Home Blog Page 3984

‘राजीव’ की हैवानियत: धर्मांतरण-खतना से इनकार करने पर पत्नी-बच्चों को घर में बंद कर लगाई आग

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लव जिहाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के ठाकुरगंज निवासी एक युवक ने अपना मजहब छिपाकर युवती को झाँसे में लेकर शादी की। इसके बाद उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। यही नहीं बच्चों की खतना करवाने की कोशिश। महिला के विरोध पर आरोपित ने बच्चों समेत उसे घर में बंद कर दिया और बाहर से आग लगा दी। महिला और बच्चे बाल-बाल बच गए। पीड़िता की तहरीर पर एफआइआर दर्ज कर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

महिला के मुताबिक 13 फरवरी 2009 को महिला ने आर्य समाज मंदिर में राजीव नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि शादी के बाद महिला को पता चला कि उसके पति का असली नाम मोहम्मद अफजल सिद्दीकी है। अफजल ने खुद को अनाथ बताकर महिला को झाँसे में लिया था और पहचान छिपाकर शादी कर कर ली। 

पीड़िता के अनुसार वह 2009 में राजीव उर्फ अफजल से मिली थी। अफजल ने तब खुद को अनाथ हिंदू बताया था और दोनों ने 13 फरवरी 2009 को आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद दंपति के दो बच्चे हुए। पीड़िता ने कहा कि जब राजीव उर्फ अफजल ने अपने बच्चों के गैर-हिंदू नाम रखने पर जोर दिया तो दोनों में विवाद हो गया। जब राजीव अपने बच्चों का नाम गैर-हिंदू रखने का जिद करने लगा तो पीड़िता को शक हुआ। इसके बाद उसने पाया कि राजीव हिंदू नहीं था। उसका असली नाम मोहम्मद अफजल सिद्दीकी था। इस दौरान उसे यह भी पता चला कि वह अनाथ नहीं है, उसके माता-पिता भी हैं।

बुधवार (मार्च 17, 2021) रात करीब आठ बजे अफजल ने महिला और उसके दोनों बच्चों को घर में बंद कर दिया और आग लगा दी। महिला ने फोन कर डायल 112 पर मामले की सूचना दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड और आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया और महिला और उसके दोनों बच्चों को सकुशल बाहर निकाला जा सका।

दूसरों से शारीरिक संबंध बनाने का बनाया दबाव

आरोप है कि अफजल लगातार पत्नी को धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। आरोपित महिला को लोगों से शारीरिक संबंध बनाने के कह रहा था। आरोपित का कहना था कि शारीरिक संबंध बनाने के बाद ही उसका धर्म परिवर्तन होगा। यही नहीं अफजल दोनों बच्चों का जबरन खतना करने के लिए पीड़िता पर दबाव बना रहा था। 

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने अफजल, उसके पिता, माँ और अन्य मौलानाओं के खिलाफ जानलेवा हमला और यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश के तहत एफआइआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

‘मैं कॉन्वेंट में पढ़ी, पिता मस्जिद में गाते थे…’: प्रियंका चोपड़ा ने बताया कैसे इस्लाम, ईसाई और हिंदुत्व के साथ हुई परवरिश

प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल के विवादित इंटरव्यू के बाद ओप्रा विन्फ्रे ने अपने शो ‘सुपर सोल’ में भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का साक्षात्कार लिया है। इसका प्रोमो शुक्रवार (मार्च 19, 2021) को रिलीज किया गया। प्रोमो में देख सकते हैं कि प्रियंका चोपड़ा विन्फ्रे से आध्यात्मिक शक्ति के अस्तित्व पर बात कर रही हैं। इसमें वह ये भी बताती हैं कि उन्हें हिंदू धर्म के अलावा ईसाई और इस्लाम के बारे में भी बचपन से पता था।

इंटरव्यू में ओप्रा अपने भारत दौरे का अनुभव साझा करते हुए प्रियंका से आध्यात्मिक आधार पर सवाल करती हैं। इसके जवाब में प्रियंका कहती हैं, “भारत में तमाम धर्मों के अस्तित्व के कारण यह इतना मुश्किल नहीं है। मैं एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ी तो मुझे ईसाइयत का पता था। मेरे पिता एक मस्जिद में गाते थे तो मैं इस्लाम भी जानती थी। हिंदू परिवार में तो मेरा लालन-पालन ही हुआ। आध्यात्म भारत का एक बहुत बड़ा भाग है। आप उसे नकार नहीं सकते। मेरा परिवार भी सर्वश्रेष्ठ शक्ति में यकीन करता है। उस पर विश्वास करता है।”

प्रियंका कहती हैं, “मेरा पिता कहते थे कि धर्म एक रास्ता है ताकि सर्वश्रेष्ठ शक्ति को प्राप्त किया जा सके। जिस दिशा में हम जा रहे हैं, उसी दिशा में हर धर्म का एक अलग चेहरा है। मैं एक हिंदू हूँ, मेरे घर में एक मंदिर है और मैं वहाँ जितनी बार हो सकता है प्रार्थना करती हूँ, लेकिन इसी दौरान, मैं इस तथ्य में भी विश्वास करती हूँ कि एक सर्वोच्च शक्ति मौजूद है और मुझे उस पर विश्वास करना पसंद है।”

बता दें कि प्रियंका चोपड़ा का यह इंटरव्यू डिस्कवरी प्लस पर 20 मार्च को ऑन एयर किया जाएगा।

ओप्रा विन्फ्रे का प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल के साथ इंटरव्यू

इससे पहले ओप्रा विन्फ्रे का शो प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल के इंटरव्यू से चर्चा में आया था। उस साक्षात्कार में प्रिंस हैरी की पत्नी ने बताया था कि कैसे उन्हें शाही परिवार में अजीब स्थितियों का सामना करना पड़ा। ओप्रा से बात करते हुए, मर्केल ने कहा था कि जब वह गर्भवती थीं तो शाही परिवार में कई तरह की बातें होती थीं। जैसे लोग बात करते थे कि उनके आने वाले बच्चे को शाही टाइटल नहीं दिया जा सकता। 

उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान, शाही परिवार यहाँ तक बात करता था कि उनके बच्चे का रंग कितना काला होगा। जब ओप्रा ने पूछा कि आखिर इस तरह की बातें उनसे करता कौन था, तब मेगन मर्केल ने बताया कि वह उनका नाम नहीं बता सकती क्योंकि ये उनके लिए सही नहीं होगा।

उसी इंटरव्यू में प्रिंस हैरी ने भी कई बातों का खुलासा किया था। उन्होंने उन चुनौतियों और दबावों के बारे में बताया था जिसे उन्हें शाही परिवार का हिस्सा होने के कारण फेस करना पड़ा। हैरी ने बताया कि उन्हें 2020 के शुरुआती सालों में ही आर्थिक रूप से मदद मिलना बंद हो गई थी।

उन्हें बस वही मिला जो उनकी माँ ने उनके लिए छोड़ा था। उनके अनुसार शायद उनकी माँ को पता था कि क्या होगा। इसलिए इस कठिन समय में वह हर समय अपनी माँ के अस्तित्व को महसूस करते रहे। प्रिंस हैरी ने बताया कि वे शाही परिवार में खुद को फँसा हुआ महसूस करते थे।

बांग्लादेश: मंदिर पर हमला, माँ काली की मूर्ति में आग लगाई

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही एक और घटना सामने आई है। बर्बरता के ताजा मामले में उपद्रवियों ने एक मंदिर पर हमला किया और माँ काली की मूर्ति में आग लगा दी।

बांग्लादेशी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, यह घटना ठाकुरगाँव के रानीसंकल उपजिला के उत्तरगांव गाँव की है। कुछ उपद्रवियों ने गुरुवार (मार्च 18,2021) रात एक मंदिर में हिंदू देवी काली की मूर्ति को आग लगा दी। पुलिस ने कहा कि हमलावरों ने मंदिर में तोड़फोड़ की और देवी काली की मूर्ति को जला दिया।

रानीसंकिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी जाहिद इकबाल ने बताया, “लोगों के एक समूह ने रात 9 बजे के आसपास गाँव में शन्नो चंद्रा के घर से सटे काली मंदिर में मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया और फिर भाग गए।” पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुँचे, मगर तब तक मूर्ति जल कर राख हो चुकी थी।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि इलाके में गश्त तेज कर दी गई है और जाँच की जा रही है। वहीं हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की अपजिला इकाई के महासचिव साधना बोसाक ने कहा कि इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार (मार्च 17, 2021) को हजारों की मुस्लिम भीड़ ने एक हिन्दू गाँव पर हमला बोल दिया। इस्लामी संगठन ‘हिफाजत-ए-इस्लाम’ के बैनर तले भीड़ ने हिन्दू गाँव पर हमला बोला था। ये घटना सुनामगंज जिले के ‘शल्ला उपजिला’ इलाके में हुई। हिन्दू गाँव पर हमले के पीछे मामला बस इतना था कि एक हिन्दू व्यक्ति ने संगठन के जॉइंट सेक्रेटरी जनरल मौलाना मुफ़्ती मामुनुल द्वारा दिए गए कट्टरवादी भाषण की आलोचना की थी।

नवागाँव के एक हिन्दू युवक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मामुनुल की आलोचना की थी। मौलाना ने अपने भाषण में बंगबंधु मुजीबुर रहमान की प्रतिमा लगाने का विरोध किया था। जैसे ही इस सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में खबर फैली, हजारों की मुस्लिम भीड़ ने धारदार हथियारों के साथ हिन्दू गाँव पर हमला बोल दिया।

आसपास के मुस्लिम बहुल इलाकों से ‘हिफाजत-ए-इस्लाम’ के समर्थक वहाँ हथियारों के साथ आ धमके। बुधवार को सुबह 9 बजे से ही हिन्दुओं के घरों पर हमले शुरू कर दिए गए। इस घटना में 80 से अधिक हिन्दू परिवारों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

हबीबपुर यूनियन चेयरमैन विवेकानंद मजूमदार बकुल ने बताया कि कई हिन्दुओं के घरों को ध्वस्त किया गया है। भीड़ से बचने के लिए स्थानीय हिन्दू वहाँ से भाग खड़े हुए। बांग्लादेश के हिन्दू एक्टिविस्ट राजू दास ने बताया था कि इस दौरान 88 घरों और 8 पारिवारिक मंदिरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

बंगाल में चुनाव के दौरान पब्लिक को डराने के लिए बनाए जाते हैं बम: CRPF

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल राजनीतिक हिंसा के लिए कुख्यात रहा है। राज्य से बमबाजी की घटनाएँ भी लगातार सामने आती रहती है। राजनीतिक विरोधियों को आतंकित करने के लिए चुनाव के वक्त ऐसी घटनाएँ और तेज हो जाती हैं। पिछले दिनों ही बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के घर के बाहर बम फेंके गए थे। उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों को इसका जिम्मेदार बताया था।

असमाजिक तत्वों और गैर कानूनी तरीके से बम बनाने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप इससे पहले भी राज्य में लगते रहे हैं। यहाँ तक की बम धमाकों के मामलों की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को इस तरह की घटनाओं में पाकिस्तानी आतंकी संगठन अल-कायदा की संलिप्तता भी मिली है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले सुरक्षा बल अवैध हथियार फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। सीआरपीएफ (CRPF) के डीजी कुलदीप सिंह के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि चुनाव के दौरान लोगों को आतंकित करने के इरादे से पश्चिम बंगाल में गैर कानूनी तरीके से बम बनाए जाते हैं।

न्यूज 18 से बात करते हुए सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि पेट्रोल बम, सुतली बम जैसे अलग-अलग तरह के बम बंगाल में चुनाव के समय बनाए जाते हैं। जिन जगहों पर अवैध हथियार बनाए और रखे जाते हैं, वहाँ कार्रवाई कर और ऐसा करने वाले लोगों पर शिकंजा कर इस तरह की घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।

बर्दवान ब्लास्ट में बांग्लादेशी आतंकी को हुई थी 29 साल की सजा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंगाल में साल 2014 में हुए बर्दवान ब्लास्ट की जाँच में  NIA को सीमा पार से जुड़े आतंकी लिंक मिले थे। एनआईए की विशेष अदालत ने बांग्लादेशी नागरिक और आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन के प्रमुख कौसर को बर्दवान बम विस्फोट में शामिल होने के आरोप में 29 साल की सजा सुनाई थी।

कौसर पर भारत और बांग्लादेश की लोकतांत्रिक रूप से स्थापित सरकारों के खिलाफ आतंकवादी कार्रवाई करने, युद्ध छेड़ने, युवकों को भर्ती करने और प्रशिक्षित करने का प्रयास करने का आरोप था। अल-कायदा मॉड्यूल मामले में भी, एनआईए ने पश्चिम बंगाल और केरल से गिरफ्तार हुए 9 लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था।

पिछले महीने की बात करें तो राज्य श्रम मंत्री जाकिर हुसैन पर भी तब देशी बम फेंका गया, जब वह ट्रेन पर चढ़ने के लिए निमिता रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। इस मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। इसमें कुल 20 लोग घायल हुए थे।

अब इन्हीं राजनीतिक हिंसा के इतिहास को देखते हुए राज्य में 8 चरणों में चुनाव करवाए जा रहे हैं। यहाँ शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से चुनाव कराना सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती है, क्योंकि पहले चरण के चुनाव शुरू होने से पहले ही हिंसा की घटनाएँ होने लगी हैं।

मनसुख हिरेन के सिर और गर्दन पर चोटें, मौत से पहले हमले की आशंका: महाराष्ट्र ATS ने किए कई खुलासे

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के एक अधिकारी ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें व्यवसायी मनसुख हिरेन के सिर और गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं, जिनका शव 5 मार्च को ठाणे जिले के रेटिबंदर नाले के पास मिला था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 48 वर्षीय ठाणे स्थित ऑटो स्पेयर पार्ट्स डीलर मनसुख हिरेन की मौत की जाँच कर रहे ATS के एक सूत्र ने कहा है कि हो सकता है कि उनकी मौत से पहले उन पर हमला किया गया हो। हिरेन का लिंक 25 फरवरी को अरबपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर खड़ी विस्फोटक से लदी कार से जुड़ा था। हालाँकि, इस घटना के 10 दिन बाद उन्हें रहस्यमय तरीके से नाले के पास मृत पाया गया था।

एटीएस अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि किसी ने मनसुख हिरेन के साथ मारपीट और भारी वस्तु से हमला किया होगा और आशंका जताई जा रही है कि इस हमले की वजह से वह बेहोश हो गए होंगे। पुलिस अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि हमलावर ने उनके मुँह में चार-पाँच रूमाल ठूँस दिए और उनके पूरे चेहरे को दुपट्टे से ढक दिया।

अधिकारी ने कहा, “हत्यारे ने हिरेन को बेहोश करने के लिए क्लोरोफॉर्म का इस्तेमाल किया होगा या हो सकता है कि उसने कुछ अन्य साधनों का इस्तेमाल किया हो क्योंकि हिरेन का चेहरा कई तरह के रूमाल और मास्क से ढका हुआ था। बाद में (बेहोश होने के बाद) उन्हें पानी में फेंक दिया गया था।”

फोरेंसिक टीम का कहना है कि हिरेन की डूबने से मौत हो गई, ATS ने जताया संदेह 

हालाँकि, जेजे अस्पताल में एक फोरेंसिक टीम द्वारा प्रस्तुत परीक्षण के परिणामों ने हिरेन के शरीर में डायटम की उपस्थिति की पुष्टि की है। भले ही जेजे अस्पताल की रिपोर्ट का दावा है कि हिरेन जीवित थे जब उसे नाले में फेंक दिया गया था, एटीएस जाँचकर्ताओं ने इस थ्योरी के बारे में संदेह जताया है। इस बीच, हिरेन के शरीर पर चोटों के बारे में पता चलने के बाद, जाँच अधिकारी ने अब हरियाणा फोरेंसिक प्रयोगशाला से सेकेंड ओपिनियन माँगी है।

मुकेश अंबानी के घर विस्फोटकों से भरी स्कार्पियो कार मामले की जाँच में एनआईए ने एक और खुलासा किया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एनआईए और एटीएस की जाँच से खुलासा हुआ है कि 17 फरवरी को कोर्ट में जीपीओ फोर्ट के पास हिरेन और वाजे की मर्सिडीज में 10 मिनट की बातचीत हुई थी। कहा जा रहा है कि मुलुंड-ऐरोली रोड पर स्कॉर्पियो में खराबी आने के चलते हिरेन ने एक ओला कैब में दक्षिण मुंबई की यात्रा की थी।

सचिन वाजे-मनसुख हिरेन की मुलाकाता का CCTV फुटेज

NIA और ATS को 17 फरवरी का एक सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है। वीडियो में दिख रहा है कि हिरेन और वाजे ने फोर्ट में जीपीओ के पास मर्सिडीज में 10 मिनट तक बातचीत की। मनसुख ओला कैब में वाजे से मिलने आया था।

ओला ड्राइवर ने बताया- पाँच कॉल आई थी

जिस ओला कैब से मनसुख मिलने के लिए पहुँचे थे। उस दिन सीएसएमटी पहुँचने के दौरान उनके पास पाँच कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने मनसुख को पहले पुलिस मुख्यालय के सामने बुलाया और आखिरी कॉल में उसे सीएमएमटी के सिग्नल पर आने के लिए कहा। 

बता दें कि एंटीलिया बम कांड मामले में निलंबित मुंबई पुलिस एपीआई सचिन वाजे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह ड्राइव करते हुए मनसुख हिरेन को क्राइम ब्रांच ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो 26 फरवरी का बताया जा रहा है। वीडियो में क्राइम ब्रांच के बाहर का फुटेज है, जिसमें वाजे और मनसुख हिरेन को उनके लैंड क्रूजर प्राडो में यूनिट में आते हुए देखा जा सकता है। यह वाहन एनआईए द्वारा जब्त कर लिया गया है।

इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मनसुख हिरेन की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि हिरेन को मारने के बाद शव को खाड़ी में फेंका गया। लो टाइड की वजह से शव बहा नहीं, अगर शव हाई टाइड में चला जाता तो मिलता ही नहीं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिरेन के फेफड़ों में पानी नहीं है। अगर हिरेन की मौत पानी में डूबने से हुई होती तो फेफड़ों में पानी दिखता। इससे साफ है कि हिरेन की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनसुख हिरेन का गला घोटने की जानकारी सामने आई है।

गुरुग्राम में मंगलवार को मीट की दुकानें रहेंगी बंद, बढ़ाई गई 10 गुना जुर्माने की राशि: MCG ने हाउस मीटिंग में लिया बड़ा फैसला

हरियाणा के गुरुग्राम में मंगलवार को सभी मीट की दुकानें बंद रहेंगी। दरअसल, कुछ पार्षदों ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को नगर निगम के अपने हाउस मीटिंग में धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए मुद्दा उठाया और लंबे विचार-विमर्श के बाद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। MCG के अधिकारियों के अनुसार, शहर में 129 लाइसेंस प्राप्त मीट की दुकानें हैं, जिनमें 150 से अधिक अवैध रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा नगर निगम उपचुनाव, 2008 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य भर में किसी भी नगर निगम में तत्काल प्रभाव से सप्ताह के एक दिन माँस की दुकानें बंद करने की शक्ति है।

MCG ने मीट शॉप की लाइसेंस फीस 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने और जुर्माना की राशि 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए करने का निर्णय लिया है। वहीं, सदन की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक अब मंगलवार को मीट की दुकानें बंद रहेंगी।

भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है

वहीं MCG के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एमसीजी आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने कहा, “किसी को इस तरह के मुद्दों को नहीं उठाना चाहिए, आप मंगलवार को माँस की दुकानों को बंद करने में विश्वास कर सकते हैं। लेकिन मेरी राय में यह एक व्यक्तिगत पसंद है। मैं माँस खाता हूँ, लेकिन मेरी पत्नी नहीं खाती, मैं उसे मजबूर नहीं करता, और वह मुझे मजबूर नहीं करती, यह पूरी तरह से एक व्यक्तिगत पसंद है। जब घरों में इस मुद्दे पर मतभेद होते हैं, तो सदन को पूरे शहर के संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पहले इसे एक गंभीर विचार देना चाहिए। खाना एक स्वतंत्र विकल्प है।”

वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया गया

दरअसल, सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद भवन (जॉन हॉल) में गुरुवार को नगर निगम के सदन की सामान्य बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया गया और लंबी चर्चा के बाद बजट को मंजूर कर दिया गया। नगर निगम ने नए वित्त वर्ष में 4899 करोड़ रुपए की आय और 2538 करोड़ रुपए के व्यय का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर विकास से संबंधित विभिन्न एजेंडों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान पार्षदों ने अपने अहम सुझाव रखे, जिसे मेयर मधु आजाद व निगमायुक्त विनय प्रताप सिंह ने गौर से सुना।

जिन एजेंडों पर चर्चा की गई उनमें सिकंदरपुर के लोगों को इंदिरा आवास योजना के तहत प्लॉट दिलवाना, सरस्वती विहार व मारुति विहार के खाली क्षेत्र का अधिग्रहण करने, राजेंद्रा पार्क में थाने की स्थापना के लिए बाबूपुर गाँव में जमीन उपलब्ध कराने, व्यापार सदन में विभिन्न साइटों की नीलामी प्रक्रिया, हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) गुरुग्राम को नए प्रशिक्षण भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने समेत अन्य मुद्दे शामिल रहे। इस दौरान पार्षदों के लिए नए मोबाइल फोन की खरीद, मीट लाइसेंस की फीस में बढ़ोतरी व अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों पर कार्रवाई करने पर भी पार्षदों व अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की।

UP में नहीं हुआ कोई दंगा, अपराधियों पर एक्शन बना मॉडल, अब दुनियाभर से निवेशक आना चाहते हैं यहाँ: CM योगी के 4 साल बेमिसाल

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को आज (मार्च 19, 2021) चार साल पूरे हो गए हैं। अगले साल विधानसभा चुनाव होने से पहले इस मौके पर यूपी सरकार ने अपनी उपलब्धियों को गिनाया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यूपी सीएम ने कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं होता है, जो सरकार की उपलब्धि है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से हटकर सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभर रही है। यूपी सीएम ने कहा कि आज ईज़ ऑफ डूइंग की लिस्ट में भी यूपी नंबर दो पर है, हमने काफी लंबी छलाँग लगाई है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले यूपी में केंद्र की योजना को जगह नहीं दी गई थी, अगर केंद्र सरकार की योजनाओं को पुरानी सरकार लागू करती तो बड़ा परिवर्तन हो सकता था। हमारी सरकार ने उन्हें मिशन मोड में लागू किया, प्रधानमंत्री आवास योजना के मोर्चे पर यूपी नंबर वन है।

‘यूपी में नहीं हुआ कोई दंगा, शांति से मन रहा त्योहार’

यूपी सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के लिए लगातार काम किए हैं, किसानों को डेढ़ गुना तक एमएसपी दी गई है। यूपी में अब बिना किसी परेशानी के त्योहार मनाए गए हैं, चार साल में यूपी में कोई दंगा नहीं हुआ है। अपराधियों के खिलाफ यूपी में जो एक्शन लिया गया वह देश में एक मानक बना।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि प्रदेश में अपराध के मामलों में कमी आई है, हमारी अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। यूपी सीएम बोले कि प्रदेश में किसानों के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं, फिर चाहे सिंचित भूमि को बढ़ाना हो या मंडी स्थलों के काम को पूरा करना हो। योगी आदित्यनाथ बोले कि 2017 में हमारी सरकार आई, उससे पहले कुछ गाँव ऐसे थे जहाँ प्रदेश सरकार की कोई योजना का लाभ नहीं मिला था, लेकिन हमारी सरकार ने इन सभी गाँव वालों को सुविधाएँ मुहैया कराईं।

4 साल पूरा होने पर जनता के नाम चिट्ठी

कार्यकाल पूरा होने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई अखबारों में जनता के नाम चिट्ठी लिखा है। मुख्यमंत्री योगी ने चिट्ठी में इन चार सालों में अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया है। योगी ने कहा है कि इन चार वर्षों में उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को अपनाते हुए राज्य के 24 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में लगी रही।

सीएम योगी का कहना है कि उनकी सरकार ने चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों के लिए संभावनाओं एवं अवसरों के द्वार खोले। मुख्यमंत्री ने अपने चार साल के शासन पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा है कि उनकी सरकार जनता के हित में अपनी नीतियों को लागू करने में सफल हुई है।

पूर्व पीएम वाजपेयी की कविता का किया जिक्र

एक हिंदी समाचार में अपने छपे लेख में सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक कविता की पंक्तियों को उद्धृत किया है। ‘पावस बनकर ढलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा’,  पूर्व प्रधानमंत्री की इन पंक्तियों को सीएम योगी ने अपने लिए प्रेरणास्रोत माना है। उनका कहना है कि ये पंक्तियाँ उन्हें साधना करने के लिए प्रेरित करती रही हैं। योगी का कहना है कि पीएम मोदी का सपना भारत की अर्थव्यवस्था को पाँच खरब डॉलर की करना है और इस दिशा में उनकी सरकार ने काम किए हैं। 

अर्थव्यवस्था के लिए उठाए कदम

सीएम ने उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाले अपनी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र किया है। आदित्यनाथ ने बताया है कि राज्य में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ की शुरुआत की। सरकार के प्रयासों के चलते राज्य की ‘इज ऑफ डुइंग’ रैंकिंग चार साल में देश में दूसरे स्थान पर पहुँच गई। यह आसान काम नहीं था। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सबसे पहली पसंद के रूप में उभरा है। 

एक्सप्रेसवे देंगे विकास को गति

राज्य में ढांचागत बदलाव एवं बुनियादी संरचना को मजबूत बनाने वाले सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा है कि विकास की गति को तीव्र करने के लिए पाँच एक्सप्रेसवे तैयार हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य में डिफेंस कॉरिडोर रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के कदम को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह याद रखना होगा कि साल 2015-16 में लोगों की प्रतिव्यक्ति आय 47,116 रुपए हुआ करती थी लेकिन अब यह बढ़कर 94,495 हो गई है। राज्य की जीडीपी 2015-16 में 10.90 लाख करोड़ रुपए थी जो आज 21.73 लाख करोड़ रुपए हो गई है। उनकी सरकार में यह बदलाव आया है।

घरों तक साफ जल पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता 

सीएम योगी का कहना है कि प्रत्येक घर को साफ पानी उपलब्ध कराने की दिशा में उनकी सरकार काम कर रही है। बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और 30 हजार राजस्व गाँवों तक पानी पहुँचाने के लिए सरकार एक व्यापक एक्शन प्लान पर काम कर रही है। जेजेएम मिशन के तहत गांवों और शहरों को जोड़ने के लिए आम बजट में राशि का प्रावधान करने के लिए हम प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं। 

चार सालों में ‘नए भारत में नया यूपी का जन्म’  

कोरोना संकट और इससे सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस महामारी से उन्हें कई सीख दी। लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों में पढ़ाई और तैयारी करने वाले छात्रों की अपनी समस्याएं थीं। सरकार ने इनकी सुरक्षित वापसी के प्रबंध किए। राज्य के मेघावी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सरकार ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ लेकर आई। मुख्यमंत्री का कहना है कि इन चार सालों में ‘नए भारत में नए यूपी का जन्म’ हुआ है। इस बात को उनके विपक्षी भी मानते हैं। उनकी सरकार में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता है। योगी का कहना है कि उनकी सरकार तुष्टिकरण की राह पर नहीं बढ़ी। उनकी नीतियों के केंद्र में किसान, युवा, महिलाएँ और गरीब हैं। 

‘वे उरी और पुलवामा को हल नहीं कर सके, लेकिन 20 जिलेटिन छड़ों के पीछे पड़े हैं’: वाजे पर NIA की कार्रवाई से तिलमिलाए संजय राउत

एंटीलिया बम कांड मामले में मुख्य आरोपितों में से एक सचिन वाजे को ‘बेहद ईमानदार और योग्य अधिकारी’ बता कर क्लीन चिट देने के बाद अब शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि एनआईए केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। शिवसेना नेता ने कहा कि जाँच एजेंसियों को ‘कुछ जिलेटिन की छड़ों’ के बजाय खतरनाक आतंकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

विवादास्पद समाचार एंकर राजदीप सरदेसाई से बात करते हुए, शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को महागठबंधन सरकार और मुंबई पुलिस के बीच चल रहे एंटीलिया बम कांड मामले में बचाव किया। शिवसेना के आतंकवादी मामले के कथित लिंक पर प्रतिक्रिया देते हुए, राउत ने कहा कि वह सचिन वाजे के लिए जवाब नहीं दे सकते, लेकिन केवल जाँच एजेंसियाँ ​​ही ऐसा कर सकती है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) पर आरोप लगाते हुए राउत ने कहा कि सभी जानते हैं कि एनआईए, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई किसके इशारे पर काम कर रहे हैं। एनआईए पर सवाल उठाते हुए राउत ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में एनआईए ने क्या हासिल किया है। एनआईए का काम आतंकवादियों के बीच साँठगाँठ को तोड़ना है। बताइए, उरी आतंकी हमले, पठानकोट आतंकी हमले और पुलवामा हमलों के बाद एनआईए ने क्या किया है? क्या उन्होंने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की है?”

शिवसेना नेता ने दावा किया कि एक गाड़ी में 20 जिलेटिन की छड़ें पाए जाने के बाद पूरा एनआईए, केंद्र सरकार और विपक्षी दल इसके पीछे लगा हुआ है। उन्हें देश भर की अन्य खतरनाक आतंकी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। राजदीप सरदेसाई के एक सवाल के जवाब में कि क्या यह मामला महाराष्ट्र सरकार की प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकता है, संजय राउत ने कहा कि विपक्ष इस मामले में ‘राई का पहाड़’ बना रही और इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह ‘मुद्दा’ ‘महाराष्ट्र तक सीमित’ था।

निश्चित रूप से, राउत ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के खिलाफ बम के खतरे को यह दावा करते हुए कम करने का प्रयास किया कि यह सिर्फ उनके घर के बाहर पाए गए कुछ जिलेटिन की छड़ें थीं।

गलती हुई है, शिवसेना में शामिल होना कोई अपराध नहीं है: संजय राउत

साक्षात्कार में, संजय राउत ने यह भी स्वीकार किया कि मुंबई पुलिस ने एंटीलिया बम मामले को सँभालने में गंभीर गलती की है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियाँ भविष्य में दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “यह सच है कि ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए था। पुलिस से एक गलती हुई है और यह दोबारा नहीं होगी।”

एंटीलिया बम कांड मामले में शिवसेना नेताओं के शामिल होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, संजय राउत ने कहा कि कोई भी इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता कि पुलिस निर्वाचित सरकार के तहत काम करती है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन की गलतियों के लिए सरकार जिम्मेदार है और इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रशासन में फेरबदल का आदेश दिया है।

राजदीप सरदेसाई ने शिवसेना और आरोपित सचिन वाजे के बीच संबंधों पर सवाल उठाया, जो 2008 में संजय राउत की पार्टी में शामिल हुए थे। इस पर जवाब देते हुए राउत ने कहा कि शिवसेना में शामिल होना अपराध नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विचारधारा के अधार पर कोई भी पार्टी में शामिल हो सकता है।

राज्यसभा सांसद ने कहा, “एनआईए और एटीएस सचिन वाजे के सभी आरोपों की जाँच कर रहे हैं। आप उचित जाँच के बिना किसी को भी नहीं लटका सकते। अगर कोई गलत काम किया है तो सचिन वाजे को सजा दी जाएगी। क्या शिवसेना का सदस्य होना गुनाह है?”

संजय राउत ने सचिन वाजे का बचाव करते हुए कहा कि वह बहुत ईमानदार हैं

एनआईए ने एंटीलिया-मनसुख मामले में शामिल होने के लिए सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया है। संजय राउत ने विवादास्पद पुलिस अधिकारी का बचाव करते हुए दावा किया था कि सचिन वाजे एक बहुत ही ईमानदार और योग्य अधिकारी हैं। संजय राउत ने कहा था, “मेरा मानना है कि सचिन वाजे एक बहुत ही ईमानदार और सक्षम अधिकारी हैं। उसे जिलेटिन की छड़ें पाए जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एक संदिग्ध मौत भी हुई। मामले की जाँच करना मुंबई पुलिस की जिम्मेदारी है। किसी केंद्रीय टीम की जरूरत नहीं थी।”

दिलचस्प बात यह है कि यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वाजे ने कबूल कर लिया कि वो मुकेश अंबानी को दी गई बम वाली धमकी षड्यंत्र का हिस्सा थे। वो इस पूरे षड्यंत्र का एक बहुत छोटा सा हिस्सा थे और बड़े खिलाड़ी शिवसेना के वो नेता हैं, जिनका उन्होंने नाम लिया है। सचिन वाजे ने पूछताछ में कहा कि वो तो सिर्फ इस पूरे प्रकरण का छोटा सा ऊपरी हिस्सा हैं।

अजान की शोर से परेशान VC की शिकायत पर यूपी में सख्त एक्शन, रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक

मस्जिद में लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर प्रयागराज की वीसी की चिट्ठी पर जिले के आईजी ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाए जाने के आदेश दिए हैं। आईजी का कहना है कि पॉल्युशन एक्ट के तहत रात 10 बजे से सुबह के 6 बजे कर लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह से बैन है। 

इसी एक्ट का पालन कराने के लिए आईजी केपी सिंह ने रेंज के डीएम और एसएसपी को एक चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और पॉल्युशन एक्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह से लाउडस्पीकर बजाने या अन्य किसी पब्लिक अड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी।

आईजी केपी सिंह ने वीसी संगीता श्रीवास्तव की चिट्ठी की कॉपी कमिश्नर, आईजी और डीआईजी को भी सर्कुलेट की थी। जब ये मामला काफी बढ़ गया तो मस्जिद प्रबंधन कमेटी ने चार से हटा कर दो लाउडस्पीकर कर दिए साथ ही उसकी आवाज भी पहले से कम कर दिया। यही नहीं लाउडस्पीकर की दिशा भी बदल दी गई थी।

नींद टूटने से परेशान वीसी ने लिखी थी चिट्ठी

गौरतलब है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने सुबह तड़के मस्जिद में होने वाली लाउडस्पीकर की शोर से नींद खराब होने को लेकर डीएम को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि अलसुबह मस्जिद में रोज सुबह साढ़े पाँच बजे लाउडस्पीकर पर अजान होती है। इससे उनकी नींद खराब हो जाती है। उसके बाद वो तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं सो पातीं। इस वजह से उनके सिर में दिन भर दर्द रहता है और कामकाज भी प्रभावित होता है।

वाइस चांसलर ने चिट्ठी में एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि ‘आपकी स्वतंत्रता वहीं खत्म हो जाती है जहाँ से मेरी नाक शुरू होती है’। उन्होंने साथ ही ये भी साफ किया कि वे किसी संप्रदाय, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने चिट्ठी में आगे कहा कि अजान बिना लाउडस्पीकर के की जा सकती है, ताकि दूसरों की दिनचर्या प्रभावित न हो. चिट्ठी में कहा गया था कि रमजान का महीना भी आने वाला है, आगे तो सहरी की घोषणा भी सुबह 4 बजे होगी। ये उनके और दूसरों के लिए परेशानी की वजह बनेगा।

विधायक असलम चौधरी की धमकी पर डासना मंदिर को मिला VHP का साथ, कहा- ‘हिंदू समाज भी ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है’

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित मुस्लिम बहुल क्षेत्र डासना के शिव-शक्ति मंदिर में आसिफ नाम के एक किशोर की पिटाई के बाद मंदिरों को बदनाम करने का सिलसिला चल पड़ा है। इस बीच महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती को विश्व हिंदू परिषद (VHP) का साथ मिला है। 

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ट्विटर पर एक प्रेस रिलीज जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बजरंग दल के प्रांत संयोजक विजय त्यागी ने गाजियाबाद के डासना मंदिर में 19 मार्च को विधायक असलम चौधरी द्वारा प्रवेश किए जाने पर कहा कि यदि असलम चौधरी हिंदुओं के देवी-देवताओं के प्रति अपनी श्रद्धा व पूर्व में किए गए कृत्यों के पश्चाताप के लिए मंदिर आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है। किंतु यदि असलम जेहादी मानसिकता को लेकर मंदिर में प्रवेश करना चाहते हैं तो प्रांत संयोजक ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि बाबर की औलादों हिंदू समाज ने भी अपने हाथों में चूड़ियाँ नहीं पहन रखी है। हिंदू समाज भी ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है।

विकास त्यागी ने कहा कि हमारे मठ, मंदिरों, साधु संतों व हमारी हिंदू संस्कृति के ऊपर यदि किसी ने हमला करने का तथा ऊँगली उठाने का प्रयास किया तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे। विकास त्यागी ने सरकार से माँग करते हुए कहा कि एमएलए असलम चौधरी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और ऐसी मानसिकता रखने वाले सभी जिहादियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। 

इस प्रेस रिलीज की फोटो शेयर करते हुए विनोद बंसल ने लिखा, “हमें पता है कि आपकी संस्कृति अल्पसंख्यकों को टिकने नहीं देती फिर हिन्दू तो आपके क्षेत्र में नगण्य ही शेष हैं। किन्तु जिहादियों के पैरोकारी करते करते यह मत भूल जाना कि ये हिंदुस्तान है, तुर्की, सीरिया, पाकिस्तान या अफ़ग़ानिस्तान नहीं।”

उन्होंने आगे चेतवानी देते हुए कहा, “भले ही आप लोग 90% से ऊपर होंगे किन्तु विधायक असलम चौधरी जी डासना के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती जी के पवित्र स्थल पर कोई दुस्साहस मत कर बैठना। जनता ने आपको विकास व सुरक्षा के लिए चुना है, धौंस, धमकी या दंगे के लिए नहीं।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से 19 मार्च को डासना चलने की अपील की।

बता दें कि सोमवार (मार्च 15, 2021) को धौलाना के बसपा विधायक असलम चौधरी आसिफ के घर पहुँचे और उसका हाल चाल लिया। इस दौरान असलम ने कहा कि कोई भी धार्मिक स्थल हो, उन पर सभी का अधिकार होता है। देवी मंदिर भी उनके वंशजों की विरासत है। माफिया व अपराधिक प्रवृत्ति के लोग अमन बिगाड़ना चाहते हैं। जिला प्रशासन से ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

असलम ने कहा था, “डासना मंदिर हमारे पूर्वजों का मंदिर है। यह मंदिर हमारे पूर्वजों ने बनाया है। यहाँ पर कुछ गुंडे प्रवृत्ति के लोग आ गए। कुछ लोगों ने बाहर से आकर मंदिर पर कब्जा करना चाहा और तरह-तरह की एक्टीविटी करके यहाँ के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की। मगर यहाँ के हिंदू-मुसलमान के बीच इतनी एकता है कि उन्होंने इसे बिगड़ने नहीं दिया। हम इन गुर्गों को बताना चाहेंगे कि मंदिर हमारी विरासत है। हम पानी पीने भी जाएँगे, अपनी मंदिर की देख-रेख करने भी जाएँगे। मैं मंदिर में जाऊँगा। मैं देखता हूँ कि कौन रोकता है।”

गौरतलब है कि श्रृंगी यादव ने आरोप लगाया है कि आसिफ शिवलिंग पर पेशाब कर रहा था। ‘सुदर्शन न्यूज़’ से बात करते हुए श्रृंगी यादव ने बताया कि वो लड़का झूठ बोल रहा है कि वो पानी पीने के लिए मंदिर के भीतर घुसा था। उन्होंने कहा कि मंदिर में कई शिवलिंग मौजूद हैं। आसिफ को पीटने के मामले में गिरफ़्तारी के बाद जमानत पर बाहर आए श्रृंगी यादव ने बताया कि उसने उस लड़के को शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल में पेशाब करते हुए देखा था। साथ ही इस तथ्य को दोहराया कि अगर उसे पानी पीना होता तो वो मंदिर के बाहर कई चापाकल और नल हैं, उनमें से पी लेता।

इससे पहले मंदिर के पुजारी ने कहा था कि मुस्लिम बच्चे को गलत तरीके से पीड़ित के तौर पर दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि आसिफ मंदिर में पानी पीने नहीं आया था। ये लोग मंदिर में आकर हिंदू लड़कियों से छेड़खानी करते हैं और मूल्यवान चीजें चोरी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ देखने में बच्चा लगता है, लेकिन उसके अंदर जो पलता है, उसके दिमाग में जो भरा जाता है, वह बच्चों का खेल नहीं है।