170 कुल लेख

शिव

7 वर्षों से खबरों की तलाश में भटकता पत्रकार...

एक और बाबरी, एक और 6 दिसंबर: हिंदू आस्था के अपमान की यह मुगलिया सोच नए भारत में क्यों चले, सदियों पुराने जख्मों पर...

TMC के विधायक हुमायूँ कबीर ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर के दिन ‘बाबरी नाम की मस्जिद’ की नींव रखने का ऐलान किया है। यह सीधे तौर पर हिंदू आस्था पर हमला है।

‘कॉन्ग्रेस का देश विरोधियों से प्यार काहे नहीं खत्म होता है बे’: जिन बैश्लेट ने CAA, मुस्लिमों पर हमले से लेकर J&K तक पर...

बैश्लेट को 'इंदिरा गाँधी सम्मान' देकर सोनिया बेशक उन्हें दुनिया की शांति का मसीहा बना रही हों लेकिन भारत के लिए उनकी सोच हमेशा से विरोधियों वाली रही है।

समस्या ‘मजहब’ है, नीतियाँ होतीं तो हर युवा बारूद बाँधकर खुद को उड़ा रहा होता: आतंकियों को ‘कवर फायर’ देना बंद करिए महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली धमाके के बीच युवाओं के आतंकी बनने के लिए केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है लेकिन वो कभी जहर बोने वाले आंतकी संगठनों पर सवाल नहीं उठाती हैं।

2020 में अंकुरित हुआ था जो वामपंथी विष बेल, उसे 5 साल में ही बिहार ने फिर से किया दफन

बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने वामपंथी दलों को नकार दिया है। इस चुनाव में गुणा-गणित के बाद भी लेफ्ट पार्टियों को केवल 3 सीटें मिली हैं।

बिहार के मुस्लिमों को विकास का एजेंडा नहीं कबूल, मजहब और BJP विरोध ही अब भी मतदान का पैटर्न: जानिए ओवैसी की ‘घुसपैठ’ क्यों...

बिहार में ओवैसी ने 5 सीटें जीती हैं। मुस्लिमों के वोटिंग पैटर्न ने दिखाया है कि उनकी प्राथमिकता विकास नहीं बल्कि मजहब और BJP का विरोध ही है।

जमीन पर थे कई मुश्किल मोर्चे, पर अमित शाह की रणनीतियों से सब हुए ढेर: पहले बागियों को मनाया, फिर विरोधियों को चटाई धूल

बिहार का चुनाव बीजेपी के लिए मुश्किल लग रहा था लेकिन अमित शाह ने अपने रणनीतिक कौशल और बूथ मैनेजमेंट के दम पर इसे अप्रत्याशित सफलता बना दिया।

बिहार विधानसभा चुनाव से फिर हुआ साबित, राहुल गाँधी ही BJP के ‘स्टार’ प्रचारक

बिहार विधानसभा चुनाव में राहुल गाँधी ने ऐसे मुद्दे उठाए जिनका जमीनी स्तर से कोई लेना-देना नहीं था। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे से बीजेपी को फायदा होता ही नजर आया।

इबादतगाह को छोड़ क्यों मजहबी भीड़ को सुहाती हैं खुली सड़कें और एयरपोर्ट, समझिए ये अकीदा है या शक्ति प्रदर्शन?

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लोगों के खुले में नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या यह किसी शक्ति प्रदर्शन की कोशिश तो नहीं है।