युवती जब रेहान के आधार कार्ड में लिखे पते पर उसके गाँव पहुँची, तो रेहान ने अपने बहनोई शकील अहमद, बहन नूर बानो और जहाँगीर ने उसके साथ जमकर मारपीट की और उसका मोबाइल भी तोड़ दिया।
लक्ष्मण बाग की जीत से केवल बीजद के नेता ही नहीं बल्कि भाजपा के नेता भी हैरान हैं। सबको लग रहा था कि वो अच्छा प्रदर्शन करेंगे लेकिन चुनाव जीत पाएँगे ये यकीन कम को था।