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शिमला से मंडी तक अवैध मस्जिद पर पलट गए मुस्लिम, निर्माण तोड़ने पर लिया स्टे: जब सड़क पर थे हिंदू, तब खुद गिराने का किया था वादा

हिमाचल प्रदेश के मंडी में मुस्लिम जेल रोड पर बनी अवैध मस्जिद तोड़ने के खिलाफ हो गए है। मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में अब मस्जिद तोड़ने के आदेश के खिलाफ स्टे ले लिया है। इससे पहले हिन्दू संगठनों का आंदोलन तेज होता देख मुस्लिम खुद ही मस्जिद तोड़ने लगे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिम पक्ष ने प्रधान सचिव शहरी निकाय व नगर नियोजन के न्यायालय में मस्जिद गिराने के आदेश के विरुद्ध याचिका लगाई थी। इसके आधार पर अब मस्जिद तोड़ने के नगर निगम के फैसले पर रोक लग गई है। अब सुनवाई के बाद ही तोड़ने पर फैसला होगा।

मंडी नगर निगम को यह आदेश भी मिला है कि वह मस्जिद पर अब कोई कार्रवाई ना करे। मुस्लिम पक्ष ने दावा किया है कि जितने भी क्षेत्रफल में मस्जिद बनी है, सब वैध है और उसका कब्जा उनका पास है। मुस्लिम पक्ष ने यह भी दावा किया है कि 386 वर्गमीटर जमीन उसके पास है।

मुस्लिम पक्ष ने प्रधान सचिव के न्यायालय में दावा किया है कि मस्जिद का रिकॉर्ड 1936 से मौजूद है और 2013 की बारिश में मस्जिद का बड़ा हिस्सा गिर गया था। इसके बाद नया निर्माण किया गया। मुस्लिम पक्ष के इस दावे के बाद नगर निगम से रिकॉर्ड माँगा गया है।

अवैध मस्जिद को लेकर अब सुनवाई 20 अक्टूबर, 2024 को होगी। गौरतलब है कि मंडी नगर निगम ने जेल रोड पर बनी मस्जिद को सितम्बर माह में अवैध करार दिया था। मस्जिद कमिटी को इसके बाद अवैध हिस्सा तोड़ने का आदेश नगर निगम आयुक्त ने दिया था।

नगर निगम ने इस आदेश के बाद मस्जिद की पानी और बिजली भी काट दी थी। हालाँकि, मुस्लिमों ने इस आदेश का पालन नहीं किया और प्रधान सचिव के न्यायालय में चले गए। इसके बाद इस निर्णय पर रोक लग गई। मंडी मस्जिद का मामला सितम्बर माह में ही शिमला की संजौली की अवैध मस्जिद के बाद उठा था।

सरकार की जाँच में यह भी सामने आया था कि मंडी में बनाई गई मस्जिद ने PWD की जमीन पर कब्जा किया है। यह भी सामने आया था कि मस्जिद के पास मात्र 45 वर्गमीटर की जमीन है लेकिन उन्होंने लगभग 200 वर्गमीटर कब्जा कर रखा है।

जहाँ अब मुस्लिम पक्ष मंडी की मस्जिद बचाने को हर जतन कर रहा है, वहीं शिमला समेत बाकी शहरों में आंदोलन के बाद उसने खुद ही मस्जिद तोड़ना चालू कर दिया था। हिन्दू पक्ष ने मस्जिद तोड़ने पर रोक के बाद फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।

मंडी के जैसा ही रुख मुस्लिम पक्ष ने शिमला की संजौली मस्जिद मामले में अपनाया है। यहाँ पहले मस्जिद तोड़ने की बात कही गई और उसके बाद एक पक्ष कहने लगा कि वह तोड़ने के आदेश के विरुद्ध कोर्ट जाएगा। हिन्दू संगठनों ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम अवैध मस्जिदों के मामले में हिमाचल के लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।

हिन्दू जागरण मंच के मुखिया कमल गौतम ने ऑपइंडिया से कहा है कि मुस्लिमों का एक पक्ष गिराने की बात करता है जबकि उनका ही एक धड़ा कोर्ट जाने की बात करता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसको लेकर हिन्दू बड़ा आंदोलन करेंगे।

आकाश को पीट-पीटकर मार डाला, माँ बचाने आईं तो उन्हें भी मारा, पिता को पीटकर अंधा किया, पत्नी का गर्भपात: मुंबई की सड़क पर मॉब लिंचिंग

मुंबई की सड़कों पर एक परिवार के सपने टुकड़ों में बिखर गए। मलाड-ईस्ट में 12 अक्टूबर 2024 की शाम जब आकाश माईन अपनी पत्नी और माता-पिता के साथ दशहरा मनाने निकले थे, उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। एक छोटी सी गलती, एक मामूली ओवरटेक और देखते ही देखते सबकुछ बदल गया। इस वीभत्स कहानी में क्रूरता, दर्द और एक परिवार का टूटता सपना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आकाश जो महज 27 साल का था, अपने परिवार के साथ एक नई कार खरीदने की योजना बनाकर घर से निकला था। परिवार के लिए यह एक खुशी का दिन था। वे सपनों को साकार करने निकले थे, लेकिन सड़कों पर छिपे राक्षसों ने उनकी खुशी को मातम में बदल दिया। मलाड रेलवे स्टेशन के पास एक ऑटो ड्राइवर अविनाश कदम ने आकाश की बाइक को ओवरटेक कर दिया। कुछ ही पलों में बात इतनी बढ़ गई कि आकाश और ऑटो चालक अविनाश के बीच झगड़ा होने लगा। स्थानीय दुकानदार और अन्य ऑटो ड्राइवर भी इस झगड़े में कूद पड़े। इन लोगों की आँखों में कोई इंसानियत नहीं थी, सिर्फ बेरहमी थी।

जब आकाश को जमीन पर पटक दिया गया, तब उसकी माँ दीपाली माईन उसे बचाते हुए उसके ऊपर लेट गईं। वह अपने बेटे की ढाल बनकर उसे बचाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन इस भीड़ की बेरहमी इतनी बढ़ चुकी थी कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। माँ को भी लातों से मारा गया। आकाश के पिता जो अपने बेटे को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, उनकी आँख पर चोट लगी। यह चोट इतनी गहरी थी कि उनकी बाईं आँख हमेशा के लिए खराब हो गई।

आकाश की पत्नी, जो गर्भवती थी, उस भयानक दृश्य को देखकर शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर टूट चुकी थी। इस क्रूर हमले के बाद उसका गर्भपात हो गया। एक खुशहाल परिवार, जो नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा था, उसे सड़कों पर रौंद दिया गया।

आकाश पर तब तक वार किए गए जब तक कि उसकी साँसे थम नहीं गईं। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह न सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या थी, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों और भविष्य की भी निर्मम हत्या थी।

इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे एक माँ अपने बेटे के ऊपर लेटकर उसे बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन हैवानों का दिल नहीं पिघला। इस भयावह घटना ने हर किसी के दिल को झकझोर दिया।

मुंबई पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। दिंडोशी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपितों को 22 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। लेकिन क्या यह गिरफ्तारी आकाश के परिवार के घाव भर सकती है? उसकी माँ, जिसके दिल में हर रोज बेटे की चीखें गूँजती रहेंगी, क्या वो कभी उस दर्द से उबर पाएँगी? पिता, जो अपने बेटे की लाश को देख रहे थे, क्या कभी उस पल को भुला पाएँगे?

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, यह समाज के उस हिस्से को उजागर करती है जहाँ इंसानियत मर चुकी है।

रिपोर्ट में दावा- रामगोपाल मिश्रा के नाखून उखाड़े, बहराइच पुलिस ने नकारा

बहराइच में रामगोपाल मिश्रा को केवल गोली ही नहीं मारी गई थी। हत्यारों ने उनके साथ काफी बर्बरता की। उनका गला धारदार हथियार से काटा गया था। उनके नाखूनों को प्लास से उखाड़ दिया गया था। उनके शव में गोलियों के 35 छर्रे मिले हैं। पैरों पर धारदार हथियार के घाव पाए गए हैं।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने रविवार (13 अक्टूबर 2024) को दुर्गा विसर्जन जुलूस पर हमला कर मिश्रा की हत्या कर दी थी। दावा है कि उन्हें अब्दुल हमीद के घर में खींचकर मारा गया। हमीद के अलावा सरफराज, फहीम और साहिर खान जैसे नाम इस हत्याकांड में नामजद हैं। आज (15 अक्टूबर 2024) रामगोपाल मिश्रा के परिवार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुलाकात करेंगे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में मिश्रा के साथ हुई बर्बरता के बारे में बताया गया है। इसके मुताबिक रामगोपाल का सीना गोलियों से छलनी कर दिया गया था। उनके दोनों पैरों के नाखूनों को नोच डाला गया था। रामगोपाल के भाई हरि मिलन मिश्रा ने ऑपइंडिया को बताया कि जब वो अंतिम संस्कार से पहले शव को स्नान करा रहे थे, तब उन्हें भी बर्बरता के निशान दिखे।

हरि मिलन मिश्रा ने बताया कि उनके भाई के गले पर 3 गोलियाँ मारी गईं थीं। सीने पर गोलियों के 6 निशान थे। गर्दन को एक जगह किसी धारदार हथियार से काटा गया था। चेहरे के कुछ हिस्से पर तलवारों के निशान थे। रामगोपाल के पैरों पर भी तलवार चलाई गई थी। उनके नाखूनों को उखाड़ने के लिए प्लास का इस्तेमाल किया गया था। मृतक के भाई ने आशंका जताई कि इतनी क्रूरता रामगोपाल की जान निकलने से पहले ही दिखाई गई हो।

लगभग ढाई महीने पहले रामगोपाल से लव मैरिज करने वाली रोली मिश्रा ने दैनिक भास्कर को बताया कि उनके पति को जानवरों की तरह मारा गया। उन्होंने दावा किया कि रामगोपाल के पेट में भी गोलियों के निशान थे। रोली मिश्रा चाहती हैं कि उनके पति के कातिलों को सख्त सजा मिले। रामगोपाल की माँ ने कहा कि उनके बेटे के पूरे शरीर पर घाव थे। इसी रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि अगर सही से तलाशी ली जाए तो घटनास्थल के आसपास के घरों में AK 47 तक बरामद हो सकती है।

CM योगी से मिलने निकला पीड़ित परिवार

सोमवार (14 अक्टूबर) को ऑपइंडिया से बातचीत में बहराइच के स्थानीय भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह ने बताया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि CM की तरफ से रामगोपाल मिश्रा के परिवार की हरसम्भव मदद और उनके कातिलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। रामगोपाल के भाई हरि मिलन मिश्रा ने ऑपइंडिया को बताया कि उनके परिवार के 3 सदस्य CM योगी से मिलने निकल चुके हैं।

योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहे रामगोपाल के पारिवारिक सदस्यों में मृतक के पिता, माता और पत्नी हैं। इन सभी को भाजपा MLA सुरेश्वर सिंह अपने साथ ले जा रहे है।

अपडेट: बहराइच पुलिस ने रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता के दावों को नकार दिया है। तलवार से मारने, करंट देने, नाखून उखाड़ने की खबरों का खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि मिश्रा की मौत गोली लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही वजह बताई गई है। पुलिस के बयान के आधार पर रिपोर्ट की हेडलाइन में बदलाव किए गए हैं।

‘कर्नाटक वक्फ बोर्ड की जमीन पर मल्लिकार्जुन खड़गे का कब्जा’: JPC के सामने अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की खोली पोल, बैठक छोड़ भाग गए विपक्षी सांसद

वक्फ संशोधन बिल पर आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में कॉन्ग्रेस मुखिया मल्लिकार्जुन खरगे पर जमीन कब्जाने आरोप लगा है। खरगे पर आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक वक्फ बोर्ड की जमीन कब्जा की। यह आरोप लगने के बाद विपक्ष के सांसदों ने JPC बैठक का बहिष्कार कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (14 अक्टूबर, 2024) को नई दिल्ली में JPC की बैठक में कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन अनवर मनिप्पदी ने खरगे पर यह आरोप लगाए। अनवर ने JPC के सामने पेश होते हुए बताया कि खरगे ने कर्नाटक में वक्फ की जमीन पर कब्जा किया है।

अनवर मनिप्पदी ने JPC के सामने काफी जानकारी रखी। उन्होंने इस दौरान कर्नाटक में हुई वक्फ जमीनों की लूट की बातें JPC को बताई। इसके बाद JPC में शामिल विपक्ष के सांसद भड़क गए। उन्होंने कहा कि खरगे चूंकि इस JPC का हिस्सा नहीं है, ऐसे में उनके खिलाफ यहाँ कोई बात ना की जाए।

विपक्ष के सांसदों ने खरगे का नाम वक्फ की जमीन हथियाने में आने पर JPC का बहिष्कार कर दिया। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी, AAP सांसद संजय सिंह, समाजवादी पार्टी सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह समेत अन्य विपक्षी सांसद JPC बैठक छोड़ कर बाहर चले आए।

विपक्ष के सांसदों ने आरोप लगाया कि वक्फ बिल के मामले में JPC मुस्लिमों के अलावा बाकी लोगों को बुला रही है, जो ठीक नहीं है। विपक्ष के सांसदों ने कहा है कि मुस्लिमों के मसले में दूसरों को बुलाना ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि JPC के मुखिया जगदम्बिका पाल भी इस संबंध में कार्रवाई नहीं कर रहे।

विपक्ष के सांसदों ने जहाँ खरगे पर आरोपों को लेकर JPC बैठक का बहिष्कार कर दिया लेकिन इसको लेकर कॉन्ग्रेस या खरगे ने अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। कॉन्ग्रेस मुखिया खरगे ने जमीन कब्जे के आरोपों को अभी तक नहीं नकारा है।

इससे पहले भी JPC की बैठक में विवाद हो चुका है। मुंबई में सितम्बर माह में हुई बैठक में एक मुस्लिम संगठन के मुखिया इरफ़ान अली ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने वक्फ बिल का समर्थन किया तो AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने उनके साथ धक्कामुक्की की। इसको लेकर मामला भी दर्ज हुआ था।

खरगे और उनके परिवार पर वक्फ के अलावा और भी जमीनों को गलत ढंग से लेने का आरोप लगा है। हाल ही में मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार वाले सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट ने एक जमीन को वापस सरकार को लौटने का फैसला लिया है। यह जमीन ट्रस्ट को KIADB ने दी थी।

यह जमीन बेंगलुरु के काफी महंगे इलाके में है। यह जमीन सार्वजनिक सुविधाएँ बनाने के लिए दी गई थी। खरगे के बेटे राहुल खरगे ने हाल ही में एक पत्र लिख कर यह जमीन लौटा दी है।भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह जमीन अवैध रूप से खरगे परिवार ने कब्जाई थी और मामले का खुलासा होने के बाद वह इसे लौटाने पर मजबूर हो गए हैं।

भाजपा ने आरोप लगाया है कि खरगे परिवार पिछले 50 वर्षों से कर्नाटक को लूट रहा और इस खुलासे के बाद कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस और खरगे परिवार बैकफुट पर है।

भारत ने कनाडा के 6 डिप्लोमेट निकाले: जस्टिन ट्रूडो ने फिर उगला जहर, भारतीय हाई कमिश्नर का गोलियों से छलनी वाला फोटो दिखा SFJ ने दी धमकी

भारत और कनाडा के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाया है कि जून 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ है। यहीं नहीं, कनाडा के सुरक्षा अधिकारियों ने तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग को भारत सरकार से जोड़ दिया और कहा कि कनाडा में भारत बिश्नोई गैंग से आपराधिक गुटों से काम करवा रहा है। इन आरोपों के बाद भारत ने कनाडा से अपने राजनयिकों को बुला लिया है और कनाडा के शीर्ष 6 राजनयिकों को देश से निकलने का आदेश जारी कर दिया है।

इस बीच, खालिस्तानी आतंकवादी गुट सिख फॉर जस्टिस की तरफ से कनाडा में तैनात भारत के उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) पवन कुमार वर्मा को जान से मारने की धमकी दी गई है। उनके चेहरे पर गोलियों के निशान दिखाए गए हैं।

इन घटनाओं के बीच भारत ने कनाडा के छह डिप्लोमैट्स को निष्कासित कर दिया। भारत ने अस्थाई हाई कमिश्नर, सेक्रेटरी जैसे शीर्ष पदों बैठे लोगों को वापस जाने के लिए कहा है और 19 अक्टूबर तक की समयसीना निर्धारित कर दिया है। यही नहीं, भारत ने अपने सभी राजनयिकों को कनाडा से बुला लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को और गहरा कर रहा है।

बता दें कि हरदीप सिंह निज्जर एक खालिस्तानी आतंकी था, जो कनाडा में रह रहा था और भारत के खिलाफ कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसकी जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि कनाडाई खुफिया एजेंसियों के पास सबूत हैं कि भारतीय एजेंसियों ने इस हत्या में भूमिका निभाई। इसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक का नाम कनाडा ने लिया है। हालाँकि, उन्होंने अब तक इस बारे में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।

भारत ने कनाडा के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और सिर्फ भारत की छवि को खराब करने की कोशिश है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों को पनाह दी जा रही है, और वहाँ की सरकार उन्हें कड़ी कार्रवाई करने के बजाय समर्थन दे रही है। भारत ने साफ किया है कि वह इस तरह के झूठे आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस मामले में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अपने ही देश में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कई कनाडाई पत्रकार और राजनैतिक विशेषज्ञ उनकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। एक प्रसिद्ध कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डम ने ट्रूडो पर आरोप लगाया कि वह खालिस्तानी आतंकवादियों को समर्थन देकर कनाडा की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। बोर्डम ने कहा, ‘खालिस्तानी तत्व इस स्थिति का पूरा फायदा उठा रहे हैं… वे इसे अपनी पूरी जीत मान रहे हैं और भारत पर हमले कर रहे हैं।’

ट्रूडो पर 2018 में भी इसी तरह का विवाद खड़ा हुआ था, जब उन्होंने भारत दौरे के दौरान एक खालिस्तानी आतंकी को अपने डिनर में बुलाया था। साल 2018 में जस्टिन ट्रूडो ने अपने साथ डिनर पर खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल को न्योता दिया था। हालाँकि, भारत ने जब इस बात को लेकर फटकार लगाई तो जस्टिन ट्रूडो ने ये सफाई दी कि उसे जसपाल के बारे में पता नहीं था।

दावा- रामगोपाल मिश्रा को तलवार से भी काटा, मृत देह पर भी मुस्लिम कट्टरपंथियों ने बरसाए पत्थर: बहराइच पुलिस ने नकारा

उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को मुस्लिम भीड़ ने दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला किया था। हमले में अब्दुल हमीद और अन्य मुस्लिमों ने मिलकर रामगोपाल मिश्रा नाम के युवक की हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद पूरे जिले में काफी हिंसक घटनाएँ हुई हैं। इनको रोकने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।

रामगोपाल की हत्या का एक और वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि मृतक रामगोपाल की लाश को निकाल कर ले जाने की कोशिश कर रहे हिन्दुओं पर पत्थर और गोलियाँ बरसाईं गईं।

यह वीडियो लगभग 20 सेकेंड का है। इसमें एक छत की सीढ़ियों से किसी व्यक्ति को नीचे उतरते देखा जा सकता है। उस व्यक्ति ने अपने दोनों हाथों से रामगोपल मिश्रा का शव उठा रखा है। नीचे कोई और व्यक्ति है जो वीडियो में नहीं दिख रहा। उस व्यक्ति ने रामगोपाल के पैरों को पकड़ रखा है। इसी दौरान एक तीसरा व्यक्ति वीडियो बना रहा है। दीवाल के बाहर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है जो शोरगुल करते दिखाई दे रहे हैं।

इसी दौरान शव को उठा कर ले जा रहे लोगों पर पत्थर बरसने लगते हैं। सीढ़ियों के नीचे 2 व्यक्ति अचानक दिखाई पड़ते हैं। ये दोनों रामगोपाल की लाश को ले जा रहे लोगों पर गोलियाँ बरसाना शुरू कर देते हुए दिखते हैं। इसमें से एक काली टी शर्ट और नीली जींस में है जबकि दूसरा सफेद शर्ट पहने हुए हैं। हमला करने के लिए इन दोनों ने एक दीवाल की आड़ ले रखी थी। गोली चलने से वीडियो बना रहा व्यक्ति कैमरे को नीचे झुका लेता है।

छतों के रास्ते निकाली गई लाश

इस वीडियो के संबंध में ऑपइंडिया ने मृतक रामगोपाल के भाई हरिमिलन मिश्रा से बात की। हरिमिलन ने बताया कि उनके भाई की हत्या मुस्लिमों ने अपने घर में घसीट कर की थी। विसर्जन जुलूस में शामिल कुछ युवा जैसे-तैसे वहाँ पहुँचे और शव को निकाल कर लाने की कोशिश करने लगे। शव को ला रहे युवाओं पर भी गोलियों और पत्थरों से हमला किया गया। कुछ पत्थर रामगोपाल के शव पर भी लगे। बकौल हरिमिलन उनके भाई का शव दूसरे घर की छत के रास्ते से लाया जा सका।

जब ऑपइंडिया ने पूछा कि क्या लाश को निकल कर लाने में पुलिस ने कोई मदद नहीं की तो इस पर हरिमिलन का जवाब था, “पुलिस के चलते ही तो मेरे भाई की हत्या हुई।” उन्होंने बताया कि जब तक हिन्दू एकजुट हो कर जमा थे तब तक उन पर हमला नहीं हुआ लेकिन पुलिस के लाठीचार्ज से जैसे ही भगदड़ मची, उसी समय हमला हो गया और गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी गईं। इन्ही गोलियों के शिकार रामगोपाल मिश्रा बन गए।

भाई हरिमिलन का आरोप है कि कि पुलिस ने न तो रामगोपाल को बचाने में कोई सहयोग किया और न ही हत्या के बाद उनकी लाश निकालने में। फ़िलहाल रामगोपाल मिश्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अंतिम संस्कार से पहले मृतक के घर वालों और प्रशासन के बीच लम्बे समय तक नोकझोंक का दौर चला। रामगोपाल के भाई हरिमिलन ने बताया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेश्वर सिंह द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर अपने भाई का अंतिम संस्कार किया है।

मृतक के परिजनों से मिलेंगे CM योगी

ऑपइंडिया ने इस मामले की और अधिक जानकारी स्थानीय भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह से ली। MLA सुरेश्वर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की माँग हमलावरों और दोषी पुलिसकर्मियों पर एक्शन की थी। पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए STF तक बहराइच में पहुँच चुकी है। सुरेश्वर सिंह ने हमें आगे बताया कि मंगलवार (14 अक्टूबर, 2024) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामगोपाल मिश्रा के परिजनों से मिलेंगे।

अपडेट: बहराइच पुलिस ने रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता के दावों को नकार दिया है। तलवार से मारने, करंट देने, नाखून उखाड़ने की खबरों का खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि मिश्रा की मौत गोली लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही वजह बताई गई है। पुलिस के बयान के आधार पर रिपोर्ट की हेडलाइन में बदलाव किए गए हैं।

जहाँ पकड़ा गया था आतंकी नदीम, वहीं के जैन परिवार की करोड़ों की जमीन हड़प रहा मुस्लिम समुदाय: पुलिस के आगे ही खातूनों ने किया हंगामा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक जैन परिवार ने अपनी जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अवैध कब्ज़े की साजिश का आरोप लगाया है। कब्ज़े का आरोप फुरकान, गयूर, पप्पू, ममरेज, गयासुद्दीन और कामिल आदि पर लगा है। पीड़ित की जमीन कागजों में उनके नाम होने के बावजूद उसे जोतने-बोने नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने अपनी ही जमीन पर काबिज होने के लिए एक साल तक लड़ाई लड़ी है। प्रशासन के आदेश के बाद जब जैन परिवार रविवार (13 अक्टूबर 2024) को कब्ज़ा लेने पहुँचा, तब मुस्लिम भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस के आगे हुए इस हमले में ख़ातूनें भी शामिल रहीं। यह वही मुस्लिम बहुल गाँव है, जहाँ से 2 साल पहले आतंकवादी नदीम गिरफ्तार हुआ था।

इस मामले में पीड़ित नवीन जैन ने ऑपइंडिया से बात की। नवीन जैन ने हमें बताया कि उनकी 42 बीघे जमीन सहारनपुर जिले के थानाक्षेत्र गंगोह में पड़ने वाले गाँव कुंडाकला में मौजूद है। इसी भूभाग के 4 बीघे को कामिल, ममरेज, गयूर, फुरकान और पप्पू आदि पिछले 1 साल से अपना हिस्सा बताते हैं। जमीन की कीमत लगभग 2 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। नवीन जैन का दावा है कि उनकी जमीन को अपनी बपौती बता रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों के पास अपने दावों का कोई भी सबूत नहीं है।

जैन परिवार इस जमीन पर पिछले 200 वर्षों से अधिक समय से खेती करता आ रहा है। नवीन जैन ने हमें आगे बताया कि व्यापर के सिलसिले में वो काफी समय तक कुंडाकला छोड़ कर दिल्ली में रहे थे। इसी दौरान आरोपितों की नीयत उनकी जमीन पर खराब हो गई थी। नवीन जैन की गैरमौजूदगी में गयूर, कामिल आदि ने उनकी जमीन पर बाउंड्री खींचने की कोशिश की थी। जब नवीन को इसका पता चला तो उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई थी। प्रशासन ने नवीन की शिकायत सही पाई और जमीन पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती से हटवा दिया।

हमें आगे बताया गया कि प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का आरोपितों पर कोई असर नहीं पड़ा। वो लगातार नवीन जैन की जमीन को कब्ज़ाने की फ़िराक में लगे रहे। जब जैन परिवार अपनी ही जमीन पर खेती-बाड़ी करने जाता था, तब उनको गालियाँ और जान से मार डालने की धमकी देते हुए भगा दिया जाता था। नवीन का आरोप है कि कब्जेदार कुंडाकला में अपनी तादाद अधिक होने और शिकायत करने पर ‘सिर तन से जुदा’ जैसी बातें किया करते थे।

आए दिन की धमकियों से परेशान हो कर नवीन जैन ने फिर से सहारनपुर प्रशासन में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। लगभग 1 साल तक कई कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार प्रशासन ने जैन परिवार को उस जमीन पर कब्ज़ा दिलाने का आदेश दिया। रविवार (13 अक्टूबर) को पुलिस बल के साथ जैन परिवार अपनी जमीन पर कब्ज़ा लेने कुंडाकला पहुँचे। इनके साथ ट्रैक्टर भी मौजूद था। अभी ट्रैक्टर चले 5 मिनट भी नहीं हुए थे कि खेतों की तरफ दर्जनों की तादाद में मुस्लिम भीड़ बढ़ निकली।

इस मुस्लिम भीड़ में सबसे आगे ख़ातूनें थीं। वो सभी ट्रैक्टर के आगे खड़ी हो गईं। मौके पर मौजूद पुलिस बल भी इस भीड़ के आगे लाचार दिखा। आखिरकार इस भीड़ के आगे पुलिस की नहीं चली और नवीन जैन को वापस लौटना पड़ा। अब नवीन जैन ने एक बार फिर से प्रशासन में तहरीर देकर रविवार को हंगामा करने वालों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत की कॉपी व जमीन संबंधी अन्य तमाम कागजात ऑपइंडिया के पास मौजूद हैं। नई शिकायत में उन्होंने न सिर्फ हंगामा करने वालों पर एक्शन लेने बल्कि अपनी जमीन वापस दिलाने की माँग की है।

ऑपइंडिया के पास वो वीडियो भी मौजूद हैं, जिसमें मुस्लिम भीड़ ट्रैक्टर के आगे बवाल कर रही है। भीड़ में महिलाएँ पुलिस के समझाने के बावजूद बार-बार ट्रैक्टर के आगे आ रहीं थीं। फ़िलहाल नवीन जैन की नई शिकायत पर पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया है। एक वीडियो संदेश के जरिए नवीन जैन ने अपनी जमीन के साथ अपने पूरे परिवार की जान संकट में बताई है। उन्होंने बताया कि जिस गाँव में आतंकी नदीम को ATS ने पकड़ा था, वहाँ उनके साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।

दुर्गा पूजा पर झारखंड पुलिस ने नहीं बजने दिया DJ… विरोध में हिंदुओं ने नहीं किया माँ दुर्गा का विसर्जन, रात भर प्रतिमाएँ सड़क पर

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस ने दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस का डीजे पुलिस ने जब्त कर लिया। पूजा समितियों को डीजे बजाकर जुलूस विसर्जन के लिए नहीं निकालने दिया गया। इसके बाद देवी प्रतिमाओं के जुलूस रात भर सड़क पर खड़े रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में पुलिस ने रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को एक दुर्गा पूजा समिति की डीजे वाली गाड़ी को जब्त कर लिया था। पुलिस ने विसर्जन जुलूस में बजाने के लिए ले जाई जाने वाली यह गाड़ी थाने में खड़ी कर ली थी। पुलिस का कहना था कि डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, वह कोर्ट-सरकारी आदेश का हवाला दे रही थी।

यह डीजे आदर्श दुर्गा पूजा समिति का था। इसे छोड़ने की दोपहर से माँग चल रही थी। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस डीजे नहीं छोड़ती तो दुर्गा पूजा का विसर्जन नहीं होगा। इस पूजा समिति के समर्थन में बाकी समितियाँ भी आ गईं। हालाँकि, पुलिस प्रशासन ने डीजे नहीं छोड़ा।

इसके बाद जब सहमति बनी भी तो फिर बवाल हो गया। कई प्रतिमाओं का जुलूस बाहर निकल आया था, उन्हें रोड पर ही रोक दिया गया और बवाल जारी रहा। मौके पर डीएम और एसपी भी पहुँचे लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। आदि शक्ति दुर्गा प्रतिमा को ही केवल रविवार रात को विसर्जित किया जा सका।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाएँ सोमवार को भी नहीं विसर्जित हो पाईं। पुलिस और प्रशासन का कोई भी कदम काम नहीं आया। दुर्गा पूजा समितियाँ प्रशासन से काफी नाराज हैं। बताया गया कि बाद में डीजे छोड़ने के बाद भी कई प्रतिमाएँ खड़ी ही रहीं।

चक्रधरपुर के अलावा झारखंड के गढ़वा में भी दुर्गा पूजा विसर्जन को लेकर बवाल हुआ। यहाँ मुस्लिमों के एक गुट ने हिन्दुओं को एक रास्ते से जाने रोका। इसके बाद बवाल हो गया। झारखंड के अलावा यूपी के बहराइच और कर्नाटक के बेलगावी में भी दुर्गा पूजा पर पथराव हुआ।

रामगोपाल मिश्रा का शव, अस्पताल में जुटे आक्रोशित लोग… और अंतिम संस्कार से पहले बहराइच में बवाल: तोड़फोड़ और आगजनी, भारी पुलिस फोर्स तैनात

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में माँ दुर्गा के विसर्जन जुलूस में शामिल रामगोपाल मिश्रा को मुस्लिम भीड़ ने रविवार (13 अक्टूबर 2024) को मार डाला था। आज सोमवार को उनके अंतिम संस्कार से पहले जिले में हिंसा भड़क गई। हिंसक भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे दिख रहे हैं। एक बाइक शोरूम सहित 2 गाड़ियों में आग लगा दी गई है।

बहराइच में भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े हैं। कुछ स्थानों पर एहतियातन इंटरनेट बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफवाह उड़ाने वालों व दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार (14 अक्टूबर) को मृतक रामगोपाल मिश्रा का शव अस्पताल से पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया था। यहीं पर आक्रोशित लोगो की भीड़ जुटने लगी थी। कुछ ही देर बाद रामगोपाल का शव अस्पताल से घर की तरफ ले जाया जाने लगा। शव के साथ बड़ी तादाद में पुलिस फ़ोर्स चल रही थी। इसी दौरान हजारों लोगों की भीड़ भी शव के साथ-साथ चलने लगी। भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे थे। वो जय श्री राम का नारा लगा रही थी।

यह शव यात्रा रामगोपाल मिश्रा के घर से कुछ दूर पर रुक गई। मृतक के परिजनों ने सड़क पर शव रख दिया। प्रशासन जल्द से जल्द रामगोपाल मिश्रा का अंतिम संस्कार करवाना चाहता था। हालाँकि मृतक के परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। बहराइच की जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मिल कर रामगोपाल के परिजनों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहीं। रामगोपाल के परिजन अपने लिए न्याय की माँग पर अड़े रहे।

इसी बीच भीड़ सहित बहराइच के अलग-अलग हिस्सों में लोग आक्रोशित हो उठे। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। महसी इलाके में बाइक के एक शोरूम में आग लगा दी गई। कई बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया है। कुछ घरों में भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई है। हिंसा जिले के अलग-अलग हिस्सों में फ़ैल गई है। बहराइच की जिलाधिकारी ने बताया कि हालत को काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जा रहा है।

गाँव वलीपुर नारा में दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए हैं। यहाँ पत्थरबाजी हो रही है। जिले के एक प्राइवेट क्लिनिक में भी आग लगा दी गई है। इस हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों के साथ मीटिंग की है। इस मीटिंग में उन्होंने उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसी के साथ सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है। संवेदनशील इलाकों में PAC तैनात कर दी गई है। हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र महसी में अगले आदेश तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

तेलंगाना में देवी की मूर्ति तोड़ी, हिन्दू मंदिर को किया तहस-नहस: 1 को पुलिस ने पकड़ा, भाजपा नेता बोले- कॉन्ग्रेस सरकार फेल

तेलंगाना के हैदराबाद में सोमवार (14 अक्टूबर, 2024) को कुर्मागुडा इलाके में में मुथ्यालम्मा मंदिर की देवी प्रतिमा को अज्ञान कट्टरपंथियों ने खंडित कर दिया। इस घटना से स्थानीय हिन्दू समुदाय आक्रोशित हो गया है। हिन्दू यहाँ अब प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं।

जानकारी सामने आई है कि यह घटना पासपोर्ट कार्यालय के पास हुई और स्थानीय लोगों ने तुरंत एक हमलावर को पकड़ लिया। बाद में उसे मार्केट पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है।

भाजपा तेलंगाना के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया, “सिकंदराबाद के मोंडा मार्केट डिवीजन में मुथ्यालम्मा मंदिर की मूर्ति को खंडित कर दिया गया है। कॉन्ग्रेस के शासन में हिंदू और उनके मंदिर सुरक्षित नहीं हैं। हाल के दिनों में तेलंगाना में हिंदू मंदिरों पर यह एक और हमला है। राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।”

वायरल वीडियो में दिखता है कि मंदिर में सब कुछ बिखरा पड़ा है और मूर्ति भी खंडित है। मूर्ति के अलावा मंदिर के बाक़ी इलाके को भी नुकसान पहुँचा है। इस घटना से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ है।

भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी भी इस घटना के बाद मंदिर पहुँचे हैं। उन्होंने भी यहाँ पहुँच कर राज्य सरकार पर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा, “भाग्यनगर में नवरात्रि के दौरान हिंदू विरोधी ताकतों द्वारा कई मंदिरों और पंडालों में देवी दुर्गा माता की मूर्तियों को नष्ट करने की घटनाएँ राज्य सरकार की लापरवाही और कानून व्यवस्था ना नियंत्रित कर पाने की विफलता को दर्शाती है।”

घटना के बाद इलाके के ACP ने संज्ञान लिया और जानकारी दी। उन्होंने बताया, “हैदराबाद में पासपोर्ट कार्यालय के पास कुर्मागुडा में मुथ्यालम्मा मंदिर की मूर्ति को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दिया गया और स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया और उसे मार्केट पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत पुलिस को सौंप दिया। पुलिस फिलहाल मौके पर है।”