Home Blog Page 625

इस्लामी कट्टरपंथियों की जिस हिंसा में घायल हुए 12 पुलिसकर्मी, उसे वापस लेगी कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार: सड़क पर उतर भीड़ ने थाने, अस्पताल और मंदिर पर किया था हमला

कर्नाटक में 2022 में हुए हुबली हिंसा के मामले को कॉन्ग्रेस सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लीमीन के नेता समेत कई लोग आरोपित बनाए गए थे। उनके ऊपर इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ इकट्ठा करके हुबली पुलिस थाने पर धावा बोलने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप था। उस हिंसा के दौरान न केवल पुलिस स्टेशन और पुलिस वाहनों पर पथराव किया गया था, बल्कि पास के एक हनुमान मंदिर और अस्पताल को भी निशाना बनाया गया था, जिससे काफी नुकसान हुआ था। इसके अलावा इस हिंसा में 12 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना 16 अप्रैल 2022 को हुई थी। भीड़ काबू होने के बाद पुलिस ने इस केस को दर्ज किया था। हालाँकि बाद में राज्य में कॉन्ग्रेस सरकार आई और इस केस को वापस लेने के लिए डिप्टी चीफ मिनिस्टर डीके शिवकुमार ने एक पत्र लिखा। ये पत्र अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को 4 अक्टूबर 2023 को लिखा गया था। इसमें उप मुख्यमंत्री ने आग्रह किया था कि केस वापस ले लिया जाएरिपोर्ट्स बताती हैं कि उसी अनुरोध के बाद राज्य के गृह विभाग को वो पत्र भेजा गया और निर्णय को मंजूरी दी गई।

गौरतलब है कि कर्नाटक में साल 2022 में हनुमान जयंती के बाद हुबली में एक सोशल मीडिया पर बवाल हुआ था। इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने सड़कों पर उतरकर पुलिस को निशाना बनाया था और सड़कों पर उपद्रव किया था।बाद में इस मामले में पुलिस ने 100+ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। जाँच में सामने आया था कि भीड़ को उकसाने में एआईएमआईएम नेता मौलाना वसीम शामिल था। उसी ने दरगाह पर उन्मादी भाषण दिया था और पुलिस स्टेशन के बाहर भी भीड़ के साथ वही था। उसके अलावा इस केस में हुबली-धारवाड़ नगर निगम पार्षद नजीर अहमद को कर्नाटक पुलिस ने पकड़ा था। वह भी AIMIM पार्टी नेता था जिसके तार 16 अप्रैल 2022 को पुलिस थाने पर हुई पत्थरबाजी से जुड़े मिले थे।

B.Tech करके डिजिटल अरेस्ट करने लगा अकरम, कुछ ही दिनों में ₹4 करोड़ की ठगी: गैंग में शामिल रफीक, दानिश, कादिर

उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने वाला एक गैंग पकड़ा है। इस गैंग को चार मुस्लिम युवक चला रहे थे। यह गैंग लोगों को ED-CBI अधिकारी बन कर डराता था और उन्हें डिजिटल अरेस्ट करके करोड़ों वसूलता था। इस गैंग का सरगना बीटेक कर चुका है।

आगरा पुलिस ने गुरुवार (10 अक्टूबर, 2024) को इस ठग गैंग का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि यह चारों दिल्ली में बैठ कर ठगी करते थे। यहाँ इन्होने एक दफ्तर बनाया हुआ था। इनका एक गुरुग्राम में भी दफ्तर था। यह गैंग लोगों को फोन करता था और अपने आप को ED-CBI या TRAI जैसे संस्थानों का अधिकारी बताता था।

गैंग उन लोगों को बताता था कि वह ड्रग तस्करी या फिर पैसे के हेरफेर जैसे मामले में फंस गए हैं और उन्हें डिजिटल तौर पर अरेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद उनसे लाखों में रूपए माँगे जाते थे। गैंग उनसे ठगी करने के बाद फोन काट देता था और लोग बाद में असलियत जान पाते थे।

पुलिस ने बताया है कि इस गैंग का सरगना सोहेल अकरम है जो असम के करीमगंज का रहने वाला है। वह चेन्नई के एक कॉलेज बीटेक कर चुका है और अब ठगी करता है। वह इससे पहले बेटिंग के नाम पर भी ठगी करता था। उसके ऊपर दिल्ली में भी कई मामले दर्ज हैं।

सोहेल को दिल्ली में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। उसके साथ मोहम्मद राजा रफीक, दानिश और कादिर भी शामिल थे। यह ठगी के लिए फर्जी सिम का जुगाड़ करते थे। जिन खातों में पैसा मंगाया जाता था वह किसी मजदूर का होता था। उन्हें लालच देकर यह पैसा मंगाया जाता था।

आगरा पुलिस ने यह गिरफ्तारी एक छापेमारी में की है। इन ने आगरा के एक पूर्व रेलवे कर्मी को ठगा था। रेलवे कर्मी को इन्होने TRAI का अधिकारी बनके फोन किया था और धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। रेलवे कर्मी नईम मिर्जा बेग ने इनके खाते में ₹14 लाख डाले थे। उन्होंने बाद में इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई।

जब पुलिस ने इस मामले की जाँच के लिए फोन नम्बर और खाते की जाँच चालू की। पुलिस को पता चला कि जिस खाते में इन्होने नईम बेग से ठगी की है उसमें अलग-अलग जगह से इन लोगों ने ₹2.70 करोड़ भी मँगाए हैं। पुलिस ने इसके बाद एक के बाद एक कड़ी खोलनी चालू की।

इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। पता चला है कि इन लोगों ने पिछले कुछ ही दिनों में ₹4 करोड़ ठगे हैं। आगरा पुलिस ने बताया है कि उत्तर प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट के मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। पुलिस ने कहा है कि इनके कई और साथी अभी गिरफ्तार किए जाने हैं, उनकी टीमें तलाश कर रही हैं।

लिपस्टिक पर अड़े CPM नेता, सेक्सिस्ट बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं: कहा था, ‘अच्छे कपड़े पहनने वाले झूठे, लिपस्टिक वाली से सावधान’

सीपीएम के पोलित ब्यूरो के सदस्य और पूर्व सांसद ए विजयराघवन अपने सेक्सिस्ट (लिंगभेदी) बयान पर अड़े हुए हैं, जिसमें उन्होंने पत्रकारों के पहनावे और लिपस्टिक लगाने को लेकर टिप्पणी की थी। यह घटना केरल के त्रिशूर में गुरुवार (10 अक्टूबर 2024) को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आई।

ऑन मनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व सांसद विजयराघवन ने हाल ही में नीलांबूर में आयोजित एक सीपीएम सार्वजनिक बैठक में कहा था, “जो पत्रकार अच्छे कपड़े पहनते हैं, वे झूठ बोलते हैं। अच्छे शर्ट और पैंट पहनने वालों और लिपस्टिक लगाने वालों से सावधान रहना चाहिए।”

जब एक महिला पत्रकार ने उनके इस विवादित बयान पर सवाल किया, तो विजयराघवन ने उसे प्यार भरी टिप्पणी बताते हुए कहा, “यह तो पत्रकारों के प्रति प्रेम से की गई टिप्पणी थी।” हालाँकि, सवाल पर जोर देने के बाद उन्होंने इस मामले को डायवर्ट करने की कोशिश और पूछा, “आपको लिपस्टिक से इतनी परेशानी क्यों है? क्या लिपस्टिक कोई गलत शब्द है?”

पत्रकारों ने जब उन्हें घेरा, तो उनका लहजा बदल गया और उन्होंने कहा, “आमतौर पर आप लोग हमारे बारे में काफी कुछ कहते हैं, तो बदले में आपको भी कुछ सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। मीडिया भी झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर सकता है, और ऐसे मामलों में उनके पहनावे और शब्दों का असर होता है।”

इस बयान के बाद से विजयराघवन की आलोचना हो रही है, खासकर उनके महिलाओं के पहनावे पर की गई टिप्पणी को लेकर, जिसे लिंगभेदी और अपमानजनक माना जा रहा है। बता दें कि विजयराघवन लोकसभा और राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके हैं। वो सीपीएम के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी हैं।

मौलाना मसूद की गर्लफ्रेंड कॉन्वेंट स्कूल की मास्टरनी… उसी स्कूल की हिंदू लड़कियों की फोटो भेजती अपने बॉयफ्रेंड को, फिर वो करता था ब्लैकमेल/अश्लील हरकत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का एक मौलाना हिन्दू लड़कियों को उनके फोटो के सहारे ब्लैकमेल करता था। यह फोटो उसे उसकी एक प्रेमिका देती थी। हिन्दू लड़कियों के परिजनों ने मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लखीमपुर खीरी के नीमगाँव थाना क्षेत्र का एक मौलाना मसूद खां हिन्दू लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। मौलाना मसूद पास के ही एक गाँव का रहने वाला है। मसूद इन हिन्दू लड़कियों को उनके फोटो के सहारे धमकाता था। यह फोटो उसे कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाने वाली उसकी दोस्त प्रियंका देती थी।

प्रियंका मौलाना मसूद को जिन लड़कियों के फोटो देती थी, वह उसके ही स्कूल में पढ़ती हैं। इस स्कूल का संचालक भी मसूद नाम का ही एक दूसरा व्यक्ति है। मौलाना मसूद एक दुकान भी चलाता है। एक पीड़िता जब एक दिन उसकी दुकान पर रिचार्ज के लिए पहुँची तो उसने उसका हाथ पकड़ लिया।

मौलाना मसूद ने हिन्दू लड़की का फ़ोन लिया और उसमें भी कुछ गड़बड़ी की। इसके बाद उसने हिन्दू लड़की का पीछा किया और उसके साथ अश्लील हरकत की। सितम्बर, 2024 में भी उसने इसी हिन्दू बालिका के साथ छेड़खानी की और धमकाया कि वह उसकी अश्लील फोटो बना लेगा। उसने व्हाट्सएप पर भी मैसेज करके लड़की को धमकाया।

इस संबंध में उसके खिलाफ पीड़िता के भाई ने FIR दर्ज करवाई है। FIR के बाद जब पुलिस ने मौलाना के फोन की जाँच की तो उसमें दर्जनों हिन्दू लड़कियों के फोटो और अश्लील वीडियो निकले। इनमें से फोटो उसी कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों के हैं जहाँ उसकी दोस्त प्रियंका पढ़ाती है।

मौलाना मसूद पर हिन्दू लड़की का धर्मांतरण करने का आरोप भी लगा है। मौलाना मसूद के विरुद्ध दो मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें मौलाना मसूद के साथ ही कॉन्वेंट संचालक मसूद और उसकी दोस्त प्रियंका को भी आरोपित बनाया गया है।

पुलिस ने मौलाना मसूद को गिरफ्तार कर लिया है जबकि प्रियंका और स्कूल संचालक मसूद की तलाश जारी है। ऑपइंडिया को नीमगांव थाना की एसओ सुनीता कुशवाहा ने बताया है कि जल्द ही इन दोंनो को भी गिरफ्तार किया जाएगा और मामले में अभी विवेचना जारी है। उन्होंने यह भी बताया है कि पीड़िताओं के नाबालिग होने के एंगल से भी जाँच चल रही है।

लखनऊ के नीलमाथा मंदिर की दुर्गा प्रतिमा को मशीन से काट किया खंडित, बवाल के बाद पुलिस तैनात: मांस फेंकने पर इससे पहले अलीमा हुई थी अरेस्ट महिला

लखनऊ के नीलमथा में मंदिर में स्थापित माँ दुर्गा की प्रतिमा को उपद्रवियों ने खंडित कर दिया है। माता के चार हाथों को मशीन से काट दिया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुँच गए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने वहाँ भारी पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस ने लोगों के गुस्सा को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच कर रही है।

कैंट थाना क्षेत्र के नीलमथा में मरी माता मंदिर में माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। गुरुवार (10 अक्टूबर 2024) की सुबह मंदिर के पुजारी जब पूजा करने पहुँचे तो उन्होंने देखा प्रतिमा की हाथ कटी हुई है। उपद्रवियों ने ग्लेडर मशीन से प्रतिमा का हाथ काट दिया है। इसके बाद पुजारी ने घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी। सूचना मिलते ही वहाँ भीड़ जमा हो गई और लोग आक्रोशित हो गए।

गुस्साए लोगों को शांत कराते हुए पुलिस ने आरोपितों को चार दिनों में पकड़ने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लखनऊ में विपक्षी और विधर्मी माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं। लगातार दूसरे दिन हिंदुओं की भावनाएँ आहत की गई हैं। बाजारखाला में मंदिर के बाहर विधर्मी महिला द्वारा मांस के टुकड़े फेंकती है। फिर मंदिर में प्रतिमा के हाथ काट दिए जाते हैं।

बता दें कि बुधवार (9 अक्टूबर 2024) को शहर के बाजार खाला थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर के बाहर मांस के टुकड़े पड़े मिले थे। इसकी जानकारी मिलते ही लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया था। पुलिस की जाँच में सामने आया कि मांस का टुकड़ा कोई कुत्ता लेकर आया था। इस मामले में अलीमा नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया गया था।

जाँच में सामने आया कि इलाके में रहने वाली अलीमा नाम की महिला मीट की दुकान से मांस लाकर कुत्तों को डालती थी। नवरात्रि के दौरान भी उसने ऐसा करना जारी रखा। आखिरकार पुलिस ने महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया।

नीलमथा मंदिर की घटना को लेकर थाना कैंट प्रभारी गुरप्रीत कौर ने बताया कि इलाके में माहौल बिगड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। हालात सामान्य हैं। कौर ने कहा कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जाँच की जा रही है। आरोपितों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया कि अराजक तत्वों ने माता की प्रतिमा को खंडित कर दिया था। मंदिर में विधि-विधान से दूसरी प्रतिमा लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस जाँच कर रही है। आरोपितों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपितों को बहुत जल्द पकड़ लिया जाएगा।

गोंडा में भी बवाल

लखनऊ के अलवा गोंडा में भी माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। गोंडा के छपिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मसकनवा बाजार में देर रात कुछ अराजक तत्वों ने दुर्गा पूजा पंडाल पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए। आतिशबाजी से नाराज होकर के उपद्रवियों ने पथराव किया। इससे वहाँ के हालात तनावपूर्ण हो गए।

इस घटना की जानकारी मिलते ही गोंडा के डीएम और एसपी मौके पर पहुँचे। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझा-बुझा कर उन्हें शांत किया। इस मामले में छपिया थाने की पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जाँच शुरू की है।

कुशीनगर में भी बवाल

कुशीनगर में सोमवार (7 अक्टूबर) को दुर्गा प्रतिमा स्थापना की शोभायात्रा निकाली गई थी। शोभायात्रा में माता रानी के भजन बजाने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर में बड़ी संख्या में शामिल लोगों ने शोभायात्रा पर पथराव कर दिया। दूसरी तरफ से भी जवाब दिया जाने लगा।

हिंदू पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया था कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने माता रानी की प्रतिमा में बने शेर को क्षतिग्रस्त कर दिया। पडरौना कोतवाली क्षेत्र में हुई इस घटना के बारे में जब सूचना मिली तो एएसपी सीओ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचे थे और हालात को काबू में किया। घटना के बाद कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था.

हैदराबाद में दुर्गा माता की मूर्ति तोड़ी, आरोपित को पकड़ पुलिस ने कहा- ये प्रसाद खाने आया था: लापरवाही के आरोप में आयोजकों पर किया केस दर्ज

हैदराबाद के नामपल्ली एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में दुर्गा माता की मूर्ति के साथ की गई तोड़फोड़ ने स्थानीय लोगों और भक्तों में नाराज़गी पैदा कर दी है। यह घटना गुरुवार (10 अक्टूबर 2024) को घटी, जब देवी शरण नवरात्रि उत्सव के दौरान स्थापित दुर्गा माता की मूर्ति को अज्ञात व्यक्तियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पंडाल का आयोजन एग्ज़ीबिशन सोसाइटी द्वारा हर साल किया जाता है और यह शहर के सबसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नामपल्ली एग्जीबिशन ग्राउंड में हुई उस घटना के तुरंत बाद बेगम बाज़ार पुलिस स्टेशन से पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। एसीपी चंद्रशेखर ने पुष्टि की कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है। पुलिस की उपस्थिति तब तक बनाए रखी गई जब तक कि उसी रात दांडिया कार्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्त नहीं हो गया। इस घटना से स्थानीय निवासियों और भक्तों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इस मामले में देर रात हैदराबाद पुलिस का बयान आया है। हैदराबाद सेंट्रल ज़ोन के डीसीपी अक्षेश यादव ने कहा, “सुबह करीब 6:00 बजे हमें फोन आया कि प्रदर्शनी मैदान में रखी गई दुर्गा माता की मूर्ति का दाहिना हाथ क्षतिग्रस्त हो गया है और मूर्ति के चरणों में रखा प्रसाद और अन्य सामान बिखरा हुआ है। टीम तुरंत सुबह मौके पर पहुँची और सबूतों की तलाश की, हमने सीसीटीवी फुटेज चेक की और करीब 8:15 बजे हमने एक आरोपित को पकड़ा। आरोपित का नाम कृष्णैया गौड़ है… वह एक आवारा है… वह सुबह भूख लगने के कारण इस पंडाल में आया था और भोजन की तलाश करते समय उसने प्रसादम को हिला दिया और उसमें मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई। यह घटना आयोजकों की ओर से लापरवाही के कारण हुई… हमने आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है…”

इससे पहले, इस मामले में पुलिस इंस्पेक्टर विजय ने कहा था, “कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने नामपल्ली एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर हंडी (दानपात्र) को हटा दिया, जिससे देवी दुर्गा की मूर्ति का हाथ टूट गया। आयोजकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जाँच जारी है।” पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि दो साल पहले भी इस तरह की घटना हैदराबाद में सामने आई थी, जब दो महिलाओं ने हथौड़ों का इस्तेमाल कर माँ दुर्गा की प्रतिमा को खंडित कर दिया था। बाद में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने महिलाओं को मंदबुद्धि का बताते हुए घटना पर पर्दा डालने का प्रयास किया था। हालाँकि बाद में उन पर कानूनी कार्रवाई की गई थी। ताजी घटना ऐसे समय पर हुई है जब शहर में नवरात्रि का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है, और इस प्रकार की तोड़फोड़ ने धार्मिक भावना को चोट पहुँचाई है।

10 सूत्रीय कार्यक्रम पर ASEAN के साथ काम करेगा भारत, लाओस में बोले पीएम मोदी- 21वीं सदी एशिया की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान में दक्षिण एशियाई देश लाओस के दौरे पर हैं। लाओस में वर्तमान में ASEAN शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इस्मने भारत का प्रतिनिधित्व करने गए हैं। उन्होंने ASEAN देशों के साथ भारत का सहयोग बढ़ाने के लिए स्थापित किए गए ASEAN-INDIA शिखर सम्मेलन की भी अध्यक्षता की है।

पीएम मोदी लाओस में वैश्विक नेताओं से भी मिल रहे हैं। यहाँ उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमन्त्री, फिलिपीन्स के राष्ट्रपति, अमेरिकी विदेश मंत्री समेत जापान के नए प्रधानमंत्री से भी मिले हैं। उन्होंने ASEAN के साथ ही कई द्विपक्षीय बैठकें भी की हैं। भारत के लिहाज से पीएम मोदी की यात्रा का मुख्य बिंदु ASEAN-INDIA शिखर सम्मेलन रहा है।

ASEAN-INDIA शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के साथ सभी ASEAN देशों के प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत की एक्ट ईस्ट नीति के 10 वर्ष पूरे होने पर ख़ुशी जताई। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई देश भारत के पड़ोसी और ग्लोबल साउथ मुहिम में महत्वपूर्ण सहयोगी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी एशियाई देशों की सदी है। उन्होंने कहा कि विश्व भर में अलग-अलग जगह संघर्ष हो रहे हैं ऐसे में ASEAN और भारत का सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने एक्ट ईस्ट नीति के 10 साल पूरे होने पर 10 सूत्रीय कार्यक्रम का ऐलान किया है।

ASEAN को लेकर भारत का 10 सूत्रीय कार्यक्रम

1. वर्ष 2025 को ASEAN-INDIA पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए भारत $5 मिलियन सहयोग राशि में देगा।

2. युवा शिखर सम्मेलन, स्टार्ट-अप महोत्सव, हैकाथॉन, संगीत समारोह, ASEAN-INDIA थिंक टैंक नेटवर्क और दिल्ली डायलाग समेत अन्य कई एक्टिविटी से एक्ट ईस्ट नीति का एक दशक पूरा होने का जश्न मनाया जाएगा।

3. ASEAN-INDIA विज्ञान और तकनीक विकास फंड के तहत भारत और ASEAN देशों की महिला वैज्ञानिकों का सम्मेलन आयोजित करना।

4. नालंदा विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति की संख्या को दोगुना किया जाएगा और भारत के कृषि विश्वविद्यालयों में ASEAN देशों के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति बनाई जाएगी।

5. 2025 तक ASEAN-INDIA के बीच सामानों के व्यापार समझौते की समीक्षा की जाएगी।

6. आपदा बचाव की क्षमता पर काम किया जाएगा। इसके लिए भी भारत 50 लाख डॉलर की राशि की सहायता देगा।

7. ASEAN-INDIA के स्वास्थ्य मंत्रियों के सहयोग का मंच तैयार करना

8. डिजिटल और साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में ASEAN-INDIA साइबर नीति वार्ता का तंत्र तैयार करना

9. ग्रीन हाइड्रोजन पर काम

10. ASEAN नेताओं को ‘माँ के लिए एक पेड़ लगाओ’ अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना

क्या है ASEAN

ASEAN 10 दक्षिण एशियाई देशों का एक क्षेत्रीय समूह है। यह दस देश ब्रूनेई, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलिपीन्स, सिंगापुर , थाईलैंड और विएतनाम हैं। इसकी स्थापना 1967 में पाँच देशों ने की थी। संगठन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इन देशों में लगभग दुनिया की 10% आबादी (70 करोड़) निवास करती है।

ASEAN देश आर्थिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण हैं। इन देशों की कुल अर्थव्यवस्था लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर है। जो संयुक्त रूप से विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था के बराबर होती है। इन देशों ने आपस में व्यापार सम्बन्धित कई समझौते भी किए हैं। इन देशों के बीच व्यापार पर कस्टम ड्यूटी भी काफी कम है।

इसके अलावा स्थानीय मुद्दों को सुलझाने के लिए भी यह मंच काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। ASEAN देशों में शामिल सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसी तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाएँ हैं, जिसके कारण यह और भी ताकतवर हो जाता है।

भारत के लिए ASEAN क्यों जरूरी

ASEAN भारत के लिए वर्तमान वैश्विक हालात में काफी जरूरी है। इसके कई देशों की भारत से जमीन या समुद्री सीमा जुड़ी हुई है। भारतीय प्रायद्वीप में स्थित देशों के बाद यही देश भारत के सबसे करीबी हैं। यह देश भी भारत की तरह तेजी से विकासशील से विकसित अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए यह बड़ा बाजार हैं।

इसके अलावा भारत के लिए यह देश सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। इनमें से कई देशों के चीन के साथ सीमाई विवाद हैं। चीन इनकी संप्रभुता में दखल देता रहता है। ऐसे में इस इलाके में भारत ही इनका बड़ा सहयोगी है। फिलिपीन्स जैसे देश भारत से रक्षा सामान भी खरीदते हैं। चीन के खतरे को रोकने के लिए भारत के यह सहयोगी हैं।

ASEAN देशों के लिए भी भारत काफी महत्वपूर्ण है। भारत इन देशों के लोगों की मेडिकल और शिक्षा सम्बन्धी जरूरतों को पूरा करता है। इसके अलावा भारत तकनीक में भी इन देशों को सहायता करता है। भारतीय कम्पनियाँ इन देशों में बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।

भारत और ASEAN के बीच मुक्त व्यापार समझौता भी है। भारत ASEAN+ का सदस्य भी है। इसमें ASEAN के बाहर के केवल 6 देश शामिल हैं। ASEAN पर भारत चीन का प्रभाव भी कम करना चाहता है। ASEAN को भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति का मुख्य स्तम्भ मानता है।

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के मंच पर चढ़ जबरदस्ती गाया इस्लामी गाना: फेक वीडियो बता मामले को दबाने की कोशिश, फैक्ट चेक के बाद 6 गिरफ्तार

बांग्लादेश के चटगाँव में दुर्गा पूजा के दौरान हिंदुओं से घृणा का एक और मामला सामने आया है। यहाँ देश भक्ति का गाना गाने के नाम पर मंच पर चढ़े इस्लामिक कट्टरपंथियों ने ‘इस्लामी क्रांति’ का आह्वान करने वाला गाना गा दिया, जिसके बाद माहौल खराब हो गया। इस गाने में कथित तौर पर बांग्लादेश में इस्लामिक क्रांति लाने और गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाने की बात कही गई थी।

ये मामला सामने आने के बाद बांग्लादेश के प्रशासन ने हमेशा की तरह मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन जब इसका वीडियो वायरल हुआ और फैक्ट चेक में सामने आया कि ऐसी हरकत वाकई में हुई थी, तब जाकर स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की बात कही और 6 युवकों को गिरफ्तार करने की बात कही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना चटगाँव शहर के दुर्गा पूजा मंडप में बुधवार (9 अक्टूबर 2024) को हुई। शाम के करीब 7 बजे कुछ युवाओं ने खुद को एक स्थानीय सांस्कृतिक संगठन ‘चटग्राम सांस्कृतिक अकादमी’ के सदस्य बताकर मंडप के आयोजकों से देशभक्ति के गाने गाने की अनुमति माँगी। आयोजकों को उन पर कोई शक नहीं हुआ और उन्होंने अनुमति दे दी। लेकिन इसके बाद इन इस्लामी कट्टरपंथी युवकों ने मंच पर इस्लामी क्रांति का प्रचार करते हुए एक गाना गाना शुरू कर दिया, जिसने माहौल को बिगाड़ दिया।

पूजा स्थल पर मौजूद लोग इस हरकत से हैरान रह गए। यह घटना स्थानीय हिंदू समुदाय के लिए एक बड़ा झटका थी, क्योंकि दुर्गा पूजा बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस गाने से सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका बढ़ गई।

घटना के तुरंत बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि किस तरह युवाओं ने पूजा स्थल पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई। लेकिन, हमेशा की तरह, कुछ लोगों ने इसे ‘फेक’ या ‘एडिटेड’ वीडियो बताकर घटना को दबाने का प्रयास किया। हालाँकि, स्थानीय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि वीडियो में दिख रही घटना असली है और इसे झूठा बताने की कोशिश गलत है।

‘एएफपी’ के फैक्ट चेक एडिटर कादरुद्दीन शिशिर ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह वीडियो फेक नहीं है, और यह घटना सच में हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस सांस्कृतिक संगठन को आमंत्रित किया गया था, उसका संबंध जमात-ए-इस्लामी से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों से हो सकता है।

घटना के तुरंत बाद, स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। चटगांव की डिप्टी कमिश्नर फरिदा खानम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और घोषणा की कि मामले की जाँच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-दो दिनों में दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

फरिदा खानम ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ बांग्लादेश की सांप्रदायिक एकता के लिए हानिकारक हैं और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि दुर्गा पूजा जैसी धार्मिक गतिविधियों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान न पहुँचे।

घटना के बाद, पूजा आयोजकों पर भी सवाल उठने लगे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पूजा मंडप के सहायक महासचिव साजल दत्ता ने इस्लामी गानों वाले इस समूह को मंच पर गाने की अनुमति दी थी। जैसे ही यह बात फैली, आयोजकों ने मंच पर घोषणा कर दी कि साजल दत्ता को पूजा उत्सव समिति से निकाल दिया गया है। इस घटना से न केवल हिंदू समुदाय में बल्कि पूरे चटगांव में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोग पूजा आयोजकों पर सवाल उठाने लगे और पुलिस की मौजूदगी के बीच नारेबाजी भी की। हालांकि, आयोजकों ने दावा किया कि वे इस घटना से अनजान थे और उन्हें गुमराह किया गया था।

यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश में हिंदू त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएँ हुई हैं। हर बार ऐसे मामलों को या तो नजरअंदाज करने की कोशिश की जाती है या फिर फेक वीडियो का बहाना बनाकर दबाने की। इस बार भी कुछ लोगों ने इस घटना को ‘फेक वीडियो’ बताकर इसे झूठा साबित करने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय मीडिया और प्रशासन की तेजी से इस बार इसे छिपाना मुश्किल हो गया।

चटगांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू घृणा के बढ़ते स्तर को उजागर किया है। पिछले कुछ सालों में दुर्गा पूजा के दौरान सांप्रदायिक तनाव के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया अक्सर धीमी और सतही रही है। हर बार की तरह, इस घटना को भी फेक वीडियो बताकर छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन सोशल मीडिया पर मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बंदूकधारियों ने 20 को मौत के घाट उतारा: कोयला खदान में करते थे काम, हमले में रॉकेट और ग्रेनेड भी

पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत में बंदूकधारियों ने गुरुवार (11 अक्टूबर 2024) की देर रात को 20 खनन श्रमिकों की हत्या कर दी। इस हमले में लगभग 7 श्रमिक घायल भी बताए जा रहे हैं। मृतकों में अधिकांश श्रमिक ब्लूचिस्तान के पश्तून भाषी क्षेत्रों से हैं। वहीं, मृतकों में से तीन और घायलों में से चार अफगान नागरिक हैं।

यह घटना दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान के बलूचिस्तान के डूकी जिले की है। पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत बेहद अशांत है और यह घटना हाल का सबसे भीषण हमला है। डुकी के SHO हुमायूँ खान ने बताया, “हथियारबंद लोगों के एक समूह ने भारी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए डुकी इलाके में जुनैद कोल कंपनी की खदानों पर तड़के हमला किया।”

दरअसल, बंदूकधारियों ने कोयला खदान के पास रहने वाले लोगों के आवासों को घेर लिया और फिर उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। ये सभी कोयला खदान में काम करने वाले श्रमिक थे, जो खदान के पास ही रहते थे। हूमायूँ खान ने बताया कि हथियारबंद लोगों के समूह ने निजी कंपनी के इन खदानों पर रॉकेट और ग्रेनेड भी दागे।

डुकी के एक डॉक्टर जौहर खान शादिजई ने बताया, “हमें जिला अस्पताल में अब तक 20 शव और छह घायल मिले हैं।” इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। बता दें कि इस इलाके में बड़ी संख्या में अलगाववादी नेता रहते हैं और बलूचिस्तान की आजादी की माँग करते हैं।

इससे पहले 6 अक्टूबर 2024 को पाकिस्तान के कराची में जिन्ना एयरपोर्ट के पास एक बम धमाका हुआ था, जिसमें 2 चीनी नागरिकों के मौत हो गई। वहीं, 1 चीनी नागरिक समेत 17 लोग घायल हो गए थे। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की सबसे खतरनाक माजिद ब्रिगेड ने ली थी।

इस साल अगस्त में 26 तारीख को बलूचिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक हाइवे पर कई गाड़ियों पर हमला करके 23 लोगों को मार दिया था। हमलावरों ने उन लोगों को मौत के घात उतार दिया जो पंजाब प्रांत से तालुक रखते थे। हमलवारों ने लोगों को मारने के अलावा लगभग एक दर्जन गाड़ियों को आग भी लगा दी और फरार हो गए। थे

वहीं, बलूचिस्तान के विद्रोही संगठनों में से एक बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ‘ऑपरेशन हेरोफ’ और ‘ऑपरेशन डार्क वाइंडी स्टॉर्म’ चलाया, जिसमें 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। उसने पाकिस्तान के आर्मी बेस के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया।

बलूचिस्तान के लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार तेल और खनिज संपदा से समृद्ध बलूचिस्तान का अनुचित तरीके से दोहन कर रही है और इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान उन लोगों के साथ भेदभाव करती है। इसलिए ये पाकिस्तान सरकार से सशस्त्र लड़ाई करते हैं।

‘2047 तक भारत के कई टुकड़े’: खालिस्तानी आतंकी पन्नू की नई धमकी, चीन को अरुणाचल पर हमले के लिए उकसाया

खालिस्तानी आतंकी और प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बार फिर भारत की अखंडता के खिलाफ़ गंभीर धमकी दी है। अमेरिका में बसे पन्नू ने एक वीडियो जारी कर भारत के कई राज्यों में अलगाववादी ताकतों को खड़ा करने की बात कही है। उसने 2047 तक भारत को कई टुकड़ों में बाँटने का हमेशा की तरह मुंगेरीलाल का सपना फिर से देखा है, जिसमें पन्नू ने दावा किया कि 2047 तक भारत का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा और इसका पूरा भूगोल बदल दिया जाएगा।

कनाडा के मंत्री के बयान पर भड़का पन्नू

यह वीडियो कनाडा के उप विदेश मंत्री डेविड मॉरिसन के एक बयान के बाद जारी किया गया। मॉरिसन ने हाल ही में एक सार्वजनिक सुनवाई के दौरान कहा था कि कनाडा की नीति स्पष्ट है – भारत की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक एकीकृत राष्ट्र है और इसकी संप्रभुता को कोई खतरा नहीं होना चाहिए। इस बयान से पन्नू भड़क उठा और भारत के खिलाफ जमकर आग उगला।

पन्नू ने अपने वीडियो में मुंगेरीलाल के सपने की तरह SFJ का मिशन बताया है। पन्नू ने कहा, “SFJ का मिशन 2024 से 2047 तक भारत को खत्म करना है।” उसने यह भी कहा कि पंजाब के अलावा अब जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर और नागालैंड में भी स्वतंत्रता आंदोलनों को भड़काने की योजना बनाई जा रही है। इन राज्यों में भी आंदोलन शुरू कर ‘भारत संघ को खंडित’ करने की धमकी दी गई है।

चीन को अरुणाचल पर हमले के लिए उकसाया

वीडियो में पन्नू ने केवल भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने की धमकी ही नहीं दी, बल्कि उसने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी समर्थन की अपील की। उसने चीनी सेना से कहा कि अरुणाचल प्रदेश को चीन का क्षेत्र मानते हुए इसे वापस लेने का समय आ गया है। पन्नू ने दावा किया कि चीन को भारत के खिलाफ अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए।

पन्नू ने यह भी कहा कि वह और उसका संगठन SFJ भारत के खिलाफ अपने खतरनाक एजेंडे को आगे बढ़ाते रहेंगे। वह अमेरिका और कनाडा के कानूनी सुरक्षा और संरक्षण में रहकर भारत को कमजोर करने की योजना बना रहा है। उसने वीडियो में एक पोस्टर के सामने बैठकर कहा, जिस पर लिखा था “2047: नॉन इंडिया”, जिसका मतलब है कि 2047 तक भारत का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा।

खालिस्तान के नाम जनमत संग्रह

SFJ लंबे समय से पंजाब को भारत से अलग कर खालिस्तान नाम का एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाने की माँग कर रहा है। इसके लिए SFJ ने एक अनौपचारिक वैश्विक जनमत संग्रह की पहल भी शुरू की है, जिसमें वह पंजाब को एक अलग देश बनाने के लिए समर्थन माँग रहा है। हालाँकि, इस जनमत संग्रह को पंजाब के अंदर कोई समर्थन नहीं मिला। साफ है कि पंजाब के लोग खालिस्तान के विचार को खारिज कर चुके हैं, लेकिन पन्नू और उसके समर्थक इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उछालने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत-कनाडा के तनाव का फायदा उठाने की कोशिश

भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से रिश्तों में तनाव बना हुआ है, जिसका कारण कनाडा की धरती पर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों का बढ़ना है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के समय-समय पर खालिस्तानियों के प्रति नरम रुख अपनाने से भारत सरकार ने भी नाराज़गी जताई थी। हालाँकि, डेविड मॉरिसन के हालिया बयान से ऐसा लगता है कि कनाडा ने भारत की अखंडता का समर्थन किया है, जिससे खालिस्तान समर्थक गुटों में हलचल मच गई है।

गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकियों के बावजूद एक बात तो साफ है कि वो लगातार सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए बड़ी-बड़ी बातें करता रहा है। उसकी तरफ से इस तरह की धमकियाँ पहले भी आती रही हैं। हालाँकि दिल्ली में वो पोस्टरबाजी करवाने जैसी हरकतों को अंजाम दे चुका है। बहरहाल, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही पन्नू और उसके संगठन की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं, और उसकी धमकियों को गंभीरता से लिया जा रहा है।