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‘मुस्लिम हूँ, हिजाब के नीचे कुछ नहीं पहना है’: चीखती अर्धनग्न महिला को पुलिस ने घसीट कर बाहर निकाला, कब्ज़ा ली थी संपत्ति

इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स में 2 पुलिस अधिकारियों को एक अर्धनग्न मुस्लिम महिला को जमीन पर घसीट कर घर से बाहर निकाल देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने इस संबंध में स्वतंत्र जाँच बिठाई थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है। ये घटना 18 नवंबर, 2022 को हुई थी। महिला को उक्त प्रॉपर्टी के मालिक ने निकाल दिया था, लेकिन इसके बावजूद वो घर खाली करने से लगातार इनकार कर रही थी।

फिर महिला को निकाल बाहर करने के लिए पुलिस को बुलाया गया। जब पुलिस वहाँ पहुँची, उस समय महिला ने अपने घुटने तक कोट पहन रखा था। वो जमीन पर बैठी हुई थी। ‘i News’ ने वीडियो फुटेज के आधार पर जानकारी दी है कि पुलिस ने पहले समझाया कि महिला को अच्छे से हटाया जाएगा और वो इस जगह को छोड़ दे। इसके बाद पुलिस ने घसीट कर बाहर करने की धमकी दी। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि महिला बाद में उसकी शिकायत सकती है।

पुलिस ने चेताया कि अगर महिला यहाँ रुकती है तो इससे शांति का उल्लंघन हो सकता है। जब पुलिस वालों ने महिला की बाँह पकड़ने की कोशिश की तो उसने कहा, “मैंने पैंट नहीं पहन रखी है। मैं एक मुस्लिम महिला हूँ और मैंने हिजाब पहन रखा है।” इसके बाद चीखती हुई अर्धनग्न मुस्लिम महिला को हथकड़ी पहना कर पुलिस ने घर से निकाल कर बाहर कर दिया। महिला ने कहा कि दो लोगों ने उसे जकड़ लिया और उसने नीचे कुछ नहीं पहन रखा था।

महिला ने कहा कि उसकी तरफ उँगली उठाने का भी अधिकार उन पुलिस वालों को नहीं है। उसने कहा कि वो अपमानित महसूस कर रही हैं। उसने कहा कि उसे पुलिस वालों को बताना पड़ा कि वो मुस्लिम है, इसीलिए उसे ले जाने से पहले पूरी तरह शरीर ढँकने दे। महिला ने मकान मालिक की संपत्ति में बैरिकेड डाल दिया था। पुलिस का कहना है कि मुस्लिम समाज के लिए ये एक मसला हो सकता है, इसीलिए वीडियो के आधार पर आगे की जाँच अच्छी तरह की जाएगी।

वोटिंग लिस्ट से 450 भाजपा समर्थकों के काटे गए नाम: दिल्ली MCD चुनावों के बीच सांसद मनोज तिवारी का आरोप, बताया- केजरीवाल सरकार की साजिश

दिल्ली नगर निगम चुनावों के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी पर बीजेपी समर्थकों के वोट काटने का इल्जाम लगाया है। मनोज तिवारी का दावा है कि आप ने शाहदरा के सुभाष मोहल्ला से 450 भाजपा समर्थक वोटरों के नाम वोटिंग लिस्ट से काट दिए हैं।

मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में आप सरकार ने साजिश के तहत वोटरों को एमडीसी चुनावों में वोट देने से रोका है। उन्होंने कहा कि वो इस संबंध में शिकायत करके चुनाव रद्द करने को कहेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, “सुभाष मोहल्ला वार्ड में 450 वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से डिलीट हैं क्योंकि वो बीजेपी को सपोर्ट देते हैं। ये दिल्ली सरकार की बहुत बड़ी साजिश है, हम शिकायत करेंगे और ये चुनाव रद्द करवाकर दोबारा चुनाव करवाने की अपील करेंगे।”

बता दें कि एक ओर जहाँ मनोज तिवारी ने कई वोटरों का नाम लिस्ट में न होने की बात कही है। वहीं कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने भी दल्लूपुरा में पोलिंग बूथ पर जाकर बताया कि उनका नाम न तो वोटिंग लिस्ट में है और न ही डिलीट हुई लिस्ट में। उनकी पत्नी को वोट देने दिया गया। लेकिन उनसे कहा गया कि वो वोट नहीं दे सकते। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने इसके पीछे बीजेपी का हाथ कहा है।

उल्लेखनीय है कि केवल भाजपा और कॉन्ग्रेस के अलावा सोशल मीडिया पर सामान्य जनता भी अपना नाम वोटिंग लिस्ट से काटे जाने की बातें कह रही है।

2 दिन में ही धड़ाम हुई आयुष्मान खुराना की ‘An Action Hero’, पिछली फिल्म फ्लॉप होने पर भारत को बताया था ‘होमोफोबिक सोच में डूबा हुआ देश’

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की फिल्म ‘एन एक्शन हीरो (An Action Hero)’ की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत बेहद खराब रही है। रिलीज के दूसरे दिन फिल्म की कमाई में सुधार के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन, फिल्म दर्शकों के लिए तरसती नजर आ रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि फिल्म के इस खराब प्रदर्शन के लिए आयुष्मान खुराना का वह बयान है, जिसमें उन्होंने भारत को होमोफोबिक बताया था।

दरअसल, आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ शुक्रवार (2 दिसंबर, 2022) को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। ओपनिंग डे पर फिल्म की कमाई 1.31 करोड़ रुपए थी। हालाँकि, ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि फिल्म वीकेंड पर अच्छी कमाई कर सकती है। लेकिन, अब शनिवार (3 दिसंबर, 2022) को फिल्म ने मात्र 2.16 करोड़ की कमाई की है।

इस प्रकार शुरुआती दो दिनों में ‘An Action Hero’ ने कुल मिलाकर 3.14 करोड़ रुपए की कमाई की है। इससे फिल्म के निर्माताओं को बड़ी निराशा हाथ लगी है। यदि आगामी 1-2 दिनों में फिल्म की कमाई में बड़ा सुधार नहीं आया तो आयुष्मान खुराना स्टारर यह फिल्म बड़ी फ्लॉप साबित हो सकती है।

गौरतलब है कि फिल्म समीक्षकों ने ‘An Action Hero’ को लेकर अच्छे रिव्यूज दिए थे। कई क्रिटिक्स ने तो फिल्म को 4 स्टार देते हुए बेहतरीन फिल्म करार दिया था। हालाँकि, अब तक सामने आए आँकड़े बताते हैं कि करीब 45 करोड़ रुपए की लागत वाली इस फिल्म को अपनी लागत निकालने में भी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। यही नहीं, हो सकता है कि फिल्म लागत भी न निकाल पाए।

भारत एक होमोफोबिक देश: आयुष्मान खुराना

सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चर्चा की जा रही है कि बॉयकॉट ट्रेंड न होने के बाद भी फिल्म की इस आफलता के पीछे फिल्म की स्टोरी और एक्टिंग के अलावा आयुष्मान खुराना का वह बयान है जिसमें उन्होंने भारत को होमोफोबिक कहा था।

दरअसल, गत माह आयुष्मान खुराना अपनी फिल्म ‘An Action Hero’ के प्रमोशन में जुटे हुए थे। इस दौरान उनसे उनकी पिछली फिल्म ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ के खराब बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर बात की गई थी। इस दौरान, एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, “हमारा भारत एक होमोफोबिक देश है। मैंने ऐसी फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की, जिनपर ज्यादातर एक्टर काम करना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य है कि ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा बिजनेस नहीं कर सकीं। इसकी असली वजह ये है कि हमारा देश अभी तक होमोफोबिक सोच में डूबा हुआ है।”

इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा था, “अगर मैंने रिस्क लेना छोड़ दिया तो दूसरों की तरह रूढ़ हो जाऊँगा, क्योंकि मुझे हमेशा से एकतरफा रहना ही पसंद है। मैं हिट या फ्लॉप की चिंता किए बिना उन प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहता हूँ, जिन्हें भविष्य में ले जाना सही है और मैं हमेशा उन्हीं सीमाओं को आगे धकेलता रहता हूँ। हालाँकि, मेरी फिल्में काफी कम बजट की होती हैं, जिनके फ्लॉप होने पर बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होता है। इसलिए, मैं रिस्क लेने से नहीं भागता।”

भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारी 3 महीने से क़तर की कैद में, कॉन्सुलर एक्सेस भी नहीं दे रहा: बोले नेवी चीफ- जल्द निकालेंगे हल

कतर (Qatar) की कैद में रखे गए भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों की रिहाई को लेकर नेवी चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने जल्द हल निकलने की उम्मीद जताई है। बता दें कि इन भारतीय अधिकारियों को कतर की खुफिया एजेंसियों ने पिछले तीन महीनों से अवैध रूप से कैद कर रखा है। वहीं, हिरासत में लिए गए एक ओमानी अधिकारी को रिहा कर दिया गया है।

एडमिरल हरि कुमार ने शनिवार (3 दिसंबर 2022) को कहा कि सभी 8 पूर्व अधिकारी नौसेना परिवार का हिस्सा हैं और उनकी रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नौसेना को इस मामले की पूरी जानकारी है। देश की सभी एजेंसियाँ उन्हें छुड़ाने के लिए लगी हुई हैं।

कतर की खुफिया एजेंसी State Security Bureau (SSB) की कैद में रखे गए इन पूर्व अधिकारियों से मिलने के लिए कान्सुलर एक्सेस भी नहीं दिया जा रहा है। भारत इन पूर्व अधिकारियों से मिलने की लगातार माँग कर रहा है। कतर के इस रूख से भारत के एक सैन्य शक्ति के रूप में उभार को गहरा आघात लगा है।

कतर की क्यों कैद में हैं पूर्व अधिकारी

नौसेना के ये सभी पूर्व अधिकारी कतर की राजधानी दोहा की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। ये कंपनी टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी का काम करती है। 30 अगस्त 2022 को कतर की खुफिया एजेंसियों ने इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में इन पूर्व अधिकारियों पर व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिडिल-ईस्ट की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी पूर्व अधिकारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया है। हालाँकि, कतर की तरफ से इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। 

भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त ये सभी अधिकारी पिछले 5 सालों से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी नाम की एक कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी मिडिल-ईस्ट में स्थित एक देश के मिलिट्री अधिकारी की बताई जाती है। यह कंपनी कतर की नौसेना को ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी देने का काम करती है।

जिन पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें पूर्व कमांडर पूर्णेन्द्रु तिवारी, पूर्व कमांडर नवतेज सिंह गिल, पूर्व कमांडर वीरेंद्र कुमार वर्मा, पूर्व कमांडर सुगुनाकर पकाला, पूर्व कमांडर संजीव गुप्ता, पूर्व कमांडर अमित नागपाल, पूर्व कैप्टन सौरभ वशिष्ठ और पूर्व कैप्टन गोपा कुमार हैं।

इन अधिकारियों के साथ ओमान के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खमीस अल अजमी को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, खमीस अल अजमी को 18 नवंबर 2022 को ही रिहा कर दिया गया, बाकी सभी भारतीय अधिकारियों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

भारत-कतर सुरक्षा संधि का उल्लंघन

भारत के पूर्व अधिकारियों को अवैध हिरासत में रखना और उन तक भारतीय दूतावास के अधिकारियों की पहुँच को रोकना भारत-कतर के बीच हुई सुरक्षा संधि का सीधा उल्लंघन है। दोनों देशों के बीच साल 2008 मेें एक संधि हुई थी। इस संधि को और अधिक विस्तार देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में भी जारी है।

इस संधि के तहत समुद्री प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और कतर को धमकी दिए जाने की स्थिति में भारतीय सेना भेजना शामिल था। इससे भारत का हिंद महासागर क्षेत्र और अदन की खाड़ी तक के जल क्षेत्र में पहुँच बढ़ी।

इसके साथ ही इस समझौते में रक्षा और अंतरिक्ष में कतर के साथ सहयोग के द्वार खोले, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करना और जनशक्ति प्रशिक्षण शामिल है। वर्तमान हालात जैसी विशेष स्थिति में नाविकों के प्रत्यर्पण की भी बात कही गई है। हालाँकि, अब कतर इस पूरे फ्रेमवर्क का ही उल्लंघन करता नजर आ रहा है।

भारत में वांछित जाकिर नाइक को कतर में मंच

अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद इनके परिजनों ने प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है। विदेश मंत्रालय कतर के साथ लगातार संपर्क में है और उस पर इन भारतीयों को छोड़ने का दबाव बना रहा है। बता दें कि पिछले कुछ समय से भारत और कतर के संबंधों कुछ कड़वाहट भी देखने को मिली है।

भारत में वांछित कट्टरपंथी जाकिर नाइक को कतर में आयोजित FIFA वर्ल्ड कप के दौरान वहाँ के सरकारी टीवी चैनल पर इस्लाम के बारे में तकरीर देने के लिए बुलाया गया। हालाँकि, भारत के ऐतराज के बाद कतर ने कहा था कि जाकिर को आधिकारिक तौर पर नहीं बुलाया गया है, लेकिन इस्लामिक मुल्क के सरकारी चैनल पर वहाँ के सत्ता की जानकारी के बिना नहीं बैठाया जा सकता।

‘राजनीतिक मकसद के लिए हो रहा फिल्म फेस्टिवल का इस्तेमाल’: नादव लैपिड के समर्थन में उतरे IFFI जूरी के 3 अन्य विदेशी सदस्य, ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर थम नहीं रही रार

गोवा में आयोजित ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI)’ की जूरी के मुखिया नादव लैपिड ने जिस तरह से मंच से खुलेआम ‘द कश्मीर फाइल्स’ को भद्दी और प्रोपेगंडा फिल्म बता दिया, उसके बाद से ही सवाल उठ रहे थे कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गोवा सरकार ने आखिर कैसे इस तरह के व्यक्ति को इस पद के लिए चुना। अब जूरी के अन्य सदस्यों ने भी इजरायली फ़िल्मकार नादव लैपिड का समर्थन करना शुरू कर दिया है।

IFFI जूरी के 3 सदस्यों ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ के विरोध में नादव लैपिड के बयान का समर्थन किया है। इस जूरी में भारत के एकमात्र सदस्य सुदीप्तो सेन अब भी कह रहे हैं कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर नादव लैपिड का बयान उनका व्यक्तिगत था और इसका IFFI से कोई लेनादेना नहीं है। अमेरिकी फिल्म निर्माता जिन्को गोटोह, फ्रेंच फिल्म एडिटर पास्कल चवांसे और फ्रेंच डॉक्यूमेंट्री फ़िल्मकार जेवियर अंगुलो बरटुरेन ने ट्विटर पर बयान जारी किया है।

53वें IFFI जूरी के इन तीनों ही सदस्यों ने इस बयान में नादव लैपिड का समर्थन किया है। हालाँकि, गोटोह के जिस ट्विटर हैंडल से ये बयान प्रकाशित हुआ वो वेरिफाइड नहीं है। इसमें उन्होंने लिखा है कि जूरी ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को कोई अवॉर्ड नहीं दिया और केवल 5 फिल्मों को ही अवॉर्ड दिया गया। इस निर्णय को सर्व-सम्मति से हुआ फैसला बताया गया है। उन्होंने बताया कि ‘नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NDFC)’ और फिल्म फेस्टिवल के प्रशासन की अनुमति के बाद ही ऐसा किया गया।

तीनों ने दावा किया है कि फिल्म के कंटेंट के आधार पर वो कोई राजनीतिक पक्ष नहीं ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ये सिर्फ कला के लिहाज से दिया गया बयान है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म फेस्टिवल का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है और नादव लैपिड पर व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं। वहीं सुदीप्तो सेन का कहना है कि जूरी के लोग इस तरह एक खास फिल्म को निशाना नहीं बना सकते। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया जा रहा है तो ये ‘व्यक्तिगत एजेंडा’ ही कहलाएगा।

‘गुजरात के सभी मुस्लिम एकजुट होकर कॉन्ग्रेस के लिए करें वोट’: जामा मस्जिद के शाही इमाम ने जारी किया ‘फतवा’, कहा – राज्य में तीसरी पार्टी के लिए जगह नहीं

गुजरात विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अहमदाबाद की जामा मस्जिद के शाही इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी ने मुस्लिमों से एकजुट रहने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने 2012 की याद दिलाई, जब एक मुस्लिम बहुल सीट से भाजपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा शाही इमाम ने बताया कि मुस्लिमों को एक हो कर वोट डालने के प्रयास सोशल मीडिया से भी किए जा रहे हैं। शब्बीर अहमद ने ये बयान शनिवार (3 दिसंबर, 2022) को दिया है।

‘ABP न्यूज़’ से बात करते हुए इमाम शब्बीर ने बताया कि मुस्लिमों के वोटों के बँटवारे के चलते साल 2012 में अहमदाबाद की जमालपुरा सीट पर भी भाजपा ने कब्ज़ा जमा लिया था। इमाम के मुताबिक, इसकी वजह मुस्लिम वोटों का आपस से विभाजन था। इस बार को लेकर शब्बीर ने कहा है कि मुस्लिम उसी को जिताएँ जो उनका प्रतिनिधित्व करता हो। खुद शब्बीर भी दूसरे, यानी कि अंतिम चरण के चुनाव में 5 दिसंबर, 2022 को अपना वोट अहमदाबाद में डालेंगे।

साल 2012 में जमालपुरा सीट से कॉन्ग्रेस पार्टी ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारा था। उनके विरोध में एक स्थानीय नेता साबिर काबलीवाला भी चुनाव लड़े थे। काबलीवाला को लगभग 30 हजार वोट मिले थे। इस खींचतान में भाजपा प्रत्याशी ने 6000 वोटों से जीत दर्ज कर ली थी। एक बार फिर से काबलीवाला उसी जमालपुरा से चुनावी मैदान में हैं। इस बार वो ओवैसी की पार्टी AIMIM से प्रत्याशी हैं।

ओवैसी की पार्टी की गुजरात चुनावों में एंट्री पर सवाल खड़े करते हुए इमाम शब्बीर ने पूछा कि वो विधानसभा में क्या करने जा रहे हैं? बकौल शाही इमाम, मुस्लिमों की भाजपा से दुश्मनी है तो ऐसे समय पर उन्हें कॉन्ग्रेस से भी शत्रुता नहीं करनी चाहिए। इमाम ने खुले तौर पर मुस्लिमों से एकजुट हो कर कॉन्ग्रेस को वोट देने की अपील की। इमाम की इस बयानबाजी पर भाजपा उम्मीदवार भूषण अशोक मित्तल ने ऑपइंडिया से बात की।

मित्तल ने कहा कि मुस्लिम समझ चुके हैं कि कॉन्ग्रेस उन्हें वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। भाजपा प्रत्याशी ने आगे कहा कि ऐसे में कॉन्ग्रेस के पास अपने वोट बैंक को बचाने के लिए सीमित विकल्प ही बचे हैं।

‘इसी क्षण मैं कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ती हूँ’: ‘जो राम को लाए हैं’ भजन सुन भावुक हुईं पंजाब की पार्षद, छोड़ा हाथ का साथ

पंजाब के लुधियाना में कॉन्ग्रेस की पार्षद राशि अग्रवाल ने एक भजन संध्या के बाद मंच से अपनी पार्टी को छोड़ने का ऐलान कर दिया। राशि अग्रवाल ने लुधियाना के जगरावां ब्रिज के पास दुर्गा माता मंदिर में कन्हैया लाल मित्तल का मशहूर गाना ‘जो राम को लाए हैं हम उनको लाएँगे’ सुनने के बाद यह फैसला लिया।

कार्यक्रम के बाद राशि ने मंच पर जाकर कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी से मैं पार्षद के रूप में सेवा कर रही हूँ। आज इस मंच से मैं उद्घोषणा करती हूँ… मेरा शरीर यहाँ था, मेरा हृदय जहाँ था, आपने मेरा वो स्नेह, वो प्रेम, वो देशभक्ति का जज्बा आपने उजागर कर दिया है। इसी क्षण मैं कॉन्ग्रेस पार्टी से त्याग पत्र देती हूँ।”

अपने ऐलान के बाद उन्होंने कहा, “जो राम को लाए हैं हम उनको लाएँगे। मेरे मोहन की बातें मैं जानूँ या वो जाने और सारे जहाँ से प्यारी मेरी भारत की नारी…। अहो भाग्य राम मानव तन पाया, उस पर राम नाम जब गाया, पाकर राम नाम धनराशि, घोर विपद अविनाशी। जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएँगे।”

कॉन्ग्रेस पार्षद द्वारा इस प्रकार राम नाम सुनकर पद छोड़ने का ऐलान सुनकर कन्हैया मित्तल बोले- “मैंने बहुत जिंदगी देखी लेकिन एक क्षण में पद छोड़ना कभी नहीं देखा।” उन्होंने पूर्व सीएम कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा, “कल्याण जी ने भगवान राम के लिए पद छोड़ा। आपने भी भगवान राम के लिए पद छोड़ा है। आज हम राम मंदिर की बात करते हैं तो कल्याण सिंह याद आते हैं। हमें योगी-मोदी पर यकीन है लेकिन जो कल्याण सिंह जी ने किया, जो कोठारी भाइयों ने किया, वही आपने आज किया। मैंने हमेशा कहा है कि मैं भाजपा के लिए नहीं गाता मैं भगवान राम के लिए गाता हूँ। मैं श्याम दल और राम दल से जुड़ा हूँ।”

बता दें कि राशि को साल 2018 में पार्षद चुना गया था। अगले चुनाव 2023 में होने हैं। अभी भाजपा या कॉन्ग्रेस ने राशि द्वारा दिए त्याग पत्र पर कोई बयान नहीं दिया है। अगर इस संबंध में कोई बयान आता है तो इसे स्टोरी में जोड़ा जाएगा। फिलहाल ये वीडियो कन्हैया मित्तल ने शेयर की है। उन्होंने उन्हें हिंदू शेरनी कहा और बताया कि कैसे उन्होंने जो राम को लाए हैं सुनते ही पद छोड़ दिया।

‘शराब का ठेकेदार, केजरीवाल का दारूबाज’ : AAP प्रत्याशी ने शर्टलेस होकर जारी की Video, BJP ने कहा- नतीजों से पहले खुद को पार्षद समझ लिया

देश की राजधानी दिल्ली में MCD चुनावों के लिए वोटिंग जारी है। सभी पार्टियों के एक-दूसरे पर चल रहे आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच भाजपा ने आम आदमी पार्टी के एक प्रत्याशी का बिना शर्ट के वीडियो जारी किया है। आरोप है कि वीडियो में आप प्रत्याशी अमरजीत छिल्लर दिखाई दे रहे हैं जिन्होंने वसंत कुञ्ज से अपनी दावेदारी ठोकी है। भाजपा ने छिल्लर पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया है।

दिल्ली भाजपा के ट्विटर हैंडल से 3 दिसम्बर 2022 (शनिवार) को इस वीडियो को शेयर किया। ये वीडियो 25 सेकेण्ड का है। वीडियो में भाजपा ने कैप्शन दिया, “शराब के ‘ठेके-दार’ केजरीवाल साहब, ये है आपका पढ़ा-लिखा दारूबाज़ प्रत्याशी।” इस वीडियो के ऊपर हिस्से में लिखा है, “वसंत कुञ्ज वार्ड के आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अमरजीत छिल्लर दारू के नशे में खुद को बिना रिजल्ट आए पार्षद घोषित कर दिया है।”

वीडियो में छिल्लर के साथ कुछ अन्य लोग भी दिखाई दे रहे हैं। उसमें से कुछ लोगों ने छिल्लर की तरह शर्ट नहीं पहनी है। यह वीडियो रात में बनाया गया है जिसमे अमरजीत 360 डिग्री घुमा कर बना रहे हैं। इस वीडियो में छिल्लर को ‘एक तू ही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल’ वाला गाना गाते सुना जा सकता है। पीछे की तरफ स्विमिंग पुल दिखाई दे रहा। पीछे खड़े लोगों ने छिल्लर से पार्षद बनने का टाइम पूछा तो जवाब मिला, “बहुत जल्द’। आप प्रत्याशी के हाथ में एक फाइबर का ग्लास भी नजर आ रहा है जिसमें कुछ तरल पदार्थ है। भाजपा के मुताबिक ये दारू का ग्लास है।

पैसे भी बाँटने का आरोप

वहीं दिल्ली भाजपा द्वारा ही शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में आप पार्टी के 2 नेताओं पर पैसे बाँटने का आरोप लगाया गया है। इन दोनों नेताओं के नाम विजेंद्र गर्ग और दुर्गेश पाठक बताए जा रहे हैं। भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर हार के डर से बौखलाहट का आरोप भी लगाया है।

भाजपा के अनुसार रात में जब चुनाव आयोग की नियमावली के चलते प्रचार बंद हो गए थे तब आप पार्टी के लोग उन नियमों का उललंघन कर रहे थे। वीडियो में पुलिस दोनों नेताओं को रोकते दिखाई दे रही है। वीडियो बनाने वाला विजेंद्र गर्ग से ऐसा न करने की अपील कर रहा है।

विजया गाड्डे पर चलाओ देशद्रोह का मुकदमा: ट्विटर की पूर्व लीगल हेड की गिरफ्तारी की उठी माँग, मनमाने ढंग से करती थीं सेंसरशिप, US चुनावों में भी दखलअंदाजी की

सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर (Twitter) के नए मालिक एलन मस्क (Elon Musk) द्वारा ‘द ट्विटर फाइल्स’ (The Twitter Files) का खुलासा करने के कुछ घंटों बाद अमेरिका के लोगों ने कंपनी की पूर्व कानूनी प्रमुख विजया गाड्डे (Vijaya Gadde) की गिरफ्तारी की माँग शुरू कर दी।

‘द ट्विटर फाइल्स’ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के बेटे हंटर बिडेन की रिपोर्ट को सेंसर करने से संबंधित इंटरनल कम्युनिकेशन शामिल हैं। इस खुलासे के बाद स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया कंपनी में विजया गाड्डे नियमों की आड़ में मनमाने ढंग से सेंसरशिप लगाती थीं।

कंपनी में रहते हुए विजया गाड्डे ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस (White House) की प्रवक्ता केलीघ मैकनेनी के अकाउंट को बंद करने के फैसले को सही ठहराया था। उस दौरान विजया ने ‘हंटर बिडेन स्टोरी’ सेंसर को तर्कसंगत बनाने की भी कोशिश की थी। अगर उस रिपोर्ट को सेंसर नहीं किया गया होता तो 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों का परिणाम शायद कुछ अलग होता।

याद रहे कि विजया गाड्डे पर चाइल्ड पोर्न को हटाने से इनकार करने का आरोप लगाया गया था, जबकि पीड़िता के माता-पिता ने इसे हटाने की गुहार लगाई थी। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) को ट्विटर से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

ट्विटर के पूर्व कानूनी प्रमुख विजया गाड्डे को एलन मस्क ने बर्खास्त कर दिया गया था। अब अमेरिका के लोग उनके कामों के लिए जेल की सजा की माँग कर रहे हैं। रिबेल न्यूज (ऑस्ट्रेलिया) के प्रमुख एवी येमिनी ने लिखा, “विजया गाड्डे चुनावी दखल के लिए जेल में होनी चाहिए।”

अमेरिकी मीडिया हस्ती कैटलिन जेनर ने ट्वीट किया, “जाँच हो, समन भेजा जाए, अभियोग लगाया जाए और देशद्रोह के लिए विजया गाड्डे पर आपराधिक मुकदमा चले!”

लाउड प्रॉफिट्स के सीईओ विक डेग्राममोंट ने पूछा, “विजया गाड्डे को जेल जाने में कितना समय लग सकता है?”

लोकप्रिय ट्विटर यूजर जॉन कर्टिस ने कहा, “हम सभी बहुत पहले से जानते थे कि विजया गाड्डे जैसे लोगों को ट्विटर में इतने शक्तिशाली पद पर नहीं, बल्कि जेल की कोठरी में होना चाहिए।”

यहाँ यह भी उल्लेख करना आवश्यक है कि ट्विटर के ट्रस्ट एंड सेफ्टी विभाग के पूर्व प्रमुख योएल रोथ ने भी हंटर बिडेन की रिपोर्ट को प्रतिबंधित करने को सही ठहराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था, “नीतिगत आधार हैक की गई सामग्री है। यह सामने आई ऐसी स्थिति है, जहाँ तथ्य अस्पष्ट हैं। यहाँ गंभीर जोखिमों और 2016 के सबक को देखते हुए हम इस सामग्री को रोकने के लिए एक चेतावनी शामिल कर रहे हैं।”

पॉल ए स्ज़ीपुला ने ट्वीट किया, “योएल रोथ ने कथित तौर पर एक प्रकटीकरण दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करके FEC से झूठ बोला था, जिसमें कहा गया था कि इंटेल अधिकारियों ने ट्विटर से कहा था कि हंटर बिडेन को हैक किया गया था। ट्विटर फाइलों का कहना है कि सरकार ने रोथ को चेतावनी नहीं दी थी और न्यूयॉर्क पोस्ट की हंटर कहानी को विजया गाड्डे द्वारा सेंसर कर दिया गया था। रोथ और गाड्डे जेल में होने चाहिए।”

एक ट्विटर यूजर ने हिलेरी क्लिंटन के साथ विजया गाड्डे की एक तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “अब यह सब समझ में आता है। आपको देशद्रोह के लिए जेल में रहने की जरूरत है।”

‘हंटर बिडेन स्टोरी’ और विवाद की पृष्ठभूमि

साल 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों से पहले न्यूयॉर्क पोस्ट ने हंटर बिडेन और यूक्रेनी गैस कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के बीच ईमेल के बारे में विस्फोटक कहानी प्रकाशित की। अपनी रिपोर्ट में समाचार आउटलेट ने आरोप लगाया कि उसने एक क्षतिग्रस्त मैकबुक से सामग्री प्राप्त की थी, जिसे मरम्मत के लिए सेवा केंद्र में लाया गया था। लैपटॉप लाने वाले ग्राहक उस लैपटॉप को लेने के लिए दोबारा नहीं आया।

दुकान के मालिक ने कहा कि उसने बार-बार ग्राहक से संपर्क करने की कोशिश की। हालाँकि वह मालिक को हंटर बिडेन के रूप में नहीं पहचान सके। उन्होंने कहा कि लैपटॉप पर ब्यू बिडेन फाउंडेशन का स्टिकर था। रिपोर्ट में कई दस्तावेज थे और एक वीडियो का जिक्र था, जिससे साबित होता है कि जो बाइडेन यूक्रेन के एक हाई-प्रोफाइल बिजनेसमैन से मिले थे और उस समय वे अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे।

रिपोर्टों में कहा गया था कि जो बाइडेन ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति के रूप में यह मुलाकात करके यूक्रेन स्थित व्यवसाय में अपने बेटे हंटर के प्रभाव को स्थापित करने में मदद की थी। बाइडेन कैंप ने उस दौरान सभी आरोपों का खंडन किया था। शुरू में वामपंथी और उदारवादी गिरोह ने रिपोर्ट को फर्जी बताकर खारिज कर दिया, लेकिन अंततः यह पुष्टि हो गई कि लैपटॉप की सामग्री वास्तव में हंटर बिडेन की थी।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट पर प्रतिबंध के बाद ट्विटर ने कार्रवाई को यह कहते हुए उचित ठहराया था कि उसकी नीतियाँ चुराई गईं जानकारियों को साझा करने से रोकती हैं। चुनाव खत्म होने और जो बाइडेन को राष्ट्रपति घोषित किए जाने के बाद स्पष्ट हो गया कि न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट सच थी।

यूनुस के लिए सरिता से सईदा बनी हिन्दू लड़की… 2 साल बाद मौत: परिवार ने जताई हत्या की आशंका, हिंदू संगठनों का विरोध; पुलिस ने आरोप नकारे

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक युवती की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि हिन्दू परिवार में जन्मी युवती ने 2 साल पहले यूनुस नाम के व्यक्ति से निकाह कर लिया था। निकाह के बाद वो सरिता से सईदा बन गई थी। मृतका के पिता ने अपनी बेटी की यूनुस के परिवार द्वारा हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। हिन्दू संगठनों ने भी इस घटना को लव जिहाद का नाम दिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की मौत दिमागी बुखार के चलते हुई है।

पीड़िता के पिता के मुताबिक आरोपित 2 साल पहले उनकी बेटी को कुछ खिला-पिता कर अपने साथ ले गया था। तब से मृतका यूनुस के परिवार में ही रहती थी। एक वीडियो जारी करते हुए लड़की के पिता ने न्याय की माँग की है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित परिजनों ने यह भी बताया है कि आरोपित यूनुस के पास उनकी बेटी का आपत्तिजनक वीडियो था जिसके आधार पर उसने पीड़िता को ब्लैकमेल किया था। शिकायत में यूनुस द्वारा लड़की के गर्भपात का भी आरोप लगाया गया है। यूनुस के साथ उसके अब्बा सद्दीक और गुफरान के बेटे खालिक को भी प्रार्थना पत्र में नामजद किया गया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

घटना मछरेहटा थानाक्षेत्र की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता को शुक्रवार (2 दिसम्बर 2022) को दिमागी बुखार बता कर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अगले दिन शनिवार (3 दिसंबर 2022) को पीड़िता ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद हिन्दू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। सीतापुर के ही बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि ने स्थानीय SHO को कटघरे में खड़ा करते हुए एक मुस्लिम कांस्टेबल भेज कर आरोपितों की मदद करने का आरोप लगाया है।

सीतापुर पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता की मौत की वजह दिमागी बुखार होना आया है। मृतका का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। फिलहाल इस मामले में कोई FIR या गिरफ्तारी नहीं की गई है।