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‘मोहल्ला खाली करके भागो’: अजरुद्दीन सहित 40-50 कट्टरपंथियों ने BJP पार्षद के पति को घोंपा चाकू, पथराव भी; पुलिस ने 4 को गिरफ्तार कर निकाला जुलूस

राजस्थान के भीलवाड़ा में पटाखा फोड़ने पर भाजपा नेता देवेंद्र सिंह हाड़ा को कट्टरपंथी मुस्लिमों के एक समूह ने चाकू मार दिया। इस हमले में देवेंद्र और उनका भतीजा योगेश हाड़ा उर्फ बबलू सहित तीन लोग घायल हो गए हैं। हमलावरों ने पथराव किया और तीन कारों को भी आग लगा दी। पुलिस ने FIR दर्ज करके चार आरोपितों को पकड़ लिया है और बाजार में उनका जुलूस निकाला।

पुलिस ने बताया कि हिंदू पक्ष के कुछ लोग पटाखे छोड़ रहे थे। इसको लेकर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई और उन पर पथराव और फिर हमला कर दिया। इस हमले में देवेंद्र सिंह हाड़ा को चोटें भी आई हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 25 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

घटना भीलवाड़ा शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र की है। वहाँ भाजपा पार्षद मंजू देवी के पति देवेंद्र सिंह हाड़ा भीमगंज थाने के पास चाय की दुकान चलाते हैं। गुरुवार (24 अक्टूबर 2024) की देर शाम वे कुछ युवकों के साथ अपनी दुकान के बाहर पटाखे फोड़ रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय विशेष के करीब 40-50 लोग मौके पर पहुँचे और पटाखे फोड़ने पर आपत्ति जताई।

देवेंद्र हाड़ा ने बताया कि दिवाली का माहौल है, इसलिए वे पटाखे जला रहे हैं। यह सुनकर अजहरुद्दीन नाम के एक मुस्लिम युवक ने चाकू निकाल लिया और उन पर हमला कर दिया। उसने चाकू देवेंद्र के पेट में घोंप दिया। जब हिंदू पक्ष के अन्य लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन पर भी हमला कर दिया गया। देवेंद्र और योगेश के अलावा आनंद शर्मा भी घायल हो गए।

कहा जा रहा है कि हमलावरों ने देवेंद्र सिंह हाड़ा को 3-4 बार चाकू घोंपा। वहीं, एंबुलेंस चालक अमित शर्मा और एक छात्र आदि शर्मा के साथ मारपीट की गई। घटना की जानकारी मिलते ही अन्य हिंदू और पुलिस वहाँ पहुँची तो हमलावर भाग गए। इसके बाद पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुँचाया। बड़ी संख्या में हिंदू अस्पताल पहुँचे और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर जमकर हंगामा किया।

हमला और आगजनी के मामले में पुलिस ने चार रिपोर्ट दर्ज की है। देवेन्द्र सिंह हाड़ा ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अपनी चाय की दुकान पर दो लोगों के साथ पटाखे फोड़ रहे थे। उसी दौरान गुलजार नगर निवासी अजहरुद्दीन लोहार, उसका भाई शाहिद, फैजान, फरदीन, खालिक लोहार सहित 30-40 लोग आए और चाकू व अन्य हथियारों से हमला कर दिया।

इसी तरह पार्षद मंजू देवी हाड़ा ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि मंगला चौक में जुनैद, जावेद, मोनू, युनूस, इमरान, जफर, ओमान, जुनैद, नोमान, फिरदौस, टीना, जरीना, मुमताज, बिलकिस आदि ने सरिये-डंडे और पत्थर लेकर उनके घरों पर हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि ये लोग मोहल्ला खाली करने की भी धमकियाँ दे रहे थे।

वहीं, मंगला चौक नागौरी मोहल्ला निवासी विनोद सोनी ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में कहा है कि रात करीब 11 बजे सलीम अंसारी, मोनू अंसारी, युनूस, इमरान, खालिद, बिलाल सहित कई मुस्लिम महिलाओं ने अपने घरों से पथराव किया। यह पथराव मंगला चौक के कई इलाकों में की गई है। वहीं, असलम शेख ने अपनी कार में आग लगाने की शिकायत दी है।

इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों एवं भाजपा से जुड़े लोगों ने शुक्रवार (25 अक्टूबर) को शहर में विरोध प्रदर्शन किया। महापौर राकेश पाठक के नेतृत्व में भाजपा और निर्दलीय पार्षद एसपी धर्मेंद्र सिंह से मिले। उन्हें ज्ञापन देकर आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने की माँग की। नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ समय से शहर में विशेषकर हिंदू त्योहारों पर सुनियोजित रुप से लगातार हमले हो रहे हैं।

हालात को देखते हुए पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें चाकू मारने वाला अजरुद्दीन भी शामिल है। आरोपितों को लेकर पुलिस ने बाजार में जुलूस भी निकाला। इसके बाद किसी घटना को रोकने के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है।

टाइट योनि से नहीं, ममता से भरी होती हैं जन्म देने वाली माँ: निया शर्मा के नाम एक मर्द का खुला खत

पहले एक फोटो देखते हैं। अश्लील शब्द को जो लोग ज्यादा ही दिल से लगाते हैं, उनका भी ख्याल रखते हुए इंसान की जगह जानवर की तस्वीर जानबूझ कर चुनी गई है। तस्वीर में एक कहानी है – जीवन श्रृंखला को आगे बढ़ाने की कहानी।

फोटो साभार: NADIS, Synergy Farm Health, Vecteezy

तस्वीर की सबसे बाईं ओर मादा जानवर का जननांग है। बीच में एक महिला पशु चिकित्सक उस जननांग में हाथ डाले हुई हैं। ध्यान से देखेंगे तो महिला पशु चिकित्सक के बाएँ हाथ में एक लंबी सूई जैसी कोई चीज भी नजर आएगी। यह सूई कुछ और नहीं बल्कि कृत्रिम गर्भाधान करने का एक टूल है। सबसे दाहिने देखेंगे तो जानवर के उसी जननांग से एक बच्चा निकल रहा है।

प्रिय निया शर्मा जी, नमस्कार

ऊपर जो ज्ञान की बात मैंने की, उम्मीद है आपको अश्लील नहीं लगी हो। बाकी अपना सब ठीक है, आपकी कुशलता की कामना भी करता रहता हूँ। आप मॉडल हैं, अदाकारा हैं। ग्लैमर की दुनिया में नौकरी करती हैं। अपने पेशे की वजह से लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँच है। इन्हीं लाखों लोगों में मैं भी हूँ। अच्छी लगती हैं आप मुझे। भगवान ने फुरसत में तराशा है आपको। विशेषण वाले शब्द ज्यादा लिखने पर सेक्सिस्ट का ठप्पा लगा दिया जाएगा, इसलिए छोड़ रहा हूँ… लेकिन हैं आप बहुत सुंदर।

मैं थोड़ा उम्रदराज हूँ। लेकिन आपसे न जाने क्यों, एक कनेक्शन सी फील होती है। पहले वाले हीरो-हिरोइन से वैसी फीलिंग कभी आई नहीं। इसमें मेरा नहीं, दोष सोशल मीडिया का है। आपकी किसी पोस्ट पर जब कॉमेंट करता हूँ तो लगता है आप उसे पढ़ रही हैं। बिजी हैं तो जवाब नहीं देती हैं लेकिन पढ़ तो रही होती हैं… तसल्ली होती है दिल में।

बस एक शिकायत है आपसे। आप कुछ बेचा मत कीजिए। बहुत चीप फील करता हूँ मैं। कहाँ आप, कहाँ बेचा-बेची का धंधा करने वाले लोग। 

मतलब ऐसा नहीं है कि उत्पाद बेचने में कोई बुराई है। जिस उत्पाद से समाज का लाभ हो, मनोरंजन हो, हँसी-ठिठोली हो, टाइमपास हो… ऐसे उत्पाद से भला किसको एतराज होगा। कॉन्डम का विज्ञापन तो आता ही है, बड़े से बड़ा स्टार इसमें अपना चेहरा दिखा चुके हैं। लेकिन आपको मेरी कसम! Please!

अब देखिए न, आप जैसी भोली-भाली औरत को फँसा लिया न योनि को टाइट करने वाले विज्ञापन में। जिस भगवान ने तराशा है आपको, कम से कम उन पर तो तरस खाइए आप। उन पर न सही, मेरे लिए ही सही!

एक और ज्ञान की बात सुनिए अपने हिंदुस्तान की। चाहता तो यह अमिताभ से लेके अनन्या पांडे तक को शेयर कर सकता था लेकिन सिर्फ आपको बता रहा हूँ। कनेक्शन है आपसे इसलिए। योनि का कसाव, टाइट योनि, वर्जिनिटी, 72 वर्जिन हूर आदि-इत्यादि का कॉन्सेप्ट अब्राहमिक सभ्यताओं से उपजे समाज और दिमाग की सोच है। हिंदुस्तान में ऐसी दकियानुसी सोच किसी की नहीं। जिसकी है भी, समझिए वो पथ-भ्रष्ट है।

आप सुंदर हैं, यह मैं आँख बंद करके भी कह सकता हूँ। आप समझदार भी हैं, ऐसा मेरा दिल बार-बार कहता है। न चाहते हुए भी 1% चांस लेकर ऊपर ट्वीट इसलिए लगा दिया हूँ कि कहीं आप भी तो पथभ्रष्ट नहीं हो गई हैं ग्लैमर की दुनियावी चकाचौंध में। इसलिए उपरोक्त ज्ञान के संबंध में साक्ष्य भी उपलब्ध करा दिए। कसी हुई योनियों के मकड़जाल में मत फँसिए। पत्थर में जान फूँकने वाले कलाकार पर माँ सरस्वती की कृपा आपसे भी अधिक रही है, इस सत्य से कैसे इनकार कर दूँ। जब उन महान कलाकारों ने योनि को लेकर संकुचित विचार नहीं रखे तो हमारी-आपकी क्या औकात।

आप पैसों की भी लालची नहीं हैं, ऐसा मेरा दिल कहता है। फिर भी पैसों के लिए दिल भटक जाए तो उसका भी उपाय है। योनि का कसाव इसके लिए एकमात्र रास्ता नहीं।

गुलाब कैसे खिलाएँ? गाजर की खेती कैसे करें? गौ माता की सेवा करने के क्या-क्या फायदे? हॉकी खेलें, तन-मन जगाएँ टाइप के विज्ञापन कीजिए प्लीज। पैसे भी मिलेंगे, समाज का भी फायदा होगा। दुनिया देखेगी, विश्वास कीजिए। और मैं तो रहूँगा ही आपको देखने के लिए!

आपको दिल से चाहने वाला

जानवर जैसा आतंकी नंगा बैठता था बगल में, बार-बार पूछता था- पीरियड कब खत्म होंगे: हमास के चंगुल से छूटी पीड़िता ने UN में सुनाई आपबीती, बताया- चेन से बाँधकर अकेले में रखा था

7 अक्तूबर 2023 को हमास आतंकियों ने इजरायल में हमला करके सैंकड़ों लोगों को मारा था और कई लोगों को बंधक बनाकर साथ ले गए थे। इन बंधकों में से एक एमित सौसाना (Amit Soussana) भी थीं। छुट्टी वाले दिन घर में बैठी सौसाना जानती भी नहीं थी कि कुछ देर में उनका घर खाक हो जाएगा और वो आतंकियों की गिरफ्त में होंगी।

अचानक गाजा से मिसाइलें आईं। कमरे में बम फटा और फिर आतंकी घर में घुस उन्हें घसीटकर अपने साथ ले गए। गाजा ले जाते वक्त उन्हें मारा गया, उनके प्राइवेट पार्ट छुए गए, उन्हें तड़पाया गया और गाजा पहुँचने के बाद फिर उनका यौन शोषण हुआ। तमाम प्रताड़नाएँ देने के बाद उन्हें संघर्ष विराम के बाद रिहा किया गया।

सौसाना अब उस जहन्नुम से आजाद हैं और अपने लोगों के बीच हैं। हाल में वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति के मंच पर दिखाई दीं। यहाँ उन्होंने सबको बताया कि आखिर हमास ने उनके साथ क्या-क्या किया था।

सौसाना के अनुसार, जब उन्हें बंधक बनाया गया था तब उन्हें एक ऐसे आतंकी के साथ अकेले रखा गया था जो राक्षसी जानवर जैसा दिखता था। उस आतंकी ने उनके साथ वीभत्सता की हद पार करते हुए उनका यौन शोषण किया था। उसने बंदूक की नोक दिखाकर उनके साथ हर हैवानियत की थी। वह याद करते हुए कहती हैं कि वो आतंकी उनके मुँह पर गंदी सांस लेता था, उनकी शर्ट उठाकर उन्हें बार-बार छूता था।

टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, उन्होंने कहा, “मेरे पैर चेन से बाँधे गए थे। आतंकी नंगा होकर उनके बगल में बैठता था, फिर मेरी शर्ट उठाता था, मुझे लगातार छूता था और पूछता रहता था तुम्हारे पीरियड कब खत्म होंगे।”

वह कहती हैं कि वो अच्छे से जानती थीं कि उसे उनके साथ क्या करना है, लेकिन बावजूद इसके वो कुछ नहीं कर सकती थीं। शोषण करने के बाद उन्हें रोने या उदास होने का हक भी नहीं था। उन्हें उस हैवान के साथ अच्छे से बर्ताव करना पड़ता था जो उनका उत्पीड़न करता था।

एमिट ने यूएन को बताया, “आज भी एक ऐसा दिन नहीं जाता कि मुझे वो घटिया आतंकी याद न आए कि उसने मेरे साथ क्या किया। मैं रोज याद करती हूँ कि अब मैं आजाद हूँ और वो मेरा कुछ नहीं कर सकता।”

सौसाना बताती हैं कि उस आतंकी के साथ कुछ दिन बिताने के बाद उन्हें दूसरे हमास आतंकियों के पास भेज दिया गया था। हालाँकि उन आतंकियों ने उन्हें प्रताड़ित किया, रस्सी पर लटकाकर मारा-पीटा, ऐसी सुरंग में ले गए जहाँ उन्हें लगा कि उन्हें जिंदा गाड़ा जाएगा… मगर फिर भी यहाँ वो ये शुक्र मनाती थीं कि कम से कम उनके साथ वो आतंकी नहीं है जिसने उनका यौन उत्पीड़न किया।

वह कहती हैं कि उन्हें ये सारी बातें बताते हुए बहुत पीड़ा है लेकिन वो बताएँगी क्योंकि उनका वादा था दूसरी बंधकों से। हमास आतंकियों की बर्बरता को याद वह कहती हैं कि वो शांत नहीं रह सकतीं क्योंकि अब भी कई बंधक गाजा में हैं।

बता दें कि सौसाना पहली महिला सर्वाइवर हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से गाजा में हुए यौन उत्पीड़न को यूएन के सामने रखा।

अमन अंसारी ने हिंदू लड़की को घर में घुसकर पीटा, धर्म परिवर्तन कर निकाह का दबाव: डर के मारे 10वीं की परीक्षा छोड़ चुकी है पीड़िता, UP पुलिस ने दबोचा

मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र में मुस्लिम युवक अमन अंसारी हिंदू परिवार की नाबालिग बच्ची को धमका कर उस पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव डाल रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपित अमन अंसारी को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि अमन अंसारी ने मंगलवार (22 अक्टूबर 2024) को किशोरी के घर में घुसकर उसे डंडों से भी पीटा था, साथ ही बात न मानने पर खुद की जान देने की भी धमकी दी थी। वो पीड़ित किशोरी को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिसकी वजह से पीड़िता और उसके परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वो 5 अक्टूबर को भी किशोरी को अपने साथ लेकर जाने की कोशिश कर चुका था।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता की माँ ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि उनकी बेटी को अमन अंसारी की धमकियों के चलते स्कूल की परीक्षाएँ भी छोड़नी पड़ीं। वो बेटी पर निकाह के लिए दबाव डाल रहा था।

पीड़िता की माँ की तहरीर पर पुलिस ने मामले की प्राथमिकता से जाँच शुरू की। इसके बाद कोतवाली इंस्पेक्टर फतेह बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने आरोपित अमन अंसारी को उसके घर पर ही दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अमन अंसारी से पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।

इंस्पेक्टर कोतवाली बहादुर सिंह ने बताया कि युवती और उसके परिवार को धमकाने के आरोप में अमन अंसारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पीड़िता और उसका परिवार अब सुरक्षित है, और आरोपित को न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

इस मामले में एसपी विनोद कुमार ने कहा कि पड़ोसी युवक द्वारा किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने की शिकायत मिली है। आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि किशोरी का मेडिकल परीक्षण के साथ मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सलीम ने सोनिया को गर्भवती किया, करवा चौथ का व्रत रखवाया, उसी दिन मार कर जमीन में दफना दिया: 12वीं की हिंदू लड़की का ऐसे हुआ अंत

एक मुस्लिम लड़के के प्यार के फाँस में उलझकर एक हिंदू लड़की ने फिर अपनी जान गँवा दी। सोनिया। यही नाम है उस अभागिन लड़की का। घर वाले प्यार से उसे सोना कहकर बुलाते थे। सोनिया जिससे प्यार करती थी, उसे संजू बताती थी। हालाँकि, उसका असली नाम सलीम है। सलीम ने करवा चौथ के दिन सोनिया को मिलने के लिए बुलाया और हत्या करके लाश को दफना दिया।

सोनिया की उम्र 20 साल थी और 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। दिल्ली के नांगलोई की रहने वाली सोनिया और संजू उर्फ सलीम के बीच दोस्ती हुई और फिर प्यार। वह घंटों-घंटों तक फोन पर बात करती। परिवार वाले जब उससे पूछते कि किससे बात कर रही हो तो वह कहती कि अपने ‘भूत’ से बात कर रही है। उसने अपने इंस्टाग्राम पर ‘I Love Bhoot’ लिख रहा था।

सोना ने अपने मोबाइल में भी सलीम का नंबर Bhoot नाम से सेव कर रखा था। हालाँकि, घरवाले जानते थे कि वह किसी से प्यार करती है, लेकिन वो ये नहीं जानते थे कि लड़का कौन है। कुछ समय बाद पता कि उस लड़के का नाम संजू है। इस बीच सोनिया की छोटी बहन उसके साथ संजू के घर चली गई। उसकी बहन कहती है, “जब हम घर गए, तब पता चला कि वह मुस्लिम है।”

परिवार के सामने संजू का भेद खुल गया था, लेकिन सोना अपनी दुनिया में मस्त थी। सोना के परिजनों ने उसे कई बार समझाया कि वह रिश्ता खत्म कर ले, लेकिन सोनिया तो किसी दूर की जादुई दुनिया में जी रही थी। परिजनों की बातें उसे अच्छी नहीं लगती। उसका भाई भी समझाता कि जिससे वह मिलती है वह ठीक लड़का नहीं है। उससे दूर रहे, लेकिन वह कहाँ मानने वाली थी।

उसे इस बात से मतलब नहीं था कि संजू है या सलीम, हिंदू है या मुस्लिम। वह साथ जीने-मरने का ख्वाब देखा करती थी। दोनों के बीच प्यार की कहानी आगे बढ़ती रही। प्यार के नाम पर दोनों के बीच जिस्मानी रिश्ते बनने लगे। सलीम उसका इस्तेमाल अपनी हवस की आग बुझाने के लिए करने लगा। इसका परिणाम ये हुआ कि सोनिया बिना शादी किए ही 7 महीने की गर्भवती हो गई।

सोनिया को सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर ऐक्टिव रहने का बहुत शौक था। वह रील बनाती और उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड करती रहती। उसके 6700 फॉलोअर थे। जिंदादिल सोनिया अब परेशान रहने लगी। बिना शादी के 7 महीना का गर्भवती होना इस समाज में कोई साधारण बात नहीं थी। परिवार के साथ-साथ समाज के ताने सबसे बर्दाश्त नहीं होते।

सोनिया ने अब सलीम पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। सलीम टाल-मटोल करने लगा। लेकिन, प्यार में अंधी और अपनी स्थिति से मजबूर सोनिया को अब भी आस थी कि सलीम उसे अपना लेगा। उसने सलीम के नाम पर करवा चौथ का व्रत भी रखा और व्रत तोड़ने के लिए वह सलीम से मिलने भी गई, लेकिन लौटकर फिर कभी नहीं आ पाई। आई तो बस लाश।

सोनिया के घरवालों ने करवाचौथ के अगले दिन 21 अक्टूबर को उसके लापता होने की रिपोर्ट नांगलोई थाने में दर्ज कराई। भाई ने आरोपित संजू पर संदेह जताया। दिल्ली पुलिस ने जाँच शुरू की तो पता चला कि सोनिया को अंतिम कॉल संजू ने ही की थी। इस बीच सलीम बिना नंबर प्लेट की बाइक से पश्चिम विहार में घूम रहा था। इसी दौरा दिल्ली पुलिस ने उसे दबोच लिया।

सलीम के पास से पास पुलिस को सोनिया के पिता का आईडी कार्ड मिला। संदेह के आधार पर पुलिस ने संजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात कबूल कर ली। उसने बताया कि सोनिया की हत्या की साजिश उसने पहले रच ली थी। इसके लिए करवा चौथ का दिन तय किया था। उसी ने सोनिया को करवा चौथ व्रत रखने के लिए मनाया था।

सलीम ने बताया कि करवा चौथ का व्रत खुलवाने के नाम पर उसने सोनिया को बुलाया था। इसके बाद अपने दो दोस्तों- पंकज और ऋतिक के साथ किराए की एक कार में घुमाने के बहाने ले गया। सलीम ने पुलिस को बताया कि रोहतक और बहादुरगढ़ के बीच हाईवे पर सोनिया को अंदेशा हो गया था कि उसके साथ कुछ अनहोनी होने वाली है। इसके बाद उसने विरोध करना शुरू कर दिया।

सोनिया के विरोध को देखते हुए सलीम ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए रोहतक पहुँचे। वहाँ थाना बहु अकबरपुर क्षेत्र के मदीना गाँव के जंगलों में करीब 4-5 फुट गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। इसके बाद वे सभी दिल्ली लौट आए। इनमें से एक आरोपित मदीना गाँव का भाँजा है और वह कथुरा गाँव का रहने वाला है।

पुलिस ने सलीम की निशानदेही पर उसके दोस्त पंकज को गिरफ्तार कर लिया। रोहतक से शव को बरामद करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि संजू का असली नाम सलीम है, यह बात सोनिया जानती थी या नहीं, इस बात की जाँच की जा रही है। इस मामले का तीसरा आरोपित ऋतिक अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाशी में लगातार दबिश दे रही है।

‘कनाडा में भारतीय छात्रों को बहका कर अपने साथ जोड़ते हैं खालिस्तानी आतंकी, माता-पिता भी रखें ध्यान’: हाई कमिश्नर रहे संजय कुमार वर्मा ने किया आगाह

कनाडा में भारत के पूर्व हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा ने खुलासा किया है कि खालिस्तानी आतंकवादी भारतीय छात्रों और वहाँ के भारतीय समुदाय को गुमराह कर अपने टारगेट को पूरा करने के लिए उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय छात्रों के अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और छात्रों को अपने आस-पास के माहौल के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया है।

संजय कुमार वर्मा ने बताया कि, “कनाडा में इस समय खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों का भारतीय समुदाय, विशेष रूप से छात्रों पर खतरा मंडरा रहा है।” उन्होंने बताया साल 2023 के आँकड़ों के अनुसार, कनाडा में लगभग 3,19,000 भारतीय छात्र हैं, जो शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर भविष्य की तलाश में वहाँ गए हैं। वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को आर्थिक तंगी और बेरोजगारी का लाभ उठाकर खालिस्तानी उन्हें गलत दिशा में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।

एनडीटीवी से बातचीत में संजय वर्मा ने कहा, “कनाडा की आर्थिक स्थिति और सीमित नौकरी के अवसरों का फायदा उठाते हुए इन छात्रों को पैसे और भोजन का लालच दिया जाता है, और धीरे-धीरे उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल किया जाता है।”

संजय वर्मा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि छात्रों को भारतीय राजनयिक भवनों के बाहर जाकर भारत विरोधी नारे लगाने और भारतीय झंडे का अपमान करने के लिए उकसाया जाता है। इसका उद्देश्य होता है कि बाद में ये छात्र राजनीतिक शरण की माँग करें और यह कहें कि अगर वे भारत लौटते हैं, तो उन्हें सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ऐसे कई मामलों में कुछ छात्रों को शरण भी मिल चुकी है।

वर्मा ने अभिभावकों से अपने बच्चों के संपर्क में रहने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें नियमित रूप से बात करके उनकी स्थिति को समझने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “कनाडा में छात्रों पर जो निगेटिव बातें असर डालती हैं, उनसे वो गलत रास्तों पर जा सकते हैं। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन दें और उन्हें समझाएँ कि उनके द्वारा लिए गए फैसलों का उनके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।”

संजय कुमार वर्मा ने यह भी बताया कि भारत ने कनाडा को वहाँ सक्रिय आतंकी गुटों के बारे में सबूत दिए थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “मेरे पास कनाडा में नियुक्ति के बाद से एक भी ठोस सबूत नहीं दिया गया है जो भारत सरकार के खिलाफ इन आरोपों को साबित कर सके। बल्कि, हमने खुद कनाडा को खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सबूत दिए, जिन पर कोई कदम नहीं उठाया गया।”

इससे पहले, एएनआई से बातचीत में अपने एक डरावने अनुभव का जिक्र करते हुए वर्मा ने बताया कि जब वे अल्बर्टा में थे, तो उन पर एक खालिस्तानी द्वारा तलवार से हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “दो-तीन बार ऐसे मौके आए जब मेरे शरीर के करीब तलवार आई। एक बार तो यह 2 से 2.5 इंच तक करीब आ गई थी। यह कोई कृपाण नहीं, बल्कि तलवार थी।”

भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में खटास तब और बढ़ गई, जब पिछले साल सितंबर में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यह आरोप लगाया कि भारतीय एजेंसियों ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भूमिका निभाई। भारतीय सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कनाडा सरकार से पुख्ता सबूत माँगे। हालाँकि बाद में कनाडा ने कहा कि उसके पास कोई पुख्त सबूत नहीं है।

PM ट्रुडो ने कनाडाई लोगों के विरोध के बाद अप्रवासियों के मुद्दे पर लिया U-Turn: पहले कहा था सबको देंगे कनाडा में जगह, अब जनसंख्या देख हालत हो गई खस्ता

लिबरलों के चहेते कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अपनी बनाई ‘लिबरल’ नीतियाँ भारी पड़ रही हैं। दरअसल, ट्रूडो ने अपना कार्यकाल संभालने के साथ ही कनाडा में अप्रावासियों के लिए दरवाजे खोल दिए थे और अपने कदम को वह कनाडा के विकास से जोड़कर बताते दिखते थे। हालाँकि अब उन्हें अपने ही फैसले के परिणाम दिखने लगे और अब उन्होंने अप्रवासियों को देश में स्थायी नागरिकता देने पर रोक लगाई है।

उन्होंने 24 अक्तूबर को एक ट्वीट किया और बताया, “हम अगले दो वर्षों के लिए कनाडा आने वाले अप्रवासियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी करने जा रहे हैं। यह अस्थायी है – हमारी जनसंख्या वृद्धि को रोकने और हमारी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए। हमें सभी कनाडाई लोगों के लिए सिस्टम को सही तरीके से काम करना होगा।”

ट्रुडो का यह निर्णय 2025 से 2027 तक लागू होगा और इसका उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना और अर्थव्यवस्था को स्थिर करना है। ट्रूडो ने घोषणा की कि 2025 में कनाडा केवल 395,000 नए स्थायी निवासियों को स्वीकार करेगा, जबकि पहले यह संख्या 500,000 निर्धारित की गई थी। इसके बाद, 2026 में यह संख्या घटकर 380,000 और 2027 में 365,000 हो जाएगी। इस प्रकार, कनाडा की सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अगले कुछ वर्षों में अप्रवासियों की संख्या को कम करने जा रही है।

मालूम हो कि 2015 में सत्ता में आने के बाद ट्रुडो ने अप्रवासियों का दिल खोल स्वागत किया था। उन्होंने 2017 में कहा था कि ‘उत्पीड़न, आतंक और युद्ध से भाग रहे लोगों के लिए कनाडा के दरवाजे खुले हैं’। आप चाहे किसी भी धर्म के हों। आपका यहाँ स्वागत है।

अपने ट्वीट में उन्होंने विविधता को अपनी ताकत बताया था और इस तरह उन्होंने 2016 से 2021 के बीच में 13 लाख से ज्यादा लोगों को अपने देश में प्रवेश दिया था। अकेले 2022 में इनकी संख्या 405000 से ज्यादा ती। हालाँकि अब उनकी यही उदारता उन्हें महंगी पड़ रही है।

कनाडा इस समय आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। वहाँ बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ती आवास कीमतों औ जीवनयापन की बुनियादी जरूरतों की चीजें महंगी होने के कारण स्थिति और भी बद्तर हो गई है। नागरिक ट्रुडो की नीति का विरोध करते है यही वजह है कि उन्हें अपनी इस नीति से पीछे हटना पड़ा। आपको जानकारी हैरानी होगी कि 2021 की जनगणना के अनुसार, विदेश में जन्मे अप्रवासी कनाडा की आबादी का 23% (8.36 मिलियन) हिस्सा हैं ।

हिंदू छात्राओं का मुस्लिम लड़कों से कराता था संपर्क, देता था ‘सुरक्षित’ स्थान भी: मुरादाबाद की सरकारी पुस्तकालय के कर्मचारी आसिफ हसन पर ‘लव जिहाद’ का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्थित एक प्रतिष्ठित सरकारी पुस्तकालय के एक मुस्लिम कर्मचारी आसिफ हसन पर आरोप लगे हैं कि वह इस्लामी साहित्य के माध्यम से हिंदू छात्राओं का ब्रेनवॉश करता है और उन्हें मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करने के लिए उकसाता है। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बन गई है, और इसे लेकर छात्र-छात्राओं एवं उनके परिजनों में गहरी नाराजगी है। इस मामले में जिलाधिकारी के आदेशानुसार जाँच शुरू कर दी गई है।

छात्राओं को इस्लामी लिटरेचर पढ़ने के लिए प्रेरित करने का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, पुस्तकालय में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारी आसिफ हसन पर आरोप है कि वह विशेष रूप से हिंदू छात्राओं को इस्लामी साहित्य का अध्ययन करने के लिए प्रेरित करता है। शिकायतकर्ता छात्रों के मुताबिक, आसिफ हसन की विचारधारा इस्लामिक कट्टरपंथ से प्रभावित है। इस कारण से वह पुस्तकालय के भीतर विभिन्न तरीकों से हिंदू छात्राओं को मुस्लिम लड़कों के संपर्क में आने के लिए प्रेरित करता है।

पुस्तकालय के भीतर और बाहर ‘सुरक्षित’ स्थान देने का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कर्मचारी न केवल हिंदू छात्राओं को मुस्लिम छात्रों के साथ बैठने के लिए प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें पुस्तकालय के अंदर और बाहर ‘सुरक्षित’ स्थान भी उपलब्ध कराता है, जहां वे बिना किसी झिझक के बैठ सकें। इससे पुस्तकालय में छात्राओं और अन्य छात्रों के बीच हंगामा भी हुआ, जिसके बाद कुछ छात्रों ने गोपनीय रूप से जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज करवाई।

जिलाधिकारी ने दिए जाँच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह ने तत्काल प्रभाव से इस आरोप की जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मुरादाबाद के एसएसपी और जेडी एजुकेशन को निर्देश दिया कि पुस्तकालय में किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधियों की जाँच कर ठोस कार्रवाई की जाए। अधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर प्राथमिक जाँच चल रही है और दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

छह माह पहले भी उठा था मामला

छह माह पहले भी छात्रों ने इसी कर्मचारी के खिलाफ जिला प्रशासन से शिकायत की थी। इसके बाद उक्त कर्मचारी ने लंबी छुट्टी ले ली थी और पुस्तकालय में एक महिला कर्मचारी की तैनाती की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि महिला कर्मचारी की मौजूदगी से ऐसी गतिविधियों पर कुछ हद तक रोक लगी थी, लेकिन हाल के आरोपों ने फिर से इस मामले को गर्म कर दिया है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि इस मामले की जाँच जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है, साथ ही वरीय अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है। जेडी माध्यमिक शिक्षा के अधिकारी मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनकी बात सुनी जा रही है, और सभी तथ्यों की जाँच की जा रही है। जल्द ही जाँच रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसके आधार पर सख्त कदम उठाए जाएँगे।

गुजरात के अहमदाबाद से दबोचे गए 50 बांग्लादेशी, फर्जी दस्तावेज बनाने और वेश्यावृत्ति सहित अवैध कामों में थे लिप्त: 200 लोगों से क्राइम ब्रांच की पूछताछ

देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों की धर-पकड़ जारी है। अब गुजरात के अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे 50 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करके उन्हें हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, गुजरात की क्राइम ब्रांच घुसपैठियों की पहचान के लिए सैकड़ों लोगों से अभी पूछताछ कर रही है। इससे पहले पुणे और त्रिपुरा से भी अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए थे।

अहमदाबाद से पकड़ाए अवैध बांग्लादेशियों को लेकर गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजियान ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया, “हम अवैध रूप से रहने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसके साथ ही 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा रही है।” रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी फर्जी आधार कार्ड बनाने, वेश्यावृत्ति और कई अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल थे।

महाराष्ट्र की पुणे पुलिस ने भी खुफिया सूचना के आधार पर रजनगाँव में 21 अक्टूबर 2024 को सर्च ऑपरेशन चलाकर 21 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने कहा था, “उनमें से नौ के पास फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड थे और उनमें से एक के पास वोटर आईडी कार्ड भी था। बांग्लादेशी नागरिक के पास वोटर आईडी कार्ड था, उसने इसे गुजरात से हासिल किया था।”

एसपी ने कहा कि ये सभी या तो पैदल चलकर सीमा पार करते हुए पश्चिम बंगाल में यहाँ आए या फिर नावों से समुद्री मार्ग से अवैध रूप से यहाँ पहुँचे। उन्होंने कहा, “इनमें से कुछ के बच्चे भी हैं, जिनकी उम्र तीन साल से पाँच साल के बीच है। भारत में घुसने के बाद ये गुजरात और मुंबई चले गए। कुछ दिन पहले ये पुणे आए हैं।” उन्होंने कहा कि जाँच चल रही है और 2-3 दिन में यह बात स्पष्ट हो जाएगी।

जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है, उनके नाम हैं- अजमुल शरत खान उर्फ ​​हासिफ खान (50), मोहम्मद अकबर अजीज अकबर सरदार (32), शफीकुल अलीमिया शेख (20), हुसैन मुखिद शेख (30), तारिकुल अतियार शेख (38), मोहम्मद उमर फारूक बाबू उर्फ ​​बाबू बुख्तियार शेख (32), शाहीन शहजान ( 44), मोहम्मद हुसैन शेख (32), रऊफ अकबर दफादार (35), इब्राहिम काजोल शेख (35)।

इनके अलावा फरीद अब्बास शेख (48), मोहम्मद सद्दाम अब्दुल सखावती (35), मोहम्मद अब्दुल हबीब रहमान सरदार (32), आलिमिया तोहकील शेख (60), मोहम्मद इसराइल फकीर (35), फ़िरोज़ा मुताक़ीन शेख़ (20), लिपिया हसमुख मुल्ला (32), सलमा मलिक रोशन मलिक (23), हिना मुल्ला जुल्फिकार मुल्ला (40), सोनदीप उर्फ ​​काजोल बासुदीप विशेष (30) और येनूर शाहदता मुल्ला (25) भी पकड़ाए हैं।

एसपी पंकज देशमुख ने कहा था, “हम पता लगा रहे हैं कि वे कितने समय से भारत में हैं। प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि वे 6 महीने से लेकर 10 साल से ये देश में रहे हैं। हम पता लगा रहे हैं कि इस देश में रहने का उनका मकसद क्या है। उनमें से कई लोग श्रम गतिविधि में लिप्त हैं और उन्हें मजदूरी कर रहे हैं। इसलिए, उनकी वास्तविक स्थिति पर टिप्पणी करना अभी बहुत प्रारंभिक है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने उनके पास से मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा, कई लोगों के पास से अवैध रूप से रह रहे लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। हम इस पहलू की भी जाँच कर रहे हैं कि क्या कोई संगठित रैकेट या एजेंट है, जो बांग्लादेशी नागरिकों को हमारे देश में लाकर स्थापित कर रहा है।”

इसी तरह, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों ने 22 अक्टूबर 2024 की सुबह तीन रोहिंग्या मुस्लिम और दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के प्रभारी अधिकारी तपस दास ने कहा कि उन्हें सूचना मिली कि कुछ रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक त्रिपुरा से बाहर जाने के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन पर आएँगे।

तपस दास ने आगे बताया कि पूछताछ में पता चला कि रोहिंग्या नागरिक हैदराबाद जाने वाले थे, जबकि बांग्लादेशी नागरिक मुंबई जाने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने उनके पास से बांग्लादेशी मुद्रा, दस्तावेज और कुछ मोबाइल फोन जब्त किए हैं। हम उन्हें अदालत में पेश करके आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड माँगेंगे।”

बता दें कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर मानव तस्करों का एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है, जो सिर्फ चार हजार रुपए में बांग्लादेश की सीमा से ऐसे लोगों को भारत में घुसपैठ कराता है। घुसपैठ करने वालों में बांग्लादेशी के साथ-साथ रोहिंग्या मुस्लिम भी शामिल हैं। इसके बाद घुसपैठियों को फर्जी पहचान देकर जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बसाया जाता है।

डेटिंग ऐप से लड़के फँसा कर कैफे में बुलाओ, एक सॉफ्ट ड्रिंक का बिल वसूलो ₹16000: गाजियाबाद में धराया इमरान गैंग, 5 महिलाएँ समेत 8 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाज़ियाबाद के एक कैफे में चल रहे डेटिंग ऐप स्कैम का खुलासा किया है, जिसमें लोगों को डेटिंग ऐप के जरिए बुलाकर उन्हें ठगने का आरोप है। पुलिस ने गुरुवार (24 अक्टूबर 2024 ) को कौशाम्बी मेट्रो स्टेशन के पास स्थित ‘टाइगर कैफे’ में छापा मारकर आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें पाँच महिलाएँ, एक मैनेजर और दो कैफे मालिक शामिल हैं। इस स्कैम का मुख्य सरगना साहिबाबाद का रहने वाला खालिद उर्फ इमरान बताया जा रहा है, जिसमें उसके साथी सुमित और नदीम (दिल्ली निवासी) भी शामिल हैं।

गाजियाबाद पुलिस ने एक्स पर इसकी सूचना देते हुए लिखा, “थाना कौशाम्बी पुलिस टीम द्वारा डेटिंग एप के माध्यम से लड़कियों से मिलने के नाम पर कैफे में बुलाकर खाने के सामान पर मूल्य से अधिक बिल लगाने व बिल न देने पर बन्धक बनाकर पैसे मांगने में वाँछित 03 अभियुक्त व 05 अभियुक्ता गिरफ्तार।”

पुलिस ने बताया कि ये लोग डेटिंग ऐप के माध्यम से पीड़ितों को ‘लड़कियों से मिलने’ के बहाने कैफे बुलाते थे और फिर खाने-पीने के सामान का बढ़ा-चढ़ाकर बिल थमाते थे। पीड़ित द्वारा बिल का भुगतान न करने पर उसे बंधक बनाकर और ज्यादा पैसों की वसूली के लिए धमकाते थे।

दिल्ली के निवासी विकास गुप्ता ने 21 अक्टूबर को एक लड़की से मुलाकात की। डेट के दौरान कैफे में सिर्फ एक सॉफ्ट ड्रिंक ऑर्डर किया गया, लेकिन कैफे से निकलने के समय 16,000 रुपए का बिल थमा दिया गया। जब गुप्ता ने बिल देने से इंकार किया, तो उन्हें बंधक बनाकर 50,000 रुपए की माँग की गई।

गुप्ता के दोस्त की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर उन्हें छुड़ाया। इस दौरान स्कैमर्स ने गुप्ता की जेब से 4500 रुपए निकाल लिए थे और ऑनलाइन 2000 रुपए का भुगतान भी करवाया। पुलिस ने 23 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कर तीन युवकों और पाँच महिलाओं को गिरफ्तार किया।