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सपा और AIMIM के गुंडों की लड़ाई, फिर UP पुलिस पर जानलेवा हमला और पथराव: मीरापुर मतदान के दिन हिंसा मामले में 28 (सभी मुस्लिम) नामजद + 120 अज्ञात के खिलाफ FIR

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मीरापुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान के दौरान पथराव करने वाले आरोपितों पर FIR दर्ज की है। पुलिस ने 28 नामजद और 120 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों में 3 महिलाएँ भी हैं और ये सभी मुस्लिम समुदाय की हैं। ये सभी समाजवादी पार्टी और AIMIM से जुड़े हैं। इसके अलावा AIMIM के प्रत्याशी के बेटे को हिरासत में लिया गया है।

जिन आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, उनके नाम हैं- शेर अली, शाह आलम, दानिश, मट्टू, गुड्डू, जब्बार, शाहनवाज, सावेज, अव्वलीन, सद्दाम, सादाब, औरंगजेब, अंजीम, दीनू, गुलशेर, शाहनजर, जावेद, परवेज, कय्यूम, इनाम, सलमान, सद्दाम-2, अनीस, मौसम, नजर, सुल्ताना बीबी, तोहिदा बीबी और तनजिला बीबी है।

इन आरोपितों के खिलाफ BNS की धारा 109, 115(2), 121(1), 121(2), 125, 131, 132, 190, 191(2), 191(3), 223, 351(2), 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा, इन पर आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम (CrPC) की धारा 7 पर लगाया गया है। इसके अलावा, FIR में अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR में कहा गया है कि शेर अली, शाह आलम, दानिश सहित समाजवादी पार्टी से जुड़े 15 आरोपित और AIMIM से जुड़े दूसरे पक्ष के अजीम, दीनू, गुलशेर सहित 10 आरोपित वोट देने को लेकर आपस में लड़ रहे थे। समाजवादी पक्ष की ओर से 15 आरोपितों के साथ 60-70 अज्ञात लोग थे। वहीं, AIMIM पक्ष की ओर से 10 आरोपितों के साथ 40-50 अज्ञात लोग थे।

पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो वो टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्ष मिलकर पुलिस के साथ गाली-गलौच करने लगे। फिर उन लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। FIR में कहा गया है कि इन लोगों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से हमला किया। उनके द्वारा किए गए पथराव में थाना प्रभारी सहित कई लोग घायल हो गए।

पथराव के कारण सड़क पर दोनों तरफ का ट्रैफिक जाम हो गया और गाड़ियों में बैठे महिलाएँ एवं बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। इसके बाद पुलिस को मजबूर होकर बल करना पड़ा। पुलिस के बल प्रयोग करने के बाद दोनों पक्ष के लोग तितर-बितर हुए और ट्रैफिक जाम हटा। मीरापुर सीट पर समाजवादी पार्टी (SP) की प्रत्याशी सुम्बुल राणा हैं। वह पूर्व सांसद कादिर राणा की बहू हैं। वहीं, AIMIM से अरशद राणा हैं।

पुलिस ने अरशद राणा के बेटे को हिरासत में ले लिया है। आरोप है कि वो मोबाइल फोन लेकर बूथ के पास जा रहे थे। वहीं, दोनों पक्षों ने पुलिस पर इस तरह हमला किया कि पहले तो पुलिस को जान बचाकर भागनी पड़ी। इसके बाद एसएचओ ने पिस्टल निकाल कर भीड़ को खदेड़ा और कहा, “यहाँ से चली जाओ नहीं तो गोली मार दूँगा।” इसकी सूचना मिलते ही SSP भी फोर्स के साथ मौके पर पहुँचे।

इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राजनीति करने की कोशिश की। उन्होंने इसे वोटरों को धमकाने की कोशिश बताते हुए इंस्पेक्टर राजीव शर्मा को सस्पेंड करने की माँग की। अखिलेश यादव ने बुधवार (20 नवम्बर, 2024) को X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है। 28 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिसकर्मियों के आगे कई महिलाएँ खड़ी हैं।

अखिलेश यादव ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “मीरापुर के ककरौली थाना क्षेत्र के SHO को चुनाव आयोग द्वारा तुरंत निलंबित किया जाए, क्योंकि वो रिवॉल्वर से धमकाकर वोटर्स को वोट डालने से रोक रहे हैं।” अपने ट्वीट में अखिलेश ने चुनाव आयोग सहित कई अन्य हैंडलों को टैग किया है। इसके बाद नेटिजन्स उन पर भड़क गए और मामले के छिपाने का आरोप लगाया।

1995 के बाद 2024 में हुई महाराष्ट्र में ताबड़तोड़ वोटिंग, झारखंड के इरफान अंसारी वाले जामताड़ा में 76% मतदान: Exit-Polls में दोनों जगह खिल रहा कमल+

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान 20 नवंबर 2024 को पूरा हुआ। इस चुनाव में कुल 288 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मतदान के प्रतिशत ने राज्य में दूसरी बार सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड बनाया है। 1995 में जहाँ मतदान का प्रतिशत 71.69% था, वहीं बुधवार को महाराष्ट्र में 65.11% वोटिंग हुई।

बता दें कि महाराष्ट्र में विभिन्न जिलों में मतदान के आंकड़े भिन्न थे, जैसे कि कोल्हापुर में सबसे अधिक 76.25% और मुंबई शहर में सबसे कम 52.07% वोट डाले गए। इसी तरह झारखंड में भी कल दूसरे चरण में वोटिंग हुई। इस दौरान कुल 38 सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में लगभग 67.70 प्रतिशत वोट पड़े, जो कि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में 3.39 प्रतिशत अधिक है। सबसे अधिक वोटिंग जामताड़ा में हुई। यहाँ 76.16% वोट पड़े। अभी यहाँ पर इरफान अली विधायक हैं।

बता दें कि दोनों ही राज्यों के नतीजे 23 नवंबर 2024 को साफ होंगे, लेकिन उससे पहले अलग-अलग मीडिया चैनल अपने अनुमानों से नतीजों की तस्वीर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे महाराष्ट्र की 288 सीटों पर पिपुल्स पल्स ने महायुति सरकार को 175 से 195 सीट, MVA को 85-112 सीट मिलते दिखाया है। वहीं पोल डायरी ने महायुति को 122-186 सीट, वहीं MVA को 69-121 मिलते बताया है। इसी तरह बाकी पोल्स ने क्या दिखाया है इसे नीचे टेबल में देखा जा सकता है।

एग्जिट पोल एजेंसीNDAINDIअन्य
पिपुल्स पल्स175-19585-1127-12
पोल डायरी122-18669-12112-29
मैटराइज150-170110-1308-10
टाइम्स नाउ-जेवीसी150-167107-12513-14
चाणक्य स्ट्रैटजी152-160130-1386-8
पी-मार्क137-157126-1462-8
लोकशाही मराठी रूद्रा128-142125-14018-23
दैनिक भास्कर 125-140135-15020-25
इलेक्टोरल एज़11815020
एसएएस127-135147-15510-13

इसी प्रकार झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर सामने आए एग्जिट पोल्स की बात करें तो पिपुल्स पल्स ने 44 से 53 सीटें एनडीए को मिलते दिखाई हैं। वहीं इंडी को 25-27। इसके बाद मैटराइज ने 42-47 सीट एनडीए को मिलती दिखाई है और 25-30 इंडी गठबंधन को। टाइम्स नाऊ ने भी 40-44 सीट एनडीए को मिलती दिखाई है और 30-40 सीट इंडी गठबंधन को। चाणक्य स्ट्रैटेजी ने 45-50 सीट एनडीए के खाने में जाने का अनुमान लगाया है और 35 से 38 इंडी के। बाकी पोल्स में क्या आँकड़े दिखाए गए हैं इसे भी नीचे देखा जा सकता है।

एग्जिट पोल एजेंसीNDAINDIअन्य
पिपुल्स पल्स44-5325-275-9
मैटराइज42-4725-301-4
टाइम्स नाउ-जेवीसी40-4430-401-2
चाणक्य स्ट्रैटजी45-5035-383-5
पी-मार्क31-4037-471-6
दैनिक भास्कर 37-4036-390-2
एक्सिस माई इंडिया17-2749-591-6

गौरतलब है कि एक तरफ जहाँ लोगों की राय जानकर चुनावों के परिणामों पर एग्जिट पोल्स में कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं उद्योग जगत से जुड़े लोग इस बार स्टॉक मार्केट को देखते हुए भी नतीजों पर खूब अंदाजे लगा रहे हैं कि आखिर सरकार किसकी बनेगी। इसके पीछे कारण यही है कि एक तो महाराष्ट्र का मुंबई जो देश की आर्थिक राजधानी है और दूसरा झारखंड जो उद्योग के हिसाब से बड़ा राज्य है।

मतदान के ठीक एक दिन बाद की बात करें तो अभी तो शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई है। फिलहाल सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।। वहीं निफ्टी इस समय 23,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। गौतम अडानी के स्टॉक्स तो लगातार नीचे गिर रहे हैं। उनके शेयरों में ये गिरावट अमेरिका में एक केस दर्ज होने के बाद देखने को मिल रहा, जिसमें कहा गया कि उनकी कंपनी ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल कररने के लिए 25 करोड़ डॉलर दिए हैं।

ओडिशा में जनजातीय युवती को दी प्रताड़ना, खिलाया मल, फसल पर ट्रैक्टर चढ़ाने को लेकर हुआ था विवाद: FIR दर्ज

ओडिशा के बोलांगीर में एक जनजातीय युवती के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उसको पीटा गया और फिर मानव मल उसके मुँह पर फेंक दिया गया। मल उसे खिला तक दिया गया। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। आरोपित युवक फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना बोलांगीर के बंगामुंडा थाने के जुराबाँधा गाँव में हुई। घटना 16 नवम्बर, 2023 को हुई। यहाँ एक अभय बाग़ नाम का गैर जनजातीय युवक ट्रैक्टर चला रहा था। उसने इसी दौरान एक जनजातीय युवती के खेतों में खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया।

जब युवती ने इसका विरोध किया तो अभय बाग़ हिंसक हो गया। उसने युवती के साथ मारपीट करना चालू कर दिया। उसने युवती को धक्का दे दिया। इसके बाद युवती को बचाने आई एक और महिला के साथ भी उसने मारपीट की। अभय बाग़ ने जनजातीय युवती को इसके बाद जमीन पर गिरा मानव मल उसके मुंह फेंक दिया।

यहाँ तक कि युवती के मुंह में भी मल डाल दिया गया। पीड़ित जनजातीय युवती अनाथ है और अपनी थोड़ी-बहुत जमीन पर उसने यह फसल उगाई थी। वह मेहनत मजदूरी करके अपना पेट पालती है। वह अपनी छोटी बहन के साथ रहती है। अभय बाग़ की इस हरकत के बाद जनजातीय समाज गुस्से में आ गया।

जनजातीय समाज ने पुलिस में इस मामले में FIR दर्ज करवाई है। अभय बाग़ पर SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। इसे जनजातीय समुदाय का अपमान करार दिया गया है। पुलिस ने अभय बाग़ की तलाश जारी कर दी है। बाग़ इस घटना को अंजाम देने के बाद से फरार है। दो पुलिस टीम उसकी तलाश के लिए भेजी गई है।

जनजातीय समाज इस मामले में अब बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दे रहा हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस मामले में 4 दिन हो जाने के बाद भी खाली हाथ है।

बांग्लादेश बॉर्डर से सटा जिला, भूमि माँ लक्ष्मी की, नाम रख दिया गया करीमगंज… CM हिमंत बिस्व सरमा ने बदल दिया नाम: अब जाना जाएगा श्रीभूमि

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के करीमगंज जिले का नाम बदलने का एलान किया है। यह जिला अब श्रीभूमि नाम से जाना जाएगा। यह फैसला मंगलवार (19 नवंबर 2024) को हुई कैबिनेट की मीटिंग में लिया गया। CM हिमंत बिस्वा सरमा ने इस निर्णय की वजह सच्चे ऐतिहासिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का अपना संकल्प बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को असम राज्य की कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में प्रदेश के करीमगंज जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया। नए नाम के तौर पर श्रीभूमि सुझाया गया। श्रीभूमि का मतलब हुआ माँ लक्ष्मी की भूमि

करीमगंज जिला जिसका अब नाम श्रीभूमि कर दिया गया है, वो बांग्लादेश के बॉर्डर पर है। यहाँ बांग्ला बोलने वालों की आबादी सबसे ज्यादा है। अंग्रेजों के समय यह सिलहट जिले का हिस्सा हुआ करता था। बँटवारे के बाद सिलहट का कुछ हिस्सा पाकिस्तान (अब का बांग्लादेश) में चला गया, कुछ भारत की ओर रहा। यही हिस्सा अब श्रीभूमि जिले के नाम से जाना जाएगा।

असम कैबिनेट ने सर्वसम्मति से इस बदलाव पर अपनी मुहर लगा दी। बैठक के बाद CM सरमा ने मीडिया से अपने इस निर्णय को साझा किया। उन्होंने कहा कि वो उन तमाम स्थानों ने नाम बदलेंगे, जिसका कहीं कोई ऐतिहासिक उल्लेख न हो।

असम सरकार ने कुछ समय पहले ही कालापहाड़ नाम भी बदला था। इस बदलाव के बारे में उन्होंने कहा था कि कालापहाड़ शब्द असमिया या बंगाली भाषाकोष में नहीं आता। इसी तरह उन्होंने करीमगंज को भी भाषाकोष से बाहर बताया। इसी आधार पर पूर्व में भी हुए बदलाव का जिक्र करते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने बारपेटा के भासोनी चौक का उदहारण दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार श्रीभूमि शब्द बंगाली और असमिया दोनों शब्दकोशों में मिलता है।

करीमगंज का नाम श्रीभूमि करने के पीछे CM सरमा ने साल 1919 में रवींद्र नाथ टैगोर की सिलहट यात्रा का जिक्र किया। इसी यात्रा के दौरान उन्होंने सिलहट के इस क्षेत्र को ‘सुंदरी श्रीभूमि’ कह कर सम्बोधित किया था। बँटवारे के बड़ा सिलहट पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) का हिस्सा हो गया है। बकौल हिमंत बिस्व सरमा करीमगंज का नाम श्रीभूमि रखना ही इस स्थान को उसके ऐतिहासिक मूल्यों से जोड़ेगा।

पत्थरबाजों को छिपाया, UP पुलिस को किया बदनाम: अखिलेश यादव ने डाली कटी हुई वीडियो, जानिए क्यों मीरापुर में खाकी को ताननी पड़ी पिस्टल

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में मीरापुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बुधवार (20 नवंबर, 2024) को मतदान हुआ। इस उपचुनाव में वोट डालने में रुकावट पैदा करने का आरोप लगा कर मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंसा की गई। इस हिंसा के तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन्हीं में से एक वीडियो में एक पुलिस इंस्पेक्टर हाथ में पिस्टल लिए दिखाई दे रहा है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे वोटरों को धमकाने की कोशिश बताते हुए इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने की माँग की है। हालाँकि, मुज़फ्फरनगर पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। नेटिज़ेंस ने भी अखिलेश यादव पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार (20 नवम्बर, 2024) को शाम X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है। 28 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिसकर्मियों के आगे कई महिलाएँ खड़ी हैं। वो गोली ना चलाने की माँग करते हुए कुछ फ़ौरन बंद करने का भरोसा दे रहीं हैं। वहीं पुलिस इंस्पेक्टर को पिस्टल लिए हुए दूर खड़े कुछ लोगों को चेतावनी देते सुना जा सकता है। नीचे सड़क पर कई पत्थर पड़े दिख रहे हैं।

अखिलेश यादव ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “मीरापुर के ककरौली थाना क्षेत्र के SHO को चुनाव आयोग द्वारा तुरंत निलंबित किया जाए, क्योंकि वो रिवॉल्वर से धमकाकर वोटर्स को वोट डालने से रोक रहे हैं।” अपने ट्वीट में अखिलेश ने चुनाव आयोग सहित कई अन्य हैंडलों को टैग किया है।

नेटीजेंस ने शेयर की पूरी वीडियो

अखिलेश यादव के इस ट्वीट पर लोगों ने सच्चाई उनके सामने रख दी है। कई नेटिज़ेंस ने इस ट्वीट के नीचे 1 मिनट 48 सेकेंड का घटना का पूरा वीडियो डाला है। इस वीडियो में भीड़ को उपद्रव के साथ पुलिसकर्मियों पर हमला करते देखा जा सकता है। वीडियो में कई महिलाएँ घरों की छतों पर खड़ी हैं। हमले से बचने के लिए पुलिसकर्मी दीवालों की आड़ लिए हुए हैं। डेढ़ मिनट के वीडियो के सबसे अंत में पुलिसकर्मी हाथ में पिस्टल ले कर उपद्रवियों को खदेड़ने की कोशिश करता दिख रहा है।

अखिलेश यादव को जवाब देते हुए अजय प्रताप सिंह ने लिखा, “भैया आप तो क्लिप कटुआ बन गए, पहले पूरा वीडियो डाला बाद में पता चला कि पत्थरबाजी साफ दिख रही है तो धीरे से वीडियो क्रॉप करके जितना प्रोपेगैंडा में फिट बैठ रहा था उतना वीडियो डाल दिया।” कमोबेश इसी प्रकार के आरोप अखिलेश यादव पर जितेंद्र प्रताप सिंह व लाला आदि हैंडलों से लगाए गए हैं।

क्या है पूरी सच्चाई?

वीडियो में दिख रहे पुलिस इंस्पेक्टर का नाम राजीव शर्मा है। वह वर्तमान में SHO ककरौली हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस ने अखिलेश यादव के ट्वीट को साजिश करार दिया है। मुज़फ्फरनगर के एसएसपी आईपीएस अभिषेक सिंह ने बताया कि एक लम्बी वीडियो का आधा-अधूरा हिस्सा सोची समझी साजिश के तहत साझा किया जा रहा है। एसएसपी ने पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा पिस्टल निकाले जाने के एक्शन को दंगा नियंत्रण का कृत्य बताया है। उन्होंने बताया है कि उपद्रवियों पर केस दर्ज कर के कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस प्रेसनोट

घटना की असल सच्चाई के तौर पर आईपीएस अभिषेक सिंह ने कहा कि दो पक्षों में हिंसा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची थी। पुलिस के पहुँचते ही वहाँ कुछ लोग सड़क जाम करने की कोशिश करने लगे। सड़क जाम को हटाने की कोशिश में जुटी पुलिस पर हमलावरों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हिंसा को पुलिस ने जरूरी बल प्रयोग कर के काबू किया। पुलिस के एक्शन के बाद उपद्रवी मौके से भाग गए और उन्होंने महिलाओं को आगे कर दिया।

मोबाइल ले कर बूथ में भी घुसने की कोशिश

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक मीरापुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान सिर्फ पत्थरबाजी और सड़क जाम जैसी हरकतें नहीं हुईं बल्कि यहीं पर मोबाइल फोन भी पोलिंग बूथ के अंदर ले जाने का प्रयास हुआ। मतदान के दौरान मीरापुर विधानसभा से ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के प्रत्याशी अरशद राणा के बेटे अब्दुल्ला ने मोबाइल फोन सहित बूथ में घुसने की कोशिश की थी। जब पुलिस ने उन्हें रोका तब वो झगड़ा करने लगा था। हालाँकि पुलिस पर अब्दुल्ला के हँगामे का कोई असर नहीं पड़ा। अंत में अब्दुल्ला को बिना मोबाइल फोन के ही बूथ में जाना पड़ा।

बाबा नवनाथ की समाधि को बता रहे दरगाह, हिंदुओं ने भगवा से रंगा तो मुस्लिम भड़के: पुलिस के सामने ही की पत्थरबाजी, मध्य प्रदेश के बुरहानपुर का मामला

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सोमवार (18 नवंबर 2024) को एक चबूतरे को लेकर साम्प्रदायिक तनाव फैल गया। हिन्दू पक्ष इस चबूतरे को बाबा नवनाथ की समाधि बता रहा है। वहीं, मुस्लिम इसे दरगाह साबित करने पर तुले हैं। पुलिस के सामने ही दोनों गुटों में भिड़ंत हो गई। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी भी हुई है। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से हालात को सँभाला।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बुरहानपुर जिले के गाँव बिरोदा का है। इस गाँव में एक चबूतरा है। हिन्दू इसे बाबा नवनाथ की समाधि मानते हैं। कुछ दिन पहले हिन्दुओं ने इस स्थान को भगवा रंग में रंग दिया था। इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन में शिकायत दर्ज करवाई थी। सोमवार को इस शिकायत की जाँच करने कुछ अधिकारी पुलिस प्रशासन के साथ घटनास्थल पर गए थे।

वो दोनों पक्षों से मामले को शांतिपूर्वक ढंग से हल निकालने की अपील कर रहे थे। उसी दौरान माहौल में तल्खी आ गई। बैठक न सिर्फ बेनतीजा रहा, बल्कि प्रशासन के आगे ही दोनों पक्ष भिड़ गए। हिन्दू पक्ष ने मुस्लिम पक्ष पर पत्थरबाजी का आरोप लगाया है। प्रशासन ने हालात सँभालने की भरसक कोशिश की। घटनास्थल पर अतिरिक्त फ़ोर्स मँगवाई गई, फिर उपद्रवियों को खदेड़ा गया।

इस विवाद में दोनों पक्षों के कुल 4 लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए गाँव में फ़ोर्स को तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी भी गाँव में कैम्प कर रहे हैं। बुरहानपुर जिले के एडिशनल एसपी अतर सिंह ने कहा कि CCTV फुटेज सहित अन्य सबूतों से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने दोनों ही पक्षों पर FIR दर्ज कर ली है।

पाकिस्तान में 12 फौजियों के उड़े चिथड़े, TTP ने किया फिदायीन हमला: चेकपोस्ट में घुसा दी विस्फोटकों से भरी गाड़ी

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह राज्य में हुए एक फिदायीन हमले में 12 फौजियों की मौत हो गई। हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने किया है। यह हमला एक चेकपोस्ट पर किया गया था। पाक फौजियों ने वापसी में हमला किया, जिसमें 6 आतंकी मारे गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वाह के बन्नू इलाके में यह हमला मंगलवार (19 नवम्बर, 2024) को हुआ। पाक फ़ौज ने बताया कि बन्नू के मल्लिखेल इलाके में एक चेकपोस्ट पर यह हमला किया गया। पाक फ़ौज ने कहा कि चेकपोस्ट में आतंकियों ने घुसने का प्रयास किया लेकिन उन्हें रोक दिया गया।

फ़ौज ने बताया कि हमला रोकने के बावजूद आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी इस चेकपोस्ट में घुसा दी। इस हमले में 12 फौजी मारे गए। हमले में मरने वालों में 10 पाक फौजी थे जबकि 2 अर्धसैनिक बलों के जवान थे। पाक फ़ौज ने बताया है कि इस हमले की जवाबी कार्रवाई में 6 आतंकी मारे गए हैं।

पाक फ़ौज ने इसके बाद इलाके में आतंकियों को ढूढ़ने के लिए ऑपरेशन चलाया है। पाकिस्तान में बीते कुछ समय में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़े हैं। यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब पाक फौजियों पर हमला किया गया हो। इससे पहले 25 अक्टूबर, 2024 को ही TTP के हमले में ही 14 फौजी मारे गए थे।

TTP के अलावा बलोच लड़ाके भी पाक फ़ौज पर लगातार हमले करते रहे हैं। 17 नवम्बर को हुए एक हमले में 7 फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान मारे गए थे। इससे पहले नवम्बर माह में ही क्वेटा रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में 14 फौजी मारे गए थे। पाकिस्तान में BLA और TTP ने खैर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान में फ़ौज को निशाना बनाया हुआ है।

BLA जहाँ बलूच लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रही है तो TTP पाकिस्तान को इस्लामी अमीरात में बदलना चाहती है। वह चाहती है कि पाकिस्तान भी अफगानिस्तान की तरह तालिबान के दकियानूसी शासन व्यवस्था से चले और यहाँ लोकतंत्र को जड़ से समाप्त कर दिया जाए।

बुलंदशहर के एक गाँव में दलित लड़की की आई बारात, मुस्लिमों ने बंद कराया DJ: रिपोर्ट में दावा- लाठी-डंडे से लैस भीड़ ने घेरा, पुलिस ने नकारा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के एक गाँव में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों पर बारात का डीजे बंद करवाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बारात को लाठी-डंडे से लैस भीड़ ने घेर लिया था। हालाँकि पुलिस ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि डीजे की तेज आवाज को लेकर विवाद हुआ था।

घटना 17 नवंबर 2024 की है। बुलंदशहर के खानपुर थाना क्षेत्र के गाँव प्याना कला में किशनलाल जाटव की बेटी की शादी थी। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में बताया गया है कि टिटोटा गाँव से आए बाराती DJ की धुन पर नाचते-गाते दुल्हन के घर की तरफ द्वारचार के लिए बढ़ रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गाँव के ही कुछ मुस्लिम वहाँ पहुँच गए। उन्होंने बारातियों पर DJ बंद करने का दबाव बनाया।

कथित तौर पर बारातियों ने DJ बंद करने से मना कर दिया तो मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क उठे। दावा है कि 15-20 की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बारात को घेर लिया। इनके पास लाठी-डंडे और तमंचे थे। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुँचे दुल्हन के परिजनों से भी अभद्रता की गई। गंदी-गंदी गालियाँ और जान से मार डालने की धमकी देते हुए तमाम बारातियों को भगा दिया गया। कुछ बाराती ही दुल्हन के घर तक पहुँच पाए।

यह भी आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत गाँव के प्रधान युनूस खान से की तो उसने भी मुस्लिम पक्ष की तरफदारी की। पीड़ितों ने मामले की लिखित सूचना पुलिस को दी है। मंगलवार (19 नवंबर) को पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने के लिए शांति समिति की बैठक बुलाई थी। दुल्हन के परिजन चरन सिंह का दावा है कि इसमें मुस्लिम पक्ष के लोग नहीं आए।

पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुस्लिम पक्ष से 12 लोग नामजद किए गए हैं। 9 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। स्याना के डिप्टी एसपी ने ऑपइंडिया को बताया है कि मारपीट और हथियार लहराने के आरोप निराधार हैं। गाँव की एक मस्जिद में लगे CCTV कैमरे से पूरी घटना की पुष्टि हुई है। DJ की आवाज को कम करने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। उन्होंने शांति बैठक में मुस्लिम पक्ष के लोगों के नहीं आने के दावे को भी गलत बताया है। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने भी कहा है कि बारात को रोका नहीं गया था। मुस्लिमों का भी एक कार्यक्रम चल रहा था, इसके कारण डीजे की तेज आवाज पर कहासुनी हुई थी।

हम तो फूल (कमल) को ही वोट देंगे… जिस दलित युवती ने ठुकराया सपा को वोट देने का ‘आदेश’ उसकी हत्या, करहल के पीड़ित माँ-बाप बोले- रेप कर मार डाला

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के करहल में एक दलित युवती की लाश मिली है। युवती की लाश एक बोरे में भर कर फेंकी गई थी। युवती के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रशांत यादव और मोहन कठेरिया नाम के दो लोगों ने युवती की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि युवती ने करहल विधानसभा उपचुनाव में सपा के बजाय भाजपा को वोट देने की बात कही थी, इसलिए उसकी रेप के बाद हत्या की गई। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

युवती के पिता ने मीडिया को बताया, “3 दिन पहले मैं अपनी बिटिया को कोटा छोड़ने जा रहा था। इसी बीच बबलू नेताजी ने कहा कि वोट वोट डाल कर ही जाना। तब मेरी बिटिया ने कहा कि हम तो फूल (कमल) पर ही वोट देंगे। इस पर प्रशांत यादव ने कहा कि नहीं वोट साइकिल पर ही देना। अगर नहीं दिया तो गाड़ी से नहीं उतरोगे। इसके बाद अगले दिन 12-1 बजे मेरी बेटी को बिठा ले गया। इसके बाद हमने बिटिया को ढूँढा, कहीं नहीं मिली।”

युवती के पिता ने आगे बताया, “इसके बाद बबलू ने प्रशांत यादव को कोठी में बुलाया। हमने उनसे पूछा तो उन्होंने जानकारी से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि बिटिया को हमने रास्ते में उतार दिया था। इनमें से एक का नाम प्रशांत यादव और एक नाम मोहन कठेरिया है। बिटिया कह रही थी कि फूल पर ही वोट देंगे क्योंकि उन्होंने हमारा घर बनवाया… मेरे बेटे ने जब जाकर देखा तो बिटिया की चप्पले प्रशांत के यहाँ मिली। इसके बाद जब पूछा गया तो प्रशांत ने फिर मना कर दिया। बेटे ने कहा कि तुम्हारे यहाँ उसकी चप्पलें मिली हैं।”

युवती के पिता ने आरोप लगाया कि प्रशांत यादव और मोहन कठेरिया ने सपा को वोट ना देने के चलते उनकी बेटी का रेप करके मार दिया है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। यह घटना 19 नवंबर, 2024 को हुई है। परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शराब में नशे की गोली डाल कर पिलाई गई, इसके बाद उसके साथ रेप हुआ और फिर हत्या हुई।

युवती की माँ का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह रोते हुए न्याय की माँग कर रही है। युवती की माँ ने बताया कि परसों (18 नवम्बर, 2024) को भी उनकी बेटी को मोहन और प्रशांत ले गए थे लेकिन छोड़ गए थे। युवती की माँ ने आरोप लगाया कि इसके बाद कल (19 नवम्बर, 2024) को वह बैठा कर ले गए मार दिया। युवती की माँ ने कहा, “मेरी बेटी ने कहा कि हम किसी से डरते नहीं, हम कमल में वोट देंगे, किसी और को नहीं।” मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके मोहन कठेरिया और प्रशांत यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

मोहन कठेरिया और प्रशांत यादव पर SC/ST एक्ट, गैंगरेप और हत्या समेत जहरीला पदार्थ देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा है कि वह मामले में आगे जाँच कर कार्रवाई करेगी। करहल में यह घटना उस दिन सामने आई है जब इस सीट पर विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है।

भाजपा को वोट देने की बात कहने के कारण हत्या करने की बात पर सपा कठघरे में आ गई है। उत्तर प्रदेश भाजपा ने इस घटना को लेकर लिखा, “करहल में सपाई प्रशांत यादव व उसके साथियों ने एक दलित बेटी की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उसने साइकिल पर वोट देने से मना कर दिया था। मैनपुरी में सैफई परिवार और अखिलेश यादव के गुंडे फिर से आंतक का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मतदान करने से पहले एक पिता की पीड़ा जरूर सुनें।”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा पर इस मामले में हमला बोला है। बृजेश पाठक ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “मैनपुरी के करहल में एक दलित बेटी की समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और उसके साथियों द्वारा हत्या किया जाना अत्यंत दुखद एवं घोर निंदनीय कृत्य है। सपा का असली चेहरा यही है, निज स्वार्थ,सत्ता स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है।”

करहल विधानसभा सीट पर भाजपा ने अनुजेश यादव जबकि सपा ने पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को उतारा है। दलित युवती की सपा को वोट ना देने के चलते हत्या के कारण करहल में माहौल भी तनावपूर्ण बना हुआ है। यूपी पुलिस ने करहल में मोर्चा संभाला हुआ है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

एलन मस्क से सीधी टक्कर की तैयारी में मुकेश अंबानी, अलगे साल इंसानी रोबोट लॉन्च करेगा एडवर्ब: जानिए AI के बाद ह्यूमनॉइड में भारत कैसे पसार रहा पैर

AI के बाद भारत ह्यूमनॉइड के क्षेत्र में भी अपने पैर पसारने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस समर्थित रोबोटिक्स स्टार्ट-अप एडवर्ब ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने की घोषणा की है इसे अलगे साल 2025 में लॉन्च किया जाएगा। इसका सीधा मुकाबला एलन मस्क की कंपनी टेस्ला, बोस्टन डायनेमिक्स और एजिलिटी रोबोटिक्स से होगा।

नोएडा स्थित रोबोटिक्स कंपनी ने कहा कि वह फैशन, खुदरा और ऊर्जा क्षेत्रों सहित उद्योगों में जटिल कार्य करने में सक्षम एआई-संचालित ह्यूमनॉइड विकसित करेगी। यह कदम वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स दौड़ में भारत के प्रवेश का प्रतीक है। बता दें कि ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में टेस्ला, बोस्टन डायनेमिक्स और एजिलिटी रोबोटिक्स जैसी कंपनियों का वर्चस्व है।

एडवर्ब रोबोटिक्स में रिलायंस ने साल 2021 में निवेश किया था। इसके बाद मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी के किराना, फैशन, पेट्रोकेमिकल्स और स्वास्थ्य सेवा सहित विविध व्यवसायों में कई उन्नत रोबोटिक को तैनात किया। कंपनी ने कहा कि ऐडवर्ब ह्यूमनॉइड विकसित करने और समूह के व्यवसायों में इसे बड़े पैमाने पर तैनात करने के लिए रिलायंस के साथ मिलकर काम करेगा।

ऐडवर्ब ने पहले भारत का पहला चौगुना ‘ट्रैकर’ पेश किया था, जो एक एआई-संचालित रोबोट है। यह खुद नेविगेशन, मॉड्यूलर पेलोड और रखरखाव और विभिन्न इलाकों में चलने की क्षमता रखता है। ऐडवर्ब ने अपने स्टार्टअप की शुरुआत ऑटोमेशन प्रणाली और मोबाइल रोबोट विकसित करने के साथ शुरू की थी। अब ह्यूमनॉइन के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाने वाली है।

ऐडवर्ब के सह-संस्थापक और सीईओ संगीत कुमार ने कहा, “ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में हमारा प्रवेश ‘3डी’ नौकरियों को खत्म करने की हमारी महत्वाकांक्षा से प्रेरित है, जो सुस्त, गंदी और खतरनाक हैं। कंपनी रिलायंस के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का लाभ उठाने की योजना बना रही है। कंपनी विकास प्रक्रिया में Jio के AI प्लेटफ़ॉर्म और 5G सेवाओं को शामिल कर रही है।

ऐडवर्ब का यह ह्यूमनॉइड रोबोट एडवांस AI होगा जो विजन, ऑडियो और स्पर्श इनपुट से बड़ी मात्रा में मल्टी-मॉडल डेटा को प्रोसेस करने में सक्षम होगा। डायनेमिक और सेल्फ लर्निंग एल्गोरिदम का लाभ उठाते हुए यह ह्यूमनॉइड जटिल वातावरण को नेविगेट करेगा, जटिल कार्य करेगा, रियल टाइम में निर्णय लेगा। यह गोदामों, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न उद्योगों में वर्कफ़्लो को अनुकूल बनाएगा।

ह्यूमनॉइड रोबोट में अत्याधुनिक जीपीयू तकनीक, ऊर्जा-कुशल एक्चुएटर्स और दोनों हाथ द्वारा कार्य करने की क्षमताएँ होंगी। इससे वह विभिन्न इलाकों में नेविगेट करने और जटिल कार्य करने में सक्षम बनाएगी। इससे वह गतिशील वातावरण में खुद को संचालित करने के लिए विज़ुअल और लैंग्वेज एक्शन (वीएलए) तकनीक को शामिल करेगा।

सीईओ संगीत कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य न केवल एक विश्वस्तरीय ह्यूमनॉइड रोबोट बनाना है, बल्कि डाउनस्ट्रीम कंपनियों का एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जैसा कि हमने भारत में वेयरहाउस ऑटोमेशन में हासिल किया है। यह पहल भारत में ह्यूमनॉइड रोबोट को बढ़ावा देगी और इस तकनीक को वैश्विक रूप से अपनाने में सहायता करेगी। हम परिवर्तनकारी प्रगति की दिशा में रोमांचक यात्रा शुरू कर रहे हैं।”

ऐडवर्ब रोबोटिक्स के ग्राहकों में रिलायंस के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL),पेप्सिको, मेर्स्क, मोंडियल रिले, डीएचएल और लैंडमार्क प्रमुख हैं। ऐडवर्ब अमेरिका, यूरोप और एशिया में ऑपरेशनल है। कंपनी का कहना है कि वह भारत के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के साथ रोबोटिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।