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अवैध निर्माण हटाने का चला अभियान तो रातोंरात जुट गए 2000 मुस्लिम, मुस्तैद प्रशासन ने फिर भी नहीं रोकी कार्रवाई: गुजरात के जूनागढ़ का मामला

गुजरात के जूनागढ़ में ऊपरकोट किले के आसपास के इलाकों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। शुक्रवार (26 मई 2023) को शुरू हुआ अतिक्रमण विरोधी अभियान 27 मई की सुबह तक जारी रहा। इस दौरान कई अवैध मंदिरों, मजारों और दरगाहों को ध्वस्त किया गया। लेकिन स्थानीय मुस्लिम इसे मजहबी रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इस कड़ी में एक बैठक कर तय किया गया कि मुस्लिम समाज के 8 नेता ऊपरकोट का दौरा कर तोड़े गए मजहबी जगहों का मुआयना करेंगे।

दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई के बाद नरसिंह विद्या मंदिर में मुस्लिम समुदाय की एक बैठक हुई। जूनागढ़ नगर निगम के नगरसेवक (Corporator) वहाबभाई कुरैशी ने समाज के लोगों को अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद नरसिंह विद्या मंदिर के मैदान में मुस्लिम तबके की बैठक बुलाई गई।

26 मई की रात तकरीबन 2 बजे जूनागढ़ के नगरसेवकों अदरेमान भाई पंजा, आसिफ साँड, वहाब भाई कुरैशी के साथ भारी संख्या में मुस्लिम स्कूल परिसर में पहुँचे। इनमें स्थानीय मौलवी, मुफ्ती और मौलाना भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि 1500-2000 की संख्या में पहुँचे लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई भी प्रभावित करने की कोशिश की। लेकिन गुजरात पुलिस पहले से ही तैयार थी। प्रशासन ने भारी पुलिस बलों की तैनाती के बीच अपना अभियान जारी रखा।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नरसिंह विद्या मंदिर स्कूल में आयोजित मीटिंग में बैठक के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने ऊपरकोट जाकर जायजा लेने का निश्चय किया। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन से इजाजत भी माँगी गई। प्रशासन ने उनका निवेदन स्वीकार कर लिया है। डीएसपी हितेश धाँधल्या के अनुसार एसडीएम से चर्चा के बाद मुस्लिम समाज के लोगों को ऊपरकोट जाने का समय दिया जाएगा।

178 मजारों के साथ 11 मंदिरों पर भी हुई कार्रवाई

बता दें कि राज्य सरकार ने 70 करोड़ की लागत से जूनागढ़ स्थित ऊपरकोट किले का जीर्णोद्धार कराया है। इसे अब आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके पहले प्रशासन किले के आसपास के इलाकों को अवैध कब्जों से मुक्त करा रही है। शुक्रवार और शनिवार को चलाए गए अभियान में भारी पुलिस बलों की तैनाती के बीच 11 मंदिरों और 176 अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया गया।

पूरे ऑपरेशन के दौरान कमिश्नर, एसपी और कलेक्टर समेत सभी बड़े अधिकारी देर रात से सुबह तक मौजूद रहे। अतिक्रमण के खिलाफ इस अभियान को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया इसमें आठ से अधिक बुलडोजर समेत कई दूसरी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। जूनागढ़ की एसडीएम भूमि केशवाला ने मीडिया को जानकारी दी है कि वर्ष 1950 के बाद अवैध रूप से किए गए सभी निर्माणों को गिरा दिया जाएगा। अभियान शुरू कर दिया गया है और पूरा होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

ऊपरकोट में अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान को लेकर मुस्लिम पक्ष ने गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी दी है। मुस्लिम पक्ष ने इस पर तत्काल सुनवाई की माँग की है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने इस संबंध में प्रशासन को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 24 जुलाई को होनी तय हुई है, तब तक प्रशासन को किसी तरह की कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं।

काफी पुराना है किले का इतिहास

बता दें कि ऊपरकोट का किला राज्य सरकार द्वारा संरक्षित महत्वपूर्ण स्थान है। प्रशासन ने पिछले दिनों इस स्थान से अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था, जिसे अनसुना कर दिया गया। इस किले को मौर्य सम्राज्य के शासन काल में बनवाया गया था। गुप्त सम्राज्य के शासन तक किले की अहमियत बनी हुई थी। इसके बाद किले का पुनर्निर्माण जूनागढ़ स्टेट के दीवान हरिदास विहारीदास ने साल 1893-94 में करवाया था।

UP के बुलंदशहर में पकड़ा गया साहिल, कलावा बाँधकर घूम रहा था 16 साल की साक्षी का हत्यारा: अब्बा सरफराज से भी पूछताछ, नेटिजन्स बोले- एनकाउंटर करो

दिल्ली में साहिल (अब्बा का नाम सरफराज) ने 16 साल की लड़की की सरेआम हत्या कर दी, लोग तमाशबीन बन कर देखते रहे। रोहिणी स्थित शाहबाद डेयरी के पास हुई इस घटना का ‘राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)’ ने भी संज्ञान लिया है। उधर हत्यारे साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। साहिल ने साक्षी को लगभग 20 बार चाकू से गोदा, फिर एक भारी पत्थर से उसका चेहरा कुचल डाला। साहिल को उत्तर प्रदेश स्थित बुलंदशहर के पास से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ़्तारी के बाद साहिल की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें वो कलावा पहले हुए भी दिख रहा है। उधर मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NCW ने इस घटना का संज्ञान लिया है। संस्था ने इसे बॉयफ्रेंड द्वारा लड़की की क्रूर हत्या करार दिया। संस्था ने कहा कई ये वारदात न सिर्फ परेशान कर देने वाली है, बल्कि घृणित भी है। ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ इस बर्बर हत्याकांड की निंदा की है। NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस संबंध में दिल्ली के DCP को लिखा भी है।

NCW अध्यक्ष ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वो इस मामले में न्यायसंगत जाँच चलाए, जो तय समयसीमा के भीतर पूरी हो। NCW की सदस्य देलीना खोंगडुप के नेतृत्व में एक समिति का भी गठन किया गया है, जो इस मामले की अलग से जाँच करेगी। ये समिति न सिर्फ मृतका के परिजनों से मिलेगी, बल्कि जाँच कर रहे पुलिसकर्मियों से भी मुलाकात करेगी। आरोपों के सत्य पाए जाने पर सभ उचित धाराएँ FIR में लगाने की सलाह भी दिल्ली पुलिस को दी गई है।

दिल्ली भाजपा के नेता कपिल मिश्रा ने भी साहिल के हाथ में कलावा देख कर इसे ‘लव जिहाद’ करार देते हुए कहा है कि ये हिन्दू बेटियों के खिलाफ सुनियोजित हमला है। 20 साल का साहिल पेशे से मैकेनिक है। साहिल और साक्षी रिलेशनशिप में थे। उसके अब्बा सरफराज से भी पुलिस ने पूछताछ की है। साक्षी के शव के पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया है। साहिल अपना मोबाइल फोन बंद कर के भाग रहा था, लेकिन धरा गया। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि साहिल का एनकाउंटर किया जाना चाहिए, क्योंकि उसने जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।

उत्तर-पूर्व को भी मिली वन्दे भारत की रफ्तार, असम-मेघालय में 425 किमी रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण पूरा: PM मोदी बोले- इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण सच्चा सेक्युलरिज़्म

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोमवार (29 मई, 2023) को नॉर्थ ईस्ट को पहली मेड इन इंडिया ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन की सौगात दी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए असम से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इस खास मौके पर रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहें। यह ट्रेन असम के गुवाहाटी से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के बीच दौड़ेगी। साथ ही असम और बंगाल के बीच सदियों पुराने संबंधों को और मजबूत करेगी। इससे लोगों का सफर आसान होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट की रेल कनेक्टिविटी के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े तीन काम एक साथ हो रहे हैं। आज नॉर्थ ईस्ट को अपनी पहली मेड इन इंडिया वंदे भारत एक्सप्रेस मिल रही है। असम और मेघालय के लगभग 425 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर बिजलीकरण का काम पूरा हो गया है।

उन्होंने कहा कि गति के साथ-साथ भारतीय रेल आज दिलों को जोड़ने, समाज को जोड़ने और लोगों को अवसरों से जोड़ने का भी माध्यम बन रही है। ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत नॉर्थ ईस्ट के रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल बनाए गए हैं। ये ‘वोकल फॉर लोकल’ को बल दे रहे हैं। इससे हमारे स्थानीय कारीगर, कलाकार, शिल्पकार, ऐसे साथियों को नया बाजार मिला है।

‘हमारी सरकार ने सबसे ज्यादा गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी’

पीएम ने यह भी कहा, “बीते 9 साल, भारत के लिए अभूतपूर्व उपलब्धियों के रहे हैं। नए भारत के निर्माण के रहे हैं। कल (28 मई 2023) ही देश को आजाद भारत की भव्य-दिव्य आधुनिक संसद मिली है। ये भारत के हजारों वर्ष पुराने लोकतांत्रिक इतिहास को हमारे समृद्ध लोकतांत्रिक भविष्य से जोड़ने वाली संसद है। हमारी सरकार ने आने के बाद सबसे ज्यादा गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी। गरीबों के घर से लेकर महिलाओं के लिए टॉयलेट तक, पानी की पाइपलाइन से लेकर बिजली कनेक्शन तक, गैस पाइपलाइन से लेकर एम्स मेडिकल कॉलेज तक, रोड, रेल, जलमार्ग, पोर्ट, एयरपोर्ट, मोबाइल कनेक्टिविटी, हमने हर क्षेत्र में पूरी शक्ति से काम किया।”

‘इंफ्रास्ट्रक्चर जीवन आसान बनाता है’

पीएम मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर को सच्चा सेकुलरिज्म बताते हुए कहा, “इंफ्रास्ट्रक्चर सबके लिए है, समान रूप से है, बिना भेदभाव के है। इसलिए ये इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण भी एक तरह से सच्चा सामाजिक न्याय है, सच्चा सेकुलरिज्म है। आज भारत में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम की पूरी दुनिया में बहुत चर्चा हो रही है। क्योंकि यही इंफ्रास्ट्रक्चर तो जीवन आसान बनाता है। यही इंफ्रास्ट्रक्चर तो रोज़गार के अवसर बनाता है। यही इंफ्रास्ट्रक्चर तेज़ विकास का आधार है। यही इंफ्रास्ट्रक्चर गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी, ऐसे हर वंचित को सशक्त करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के इस काम से सबसे अधिक लाभ पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत को हुआ है।”

नॉर्थ ईस्ट के लोगों ने बड़ा नुकसान उठाया: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए आगे कहा कि अपने अतीत की नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए कुछ लोग कहते हैं कि पहले भी तो नॉर्थ ईस्ट में बहुत काम हुआ था। इन लोगों ने नॉर्थ ईस्ट के लोगों को मूल सुविधाओं के लिए भी दशकों तक इंतजार करवाया। इस अक्षम्य अपराध का बहुत बड़ा नुकसान नॉर्थ ईस्ट ने उठाया है।

बता दें कि 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत न सिर्फ लोकतंत्र का सबसे बड़ा देश है, बल्कि मदर ऑफ डेमोक्रेसी (लोकतंत्र की जननी) भी है। नए भवन को लेकर उन्होंने कहा था, “यह भवन आधुनिक सुविधाओं और नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित है। इसने 60,000 से अधिक मजदूरों को रोजगार दिया है। हमने उनकी कड़ी मेहनत का सम्मान करने के लिए एक डिजिटल गैलरी बनाई है।”

सिनेमा में ही नहीं होते जॉम्बी, अमेरिका में सड़क पर भी दिख रहे: Video में दिखे डरावने हालात, ‘ट्रांक’ महामारी के बारे में जानिए सब कुछ

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में लोग ‘ट्रांक’ (tranq) के खतरनाक नशे का शिकार हो रहे हैं। केंसिंग्टन की सड़कों पर लोगों को नशे की हालत में देखा जा सकता है। एक यूजर ने सबसे पहले टिक टॉक पर इसका वीडियो क्लिप शेयर किया था। इसके बाद से सोशल मीडिया पर ऐसे कई वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोगों को ज़ोंबी ड्रग्स के इस्तेमाल के बाद अजीबोगरीब व्यवहार करते देखा जा सकता है। इसके अलावा वीडियो में केंसिंग्टन के लोगों को ड्रग्स सूँघते, धूम्रपान करते और कुछ लोगों को अपने पैरों की ऊँगलियों पर इंजेक्शन लगाकर नशा करते हुए देखे जा सकता है।

क्या है ‘ट्रांक’

रिपोर्ट्स के अनुसार, Xylazine ड्रग या ‘ट्रांक‘ के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण अमेरिका के सामने खतरनाक ड्रग्स संकट खड़ा हो गया है। ‘ट्रांक’ को ‘ज़ोंबी ड्रग्स’ के रूप में भी जाना जाता है। शुरुआत में इसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की तरफ से जानवरों के इलाज में इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली थी। लेकिन धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल नशे के लिए ड्रग्स के रूप में होने लगा। ‘ट्रांक’ बहुत पावरफुल ड्रग्स है। इसका उपयोग हेरोइन, कोकीन और फेंटेनाइल ड्रग्स को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाता है।

फिलाडेल्फिया के स्वास्थ्य अधिकारियों ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि नशे की महामारी से शहर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, फिलाडेल्फिया डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड बोर्ड ऑफ हेल्थ ने कहा, “Xylazine ने फिलाडेल्फिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। ओवरडोज नशे से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ गई है। साथ ही इसे लेने वाले लोगों को गंभीर घाव भी हो सकते हैं, जो सेप्सिस और विच्छेदन (शरीर के किसी अंग का खराब होना) होने का कारण बन सकते हैं। ड्रग्स ओवरडोज महामारी पर नकेल कसने के लिए हम शहर के अन्य भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

इस बीच, कॉम्युनि​टी हेल्थ वर्कर्स का कहना है कि उन्होंने पहली बार ड्रग्स के कारण आँतों पर होने वाले प्रभाव को देखा है। नॉन प्रोफिट सैवेज सिस्टर्स की संस्थापक सारा लॉरेल ने कहा कि पिछले चार वर्षों में Xylazine का उपयोग बढ़ा है। वहीं, डिस्ट्रिक्ट अटार्नी लैरी क्रसनर पर ड्रग्स की स्थिति पर नकेल कसने में नाकाम रहने का आरोप लगाया जा रहा है। अपराधों पर अंकुश लगाने और ड्रग्स संकट से निपटने में विफल रहने के कारण 2022 में उनके खिलाफ महाभियोग चलाया गया था। हालाँकि, उनके महाभियोग ट्रायल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था।

कर्नाटक में ‘दादा जी’ को मंत्री बनाने के लिए 7 साल की पोती ने राहुल गाँधी को लिखा पत्र; इधर CM सिद्धारमैया ने वित्त अपने पास रखा, डिप्टी शिवकुमार को थमा दिया सिंचाई

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की सिद्धारमैया सरकार में कैबिनेट में विभागों का बँटवारा हो गया है। कर्नाटक कैबिनेट में कुल 34 मंत्री बनाए गए हैं। मंत्री पद न मिलने पर कुछ नेता नाराज भी बताए जा रहे हैं। नाराज विधायकों में सिरा विधानसभा सीट से विधायक टीबी जयचंद्र भी शामिल हैं। टीबी जयचंद्र की पोती ने राहुल गाँधी को खत लिखकर मंत्री बनाने की माँग की है। सात साल की बच्ची का यह खत सोशल मीडिया पर वायरल है।

शनिवार (27 मई, 2023) को कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। जिसमें 24 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। नए मंत्रियों में एक महिला भी शामिल हैं। अब मंत्रियों को उनके विभाग भी बाँट दिए गए हैं। सीएम सिद्धारमैया ने अपने पास वित्त विभाग (Finance Department), इनफॉर्मेशन, आईटी एवं बीटी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, इंटेलीजेंस डिपार्टमेंट रखा है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को बड़ा और मध्यम सिंचाई विभाग के साथ-साथ बेंगलुरु शहर विकास मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी गई है।

एचके पाटिल को कानून और संसदीय मामले, विधान, पर्यटन मंत्रालय मिला है। गुंडु राव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बनाए गए हैं। कृष्णा बायरेगौड़ा को राजस्व (मुजरई को छोड़कर) विभाग आवंटित किया गया है। गृह विभाग की जिम्मेदारी जी परमेश्वर को दी गई है। प्रियांक खड़गे को भी कैबिनेट में शामिल किया गाय है उन्हें ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

विधायक रुद्रप्पा लमानी, लक्ष्मण सावदी, सीनियर कॉन्ग्रेस नेता एम कृष्णप्पा, कृषणप्पा के विधायक बेटे प्रिया कृष्णा और टीबी जयचंद्र जैसे नेता मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से नाखुश बताए जा रहे हैं। टीबी जयचंद्र की नन्हीं पोती ने तो राहुल गाँधी को पत्र भी लिखा दिया। इस पत्र में उन्होंने अपने दादा को मंत्री बनाए जाने की माँग की। पत्र का स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल है।

कॉन्ग्रेस नेता की पोती ने लिखा, “डियर राहुल गाँधी, मैं टीबी जयचंद्र की पोती हूँ। मैं दुखी हूँ चूँकि मेरे दादा मंत्री नहीं बन सके, मैं चाहती हूँ कि मेरे दादा जी मंत्री बने क्योंकि वे एक सक्षम, मेहनती और दयालु व्यक्ति हैं।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कॉन्ग्रेस हाईकमान टीबी जयचंद्र को विधानसभा अध्यक्ष बनाने चाहती थी। लेकिन, उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया।

16 साल की साक्षी को साहिल ने 20 बार चाकू से गोदा, फिर पत्थर से सिर कुचल डाला: तमाशबीन बनी देखती रही दिल्ली, दिल दहलाने वाला CCTV

दिल्ली में एक लड़की की निर्मम हत्या का वीडियो सामने आया है, जो सिहरन पैदा करने वाला है। शाहबाद क्षेत्र में 16 साल की नाबालिग लड़की को उसके घर के बाहर मार डाला गया। रविवार (28 मई, 2023) को हुई इस घटना का CCTV वीडियो फुटेज भी सामने आया है। मृतका की पहचान साक्षी के रूप में हुई है। रोहिणी स्थित शाहबाद डेयरी के पास साहिल नाम के युवक ने उसे 20 बार चाकू घोंपा। इसके बाद उसे पत्थर से कुचल डाला।

हैरान करने वाली बात ये है कि जब ये हैवानियत हो रही थी, तब वहाँ आसपास गुजरने वाले लोग सब कुछ देख रहे हैं और कोई बीच-बचाव करने नहीं आया। वीडियो में देखा जा सकता है कि साहिल ने पहले साक्षी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किया, फिर पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। आरोपित और मृतका रिलेशनशिप में थे, ऐसा बताया जा रहा है। साक्षी घटना के समय अपनी दोस्त नीतू के बेटे के जन्मदिन की पार्टी अटेंड करने जा रही थी।

तभी साहिल अचानक से आ गया और उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया। घटना से एक दिन पहले साहिल और साक्षी के बीच भयंकर लड़ाई भी हुई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने हत्या की धारा में FIR दर्ज कर ली है। शाहबाद डेयरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। मृतका के पिता ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस मामले की जाँच के साथ-साथ आरोपित की धर-पकड़ के लिए प्रयास कर रही है। घटना के बारे में जान कर लोग स्तब्ध हैं।

ये घटना तब सामने आई है, जब एक दिन पहले ही कल्याणपुरी में एक 18 साल के लड़के को लड़कों के एक समूह ने मिल कर मार डाला। दिल्ली की DCP सुमन नलवा ने जानकारी दी है कि पुलिस टीम को जाँच के लिए लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपित की पहचान कर ली गई है और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपित की उम्र 20 साल बताई जा रही है। घटना जेजे कॉलोनी की है। ‘दिल्ली महिला आयोग (DCW)’ की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि उन्होंने इससे भयानक कुछ नहीं देखा।

38 दिन तक दी सारी सुविधा, फिर भी तोड़ते रहे कानून: अब जंतर-मंतर नहीं बनेगा पहलवानों का अखाड़ा, दिल्ली पुलिस ने किया क्लियर

दिल्ली पुलिस ने जंतर-जंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का धरना खत्म करा दिया। पुलिस का कहना है कि तमाम अनुरोधों के बाद भी पहलवानों ने कानून का उल्लंघन किया। पहलवानों ने पुलिस द्वारा रखी गई शर्तों का पालन नहीं किया। इसलिए अब उन्हें जंतर-मंतर में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। यदि वह कहीं और धरना करना चाहते हैं तो इसकी अनुमति दी जा सकती है।

समाचार एजेंसी एनआईए से हुई बातचीत में दिल्ली पुलिस आयुक्त सुमन नलवा ने कहा है, “पहलवान बीते 38 दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें वो सभी सुविधाएँ दीं हैं जो किसी भी सामान्य प्रदर्शनकारियों को नहीं दी जातीं। जनरेटर से लेकर तमाम तरह की सुविधाएँ पहलवानों को मुहैया कराई गईं। पहलवान लगातार धरना स्थल पर नहीं बैठ रहे थे, ये आते-जाते रहते थे। इनके शुभचिंतक वहाँ बैठे रहते थे।”

पुलिस आयुक्त ने कहा है कि 23 मई को हुए केंडल मार्च के लिए भी इन लोगों से लगातार बात की जा रही थी। पुलिस ने हाई सिक्योरिटी जोन के चलते वहाँ मार्च न निकालने के लिए कहा था। लेकिन पहलवान अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने वह भी करवाया। उन्होंने आगे कहा है कि 28 मई को नई पार्लियामेंट का उद्घाटन होना था। इसलिए वह दिन और समय बहुत महत्वपूर्ण था। इसलिए कानून व्यवस्था को देखते हुए कोई भी एजेंसी इस तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे सकती।

उन्होंने आगे कहा है कि पुलिस ने पहलवानों से बातचीत की। लेकिन उन्होंने कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया। इजाजत नहीं मिलने के बाद भी जब पहलवानों और उनके समर्थकों ने संसद भवन की ओर जाने की कोशिश की तो उन्हें हिरासत में लेना पड़ा। महिला पुलिसकर्मियों ने महिला पहलवानों को हिरासत में लिया। उस दौरान इन लोगों ने लेटकर और अन्य तरीके से तमाशे किए। हिरासत में लेने के बाद शाम को इन्हें छोड़ दिया गया। सारी सुविधाएँ मिलने के बाद भी इन लोगों ने जिस तरह की हरकतें की हैं उसके बाद ही इन लोगों को हिरासत में लेना पड़ा।


पुलिस आयुक्त सुमन नलवा ने आगे कहा है कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पुलिस ने पहलवानों के सामने कई शर्तें रखीं थीं। इनमें से एक भी शर्त पहलवानों ने नहीं मानी है। इसलिए यदि वह किसी और जगह पर प्रदर्शन करने की अनुमति माँगते हैं तो उन्हें अनुमति दी जा सकती है। लेकिन जंतर-मंतर पर उन्हें बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बता दें कि रविवार (28 मई 2023) को पहलवान अपने समर्थकों सहित नए संसद भवन की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान, पहलवानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने पहलवानों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर में लगे तंबू हटा दिए। हालाँकि देर शाम पुलिस ने पहलवानों को छोड़ दिया। लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पहलवानों व धरने में शामिल आयोजकों के खिलाफ दंगा करने के आरोप समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस ने पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट समेत अन्य पहलवानों प्रदर्शन के आयोजकों व अन्य लोगों के खिलाफ IPC की धारा 147 (दंगा करना), धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 186 (सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना), 188 (सरकारी कर्मचारी के विधिवत आदेश की अवहेलना), 332 (सरकारी कर्मचारी के साथ हिंसा करना) और 353 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए आपराधिक बल) तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की है।

पुलिस की स्टीकर वाली स्कॉर्पियों में गौवंश को लादकर ले जा रहे तस्कर, गोरक्षक मोनू मानेसर की टीम ने किया पीछा तो फायरिंग कर भाग निकले

हरियाणा के गुरुग्राम में गोलीबारी की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये गोलीबारी गोरक्षक मोनू मानेसर की टीम और गौ-तस्करों के बीच कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर सोमवार (29 मई, 2023) को हुई। गौ-तस्करी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में पुलिस का स्टीकर लगाए हुए थे। उनमें गायें भी थीं। गौरक्षकों की गोलियों से गौ-तस्करों की गाड़ी का टायर भी फट गया। गौरक्षकों ने पीछा किया तो पहले गौ-तस्करों ने ही गोलीबारी शुरू की थी।

चूँकि ये घटना तड़के सुबह हुई, इसीलिए सारे गौ-तस्कर हथियार लहराते हुए अँधेरे का फायदा उठा कर भागने में कामयाब रहे। उनकी गाड़ी से 3 गायें बरामद हुई हैं जिनका मुँह रस्सी से बाँध कर रखा गया था।गौ-तस्करों के पीछे लगे गोरक्षकों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। उन्हें सूचना मिली थी कि एक काले रंग की स्कॉर्पियो से गौ-तस्करी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने फर्रुखनगर क्षेत्र में नाकाबंदी की।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, जैसे ही KMP एक्सप्रेसवे पर स्कॉर्पियो दिखी, उसका पीछा किया गया। जब स्कॉर्पियो में बैठे गुंडे गोलीबारी करने लगे तो इधर से भी जवाबी फायरिंग की गई। टायर फटने के बावजूद गुंडे गाड़ी कई किलोमीटर तक भगाते रहे। पाटली के पास वो भाग निकले, जिसका वीडियो भी गौरक्षकों ने रिकॉर्ड कर लिया है। फर्रुखनगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुँची। जाँच में गाड़ी का नंबर फर्जी पाया गया है।

स्कॉर्पियो गाड़ी के शीशे भी पूरी तरह काले थे, ताकि अंदर कौन है और क्या रखा ये किसी को दिखाई नहीं दे सके। गाड़ी के अंदर पीछे वाली सीट हटा कर जगह बनाई गई थी। स्कॉर्पियो में गायों को कम जागर में जबरदस्ती ठूँस कर डाला गया था। तलाशी के दौरान गोलियों के दो खोल भी पुलिस ने बरामद किए हैं। सभी गायों को गोशाला भेज दिया गया है और पुलिस आगे की जाँच कर रही है। गौ-तस्करों की पहचान भी निकाली जाएगी।

‘द केरल स्टोरी’ दिखाई तो बम से उड़ा देंगे थिएटर: ISIS समर्थकों ने मॉरीशस में दी धमकी, कहा- सिनेमा देखना है, हम दिखाएँगे

मॉरीशस के एक थिएटर को द केरल स्टोरी की स्क्रीनिंग से पहले ISIS समर्थकों द्वारा धमकी भेजे जाने की खबर है। धमकी में कहा गया था कि थिएटर में कुछ बम लगाए जा रहे हैं जो शुक्रवार को फिल्म चलने पर ब्लास्ट होंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मॉरीशस के MCine थिएटर को भेजी गई धमकी में कहा गया, “सर/मैडम, MCine कल ध्वस्त हो जाएगा क्योंकि हमने तुम्हारे घटिया सिनेमा में कुछ बम लगाए हैं। तुम सिनेमा देखना चाहते हो न। हम तुम्हें कल बहुत अच्छा सिनेमा दिखाएँगे। हमारी बात याद रखा। बम प्लांट कर रहे हैं।”

बता दें कि एक ओर जहाँ ‘द केरल स्टोरी’ को विश्व भर में सराहा जा रहा है। वहीं दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी इसे देखकर भड़के हुए हैं। इसी क्रम में मॉरीशस के थिएटर को धमकी आई है। मेकर्स को थिएटर मालिक द्वारा भेजे गए पत्र में आईएसआईएस की धमकी के बारे में बताया गया है। मगर मेकर्स ने इस संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

बंगाल में भी थिएटर मालिकों को मिली थी धमकी

इससे पहले भारत में भी द केरल स्टोरी को लेकर बहुत बवाल हुआ है। बंगाल में इस फिल्म को रिलीज होने से रोक दिया गया था और थिएटर मालिकों को धमकी दी जा रही थी कि अगर उन्होंने फिल्म सिनेमाघरों में लगाई तो अंजाम बुरे होंगे। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लेने के बाद फिल्म की स्क्रीनिंग को हरी दिखाई। लेकिन स्थिति नहीं सुधरी।

ऐसे में फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल ने कहा था, “यह बिल्कुल चौंकाने वाली बात है कि फैसले के बाद बंगाल में सिनेमाघरों में पूरी तरह अवैध प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिनेमाघर मालिकों को पुलिस और प्रशासन से धमकी भरे फोन आ रहे हैं कि अगर उन्होंने बुकिंग स्टेशन खोल दिया तो उनका थिएटर सुरक्षित नहीं रहेगा।”

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कलेक्शन 200 करोड़ पार

उल्लेखनीय है कि धर्मांतरण और आतंकवाद पर बनी द केरल स्टोरी तमाम विरोधों के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। कलेक्शन की बात करें तो फिल्म रिलीज के चौथे हफ्ते तक द केरल स्टोरी ने 224 करोड़ कमा लिए हैं और इसी के साथ ये पहली फीमेल फिल्म बन गई है जिसने 200 करोड़ का आँकड़ा पार किया हो। ये फिल्म यूपी और मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री है।

वीर सावरकर के नाम से जाना जाएगा बांद्रा-वर्सोवा समुद्र सेतु: CM एकनाथ शिंदे का ऐलान, बोले – स्वातंत्र्य वीर से भयभीत हैं कुछ लोग, बंद हो सकती है उनकी दुकानें

स्वातन्त्र्य वीर सावरकर की जयंती पर महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा है कि बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक ब्रिज का नाम वीर सावरकर के नाम पर होगा। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को वीर सावरकर वीरता पुरस्कार दिए जाने का भी ऐलान किया।

दरअसल, रविवार (28 मई, 2023) को पूरा देश वीर सावरकर की 140वीं जयंती मना रहा था। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “वीर सावरकर जयंती को सरकार ‘वीर सावरकर गौरव दिवस’ के रूप में मना रही है। सरकार ने बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक का नाम बदलकर ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर बांद्रा-वर्सोवा समुद्र सेतु’ करने का फैसला किया है। अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को वीर सावरकर वीरता पुरस्कार देने का भी फैसला किया गया है।”

वहीं, इससे पहले दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए जानबूझकर वीर सावरकर का नाम बदनाम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को डर सता रहा है यदि सावरकर के विचार समाज में लोकप्रिय हो गए, तो उनकी दुकान बंद हो जाएगी। अंदाजा लगाइए कि ये लोग कितना अधिक भयभीत हैं। सावरकर के निधन के 57 साल बाद भी वे उनका विरोध करते जा रहे हैं।

बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक ब्रिज का नाम वीर सावरकर के नाम पर रखे जाने पर महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सीएम शिंदे के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही फडणवीस कहा है कि उन्होंने पत्र लिखकर इस बारे में माँग भी की थी।

देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर कहा “स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर मुंबई में बांद्रा-वर्सोवा ब्रिज का नामकरण ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर बांद्रा-वर्सोवा समुद्र सेतु’ करने की घोषणा करने के लिए मैं मुख्यमंत्री एकनाथराव शिंदे का हृदय से आभारी हूँ। 16 मार्च 2023 को मैंने पत्र के माध्यम से इस संबंध में माँग की थी।  हमारे महापुरुषों के कार्यों को नई पीढ़ी याद करती रहेगी और आने वाले कल के सशक्त भारत के लिए गौरवशाली पीढ़ियों का निर्माण करेगी।”