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ओवैसी ने लोकसभा में लगाए ‘जय फिलिस्तीन’ के नारे, पूछा – संविधान में कहाँ लिखा है ये गलत? उधर महाराष्ट्र के सांसद को बाल ठाकरे का नाम लेने पर दोबारा लेनी पड़ी शपथ

असदुद्दीन ओवैसी तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से लगातार 5वीं बार सांसद बने हैं, इस बार उन्होंने भाजपा की माधवी लता को हराया है। हैदराबाद मुस्लिम बहुल है, ऐसे में वहाँ की 7 विधानसभा सीटों पर भी AIMIM ही जीत दर्ज करती है।

AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में शपथ लेने के दौरान ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा लगाया। उर्दू में शपथ लेने वाले असदुद्दीन ओवैसी ने अंत में ‘जय भीम, जय मीम’ कहा और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा भी लगाया, लेकिन अंत में उन्होंने ‘जय फिलिस्तीन’ भी कहा। इस दौरान पूर्वी चम्पारण से भाजपा के सांसद राधामोहन सिंह पीठासीन थे और नव-निर्वाचित सांसदों को शपथ दिला रहे थे। असदुद्दीन ओवैसी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि ओडिशा के कटक से सांसद और प्रोटेकम स्पीकर भर्तृहरि महताब लोकसभा चुनाव 2024 के नव-निर्वाचित सांसदों को शपथ दिला रहे हैं, उनकी अनुपस्थिति में राधामोहन सिंह पीठासीन होते हैं। असदुद्दीन ओवैसी शपथ लेने के बाद चेयर तक गए और उनसे मिले भी। अब सोशल मीडिया में लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कोई व्यक्ति भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े स्थल पर जाकर शपथग्रहण के मौके का इस्तेमाल इस्लामी प्रोपेगंडा के लिए कैसे कर सकता है?

असदुद्दीन ओवैसी तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से लगातार 5वीं बार सांसद बने हैं, इस बार उन्होंने भाजपा की माधवी लता को हराया है। हैदराबाद मुस्लिम बहुल है, ऐसे में वहाँ की 7 विधानसभा सीटों पर भी AIMIM ही जीत दर्ज करती है। बताते चलें कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अक्टूबर 2023 में फिलिस्तीन स्थित हमास के आतंकियों ने इजरायल में घुस कर 1100 लोगों का नरसंहार किया, निरीह पशुओं तक को नहीं छोड़ा।

इस दौरान महिलाओं को बंदी बना कर उनके साथ बलात्कार किया गया, फिर उनकी हत्या कर के उनके नग्न शव का परेड निकाला गया। भारत में कई मुस्लिम समाज के लोग फिलिस्तीन के नाम पर चन्दा भी जुटाते रहे हैं। वहीं इस्लामी कट्टरपंथी इजरायली उत्पादों के बहिष्कार का भी ऐलान करते हैं। इजरायल एक छोटा सा यहूदी मुल्क है, जिसे फिलिस्तीन और लेबनान मिटा देना चाहता है। हालाँकि, अपनी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की वजह से इजरायल बचता रहा है।

सवाल इसीलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि इसी 18वीं लोकसभा के शपथग्रहण के दौरान जब महाराष्ट्र के हिंगोली लोकसभा क्षेत्र से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नव-निर्वाचित सांसद नागेश बापूराव पाटिल अष्टीकर ने पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे को हिन्दू हृदय सम्राट बताते हुए उनके नाम पर शपथ लेनी चाही, लेकिन प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने उन्हें मना किया और फिर से शपथ लेने को कहा। प्रोटेम स्पीकर ने उनसे कहा कि वो वहीं पढ़ें, जो लिखा हुआ है।

जब असदुद्दीन ओवैसी से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये संविधान के खिलाफ कैसे हुआ, ये संविधान के कौन से प्रावधान के हिसाब से गलत है? G किशन रेड्डी के विरोध पर उन्होंने कहा कि उनका काम है विरोध करना, हम उन्हें खुश करने के लिए क्यों बोलेंगे। उन्होंने इस दौरान फिलिस्तीन को लेकर महात्मा गाँधी के विचार पढ़ने की सलाह भी दी। वहीं गाजियाबाद से सांसद चुने गए अतुल गर्ग ने तो दीन दयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के नाम से भी ज़िंदाबाद का नारा लगाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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