वारा डिबेट के लिए ललकारा जा रहा है, जिसे भारतीय विद्यापीठ के छात्रों ने कुछ दिन पहले बच्चों ने ही ‘बच्चों जैसी बात करने वाला‘ करार दे दिया था। साथ ही राहुल की हर बात को स्क्रिप्ट की तरह पहले से तय बताया था।

अब रही बात मोदी सरकार द्वारा अमीरों को 5 सालों में पैसे देने की तो नीरव को जमानत न मिलना और माल्या की लंदन कोर्ट में प्रत्यर्पण की याचिका खारिज होना दर्शाता है कि इन भगौड़ों के खिलाफ़ मोदी सरकार चुुप नही बैठी है। लेकिन राहुल को समझने की जरूरत है कि अगस्ता वेस्टलैंड के मिशेल बिचौलिए की हकीकत, भोपाल गैस त्रासदी के जिम्मेदारों को देश से भगाने और बचाने का सच, यूपीए कार्यकाल में राहुल की संपत्ति में हुई 1600 गुनावृद्धि का सच अब किसी से भी छिपा नहीं है।

इसलिए बेहतर हैं कि वो ऐसी बातें उस शख्स के बारे में तो बिलकुल भी न करें जिसके साथ मुकाबले में उनकी जीत शून्य से गिरके नेगटिव पैरामीटर्स तक पहुँच जाए। अब मतदान शुरू होने में सिर्फ़ दो दिन बचे हैं। 11 तारीख़ को मतादन का पहला चरण है और आखिरी 19 मई है। 23 मई को नतीजे भी आ जाएँगे। जरूरी है कि अब विपक्ष अपनी ओछी और राहुल अपनी बचकानी राजनीति करने से बाज आ जाएँ और 2024 की तैयारी करें।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

"वैज्ञानिक नाम्बी नारायणन पर जासूसी का आरोप लगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ लगे सारे आरोपों को निराधार पाया था। वे निर्दोष बरी हुए। लेकिन, किसी को नहीं पता है कि उनके ख़िलाफ़ साज़िश किसने रची? ये सब रतन सहगल ने किया। सहगल हामिद अंसारी का क़रीबी है।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

दलित की पिटाई

मुस्लिम भीड़ द्वारा दलित की बेरहम पिटाई, अमेठी पुलिस ने की पुष्टि: वीडियो Viral पर मीडिया गिरोह में चुप्पी

अमेठी में एक दलित व्यक्ति शशांक को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पीटा। इस दौरान शशांक के साथ-साथ उसके भाई और पत्नी को भी चोटें आईं थीं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। अमेठी पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। लेकिन मीडिया गिरोह में चुप्पी है, स्क्रीन काली नहीं की गई है।
गौ तस्कर

गौ तस्करी के आरोपित को पकड़ने गई पुलिस पर फायरिंग, महिलाओं ने की पत्थरबाजी: 7 पुलिसकर्मी घायल

गौ तस्कर नुरैन को पकड़ कर जब पुलिस जाने लगी तो महिलाओं समेत सैकड़ों की संख्या में इकट्ठी भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। पुलिस पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला करने लगे। मौका पाकर कुछ युवक नुरैन को ले भागे और पीछे दौड़ते चौकी प्रभारी पर गोलियाँ भी चलाईं।
अस्पताल में मारपीट

सायरा बानो की मौत पर अस्पताल में भीड़ का उत्पात: डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार, इमरजेंसी सेवाएँ ठप

सायरा बानो के परिजनों और उनके साथ की भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ और मारपीट की। डॉक्टरों ने क्लोक रूम से लेकर बाथरूम में छिप कर जान बचाई। भीड़ को शांत करने के लिए 3 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। भीड़ का आवेश इतना उग्र था कि पुलिस भी लाचार खड़ी देखती रही।
एजाज़ खान

तबरेज का बदला लेगा उसका आतंकवादी बेटा! एजाज़ खान ने TikTok वीडियो में दिया आरोपितों का साथ

हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा फैलाने की धमकी देने वाले और संविधान से पहले कुरान को मानने वाले विवादास्पद अभिनेता अजाज़ खान का एक और आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है। एजाज़ खान की TikTok प्रोफाइल पर शेयर किए गए इस वीडियो में वह मुंबई पुलिस का मज़ाक उड़ाते नज़र आते हैं।
हत्या

चेहरे को कुचला, हाथ को किया क्षत-विक्षत… उभरती मॉडल ख़ुशी परिहार का बॉयफ्रेंड अशरफ़ शेख़ गिरफ़्तार

चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। दाहिने हाथ को क्षत-विक्षत किया गया। यह सब इसलिए ताकि पहचान छिपाई जा सके। लेकिन 3 टैटू, सोशल मीडिया प्रोफाइल और मोबाइल लोकेशन ने अपनी ही गर्लफ्रेंड के हत्या आरोपित अशरफ़ शेख़ को पहुँचाया जेल।
प्रेम, निकाह, धर्म परिवर्तन

बिजनौर: प्यार-धर्म परिवर्तन-बलात्कार के बाद फराज ने आखिर में हड़प लिए ₹5 लाख

एक दिन फराज ने महिला को फोन कर नगीना बुलाया। प्यार का झाँसा देकर उससे निकाह करने की बात कही। फराज ने अक्टूबर, 2016 में मौलवी को बुलवाकर अपने तीन दोस्तों के सामने पहले उसका धर्म परिवर्तन करवाया फिर मौलाना से फर्जी निकाह पढ़वा दिया। इसके बाद उसने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और 5 लाख रुपए भी लिए। कुछ दिन तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन कुछ दिन बाद वह महिला से दूरियाँ बनाने लगा।
गिरने से मौत

खिड़की से शादीशुदा GF के घर में घुस रहा था नियाज शेख, 9वीं मंजिल से गिरकर मौत

जिस बिल्डिंग में यह घटना घटी नियाज वहीं 15वीं मंजिल पर रहता था। नियाज 2 साल पहले बिहार से मुंबई आया था और अपने मामा के साथ रहता था। बिल्डिंग की 9वीं मंजिल पर रहने वाली 24 वर्षीय शादीशुदा महिला से उसे प्रेम हो गया। काफी दिनों से उनका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। एक दिन मामा ने उसे महिला के घर जाते देख लिया था। इसके बाद नियाज ने दरवाजे की जगह खिड़की से महिला के घर आना-जाना शुरू कर दिया।
मलिक काफूर

परिवार न होना, सत्ता का लालच न होने की गारंटी नहीं, यकीन न हो तो पढ़े मलिक काफूर की कहानी

खम्भात पर हुए 1299 के आक्रमण में अलाउद्दीन खिलजी के एक सिपहसालार ने काफूर को पकड़ा था। कुछ उस काल के लिखने वाले बताते हैं कि उसे मुसलमान बनाकर खिलजी को सौंपा गया था। कुछ दूसरे इतिहासकार मानते हैं कि उसे 1000 दीनार की कीमत पर खरीदा गया था, इसीलिए काफूर का एक नाम 'हजार दिनारी' भी था।
यूपी रोडवेज

UP: बस में पति की मौत, ड्राइवर जुनैद और कंडक्टर सलमान ने शव समेत पत्नी को बीच रास्ते उतारा

मोहम्मद सलमान ने कहा है कि राजू के सीने में दर्द होने पर उसने रामपुर में बस रोकी थी और पास के क्लीनिक से डी.पी सिंह को भी बुलाया था। लेकिन उससे पहले ही राजू की मौत हो चुकी थी। कंडक्टर का कहना है कि उसने यूपी पुलिस के 100 नंबर पर फोन किया, लेकिन वहाँ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मौलाना सुहैब क़ासमी

मॉब लिंचिंग के लिए BJP, RSS नहीं, कॉन्ग्रेस ज़िम्मेदार: मौलाना सुहैब क़ासमी

हाल ही में सूरत नगर निगम (एसएमसी) के एक कॉन्ग्रेस पार्षद असलम साइकिलवाला को पुलिस ने गुजरात के सूरत शहर के अठवा लाइन्स इलाक़े में हुई एक भगदड़ की घटना में हिरासत में लिया था। इस घटना में झारखंड में तबरेज़ अंसारी की कथित रूप से हत्या के ख़िलाफ़ रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। साइकिलवाला के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

57,101फैंसलाइक करें
9,637फॉलोवर्सफॉलो करें
74,740सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: