उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने इस मामले में अमरीन समेत दो महिलाओं और 2 अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस गिरोह ने एक कपड़ा व्यापारी अरुण को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे बड़ी रकम वसूली है।
प्रहलाद नगर निवासी अरुण द्वारा 14 दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई FIR में इस पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार वर्णन किया गया है। अरुण ने FIR में अमरीन, शमीना, अतीक और आफताब को नामजद किया था जबकि एक अन्य आरोपित अज्ञात था। अरुण के साथ यह घटना 13 दिसंबर 2025 को हुई थी।
अरुण से रकम वसूलने से पहले अमरीन ने अरुण को वीडियो कॉल पर अपने जाल में फँसा लिया था। बातचीत के बहाने वह लगातार वीडियो कॉल पर जुड़ती रही और इसी दौरान अमरीन ने दोनों के बीच हुए अतरंग पलों को चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया था।
कैसे अमरीन ने अरुण को फँसाया?
पीड़ित अरुण ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया है कि करीब 3-4 दिन पहले उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अमरीन बताया और बातचीत शुरू की। इसके बाद उसने वीडियो कॉल पर बात करनी शुरू कर दी और उसी दौरान वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट ले लिए।
13 दिसंबर 2025 को युवती ने यह कहकर अरुण को अपने घर बुलाया कि घर पर कोई नहीं है। शाम करीब 5:30 बजे अरुण बताए गए पते पर पहुँचा हैदर पब्लिक स्कूल वाली गली में स्थित है। जैसे ही वह घर के अंदर गए, वहाँ अमरीन की अम्मी शमीना, उसका चाचा अतीक, एक व्यक्ति आफताब (जिसे मुल्ला बताया गया) और एक अन्य व्यक्ति भी पहुँच गए।
FIR के मुताबिक, आरोपितों ने अरुण का वीडियो बनाना शुरू कर दिया और फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया। पीड़ित का आरोप है कि इन लोगों ने उन्हें झूठे मुकदमे में फँसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी और 5 लाख रुपए की रंगदारी माँगी। डर के कारण अरुण ने अपनी 10 ग्राम की सोने की चेन और 7,500 रुपए उन्हें दे दिए। इसके बावजूद आरोपितों ने एक लाख रुपए और देने की माँग की। ना देने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

FIR के मुताबिक, अरुण ने दोस्तों और घर से पैसे जुटाकर उसी शाम करीब 7:30 बजे आरोपितों को उनके घर जाकर एक लाख रुपए नकद दे दिए। इसके बाद भी उत्पीड़न नहीं रुका। आरोप है कि अगली सुबह अमरीन के चाचा अतीक ने एक अन्य मोबाइल नंबर से कॉल कर 50 हजार रुपए और माँगने शुरू कर दिए तथा रकम न देने पर जान से मरवाने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों से डरे पीड़ित ने लिसाड़ीगेट थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने आरोपितों को किया गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित थाने की टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही पुलिस ने योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई करते हुए विकासपुरी बिजली घर के पास से चारों नामजद आरोपितों अतीक, आफताब, शमीना और अमरीन को दबोच लिया।
पुलिस जाँच के दौरान पीड़ित द्वारा लगाए गए सभी आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए जिसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 35 हजार रुपये नकद, एक सोने की चेन और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग कथित तौर पर पीड़ित को फँसाने, वीडियो बनाने और धमकाने में किया गया था।
जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपित किसी एक घटना को नहीं बल्कि संगठित गिरोह के रूप में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और ब्लैकमेलिंग के जरिए लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पूर्व मामलों की भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


