इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता के पानी को लेकर लगभग सहमति बन गई थी। इसके अंतर्गत बांग्लादेश को तीस्ता का 37.5% पानी और भारत को 42.5% पानी दिसम्बर से मार्च के बीच मिलना था।
गिरिजा टिक्कू एक लैब असिस्टेंट थीं। आतंकियों ने उनके अपहरण के बाद उनके साथ कई दिन बलात्कार किया। बाद में उन्हें बिजली से चलने वाले मशीन से दो हिस्सों में चीर दिया गया।
हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने मामले के पूरे कागजों पर जोर नहीं दिया जो कि पूरी तरह से अनुचित है और दिखाता है कि अदालत ने मामले के सबूतों पर पूरा दिमाग नहीं लगाया है।