स्मारक के आसपास कई प्राचीन कालीन अस्त्र-शस्त्र रखे हुए हैं। संदीप दास का दावा है कि उन शस्त्रों पर सदियों से जंग नहीं लगा है। स्मारक के ऊपर प्रतीकत्मक तौर पर राम, लक्ष्मण, भारत द्वारा किया गया पिंडदान रखा हुआ है।
सुरेश ने बताया कि उनके पिता मूल रूप से पड़ोसी जिले गोंडा के रहने वाले थे। अयोध्या में वो कमाने के लिए बसे थे। यहाँ वो एक ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे।
गोपालगंज में पुजारी की हत्या हुई। पुलिस कह रही - पूर्व प्रेमिका ने की। पूर्व प्रेमिका की चाची ने कहा - मनोज साह बेटे जैसे थे, पुलिस ने टॉर्चर कर हमसे कबूलवाया।