124 कुल लेख

विवेकानंद मिश्र

एक पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर। राजनीति, संस्कृति, समाज से जुड़ी अनसुनी कहानियाँ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध।

कोपेनहेगन सम्मेलन 1910 में प्रस्ताव, दुनिया भर में संगठिन आंदोलन: जानें- क्लारा जेटकिन के बारे में, जिनकी वजह से आज मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय...

क्लारा जेटकिन ने शिक्षा, ट्रेड यूनियन और जागरूकता पर बल दिया। उनका आंदोलन मुख्य रूप से मजदूर महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित था।

ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच विदेशी सैन्य ठिकानों की चर्चा: जानें- भारत ने किन देशों में बनाए मिलिट्री बेस, क्या है इनकी रणनीतिक अहमियत

भारत के विदेशी सैन्य ठिकाने सुरक्षा और निगरानी में मददगार, मध्य एशिया और हिंद महासागर में रणनीतिक संतुलन बनाए रखते हैं।

क्यों मनाया जाता है ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’, एशिया के पहले फिजिक्स के नोबेल विजेता CV रमन से क्या है कनेक्शन: पढ़ें- इस साल की...

'राष्ट्रीय विज्ञान दिवस' रमन इफेक्ट, वैज्ञानिक सोच, इनोवेशन और महिलाओं-युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विकसित भारत की दिशा दिखाता है।

पीरागढ़ी कार हत्याकांड में मुस्लिम आलिम करीमुद्दीन को मीडिया बता रहा ‘बाबा-तांत्रिक’, ये हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश: समझिए- कैसे खेला जा रहा...

अपराध से बड़ा खतरा भाषा का गलत उपयोग है। मीडिया की गलत रिपोर्टिंग समाज में भेदभाव और गलत सोच को जन्म दे सकती है।

चंद्रमा पर कहाँ उतरा था Luna 9, AI ने बताया लैंडिग स्थल: मशीन लर्निंग ने NASA की LRO तस्वीरों और Apollo डेटा से खोजी...

AI और मशीन लर्निंग से Luna 9 की चंद्रमा पर पहली सॉफ्ट लैंडिंग साइट खोजी गई, जिससे अंतरिक्ष इतिहास का एक खोया अध्याय खुला।

Ola-Uber-Rapido ड्राइवरों की हड़ताल, 7 फरवरी को नहीं मिलेगी कैब सर्विस: जानें यात्रियों के लिए कैसे भरोसेमंद विकल्प बनेगी Bharat Taxi

ओला-उबर ड्राइवरों की हड़ताल से 7 फरवरी 2026 को कैब सेवाएँ बाधित होंगी, ऐसे में नया भारत टैक्सी ऐप यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है।

नक्सलवाद के खात्मे की HM अमित शाह की डेडलाइन नजदीक, छत्तीसगढ़-ओडिशा में हजारों सरेंडर: जानें- किन योजनाओं से बदल रही तस्वीर

नक्सलवाद के खात्मे की समयसीमा करीब है। 2025 की सख्त कार्रवाई, नक्सल मुक्त इलाके, सरेंडर की लहर और विकास की वापसी जमीनी बदलाव दिखा रही है।

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, USMEA का हुआ गठन: जानें- पाठ्यक्रम से मान्यता के तरीकों तक, अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए क्या-क्या बदलेगा

धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड खत्म कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया, जो सभी अल्पसंख्यक संस्थानों का सिलेबस और मान्यता तय करेगा।