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‘धर्मान्तरण करवाने पर ₹15 लाख मिलते हैं… तुम दे दो, हम लड़की छोड़ देंगे’: राजस्थान में हिन्दू लड़की का अपहरण, 5 साल में कई बार रेप, पिता ने करवाई FIR

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में लव जिहाद और धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक पर आरोप है कि उसने एक व्यापारी की बेटी का पहले अपहरण किया फिर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए। बाद में पीड़िता को ब्लैकमेल किया और और उसके साथ गैंगरेप भी हुआ। नाबालिग लड़की के घर वालों का आरोप है कि मुस्लिम युवक ने हिन्दू लड़की के धर्म परिवर्तन पर 15 लाख रुपए मिलने की बात कबूली है। महिला थाना पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर के मुताबिक पीड़िता के परिजनों ने पुलिस शिकायत में बताया है कि उनकी बेटी का पीछा 14 साल की उम्र से किया जा रहा है। इस दौरान आरोपित लड़की को परेशान किया करता था। इन हरकतों के बीच आरोपित ने पीड़िता का मार्च 2021 में अपहरण कर लिया। लड़की के घर वालों ने अपनी तमाम कोशिशों से उसे आरोपित के चंगुल से आज़ाद करवाया। बाद में 14 जून 2022 को एक बार फिर से आरोपित ने पीड़िता का अपहरण किया। लड़की के घर वालों ने इस बार भी जैसे-तैसे पीड़िता को मुक्त करवाया।

दी गई शिकायत में आगे बताया गया है कि अब उनकी बेटी 18 साल की हो गई है। इस बीच आरोपित ने 19 अक्टूबर 2022 को तीसरी बार पीड़िता का अपहरण कर लिया। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तमाम कोशिशों के बाद लड़की को बरामद किया। लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया जहाँ से वो अपने माता-पिता के पास आ चुकी है। लड़की के परिजनों के मुताबिक पीड़िता को आरोपितों की तरफ से धमकियाँ मिल रही हैं। आरोपितों के पक्ष में पीड़िता के बयान की यही वजह बताई जा रही है।

लड़की के घर वालों ने आगे बताया कि आरोपित ने पिछले 5 वर्षों से लगातार पीड़िता से दुष्कर्म किया है। इस दौरान एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए लड़की के घर वालों ने कहा कि आरोपित ने उनकी बेटी को छोड़ने के लिए 15 लाख रुपयों की डिमांड भी की है। पीड़िता के पिता ने इस पैसे को आरोपित द्वारा हिन्दू लड़की के धर्मान्तरण के बाद मिलने वाला बताया है। हालाँकि ये पैसे आरोपित को कौन देता है इसकी जानकारी पीड़ित परिवार द्वारा नहीं दी गई।

इस मामले में पुलिस की जाँच के मुताबिक आरोपित ने नाबालिग से आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में शादी की थी। बताया जा रहा है कि आरोपित ने विवाह का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया है। इन्ही कागजातों के आधार पर आरोपित ने लड़की द्वारा हाईकोर्ट में पुलिस सुरक्षा लेने की याचिका लगाई थी। पुलिस इस धोखाधड़ी की भी जाँच में जुटी है। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले में पुलिस के रवैये की आलोचना की है।

बिन हिजाब क्लाइंबिंग करने वाली एलनाज रेकाबी का घर ईरान में ध्वस्त: Video में दिखा मलवा, जमीन पर मेडल्स बिखरे मिले

साउथ कोरिया के सियोल में बिन हिजाब के स्पोर्ट क्लाइंबिंग (खेल चढ़ाई) करने वाली ईरान की एलनाज रेकाबी अक्टूबर से चर्चा में थीं। लोग हिजाब विरोधी प्रदर्शन में उनका योगदान देख उनकी सराहना कर रहे थे। हालाँकि अब खबर है कि ईरानी प्रशासन द्वारा उनका घर ध्वस्त कर दिया गया है।

घटना की वीडियो सीएनएन ने साझा की। इस फुटेज में देखा गया कि कैसे उनके घर का मलवा जमीन पर पड़ा है और साथ में ढेरों मेडल हैं जो जमीन पर पड़े, बाल्टी में रखे नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति इस वीडियो को बनाते हुए समझा रहा है कि आखिर मामला क्या है। वीडियो में एलनाज के भाई व चिह्नित क्लाइंबर दाऊद हैं जिन्होंने इस खेल में कई मेडल जीते हैं।

तसनीम न्यूज एजेंसी का इस मामले पर कहना है कि ये ध्वस्तीकरण उससे पहले ही हुआ था जब रेकाबी ने साउथ कोरिया में बिन हिजाब भाग लिया था। न्यूज एजेंसी के अनुसार, ये बात सच है कि रेकाबी का घर तोड़ा गया मगर उसका कारण साउथ कोरिया में हुई प्रतियोगिता नहीं बल्कि घर बनवाने के लिए न ली गई वैध अनुमति है। परिवार को 4,700 डॉलर के करीब फाइन भी देना पड़ा था।

याद दिला दें कि अक्टूबर महीने में रेकाबी भले ही बिन हिजाब के प्रतियोगिता में उतरने के लिए चर्चा में आई थीं, लेकिन उनके ईरान लौटने के बाद उन्होंने दावा किया कि उनका हिजाब गलती से गिर गया था और वो इसके लिए माफी माँगती हैं। उनकी इस माफी के बाद सूत्रों के हवाले से कयास लगे थे कि शायद उनसे ये जबरदस्ती कहलवाया गया हो। उनके ऊपर ईरानी सरकार का दबाव हो।

ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन

बता दें कि ईरान में सितंबर के बाद से हिजाब विरोधी प्रदर्शन चल रहा है। 16 सितंबर को वहाँ महसा अमिनी की हत्या हुई थी। इसके बाद से गुस्साई जनता सड़कों पर आ गई और ईरानी प्रशासन के विरुद्ध सड़कों पर आवाज बुलंद करने लगी। कई ऐसी वीडियोज देखी गई थी जिसमें लड़कियाँ अपने बाल काट रही थीं, अपने हिजाब को जला रही थी।

ईरान के इस प्रदर्शन का असर विश्व भर में देखने को मिला था। दुनिया भर के सेलीब्रिटी इन औरतों के समर्थन में आए थे और केवल हिजाब ढंग से न पहनने पर हुई महसा की हत्या को खुलकर गलत बताया था।

बंगाल में BJP की रैली में TMC समर्थकों का हमला, सैकड़ों गाड़ियों में लगाई आग: सुवेंदु अधिकारी बोले- हमले में कई महिलाएँ घायल, 1 लापता

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की सरकार में राजनीतिक हिंसा रूकने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर विपक्षी दल भाजपा (BJP) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के खिलाफ फिर हिंसा करने का मामला सामने आया है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की शनिवार (3 नवंबर 2022) को दक्षिण 24 परगना जिले में रैली थी। रैली में आए भाजपा कार्यकर्ताओं पर टीएमसी समर्थकों ने हमला कर दिया। उन्होंने भीड़ पर पथराव किया और कई दोपहिया वाहनों में आग लगा दी।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस दौरान TMC के कार्यकर्ताओं ने 100 से अधिक कारों को तोड़ दिया, 150 महिला श्रमिकों पर हमला किया गया। इनमें से 50 से अधिक महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक महिला अभी भी लापता है। कुछ लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है।

शुभेंदु ने कहा कि भाजपा विधायक उमिका राय सहित लगभग 20,000 कार्यकर्ताओं को रैली में जाने से ममता बनर्जी की पुलिस द्वारा रोका गया था। यह कुछ ऐसा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक देश में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि झूठे मामले पश्चिम बंगाल की संस्कृति है।

उधर पुलिस ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी की रैली में भाजपा समर्थकों को ले जा रही बस को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता से करीब 40 किलोमीटर दूर हाटुगंज इलाके में कथित तौर पर रोक लिया था। इसके बाद दोनों दलों के समर्थक आपस में भीड़ गए। दो पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव कर दिया।

रैली में समर्थकों के साथ जा रहे भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा कि आगजनी के पीछे TMC कार्यकर्ता थे। पॉल ने कहा, “टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमारे आदमियों पर हमला किया। उन्हें पीटा गया। वे शुभेंदु अधिकारी की लोकप्रियता से डरते हैं। इसलिए रैली को बाधित करना चाहते थे।”

पुलिस का कहना है कि हिंसा में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बता दें कि जिस डायमंड हार्बर क्षेत्र में शुभेंदु अधिकारी रैली का आयोजन कर रहे थे, वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का लोकसभा क्षेत्र है। हालाँकि, घटना के बाद भी शुभेंदु अधिकारी ने सभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “आपके प्रशासन ने पहले रैली की अनुमति नहीं दी। माननीय उच्च न्यायालय ने अनुमति दी। आपने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, समर्थकों को कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने से रोक दिया, व्यवस्थाओं को बाधित कर दिया और हर कदम पर अड़ंगा लगा दिया। आपका हमला @BJP4Bengal कार्यकर्ताओं के दृढ़ संकल्प में सेंध नहीं लगा सका।”

दिग्गज फुटबॉलर पेले की हालात गंभीर, अंगों ने काम करना बंद किया: FIFA वर्ल्ड कप के बीच कतर की इमारत पर लिखा गया- Get Well Soon

कतर में चल रहे फुटबॉल के विश्व कप के बीच ब्राजील से एक दुखद खबर आ रही है। पता चला है कि पूर्व दिग्गज फुटबॉलर पेले की हालात बेहद नाजुक है। वह अलबर्ट आइंसटाइन अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सामान्य चेक अप के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन फिर उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें पैलिएटिव केयर में शिफ्ट किया गया।

तीन बार वर्ल्ड कप विजेता रहे (1958, 1962, 1970) पेले पिछले दिनों नॉर्मल चेक अप के लिए अस्पताल में गए थे। 2021 में कैंसर का पता चलने के पास उनके पूरे शरीर में सूजन और हार्ट संबंधी दिक्कतों की वजह से उन्हें भर्ती करवाया गया था। उस समय उनके परिवार ने कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है। बेटी केली ने भी कहा था कि कोई इमरजेंसी नहीं है। ये सिर्फ रेगुलर चेकअप है।

उल्लेखनीय है कि सितंबर 2021 में 82 वर्षीय पूर्व फुटबॉलर को कैंसर डायगनॉस हुआ था। इसके बाद वो लगातार अपना चेक अप करवा रहे थे। बीच में उनकी आँत, लंग्स और लीवर में भी दिक्कत आ गई थी। मगर कहा जा रहा था कि वो स्थिर हैं। लेकिन आज स्थानीय रिपोर्टस ने बताया कि पेले के शरीर ने कीमोथेरेपी के दौरान रिस्पांड करना बंद कर दिया जिसकी वजह से उनका हर इलाज बंद करना पड़ा। अब उन्हें दर्द से आराम देने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। शुक्रवार को खबर आई थी कि उन्हें रेस्पिरेट्री इन्फेक्शन हो गया है।

गौरतलब है कि कतर में चल रहे फीफा वर्ल्ड कप के दौरान पेले लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। वह लगातार मैच संंबंधी मैसेज और फोटोग्राफ अपने इंस्टा पर डाल रहे थे। उनका आखिरी पोस्ट कल का है। जहाँ उन्होंने बताया कि वो मासिक चेक अप के लिए अस्पताल में हैं। उन्होंने कतर को धन्यवाद कहा था क्योंकि उन्होंने एक बिल्डिंग पर लाइट से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी।

गोवा घूमने आई रूसी महिला के साथ होटल के कमरे में बलात्कार, रूम बॉय शकील और सैनुद्दीन गिरफ्तार

गोवा घूमने आई एक रूसी महिला यात्रा के पहले ही दिन दुष्कर्म का शिकार हो गई। रूसी महिला से रेप के आरोप में 2 नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपितों ने गुरुवार (01 दिसंबर, 2022) को कैलंगुट के एक होटल में 37 वर्षीय रूसी महिला से रेप किया। दोनों आरोपित होटल में रूम बॉय का काम करते थे।

पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक उत्तरी गोवा के कैलंगुट स्थित होटल में रूसी महिला से बृहस्पतिवार (1 दिसंबर, 2022) को दुष्कर्म किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में दो नेपाली युवकों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान शकील अंसारी और सैनुद्दीन अंसारी के तौर पर हुई है। दोनों आरोपित नेपाल के बर्दिया के रहने वाले बताए जा रहे हैं जो उसी होटल में रूम बॉय का काम करते थे।

पुलिस ने जानकारी दी कि गोवा पहुँचने के पहले ही दिन महिला के साथ हैवानियत की गई। महिला अपने 2 दोस्तों के साथ होटल में ठहरी हुई थी। बृहस्पतिवार को गोवा पहुँचने के बाद महिला घूमने निकल गई। गोवा में कई कई पर्यटक स्थलों की सैर के बाद शाम के समय महिला अपने होटल में पहुँची। रिपोर्ट्स के मुताबिक होटल पहुँचने के बाद महिला ने शराब का सेवन किया और अपने कमरे में सोने के लिए चली गई। महिला के दोनों दोस्त उस वक्त बाहर थे।

पुलिस के मुताबिक उसके बाद रूसी महिला के कमरे में सफाई के बहाने पहला आरोपित दाखिल होता है और महिला के नशे का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म करता है। नशे में होने की वजह से उस समय महिला कुछ समझ नहीं सकी। घटना के कुछ देर बाद दूसरा आरोपित कमरे में दाखिल होता है और वह भी महिला के साथ बलात्कार की कोशिश करता है लेकिन महिला शोर मचाने लगती है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जाँच की जा रही है।

पार्किंग में पुलिस पर हमला, गाड़ियों में आग लगाई: दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के एक केस में उमर खालिद और खालिद सैफी बरी, सबूत न मिलने पर कोर्ट ने दिया फैसला

दिल्ली में साल 2020 में हुए हिंदू विरोधी दंगे से जुड़े एक मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोपित उमर खालिद और खालिद सैफी को आरोप मुक्त कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने यह फैसला सुनाया। दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल संग्राम सिंह के बयान के आधार पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 फरवरी, 2020 को जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के संस्थापक खालिद सैफी के खिलाफ पथराव और पार्किंग स्थल पर वाहनों में आग लगाने का मामला दर्ज किया गया था। कांस्टेबल संग्राम सिंह के बयान के मुताबिक फरवरी 2020 में चांद बाग पुलिया के पास भारी भीड़ जमा हुई थी। भीड़ ने पत्थरबाजी की थी। उस भीड़ की अगुआई उमर खालिद और खालिद सैफी कर रहे थे।

FIR के मुताबिक, पथराव और हिंसा के बीच जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए एक पार्किंग स्थल में घुसे थे तो भीड़ ने पार्किंग में घुसकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक गवाहों और दूसरे स्रोतों से घटनास्थल पर उमर खालिद और खालिद सैफी की मौजूदगी साबित नहीं हो पाई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों को आरोपमुक्त कर दिया।

आपको बता दें कि इस मामले में आरोपमुक्त होने के बावजूद, दिल्ली एंटी हिंदू दंगो के दोनों आरोपित जेल में ही रहेंगे। क्योंकि दोनों दिल्ली दंगों से जुड़े दूसरे मामलों में भी आरोपित हैं। उमर खालिद पर दंगो की साजिश रचने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) के तहत भी मामला दर्ज है। ये विषय अदालत में लंबित हैं।

दिल्ली के करावल नगर थाने ने दंगा फैलाने, आपराधिक साजिश रचने समेत भारतीय दंड संहिता के कई प्रावधानों, आर्म्स एक्ट और सरकारी संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत इन दोनों आरोपियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में मामले की जाँच अपराधिक शाखा ने की थी।

दिल्ली पुलिस लगातार उमर खालिद की जमानत का विरोध कर रही है। हाल में एक मामले में उमर की अंतरिम जमानत की माँग वाली याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा था कि संभावना है कि उमर अंतरिम जमानत के दौरान सोशल मीडिया से गलत जानकारी फैला सकता है। बता दें, उमर खालिद को 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वो जेल में बंद है।

गुजरात: कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की चुनावी सभा में मंच पर लगे ठुमके, Video वायरल होने पर विधायक ने कहा- नाच में कुछ अश्लील हरकत नहीं हुई

गुजरात चुनावों के बीच कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के चुनावी प्रचार कार्यक्रम से एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में मंच पर लेडी डांस हो रहा है। कथिततौर पर इन डांसरों को कॉन्ग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह धीरसिंह ने चुनाव कैंपेन के लिए बुलाया था। हालाँकि, सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा है कि उन्हें इस संबंध में नहीं पता था और यह आयोजन स्थानीय कार्यकर्ताओं ने करवाया था।

बता दें कि परमार राजेंद्र सिंह धीरसिंह कॉन्ग्रेस के बोरसाड से विधायक हैं। वह अमूल कंपनी के उपाध्यक्ष भी हैं। उनके पोस्टर वाले मंच पर हुए डांस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियोज में कॉन्ग्रेसियों के झंडे भी साफ देखे जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोग भी दिख रहे हैं जो डांसरों के ऊपर पैसे घुमा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि ये राजेंद्र सिंह ने ही इस कार्यक्रम को आयोजित करवाया था। विवाद होने के बाद उन्होंने कहा कि चुनाव कैंपेन के दौरान कराए गए डांस में कुछ गलत नहीं था। वो सिर्फ डांस पर्फॉर्मेंस थी। इसके बाद उन्होंने एबीपी की अस्मिता से बात करते हुए खुद को कार्यक्रम से अलग बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई आइडिया नहीं था कि स्थानीय समर्थकों ने क्या चुनावी कैंपेन के नाम पर क्या कार्यक्रम आयोजित किया है।

उन्होंने माना कि ये स्टेज चुनावी प्रचार का ही हिस्सा था। मगर जब वो वहाँ अपना भाषण देने गए थे तब तक वहाँ कोई डांसर नहीं थी। उन्होंने इस पूरे आयोजन का ठीकरा स्थानीय समर्थकों पर फोड़ा। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

परमार राजेंद्र सिंह ने इस आयोजन को जस्टिफाई करते हुए कहा कि अन्य पार्टियाँ भी जो चुनावी प्रचार के लिए फिल्म स्टार को लेकर आते हैं। उनके प्रचार में तो ऐसा पहली बार हुआ है वो भी उन्हें नहीं पता था तभी हुआ। उनके अनुसार उन्हें अगली सुबह पता चला कि आखिर कार्यकर्ताओं ने ऐसा कार्यकर्म आयोजित किया था।

बैंक में काम करने वाली हिंदू लड़की का जावेद ने कराया धर्मांतरण, निकाह के बाद पिता को नोटिस भिजवाया: काजी समेत 9 पर FIR दर्ज

हरियाणा के फरीदाबाद में धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि हिंदू लड़की को इस्लाम कबूल करवाने के बाद उस से निकाह किया गया है। पीड़िता बैंक की स्टाफ बताई जा रही है। मुख्य आरोपित का नाम जावेद है। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने उसकी खुद की बेटी सहित कुल 9 आरोपितों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। आरोपितों में जावेद के परिजनों के अलावा निकाह करवाने वाला काजी भी शामिल है। घटना सोमवार (28 नवम्बर 2022) की है।

इस मामले की शिकायत लड़की के पिता ने शुक्रवार (2 दिंसबर 2022) को फरीदाबाद के SGM नगर थाने में दी है। पीड़ित पिता के मुताबिक वो हिंदू धर्म का पालन करता है। उनके 3 बच्चे हैं जिसमें सबसे बड़ी बेटी 22 साल की है। शिकायत में आगे जावेद पर अपनी बड़ी बेटी को झाँसे में लेने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित की बड़ी बेटी HDFC बैंक में नौकरी करती है। पीड़ित पिता के मुताबिक साल भर पहले आरोपित अपनी अम्मी, अब्बा और अपने भाई के साथ उसके घर आया था। इस दौरान जावेद के परिवार ने पीड़ित से बेटी की शादी जावेद से करने को कहा था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पीड़ित ने इस शादी से मना करते हुए खुद को हिंदू बताया तो आरोपित के घर वाले नाराज हो गए। इस दौरान जावेद के भाई फ़िरोज़, अब्बा लियाकत और उसकी अम्मी गुफ्फरन ये कहते हुए वापस लौट गए कि अब लड़की के बाद की मंजूरी उनके लिए जरूरी नहीं है। पीड़ित पिता ने इसके बाद अपनी बेटी को बहुत समझाया जिस पर वो चुप रही। शिकायत में आगे बताया गया है कि 28 नवम्बर 2022 को उनकी बेटी के बैंक से फोन आया कि वो ऑफिस नहीं पहुँची।

लड़की के पिता ने आगे लिखा कि इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को खोजना शुरू किया तो पता चला कि उसने जावेद से निकाह कर लिया है। निकाह के बाद उसने फरीदाबाद कोर्ट में अपने ही पिता के खिलाफ प्रोटेक्शन पेटिशन दायर कर दी। इसका नोटिस आने के बाद पीड़ित पिता को पता चला कि उनकी लड़की ने अपना धर्म बदल लिया है। पीड़ित पिता के मुताबिक यह धर्म परिवर्तन हरियाणा सरकार की नियमावली के खिलाफ हुआ है। इसी आधार पर पीड़ित पिता ने निकाह को भी गैरकानूनी करार दिया है।

पीड़ित पिता ने जावेद के कृत्य को कानूनन गलत बताया है। इस शिकायत में उसने निकाह की गवाह लड़की, निकाह के दूसरे गवाह इरशाद, निकाह करवाने वाले क़ाज़ी अब्दुल सज़ान, निकाह का नोटरी करने वाले ईश्वर प्रसाद, जावेद के बबा लियाकत, जावेद के भाई फ़िरोज़ और जावेद की अम्मी को भी नामजद किया है। पीड़ित ने इन सभी को जावेद और अपनी बेटी के अपराध में बराबर का दोषी बताया है।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा है कि वर्तमान समय में मुस्लिम लड़कों द्वारा हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाया जा रहा है। पीड़ित पिता ने पुलिस से सभी 9 आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर सभी आरोपितों के खिलाफ हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण अधिनियम 2022 की धारा 12 (1), 12 (5) के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। सूर्या समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज, माफी माँगते हुए कहा- ठेस पहुँची, तो शब्द वापस लेता हूँ; पहले बोला था- ‘हिंदू 40 की उम्र तक रखते हैं कई बीवियाँ’

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल के हिंदुओं पर दिए विवादित बयान के बाद असम में बवाल मच गया है। हिंदू लड़कियों पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर अजमल फँसते नजर आ रहे हैं। असम के हिंदू युवा छात्र परिषद ने अजमल की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ नौगाँव सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। विवाद बढ़ने के बाद बदरुद्दीन अजमल ने माफी भी माँगी है।

बदरुद्दीन अजमल ने हिंदुओं के खिलाफ दिया था विवादित बयान

शुक्रवार (03 दिसंबर, 2022) को अजमल ने हिंदुओं पर विवादित बयान देते हुए हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनानने की नसीहत दी थी। अजमल ने कहा था कि हिंदू लड़कियों का 40 साल की उम्र तक विवाह नहीं होता। वो (हिंदू) लोग 40 साल से पहले गैरकानूनी तरीके से 2-3 बीवियाँ रखते हैं। 40 साल के बाद उनमें बच्चा पैदा करने की क्षमता नहीं रहती है। उनको (हिंदुओं) को मुसलमानों के फॉर्मूले को अपनाकर अपने बच्चों की 18-20 साल की उम्र में शादी करा देनी चाहिए।

अजमल के खिलाफ शिकायत दर्ज

हिंदुओं पर इस विवादित टिप्पणी को लेकर हिंदू युवा छात्र परिषद ने बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ नौगाँव सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में हिंदुओं के खिलाफ गलत बयानबाजी करने की बात कही गई है।

AIUDAF चीफ ने माँगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद बदरुद्दीन अजमल ने माफी माँगी है। अजमल ने कहा, “अगर मेरे शब्दों से किसी की भावना को ठेस पहुँची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ।” उन्होंने कहा, “मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का नहीं था। मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ भी न्याय करे और उन्हें शिक्षा और रोजगार दे।”

बयान के बाद से ही बीजेपी हमलावर

अजमल का विवादित बयान सामने आने के बाद से ही भाजपा हमलावर है। बीजेपी एमएलए दिगंत कलिता के बाद भाजपा प्रवक्ता रंजीव कुमार शर्मा ने भी बदरुद्दीन अजमल के बयान की निंदा की है। शर्मा ने कहा कि अजमल औरंगजेब का दूसरा संस्करण है और उनकी इन बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा सांसद पबित्रा मार्गेरिता ने कहा, ये शब्द असंवैधानिक हैं और सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार को इस इस्लामी एजेंडे के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे लोगों को खुले में नहीं छोड़ा जा सकता। भाजपा ने अजमल से मौलाना की पदवी भी वापस लेने की माँग की है।

नौसेना में पहली बार 341 महिलाएँ नाविक बनेंगी, पुरूषों की तरह ही होगी ट्रेनिंग: 3000 अग्निवीरों का पहला बैच तैयार

अग्निपथ योजना के तहत भारतीय नौसेना में 3000 अग्निवीरों का पहला बैच तैयार हो गया है, जिनमें 341 महिलाएँ हैं। यह पहली बार है जब महिलाओं को नाविक के तौर पर शामिल किया गया है। इन महिलाओं की ट्रेनिंग पुरुषों की ही भाँति होगी।

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना में उपलब्ध पदों के लिए आवेदन करने वाले 10 लाख व्यक्तियों में से 82,000 महिलाएँ थीं। उन्होंने कहा कि अगले साल से महिला अधिकारियों के लिए सभी ब्रांच खोल दिए जाएँगे।

नेवी चीफ ने कहा कि सेनाओं को जेंडर-न्यूट्रल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना में पहले फाइटर पायलटों और महिला एयर ऑपरेशन ऑफिसर्स सहित 7-8 ब्रांच में महिलाओं को एंट्री दी जाती थी, लेकिन अब महिला नाविकों को भी भर्ती किया जा रहा है। इन्हें अपने पुरुष समकक्षों के समान तैनात और ट्रेनिंग दी जाएगी।

पुणे के खडकवासला में नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए एडमिरल हरि कुमार ने कहा, “वे जहाजों, एयरबेस, विमान पर तैनात किए जाएँगे। उन्हें हर चीज के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिस तरह से एक सामान्य नाविक को प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण में कोई अंतर नहीं होगा। केवल व्यक्ति की क्षमता को देखा जाएगा।”

अग्निपथ योजना की तारीफ करते हुए नेवी चीफ ने कहा कि यह एक शानदार योजना है, जिसे ‘व्यापक विचार-विमर्श और व्यापक अध्ययन के बाद पेश किया गया है कि अन्य सैन्य बलों ने अपने मानव संसाधन को किस तरह व्यवस्थित किया है। उन्होंने कहा कि यह विचार 2020 के मध्य के आसपास आया था और इसे अमल में लाने में लगभग दो साल लग गए। 

सेना की औसत आयु को कम करने के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “कारगिल समीक्षा समिति की रिपोर्ट में एक सिफारिश है कि सशस्त्र बलों में उम्र सीमा को नीचे लाने की जरूरत है। उस समय औसत उम्र 32 वर्ष थी और सिफारिश में कहा गया कि इसे कम करके लगभग 25-26 वर्ष तक लाया जाना चाहिए।”