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‘साहिल को हिन्दू समझती थी’: हत्यारे को लेकर साक्षी की दोस्त का बड़ा खुलासा, ‘लव जिहाद’ के एंगल से भी जाँच करेगी पुलिस

दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में रूह कँपा देने वाले साक्षी मर्डर मामले में नया खुलासा हुआ है। साक्षी की एक सहेली ने मीडिया के सामने बड़ा खुलासा किया है कि साक्षी अपने दोस्त साहिल को हिंदू समझती थी। मृतिका की एक अन्य दोस्त नीतू ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। नीतू ने बताया है कि साक्षी और साहिल का किसी बात को लेकर कई दिनों से झगड़ा चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और उसका मेडिकल कराया गया है।

मृतिका साक्षी की आरती नाम की दोस्त मीडिया के सामने आई है। आरती ने कहा है कि वह साहिल को एक हिंदू लड़के के तौर पर जानती है। वहीं दिल्ली पुलिस ने जब आरोपित साहिल को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था, तो उसके हाथ में कलावा (रक्षा सूत्र) बंधा हुआ था। पुलिस का कहना है कि ‘लव जिहाद’ के एंगल से भी मामले की जाँच की जाएगी।

बता दें रविवार (28 मई, 2023) को साक्षी अपनी दोस्त नीतू के बेटे के जन्मदिन में शामिल होने जा रही थी। नीतू उसके नजदीकी दोस्तों में से थी। नीतू का पति जेल में है। इसलिए साक्षी अक्सर उसके घर ठहर जाती थी। नीतू ने मीडिया को जानकारी दी है कि साहिल और साक्षी एक दूसरे को 3-4 सालों से जानते हैं। कुछ दिनों से दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा चल रहा था। साक्षी साहिल से बात नहीं करना चाहती थी।

हत्या से कुछ देर पहले साक्षी बाहर निकली थी। वह अपनी दोस्त आरती का इंतजार कर रही थी। तभी साहिल ने उसे घेर लिया और दोनों के बीच कहा सुनी शुरू हो गई। हत्या के इरादे से पहुँचे साहिल ने उस पर पहले चाकुओं से वार करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसे पत्थर से कुचल दिया।

लगातार हुए हमले से साक्षी बुरी तरह घायल हो गई और जमीन पर गिर गई। हालाँकि, इसके बाद भी साहिल नहीं रुका और उसने जमीन पर पड़े पत्थर को उठाकर उसके सिर पर पटकने लगा। पेट पर चाकू के हमले और सिर पर कई बार पत्थर लगने से उसकी मौत हो गई। घटना से जुड़ा सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

‘जिहाद का आदेश मिलते ही ईरान पर कर लेंगे कब्ज़ा’: रूस-यूक्रेन के बाद अब ईरान-तालिबान में जंग? जानें क्यों लड़ रहे दोनों इस्लामी मुल्क

जहाँ एक तरफ दुनिया रूस और यूक्रेन के युद्ध से परेशान है, वहीं अब ईरान और तालिबान में भी संघर्ष शुरू हो गया है। दोनों अब इस बात को लेकर भी बहस कर रहे हैं कि सच्चा मुस्लिम कौन है। अब रविवार (28 मई, 2023) को तालिबान ने धमकी दी है कि वो 24 घंटे में ईरान पर कब्ज़ा कर लेगा। साथ ही तालिबान के कमांडर अब्दुल्ला हामिद खुरासानी ने एक वीडियो सन्देश जारी करते हुए दावा किया कि उसके लड़ाके ईरान के साथ उसी जोश से लड़ेंगे, जैसे अमेरिका से लड़े थे।

साथ ही उसने कहा कि जैसे ही जिहाद के लिए हरी झंडी तालिबान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से मिलती है, वैसे ही ईरान पर कब्ज़ा करने की शुरुआत कर दी जाएगी। तालिबानियों ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पर तंज कसते हुए भी वीडियो डाला है। इसमें एक तालिबानी कंटेनर में पानी डालता है और कहता है, “इब्राहिम रईसी, आकर ये वॉटर बैरल ले लो, लेकिन हमला मत करो। हम डर गए हैं।” ईरान की मीडिया ने संघर्ष का कारण नहीं बताया है, बस इतना कहा है कि ये ड्रग तस्करी को लेकर है।

ये भी दावा किया जा रहा है कि पहले तालिबान ने ईरान की फ़ौज पर सीमा पर गोलीबारी की। वहीं तालिबान की तरफ से इंगित किया गया है कि पानी को लेकर ये लड़ाई चल रही है। दोनों मुल्कों के बीच हेलमंद नदी बहती है, जिसे लेकर ईरान पहले ही अफगानिस्तान को चेतावनी दे चुका है। जब से तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता में लौटा है, तब से ये तनाव बढ़ गया है। 1973 की एक संधि में तय हुआ था कि अफगानिस्तान को इस नदी की पानी का एक हिस्सा ईरान को देना होगा।

वहीं ईरान के गृह मंत्री ने कहा है कि तालिबान को पुख्ता जवाब दे दिया गया है और सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है। ईरान सरकार ने कहा कि तालिबान की गोलीबारी में उसके दो फौजी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अब सीमा पर शांति है, तालिबान ने भड़काऊ कार्रवाई की थी। ईरान की फ़ौज ने चेताया है कि अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन करने पर तालिबान के खिलाफ ईरान अपना रुख बदल लेगा। बता दें कि अगस्त 2021 में तालिबान सत्ता में आया था।

भारत ने लॉन्च की NVS-01 सैटेलाइट: स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ GPS को टक्कर देने के लिए तैयार भारत, समुद्र के भीतर भी रियल टाइम नेविगेशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से अपने उन्नत नेविगेशन उपग्रह NVS-01 को लॉन्च किया है। जीएसएलवी रॉकेट (GSLV-F12) की मदद से इस सैटेलाइट का प्रक्षेपण सुबह 10.42 बजे किया गया। लगभग 19 मिनट की उड़ान के बाद NVS-O1 सैटेलाइट को सही तरीके से तय कक्षा में पहुँचा दिया गया। इसी के साथ यह मिशन पूरा हो गया।

NVS-01 सैटेलाइट भारतीय नेविगेशन सेवा ‘नाविक’ (NavIC) की दूसरी पीढ़ी (Next Generation Navigational Satellite) के उपग्रहों में से पहला है। खास बात यह है कि एनवीएस-01 में स्वदेशी परमाणु घड़ी (Atomic Clock) लगाई गई है। इसके पहले सटीक तिथि और जगह की जानकारी का पता लगाने के लिए रूबिडियम परमाणु घड़ियों को विदेशों से आयातित करना पड़ता था। इसरो ने इस मिशन के लिए खास तौर पर अपने देश में विकसित की गई रूबिडियम परमाणु घड़ी का इस्तेमाल किया है। इसे विकसित करने की तकनीक कुछ ही देशों के पास है।

परमाणु घड़ियों द्वारा ही सिग्नल को भेजने और सिग्नल को प्राप्त करने में लगे समय की गणना की जाती है। इसके आधार पर स्थान निर्धारण किया जाता है। इसरो की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार एनवीएस-01 उपग्रह L5 और S फ्रीक्वेंसी सिग्नल के अलावा L1 सिग्नल भेजने में भी सक्षम होगा। मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने में इस सिग्नल से काफी सहायता मिलती है। बता दें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) में सबसे अधिक L1 सिग्नल का ही उपयोग होता है।

बता दें इंडियन रीजनल नेविगेशन सिस्टम (IRNSS) के तहत सात सैटेलाइट छोड़े गए थे। इनके जरिए भारत में नेविगेशन सेवाएँ मिल रही थीं। इनका इस्तेमाल सेना और विमान सेवाओं के लिए किया जा रहा था। इनमें से तीन सैटेलाइट काम नहीं कर रहे थे। इसलिए इसरो ने 5 नए सैटेलाइट लॉन्च करने की ठानी।

सैटेलाइट से क्या होगा फायदा?

इन आधुनिक सैटेलाइट्स को पुराने सैटेलाइट्स की तुलना में अधिक समय तक काम कर पाने की क्षमता के साथ बनाया गया है। पुराने उपग्रह 10 सालों तक सेवाएँ देते हैं जबकि नेक्स्ट जेनरेशन सैटेलाइट 12 सालों तक सटीक सेवाएँ दे सकते हैं। एनवीएस-01 भारत के समुद्र के भीतर सटीक और रीयल टाइम नेविगेशन सेवा उपलब्ध कराएगी। जिससे समंदर में जहाजों के रियल टाइम पोजीशन का सटीक अंदाजा लग सकेगा।

इसके अलावा इससे हवाई, स्थलीय और समुद्री नेविगेशन में सहायता मिलेगी। NVS-01 से मोबाइल लोकेशन सर्विसेस और भी दुरुस्त हो जाएँगी। इससे इमरजेंसी सर्विसेस, जियोडेटिक सर्वे, मरीन फिशरीज, कृषि संबंधी जानकारी हासिल करने में सहायता मिलेगी।

‘उसकी आँतें आ गई थी बाहर…’: साक्षी के पिता ने बयाँ किया दर्द, माँ ने की हत्यारे साहिल को फाँसी देने की माँग, बताया – वकील बनना चाहती थी बेटी

दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में साहिल (अब्बा का नाम सरफराज) नामक व्यक्ति ने 16 साल की साक्षी की बेरहमी से हत्या कर दी। साक्षी की माँ ने कहा है कि उनकी बेटी वकील बनना चाहती थी। लेकिन साहिल ने उसे मार डाला। साहिल को फाँसी दे देनी चाहिए। वहीं, साक्षी के पिता ने भी कड़ी से सजा की माँग की।

साक्षी की माँ ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “साक्षी बीते 10 दिनों से नीतू नामक महिला के घर पर रह रही थी। नीतू का पति जेल में बंद है। जब वह जेल से आ जाएगा तब वह घर आ जाएगी। साक्षी से रविवार (28 मई, 2023) डेढ़ बजे बात हुई थी। उसने कहा था कि नीतू के दो बच्चे हैं। एक का जन्मदिन है। साक्षी 10वीं में पढ़ती थी और पास हो गई है। हमें इंसाफ चाहिए। उसे आजीवन कारावास या फिर फाँसी की सजा हो।”

साक्षी की माँ ने यह भी कहा है कि उन्हें साहिल के बारे में कुछ भी नहीं पता है। उन्हें थाने में ही उसके बारे में पता चला है। उसने कहा था कि वह उनके बेटे की तरह है और वकील बनना चाहती है। वहीं, साक्षी के पिता ने ANI से हुई बातचीत में कहा है कि जब उन्होंने अपनी बेटी को देखा तो उसकी बहुत बुरी हालत थी। उसके पेट में चाकू से इतनी बार हमला किया गया था कि उसकी सारी आँतें बाहर निकल आईं थीं। पत्थर से हुए हमले के बाद उसके सिर के 4 टुकड़े हो गए थे। 

साक्षी के पिता ने यह भी कहा है कि उन्हें साहिल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हत्या के बाद साक्षी की सहेलियों ने उन्हें इस बारे में बताया। इंसाफ की माँग करते हुए उन्होंने आगे कहा है कि जिस तरह बेरहमी से उनकी बेटी की हत्या हुई है उसी तरह आरोपित को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए। ताकि कोई भी इस तरह की हरकत न करे।

बता दें कि रविवार (28 मई, 2023) को साक्षी अपनी दोस्त नीतू के बेटे के जन्मदिन में शामिल होने जा रही थी। तभी घात लगाए साहिल ने उसे रोक लिया। इसके बाद उसके पेट में ताबड़तोड़ चाकू बरसाने लगा। लगातार हुए हमले से साक्षी बुरी तरह घायल हो गई और जमीन पर गिर गई। हालाँकि इसके बाद भी साहिल नहीं रुका और उसने जमीन पर पड़े पत्थर को उठाकर उसके सिर पर पटकने लगा। पेट पर चाकू के हमले और सिर पर कई बार पत्थर लगने से उसकी मौत हो गई। संयुक्त आयुक्त विवेक किशोर ने कहा है कि साहिल ने साक्षी पर चाकू से 34 वार किए थे।

साक्षी की हत्या के बाद साहिल मौके से फरार हो गया था। हालाँकि, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर ली थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद साहिल की सामने आई तस्वीर में वह कलावा पहने दिखाई दे रहा है। 

‘मुस्लिमों के खिलाफ घृणा बन गया है फैशन’: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने फिर उगला ज़हर, कहा- बाँटने वाले राजनीति कर रहे PM नरेंद्र मोदी

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक बार फिर से ज़हर भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ये काफी परेशान करने वाला है कि किस तरह कला के माध्यम से खुला प्रोपेगंडा चला कर आम लोगों को परोसा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि ये इस्लामोफोबिया के इस काल का चिंतित करने वाला असर है। बता दें कि नसीरुद्दीन शाह अक्सर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ बयान देते रहते हैं और कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाने में आगे रहते हैं।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, नसीरुद्दीन शाह ने कहा मुस्लिमों के खिलाफ घृणा को बड़ी चालाकी से न सिर्फ हवा दी जा रही है, बल्कि ये आजकल का फैशन भी बन गया है। नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की सीरीज ‘ताज’ में मुग़ल बादशाह अकबर का किरदार निभाया था। अब इस सीरीज का दूसरा हिस्सा आ गया है। इस दौरान नसीरुद्दीन शाह ने ये भी कहा कि मुगलों का महिमामंडन करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन उन्हें बदनाम भी नहीं किया जाना चाहिए।

जब उनसे पूछा गया कि क्या कुछ शो और फिल्मों को प्रोपेगंडा और भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, तो नसीरुद्दीन शाह ने जवाब दिया कि स्क्रीन पर जो भी हो रहा है, वो जमीनी वास्तविकता का दर्पण है। उन्होंने दावा किया कि बेशर्मी से इस्लामोफोबिया का इस्तेमाल चुनावों में वोट के लिए किया जा रहा है, जिसका असर फ़िल्मी पर्दे पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि ये निश्चित तौर पर परेशान करने वाला समय है।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा, “ऐसे कंटेंट्स परोसे जा रहे हैं जो विशुद्ध और खुला प्रोपेगंडा है, जो इस समय के बारे में बहुत कुछ बताता है। मुस्लिमों से घृणा करना आजकल फैशन बन गया है, यहाँ तक कि शिक्षित लोगों के बीच भी। ये चीजें सत्ताधारी पार्टी ने देश के लोगों की नसों में घुसा दी है। हम सेक्युलरिज़्म और लोकतंत्र की बातें करते हैं, लेकिन हर चीज में धर्म को घुसाने की क्या ज़रूरत है? चुनाव आयोग चुपचाप ये सब देख रहा है।”

नसीरुद्दीन शाह ने दावा किया कि अगर कोई मुस्लिम नेता ‘अल्लाहु अकबर’ बोल कर वोट माँगेगा तो फिर बवाल हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विभाजनकारी राजनीति का इस्तेमाल किया, लेकिन वो हार गए और इस राजनीति का अंत होगा। उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग कितना रीढ़विहीन हो गया है, जो एक शब्द बोलने की भी हिम्मत नहीं रखता? उन्होंने कहा कि अगर किसी मुस्लिम नेता ने अल्लाहु अकबर बोल कर EVM का बटन दबाने की बात की होती तो बवाल हो जाता।

उन्होंने कहा कि लेकिन हमारे प्रधानमंत्री लोगों के बीच जाकर ये सब बातें करते हैं, इसके बावजूद हार जाते हैं। बता दें कि नसीरुद्दीन शाह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार पर तंज कस रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति का अंत होगा, लेकिन फ़िलहाल ये शिखर पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बड़ी चालाकी से इस कार्ड को खेला है, और देखना है कि ये कितना लंबा चलता है। नसीरुद्दीन शाह इस साल ‘कुत्ते’ फिल्म में भी दिखे थे।

‘भारत के बहादुर बेटे थे वीर सावरकर’: अनुपम खेर ने बताया ‘The India House’ में क्या खास, प्रोड्यूसर बोले – क्रांतिकारियों को भुलाया गया, ऐसी कहानियाँ लाता रहूँगा

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में ‘ग्लोबल स्टार’ के रूप में पहचाने जाने वाले राम चरण नई फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म होगी। उन्होंने ‘The Kashmir Files’ और ‘कार्तिकेय 2’ के निर्माता अभिषेक अग्रवाल से हाथ मिलाया है। दोनों साथ मिल कर ‘The India House’ बना रहे हैं, जिसकी घोषणा वीर विनायक दामोदर सावरकर के जयंती के दिन की गई। फिल्म में निखिल सिद्धार्थ और अनुपम खेर मुख्य भूमिकाओं में होंगे।

इस फिल्म के बारे में हमने निर्माता अभिषेक अग्रवाल, वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर और यंग एक्टर निखिल सिद्धार्थ से बातचीत की। प्रोड्यूसर अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि ‘The India House’ उनके लिए काफी स्पेशल फिल्म है। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ये फिल्म भारत के ऐसे क्रांतिकारियों की कहानियाँ लेकर आ रही है, जिन्हें भुला दिया गया। ये ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हैं, जो विदेश से क्रांति की ज्वाला जला रहे हैं, लंदन से अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहे थे।

‘The India House’: अपनी अगली फिल्म के बारे में अभिषेक अग्रवाल ने दी जानकारी

उन्होंने कहा कि इस फिल्म का नाम ‘इंडिया हाउस’ के नाम पर है, जो उस समय लंदन में भारतीय क्रांतिकारियों की गतिविधियों का हब हुआ करता था। वहीं से ‘The Indian Sociologist’ नाम का एक अख़बार भी संचालित होता था। अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि श्यामजी कृष्ण वर्मा की विचारधारा पर चलते हुए वीर सावरकर ने ‘इंडिया हाउस’ के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभिषेक अग्रवाल ने इस दौरान अन्य भुला दिए गए क्रांतिकारियों की भी चर्चा की।

उन्होंने इनमें मदनलाल ढींगरा और VVS अय्यर का नाम लिया। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि मदनलाल ढींगरा ने अंग्रेजों के सैन्य अधिकारी विलियम हट कर्जन वायली को मार गिराया था। उन्हें अंग्रेजों ने युवा उम्र में ही फाँसी दे दी थी। उनके शव का अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया गया। इसी तरह तमिलनाडु के तिरुचिरपल्ली में जन्मे वीवीएस अय्यर भी अंग्रेजों की वॉन्टेड लिस्ट में थे। वो महर्ष शुद्धानन्द भारती के अनन्य मित्र थे।

फिल्म निर्माता अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि ये देश के लिए बड़े दुर्भाग्य की बात है कि ऐसी विभूतियों को भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि ‘The India House’ में एक काल्पनिक प्रेम कहानी भी देखने को मिलेगी। इस लव स्टोरी को भारतीय क्रांतिकारियों की कहानियों के बीच में सेट किया गया है और इसका उद्देश्य है कि लोग इस भुला दिए गए चैप्टर को देखें। अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वीर सावरकर की 140वीं जयंती पर फिल्म की घोषणा करने पर उन्हें गर्व है।

फ़िलहाल ‘मास महाराजा’ रवि तेजा अभिनीत ‘टाइगर नागेश्वर राव’ के प्रोमोशंस में व्यस्त अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वो हमेशा अपनी धरती की कहानियों को कहने के लिए आगे आते रहेंगे, जिन्हें भुला दिया गया। उनका कहना है कि भारत की युवा पीढ़ी को इन सबके बारे में पता चले, इसीलिए ये ज़रूरी है। ‘इंडिया हाउस’ की स्थापना अंग्रेजों ने छात्र हॉस्टल के रूप में की थी। बाद में ‘इंडियन होमरूल सोसाइटी’ समेत कई संस्थानों ने यहाँ अपना मुख्यालय बनाया।

भारत माँ का महान बेटे थे वीर सावरकर: अनुपम खेर

फिल्म ‘The India House’ में श्यामजी कृष्ण वर्मा का किरदार निभा रहे अनुपम खेर ने भी ऑपइंडिया से बातचीत की। वो अभिषेक अग्रवाल की पिछली दोनों फिल्मों ‘The Kashmir Files’ और ‘कार्तिकेय 2’ का भी हिस्सा रहे हैं। इतना ही नहीं, अभिषेक अग्रवाल की आगामी फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ में भी अनुपम खेर एक महत्वपूर्ण भूमिका में दिखेंगे। 68 साल के अनुपम खेर 1984 में आई ‘सारांश’ से चर्चा में आए थे और तब से 535 से भी अधिक फिल्मों में कई किस्म के किरदार निभा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ‘The India House’ की स्क्रिप्ट काफी अच्छी है, ये एक बड़ा प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के बारे में उन्होंने जो पढ़ा है, उससे यही पता चलता है कि वो भारत के सबसे बहादुर और महान बेटों में से एक थे। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में वीर सावरकर का योगदान बाकी स्वतंत्रता सेनानियों से कम नहीं है। उन्होंने याद किया कि कैसे लंबे समय तक वीर सावरकर ने कालापानी की सज़ा काटी थी।

भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष, भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) के चेयरपर्सन और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के चेयरमैन रह चुके अनुपम खेर ने कहा कि ‘The India House’ एक काफी बढ़िया स्क्रिप्ट है, जो एक उम्दा विषय पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर भले ही एक वर्ग के लोगों को पसंद न हों, लेकिन सच्ची कहानियाँ ज़रूर लोगों के सामने आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि फिल्म में उनका किरदार काफी अच्छा है।

फिल्म के मुख्य अभिनेता निखिल सिद्धार्थ ने भी ऑपइंडिया से की बात

हमने इस फिल्म में लीड रोल निभा रहे निखिल सिद्धार्थ से भी ‘The India House’ को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये फिल्म एक महाकाव्य की तरह प्रेम गाथा है, जिसका पैमाना और दायरा बहुत बड़ा है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस फिल्म की कहानी वैसी है, जिसके बारे में बहुतों को पता नहीं है। हालाँकि, उन्होंने साफ़ किया कि जैसी कि चर्चा चल रही है, ‘The India House’ वीर सावरकर की बायोपिक फिल्म नहीं है।

उन्होंने कहा कि ये फिल्म विदेश से काम कर रहे उन क्रांतिकारियों के बारे में है, जिन्होंने लंदन स्थित स्टूडेंट हॉस्टल ‘इंडिया हाउस’ को अपना गढ़ बनाया था। फिल्म में अपने किरदार के बारे में बताते हुए निखिल सिद्धार्थ ने कहा कि वो ग्रामीण भारत के एक नाविक के रूप में पर्दे पर दिखेंगे। उन्होंने बताया कि इस कैरेक्टर को निर्देशक राम वामसी द्वारा काफी अच्छे तरीके से लिखा गया है। निखिल सिद्धार्थ की अगली फिल्म ‘SPY’ भी जल्द सिनेमाघरों में आ रही है, जिसका टीजर इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने जारी किया गया।

पटना का अस्पताल, इमरजेंसी वार्ड में 2 साल से इलाज कर रहा था नकली डॉक्टर मोहम्मद शमीम: CBI ने फेक डिग्री की खोली पोल

बिहार के एक जाने-माने प्राइवेट अस्पताल में एक नकली डॉक्टर करीब ढाई साल से काम कर रहा था। यह अस्पताल है, पटना का पारस हॉस्पिटल। नकली डॉक्टर की पहचान मोहम्मद शमीम फारूकी के तौर पर हुई है। सीबीआई ने उसकी डिग्री नकली होने का खुलासा करते हुए केस दर्ज किया है। अस्पताल ने भी उसे नौकरी से निकाल पटना के शास्त्री नगर थाने में मामला दर्ज कराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद शमीम फारूकी मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के लालबाग इलाके का रहने वाला है। उसने नेपाल की काठमांडू यूनिवर्सिटी में मेडिकल पढ़ाई  के लिए दाखिला लिया था। लेकिन फेल होने के कारण वह डिग्री हासिल नहीं कर सका। बावजूद उसने नकली डिग्री बना ली।

फर्जी डिग्री बनवाने के बाद वह फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम में भी बैठा था। यह परीक्षा विदेशों से पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों के लिए भारत में जरूरी है। वह इस परीक्षा में भी फेल हो गया। इसके बाद उसने परीक्षा में पास हुए एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद जावेद के डॉक्यूमेंट जुटाए और नकली सार्टिफिकेट तैयार करा लिया। इस सार्टिफिकेट पर ही वह नौकरी कर रहा था।

बताया जा रहा है कि मोहम्मद शमीम फारूकी पटना के पारस हॉस्पिटल में नौकरी करने से पहले हरियाणा के एक हॉस्पिटल में भी बतौर डॉक्टर काम कर चुका है। वहाँ से बर्खास्त होने के बाद वह पटना आया था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे दिसंबर 2020 में पारस हॉस्पिटल में वह डॉक्टर बन नौकरी करने लगा। दिलचस्प बात यह है कि फर्जी डॉक्टर होने के बाद भी फारूकी पारस हॉस्पिटल का इमरजेंसी वार्ड देख रहा था।

कैसे सामने आया मामला

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने दिसंबर 2022 में देशभर के 74 फर्जी डॉक्टरों का खुलासा किया था। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें मोहम्मद शमीम फारूकी का नाम भी शामिल था। लेकिन पारस हॉस्पिटल के प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं थी। 10 मई 2023 को CBI ने हॉस्पिटल को फारूकी की सच्चाई के बारे में जानकारी दी। इसके बाद हॉस्पिटल ने आनन-फानन में उसे नौकरी से निकाल स्थानीय थाने में FIR दर्ज कराई। साथ ही नौकरी के लिए उसके द्वारा हॉस्पिटल में जमा किए गए दस्तावेज भी पुलिस को सौंप दिए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से मोहम्मद शमीम फारूकी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

दिल्ली से कपड़ा बेचने छत्तीसगढ़ गया हसन खान, आधी रात गाय से रेप करते CCTV में हुआ कैद: गिरफ्तारी को लेकर हिंदुवादी संगठनों ने किया घेराव

छत्तीसगढ़ के दुर्ग के भिलाई में गाय से दुष्कर्म के आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर भाजयुमो और हिंदुवादी संगठनों ने जामुल थाने का घेराव किया। आरोपित की पहचान हसन खान के तौर पर हुई है। वह फरार है। घटना 24 मई 2023 की है। लेकिन इसका खुलासा घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हुआ है। पुलिस आरोपित के पहचान वालों से पूछताछ कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना भिलाई के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। यहाँ फिरोज खान और उसके परिवार के लोग दो-तीन मकान लेकर पिछले तीन-चार सालों से रह रहे हैं। इन लोगों के यहाँ हसन खान नाम का एक युवक दिल्ली से कपड़े बेचने के लिए आया था। उसने 24 मई को रात के 12 बजे के बाद गाय के साथ गलत हरकत की। उसकी गंदी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज में हसन खान को ये सब करते हुए देखा तो उन्होंने सोमवार (29 मई 2023) को भाजपा नेताओं को इसकी जानकारी दी। इसके बाद भाजपा, भाजयुमो और बजरंग दल के लोगों ने एकजुट होकर जामुल थाने का घेराव किया और आरोपित की गिरफ्तारी की माँग की।

बजरंग दल के कार्यकर्ता दीपक यादव ने बताया, “हमें जानकारी मिली कि 24 मई को एक शख्स ने गौ माता के साथ दुष्कर्म किया। ये पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई है। हमने जामुल थाने में घटना के संबंध में ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन के साथ हमारे सभी गौसेवक बंधु और हिंदू भाई एकजुट होकर आरोपित जहाँ रहता था, वहाँ पहुँचे। वहाँ पहुँचने के बाद घर के मालिक ने हमसे कहा कि हम उसे (आरोपित को) नहीं जानते हैं। बाद में उन्होंने कहा कि वह हमारे यहाँ फेरी का काम करता है।”

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि ऐसे आरोपितों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई हो। इन्हें बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाए। नहीं तो ​पूरा हिंदू समाज और बजरंग दल उग्र आंदोलन करेगा।” एक महिला ने बताया कि ये हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तीसरी घटना है, जब गौवंश के सा​थ ऐसा किया गया। लेकिन हर बार 2 घंटे की पूछताछ के बाद आरोपित को छोड़ दिया जाता है। वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि ऐसा जानबूझकर किया जाता है।

बता दें कि पिछले साल जुलाई में छत्तीसगढ़ के रायपुर से भी ऐसा ही मामला सामने आया था। शहरे आलम नाम के एक व्यक्ति पर गाय के साथ रेप करने का आरोप लगा था। आरोपित एक कमरे में गाय के चारों पैर बाँध कर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान लोगों ने शहरे आलम को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था।

24 हॉक, 115 एडवांस जेट ट्रेनर: विमानों की खरीद में ब्रिटेन की कंपनी ने भारत से किया था फ्रॉड, CBI ने ‘रोल्स रॉयस’ के डायरेक्टर समेत कई पर की FIR

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने हॉक विमान की खरीदी में भारत सरकार को धोखा देने के आरोप में ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी रोल्स रॉयस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसमें हथियार डीलर सुधीर चौधरी, भानू चौधरी समेत अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।

हॉक विमान खरीदी में हुई धोखाधड़ी के मामले की जाँच कर सीबीआई का कहना है कि अज्ञात सरकारी कर्मचारियों ने कथित तौर पर अपने पदों का दुरुपयोग किया और रोल्स रॉयस तथा इसकी सहयोगी कंपनियों की 24 हॉक 115 एडवांस जेट ट्रेनर विमान की खरीद में मदद की थी। इसलिए सीबीआई ने अब कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है।

सीबीआई के प्रवक्ता ने एएनआई से हुई बातचीत में कहा है,

“सीबीआई ने भारत सरकार को धोखा देने के उद्देश्य से ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी रोल्स रॉयस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी के डायरेक्टर टिम जोन्स तथा सुधीर चौधरी और भानु चौधरी व अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।”

CBI की जाँच में सामने आया है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने रोल्स रॉयस को 42 अतिरिक्त विमान बनाने के लाइसेंस दिया था। इन 42 विमानों के निर्माण के लिए रोल्स रॉयस को 308.247 मिलियन अमेरिकी डॉलर तथा लाइसेंस शुल्क के लिए 7.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि की अनुमति दी गई थी। सीबीआई का कहना है कि रोल्स रॉयस तथा उसकी सहयोगी कंपनियों और उसके अधिकारियों ने विमान बनाने के लिए लाइसेंस के बदले एजेंटों (दलालों) को भारी रिश्वत और कमीशन दिया था।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, 3 सितंबर, 2003 को आयोजित एक बैठक में रक्षा मंत्रालय की सुरक्षा कैबिनेट (CCS) ने 66 हॉक 115 विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इस मंजूरी के बाद मार्च 2004 में भारत और ब्रिटेन की सरकारों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए थे। इसके बाद, 26 मार्च 2004 को रक्षा मंत्रालय और बीएई सिस्टम्स/रोल्स रॉयस के बीच 24 हॉक विमानों की सीधी खरीदी तथा 42 विमानों के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर हुए।

रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे कॉन्ट्रेक्ट में यह साफ तौर पर कहा गया था कि रोल्स रॉयस इस बात की पुष्टि करता है कि हॉक विमानों की खरीदी के लिए किसी भी तरीके से किसी एजेंट (बिचौलिए) की सहायता नहीं ली है। यही नहीं, कॉन्ट्रैक्ट में इस बात का भी जिक्र था कि कंपनी ने भारत सरकार से किसी प्रकार की सिफारिश भी नहीं की है।

हालाँकि इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कई तरह की बातें सामने आईं थीं। इसके बाद ब्रिटेन के गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय (SFO) ने 2012 में मामले की जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि रोल्स रॉयस ने लाइसेंस शुल्क को 4 मिलियन ब्रिटिश पाउंड से बढ़ाकर 7.5 मिलियन ब्रिटश पाउंड करने के लिए भारतीय एजंटों (बिचौलियों) को 1 मिलियन ब्रिटिश पाउंड की भारी भरकम रिश्वत दी थी।

पुतिन से मुलाकात के बाद बेलारूस के राष्ट्रपति अस्पताल में भर्ती, विपक्षी नेता ने जताई जहर देने की आशंका: प्रेसीडेंट ने ‘अफवाह’ को खारिज किया

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से मुलाकात के तुरंत बाद बेलारूस (Belarusian) के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenk) को गंभीर हालत में मॉस्को के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेलारूस के विपक्षी नेता वालेरी त्सेपल्को दावा किया है पुतिन के साथ बंद दरवाजे में बैठक के बाद राष्ट्रपति लुकाशेंको को सेंट्रल क्लिनिकल अस्पताल ले जाया गया। बेलारूसी राष्ट्रपति को पुतिन के करीबी नेताओं के रूप में जाना जाता है, जो यूक्रेन पर उनके हमले का समर्थन कर रहे थे।

त्सेपल्को इस घटना के सिलसिले में शनिवार (27 मई 2023) से कई ट्वीट कर चुके हैं। उन्होंने ही ट्वीट करके बेलारूस के राष्ट्रपति के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी थी। उन्होंने इस बारे में सोमवार (29 मई 2023) को भी ट्वीट किया। त्सेपल्को ने लिखा “हमारी जानकारी के अनुसार, लुकाशेंको मॉस्को के सेंट्रल क्लिनिकल हॉस्पिटल में कई दिन से हैं। लुकाशेंको की स्थिति और अस्पताल में रहने के बारे में हमें आखिरी जानकारी शनिवार को मिली थी। डॉक्टरों ने उन्हें हवाई जहाज से यात्रा करने के लिए मना किया था। इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें कब, कैसे और किस तरह मिन्स्क (बेलारूस की राजधानी) पहुँचाया गया था, क्योंकि डॉक्टरों ने नॉनडिस्क्लोजर पेपर पर हस्ताक्षर किए थे।”

इससे पहले त्सेपल्को ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा था, “शुरुआती जानकारी के अनुसार, लुकाशेंकों को पुतिन के साथ बंद कमरे में मीटिंग के बाद तत्काल मॉस्को के क्लिनिकल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल वह वहाँ चिकित्सकीय देखरेख में है। बेलारूस के राष्ट्रपति की गंभीर हालत के चलते ‘प्रमुख विशेषज्ञ’ उनकी देखरेख कर रहे हैं। उनका खून साफ किया जा रहा है। लुकाशेंको इस हालत में नहीं हैं कि उन्हें एक से दूसरी जगह ले जाया जा सके।”

वालेरी ने लुकाशेंको को जहर देने की आशंका भी जताई है। उन्होंने दावा किया कि बेलारूस के तानाशाह को बचाने के प्रयास इसलिए किए जा रहे हैं, ताकि किसी को शक न हो। पिछले कुछ समय से लुकाशेंको के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें चल रही हैं। इस महीने की शुरुआत में लुकाशेंको मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के तुरंत बाद रूस से निकल गए थे। उन्होंने पुतिन के साथ दोपहर का लंच भी नहीं किया था।

मैं मरने वाला नहीं हूँ दोस्तों: लुकाशेंको

वहीं, बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि लुकाशेंको काफी थके हुए दिख रहे थे और उनके दाहिने हाथ पर बैंडेज लगा हुआ था। हालाँकि, बाद में उन्होंने (लुकाशेंको) यह कहते हुए इन अफवाहों को खारिज कर दिया था, “अगर किसी को लगता है कि मैं मरने वाला हूँ, तो शांत हो जाइए। मैं मरने वाला नहीं हूँ दोस्तों। आपको आने वाले लंबे समय तक मेरे साथ संघर्ष करना होगा।”