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कोलकाता के अस्पताल में डॉक्टर की रेप के बाद कर दी हत्या, पर बंगाल पुलिस सबूत दबाने में लगी रही: पीड़ित परिजनों का दावा, पिता बोले- हमारा सब कुछ खत्म हो गया

आर जी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई रेप और हत्या की घटना में अब महिला डॉक्टर के परिजनों ने पुलिस पर सबूतों को दबाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने जादवपुर में बिटिया के लिए आयोजित प्रदर्शन के बीच राज्य पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए ट्रेनी डॉक्टर की मौसी ने कहा कि पुलिस और प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पूछा, “आखिर क्यों वो हमेशा सबूतों को दबाने के लिए तैयार रहते हैं? क्यों उनके माता-पिता को 3-4 घंटे शव देखने में लगे? क्यों उन्हें सेमिनार हॉल तक में जाने नहीं दिया?”

उन्होंने कहा, “सौ से ज्यादा लोग कमरे में आए-गए लेकिन माता-पिता को अनुमति नहीं मिली अंदर जाने की। एक महीना हो गया है। क्यों उस समय हर चीज को जल्दी-जल्दी निपटाया गया? अगर पुलिस-प्रशासन ही ऐसी हरकत करेंगे तो फिर हम किसके पास जाएँगे?”

मृतिका की मौसी ने कहा कि वो उन जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में हैं जो अपनी साथी के लिए आवाज उठा रहे हैं और इस प्रदर्शन को न्याय मिलने तक जारी रखने की बात कर रह रहे हैं।

वहीं उनके पिता ने कहा, “उस घटना ने हमारा सब कुछ खत्म कर दिया। सिर्फ एक दिन में, हमारी जिंदगी, हमारे सपने सब तबाह हो गए। बस उम्मीद है कि जूनियर डॉक्टरों के जरिए समर्थन मिलेगा जो हमारी बेटी के लिए न्याय माँग रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “कृपया मेरे साथ तब तक आप लोग खड़े रहें जब तक कोई सॉल्यूशन न निकले। हमारा दिल आरजी कर अस्पताल के डॉक्टरों के साथ है। आपकी आवाजें हमें मजबूत करती हैं। आप घटना के बाद बिखर गए थे।”

बता दें कि आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर के हत्या के मामले में इससे पहले परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने चुप रहने के लिए पैसे देने का प्रयास किया था। हालाँकि उन्होंने वो पैसे लेने से मना कर दिए। वहीं मृतिका के चाचा ने कहा था कि पुलिस ने उन लोगों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाने के प्रयास भी किए थे।

पप्पू नहीं हैं राहुल गाँधी, इतनी ‘गहरी सोच’ कि कई बार समझना मुश्किल होता है: अब सैम पित्रोदा को कॉन्ग्रेस नेता में ‘रणनीतिकार’ दिखे, स्वरा भास्कर ने भी पाया था ‘इंटेलिजेंट’

अमेरिका के टेक्सास में आयोजित एक कार्यक्रम में गाँधी परिवार के पूर्व सलाहकार सैम पित्रौदा ने मंच पर चढ़कर राहुल गाँधी की तारीफों के पुल बाँधे। इस दौरान उन्होंने लोगों को समझाया कि आखिर क्यों राहुल गाँधी को ‘पप्पू’ नहीं कहा जाना चाहिए।

उन्होंने राहुल गाँधी की तारीफ करते हुए कहा, “राहुल गाँधी का एजेंडा कुछ बड़े मुद्दों को संबोधित करना है। मैं आपको बता दूँ कि वह ‘पप्पू’ नहीं हैं, वह उच्च शिक्षित हैं, वह किसी भी विषय पर गहरी सोच रखने वाले रणनीतिकार हैं और कई बार उन्हें समझना बहुत मुश्किल होता है।।”

सैम पित्रोदा ने आगे कहा कि राहुल गाँधी की सोच का कोई तोड़ नहीं है। उनके पास एक ऐसा दृष्टिकोण है जिसको गलत दिखाने के लिए भाजपा ने करोड़ों रुपए खर्च किए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राहुल के खिलाफ गलत दृष्टिकोण बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी कॉन्ग्रेस समर्थक ने इस तरह मंच से राहुल गाँधी के लिए पप्पू शब्द का इस्तेमाल किया हो। इससे पहले स्वरा भास्कर ने भी राहुल गाँधी के लिए पप्पू शब्द का इस्तेमाल किया था।

इंडिया टुडे से बात करते हुए स्वरा भास्कर ने कहा था, “मुझे नहीं पता कि इस तरह की तुलना जायज होगी, लेकिन मुझे राहुल गाँधी की याद आ रही है। उन्हें हर कोई पप्पू कहने लगा। इसके कारण धीरे-धीरे लोगों को यकीन होने लगा कि वे पप्पू हैं। लेकिन मैं उनसे मिली हूँ। वे बेहद ही बुद्धिमान और मुखर इंसान हैं। इसी तरह बॉलीवुड का भी पप्पूकरण कर दिया गया है।”

दिलचस्प बात ये है कि पित्रौदा और भास्कर के इन बयानों के कारण राहुल गाँधी की तारीफ की जगह उनका और भी मखौल उड़ता है। लोग कहते हैं कि इस तरह के बयान देकर तो कॉन्ग्रेसी सिर्फ ये बता रहे हैं कि वो भी मानते हैं कि लोग राहुल गाँधी को क्या समझते हैं और उन्हें सिर्फ उनका बचाव करना है।

मस्जिद के नाम पर ढाई एकड़ जमीन कब्जाई, छत्तीसगढ़ सरकार ने बुलडोजर से किया समतल: मजार से लेकर अवैध दुकान तक सब साफ, भिलाई-रायपुर हाइवे पर था अतिक्रमण

छत्तीसगढ़ के भिलाई में नगर निगम की टीम ने मस्जिद के अवैध अतिक्रमण को जमींदोज कर दिया। करबला कमिटी ने धार्मिक कार्य के लिए मिली जमीन को बढ़ा कर दुकानें, मैरिज हाल और मजार बना ली थी। नगर निगम की टीम ने सारा कब्जा हाई कोर्ट के आदेश के बाद हटा दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भिलाई के जोन कार्यालय के पास बनी इस मस्जिद पर यह कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई के लिए रविवार (8 अगस्त, 2024) को नगर निगम का अमला यहाँ पहुँचा। इसके साथ पुलिस बल भी मौजूद था। इस जगह का प्रबन्धन करने वाली करबला कमिटी ने नोटिस के बाद भी यहाँ से अपना कब्जा नहीं हटाया था।

इसके बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँच कर मस्जिद की चारदीवारी, पाँच दुकानें, एक मैरिज हाल और स्वागत गेट को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। नगर निगम ने इस कार्रवाई से तीन दिन पहले एक नोटिस भेज दिया था।

आरोप है कि वर्ष 1984 में मस्जिद के निर्माण के लिए लगभग 800 स्क्वायर फीट जमीन सरकार की तरफ से भिलाई-रायपुर हाइवे पर मिली थी। इसे यह जमीन विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) की तरफ से दी गई थी। हालाँकि, कमिटी ने इस जमीन का दुरुपयोग करते हुए 800 स्क्वायर फीट की जगह ढाई एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर लिया।

कमिटी ने यहाँ मस्जिद के बाद एक मजार, एक मैरिज हाल और पाँच दुकानें बना ली। इसके अलावा एक मजार भी बनाई गई थी। इन सभी पर नगर निगम का बुलडोजर चल गया। इससे पहले सामने आई शिकायत में बताया गया था कि मस्जिद के पास में ही नगर निगम का कार्यालय है, उसकी जमीन पर तक कब्जा हो गया।

नगर निगम की टीम ने यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की है। हाई कोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए आदेश दिया था कि जल्द से जल्द यह कब्जा खाली करवाया जाए। इसके बाद भिलाई नगर निगम की टीम एक्शन में आई। भिलाई नगर निगम ने कहा कि वह मस्जिद के आसपास जितने भी गैर धार्मिक ढाँचे हैं, उन्हें तोड़ देंगे।

करबला कमिटी ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया और दावा किया कि उनका यहाँ कब्जा 1957 से है। इस मामले में शिकायत भाजपा नेता बीजेपी नेता एसके मोबिन उर्फ बाबर ने की थी। उन्होंने कहा था कि कि मुस्लिम समाज के लोगों ने सैलैनी बाबा की मजार से लगी सुपेला-भिलाई जीई रोड की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।

बाबर ने बताया था कि करबला कमेटी भिलाई के अध्यक्ष गुलाम सैलानी ने दरगाह की आड़ में करोड़ों की जमीन पर कब्जा कर दुकानें बनवा दी हैं और इसका किराया वसूलता है। इससे नगर निगम को भी नुकसान हो रहा है। बाबर ने कहा कि यहाँ मजार तो बहुत पहले से है, लेकिन बाकी के निर्माण कार्य कब्जा करके किए गए हैं। 

गैस सिलेंडर, माचिस-बारूद, पेट्रोल की बोतल… कानपुर में ट्रेन हादसे की पूरी स्क्रिप्ट थी तैयार, इमरजेंसी ब्रेक ने बचाया: रेलवे लाइन पर साजिश किसकी?

देश भर में ट्रेनों को निशाना बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। अब उत्तर प्रदेश के कानपुर में पटरी पर सिलेंडर रख कर ट्रेन को पलटने की साजिश सामने आई है। कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस पटरी पर रखे गए LPG से सिलेंडर से टकराई और रुक गई। इस हादसे में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

जानकारी के अनुसार, हरियाणा के भिवानी से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रही कालिंदी एक्सप्रेस (14723) कानपुर में अनवरगंज-कासगंज रूट पर रविवार (8 अगस्त, 2024) को पटरी पर रखे सिलेंडर से टकराई, इसके बाद तेज धमाका हुआ। लोको पायलट ने इसके बाद आपातकालीन ब्रेक लगा दिए। इससे ट्रेन जहाँ की तहाँ रुक गई।

लोको पायलट ने बताया कि उसे पटरी पर कोई संदिग्ध चीज दिखी लेकिन जब तक वह ब्रेक लगाए तब उससे टक्कर हो गई और धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुँची पुलिस को जाँच में यहाँ से LPG सिलेंडर मिला। इसके आसपास एक पेट्रोल की बोतल और माचिस भी मिली।

मौके पर से एक झोला भी मिला, बताया गया है कि इसमें बारूद थी। इस घटना के बाद काफी देर ट्रेन रुकी रही। पुलिस और RPF ने जाँच के बाद ट्रेन को रवाना किया। मामले की जाँच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस ने बताया है कि सिलेंडर को ट्रेन की पटरी पर ही रखा गया था जो हादसे के दौरान रगड़ खा गया।

इस मामले में कानपुर में कानून व्यवस्था के ACP हरीश चंदर ने बताया ,”रेलवे प्रशासन द्वारा बताया गया कि भिवानी प्रयागराज एक्सप्रेस इस रूट से गुजर रही थी, पटरी पर संदिग्ध वस्तु देख कर ड्राइवर ने ब्रेक लगाए। ट्रेन सिलेंडर से टकराई है। ट्रेन इसके बाद काफी देर तक रुकी रही। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। हम लोग घटना की जाँच बारीकी से कर रहे हैं। मौके पर अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौजूद है। घटनास्थल पर एक सिलेंडर और आपत्तिजनक सामान मिला है। घटना की समीक्षा की जा रही है। इसमें कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

ट्रेन पलटने की साजिश के सवाल पर पुलिस ने बताया कि उसकी जाँच सभी एंगल से चल रही है। कानपुर में हुए इस हादसे के बाद इस रूट की कई और ट्रेन प्रभावित हुईं। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस मामले में जाँच कर रही है। ट्रेनों का आवागमन सामान्य तरीके से जारी है।

बीते कुछ समय में कई ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें जानबूझ कर ट्रेन की पटरी पर ऐसे सामान रखे गए जिनसे ट्रेन पलट सकती थी। इससे पहले 17 अगस्त, 2024 को कानपुर में ही साबरमती एक्सप्रेस के साथ भी दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में 17 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। लोको पायलट ने बताया था कि किसी चीज से यह ट्रेन टकराई, जिसके बाद हादसा हुआ।

कानपुर में हुए इस हादसे में पटरी पर वस्तु रखे जाने की बात अश्विनी वैष्णव ने भी की थी। बाद में सामने आया था कि पटरी पर लोहे का टुकड़ा रखा गया था। कानपुर के अलावा और भी जगहों से ऐसे ही प्रयास सामने आए हैं। राजस्थान के पाली में भी पटरी पर दो दिन लगातार सीमेंट के बोल्डर रखे गए थे।

इसके अलावा अलीगढ़ में पटरी पर एक मोटरसाइकिल का पहिया रखा गया था। इस मामले में अफसान नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया था। यह सभी मामले तब सामने आए हैं जब पाकिस्तानी आतंकी फरहतुल्लाह गोरी भारत में ट्रेन और बाकी इन्फ्रा को निशाने पर लेने की बात कर रहा है।

पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी फरहतुल्लाह गोरी ने यह काम स्लीपर सेल से करने को कहा है। आतंकी गोरी ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) आतंक की कमर तोड़ रहा है। इसका जवाब देने के लिए उसने देश भर में इन्फ्रा पर हमला करने को कहा है। इस संबंध में एक वीडियो सुरक्षा एजेंसियों को मिला है।

सुरक्षा एजेंसियों को मिले वीडियो में गोरी बता रहा है कि कैसे ट्रेनों में अलग-अलग तरीके से धमाके किए जा सकते हैं। वह इसके लिए प्रेशर कुकर जैसी चीजों से बम बनाने का भी आईडिया दे रहा है। गोरी अभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की शह पर वहीं रह रहा है और भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है।

सूरत में गणपति पंडाल पर मुस्लिम नाबालिगों ने किया पथराव, एक्शन लेने पर पुलिस पर भी हमला: सैंकड़ों हिंदू विरोध में उतरे, अब तक 27 गिरफ्तार

गुजरात के सूरत के लालगेट इलाके में गणेश भगवान के मंडप पर पथराव की घटना प्रकाश में आई। आरोप है कि इस घटिया हरकत को कुछ मुस्लिम समुदाय के नाबालिगों द्वारा अंजाम दिया गया। घटना के बाद जब हजारों हिंदू विरोध में सड़कों पर उतरे तो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में कुछ गिरफ्तारियाँ कीं। हालाँकि इन गिरफ्तारियों से पहले मुस्लिम बहुल इलाके में उन्हें भी पत्थरों से निशाना बनाया गया

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला लालगेट के वरियाली बाजार का है। यहाँ कुछ मुस्लिम समुदाय के नाबालिगों द्वारा गणेश मंडप पर पथराव किया गया। हिंदू समुदाय को जब ये सूचना मिली तो वो सबमें आक्रोश फैल गया। इस दौरान लागेट थाने का घेराव भी किया गया।

बताया जा रहा है कि पथराव की घटना सबसे पहले 7 सितंबर को हुई थी और उसके बाद अगले दिन यानी 8 सितंबर को भी हुई। इसी के बाद हिंदुओं ने आपा खोया। हालाँकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए कदम उठाए और उन्हें पकड़ने इलाके में भी गई। हालाँकि पुलिस को देखते ही आरोपितों के इलाके में पथराव होने लगा। पुलिस ने मशक्कत के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के बारे में पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा, “इससे ​​पहले यहाँ गणेश मंडप पर पथराव हुआ था। यहाँ मौजूद नाबालिग आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, फिलहाल पुलिस की जाँच जारी है। शांति स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपितों का चेहरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

इस मामले पर विधायक कांति बलार ने हिंदू युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आपके साथ हूँ। भारतीय जनता पार्टी आपके साथ है। हम इस तरह बार-बार पथराव बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिन लोगों को पकड़ लिया गया है उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।”

वहीं इस मामले पर गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने वादा किया था, सूरज उगने से पहले हमने पत्थरबाजों को पकड़ लिया है! 27 पत्थरबाज गिरफ्तार किए गए हैं। सीसीटीवी, वीडियो विजुअल्स, ड्रोन विजुअल्स और अन्य तकनीकी निगरानी कार्य अभी भी जारी है। सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।हमारी टीमें पत्थरबाजों की पहचान करने और उन्हें सजा दिलाने के लिए पूरी रात काम कर रही थी और अभी काम रही है।”

बता दें कि गणपति पंडाल में हुए पथराव की घटना के बाद गिरफ्तार हुए आरोपितों को लेकर बताया जा रहा है कि उनकी उम्र 15 साल से अधिक नहीं है। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है और साथ ही वो लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं जिन्होंने भड़काऊ नारेबाजी की थी।

राहुल गाँधी और MK स्टालिन पहले से अमेरिका में, अब DK शिवकुमार ‘निजी यात्रा’ पर हो रहे रवाना: ओवैसी और अब्दुल्ला से मिल चुके हैं अमेरिकी राजनयिक

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अपनी 3 दिवसीय यात्रा पर शनिवार (8 सितंबर, 2024) को अमेरिका पहुँचे। इसके तुरंत बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के सीनियर नेता डी के शिवकुमार भी अमेरिका के लिए निकल रहे हैं। ऐसे में अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया कि ये दोनों नेता अमेरिका के शीर्ष नेताओं से कुछ जरूरी मुद्दों पर मुलाक़ात और बातचीत करने गए हैं। हालाँकि अब डी के शिवकुमार ने इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने अपनी यात्रा को निजी और पारिवारिक बताया है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार (8 सितंबर) को अपने X हैंडल से सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उनकी इस यात्रा के बारे में तमाम तरह की अफवाहें सुनाई दे रही है। बकौल डी के शिवकुमार, यह यात्रा पूरी तरह से निजी और पारिवारिक है जिसका किसी विभागीय टूर या राजनैतिक उद्देश्य से कोई भी लेना-देना नहीं है। शिवकुमार ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की भी अपील की है। कॉन्ग्रेस नेता ने यह ट्वीट तेलगू और अंग्रजी दोनों भाषाओं में किया है।

बताते चलें कि डी के शिवकुमार से पहले कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गाँधी अमेरिका की यात्रा पर गए है। यहाँ वो 3 दिन समय बिताएँगे। इस दौरान राहुल गाँधी ने कहा है कि वो भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में प्रयास करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने पिछले हफ्ते कहा था कि राहुल अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर नहीं आ रहे हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद भवन) में विभिन्न लोगों से ‘व्यक्तिगत तौर’ पर बातचीत करने का मौका मिलेगा। यहाँ पर राहुल गाँधी पत्रकारों से भी रूबरू होंगे।

गौरतलब है कि हाल ही में बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ था। इस तख्तापलट में शेख हसीना सरकार के खिलाफ न सिर्फ बांग्लादेश के कट्टरपंथी बल्कि सेना व पुलिस से जुड़े तमाम लोगों ने बगावत कर दी थी। मुश्किल समय में शेख हसीना को भारत में शरण मिली थी। अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कई जानकार इस तख्तापलट में अमेरिका का हाथ होने का इशारा करते हैं। हाल ही में अमेरिकी राजनयिकों ने हैदराबाद में AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात की है। जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

जिस मौलाना का समर्थन करती है ‘भीम आर्मी’, उसी ने दलित महिला से किया बलात्कार: पहले फिरदौस ने ‘हृदेश’ बन फाँसा, फिर नूर अहमद अज़हरी के साथ रेप का बनाया वीडियो

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मुस्लिम समुदाय के 2 युवकों पर एक दलित वर्ग की शादीशुदा महिला से रेप का आरोप लगा है। आरोपितों में एक मौलाना भी शामिल है जिसका नाम नूर अहमद अज़हरी है। दूसरे आरोपित का नाम फिरदौस है। आरोपितों ने पीड़िता का अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल किया और जान से मार डालने की धमकी भी दी। शनिवार (7 सितंबर, 2024) को पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। ऑपइंडिया ने अपनी पिछली रिपोर्ट में नूर अहमद अज़हरी के काले कारनामों का जिक्र किया था। मौलाना नूर अहमद अज़हरी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पदाधिकारी है।

यह मामला पीलीभीत जिले के थाना क्षेत्र पूरनपुर का है। यहाँ शनिवार को जाटव समुदाय की एक महिला ने खुद को हिन्दू बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है। उनका पति दिल्ली में रह कर मजदूरी कर के परिवार पालता है। 8 महीने पहले महिला के जेठ के साथ एक युवक उनके घर आया था। वह युवक असल में फिरदौस था लेकिन उसने अपना परिचय हृदेश के तौर पर दिया था। हृदेश बना फिरदौस पीड़िता से फोन पर बातें करने लगा।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ दिनों की बातचीत में ‘हृदेश’ ने पीड़िता को अपने जाल में फँसा लिया। इसी के साथ उसने विश्वास में ले कर पीड़िता से कई बार रेप किया। कई बार बलात्कार की वजह से लगभग 4 महीने पहले पीड़िता की तबियत खराब हो गई। तब ‘हृदेश’ (फिरदौस) ने पीड़िता की बीमारी ठीक करवाने के बहाने उसे झाड़-फूँक करने वाले एक मौलाना से मिलवाया। यह मौलाना नूर अहमद अहजहरी था जो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का उत्तर प्रदेश में पदाधिकारी है।

फिरदौस पीड़िता को अपने साथ पूरनपुर इलाके के खानका लाया। यहाँ मौलाना नूर अहमद अज़हरी ने पीड़िता पर भूत-प्रेत का साया बताते हुए पूरी रात बलात्कार किया। मौलाना द्वारा रेप के दौरान फिरदौस ने साजिशन पीड़िता की अश्लील वीडियो बना ली। इसी वीडियो को वायरल करने का डर दिखाते हुए फिरदौस ने पीड़िता से कई बार बलात्कार किया। शनिवार (7 सितंबर) को फिरदौस पीड़िता को फिर से पूरनपुर लाया। वह पीड़िता पर होटल में चलने का दबाव बनाने लगा।

जब पीड़िता ने इनकार कर दिया तो फिरदौस ने उसे जान से मार डालने की धमकी देते हुए पीटा। इसी दौरान उसने खुद को हृदेश नहीं बल्कि मुस्लिम बताया। पीड़िता जैसे-तैसे हृदेश के चंगुल से निकल कर पुलिस स्टेशन पहुँची। यहाँ उसने शिकायत दर्ज करवाते हुए नूर मोहम्मद अज़हरी और फिरदौस पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने इन दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस द्वारा मामले की जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौलाना पर कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय बजरंग दल ने रविवार को प्रदर्शन भी किया था।

इसी हफ्ते थाना घेर कर काटा था हंगामा

बताते चलें कि मौलाना फिरदौस अज़हरी ने इसी सप्ताह पूरनपुर थाने पर भीड़ जुटा कर हंगामा किया था। यह हंगामा चंगेज खान नाम के एक युवक के समर्थन में किया गया था जिसका हिन्दू संगठन के सदस्यों से झगड़े का वीडियो वायरल हुआ था। चंगेज खान OBC वर्ग की एक हिन्दू महिला के घर में घुस कर यौन शोषण का आरोपित भी है। इसी चंगेज के समर्थन में भीड़ जुटाते हुए मौलाना नूर मोहम्मद अज़हरी ने हिन्दू संगठनों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। साथ ही उसने भविष्य में और बड़े हंगामे की धमकी भी दी थी। ‘भीम आर्मी’ ने भी तक इस हंगामे में मौलाना अज़हरी के सुर में सुर मिलाए थे।

मौलाना ने हिन्दू महिला को सुनाया चारपाई पर नंगे लेटने का फरमान, बीमार बच्चे के लिए ताबीज बनवाने गई थी मदरसा: बलात्कार की कोशिश, दी गंदी गालियाँ

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के एक मदरसे में एक हिन्दू महिला से रेप की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। इस करतूत का आरोप मदरसे के मौलाना पर लगा है जिसका नाम मंसूर है। मौलाना ने झाड़फूंक से इलाज के नाम पर अन्धविश्वास फैला रखा था। पीड़िता अपने बीमार बच्चे की ताबीज बनवाने के लिए मदरसे में गई थी। पुलिस ने मौलाना मंसूर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (3 सितंबर, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना अमरोहा जिले के थानाक्षेत्र गजरौला की है। यहाँ जलालनगर इलाके में एक मदरसा है जिसमें मौलाना मंसूर छात्रों को पढ़ाता है। वह झाडफ़ूंक के नाम पर लोगों में अन्धविश्वास भी फैला रहा था। इन्ही बातों में एक हिन्दू महिला भी आ गई। उसका बेटा बीमार था जिसके झाड़-फूँक से इलाज के लिए पीड़िता मंगलवार (3 सितंबर) को मदरसे में चली गई। यहाँ मौलाना ने पीड़िता को बताया कि उसके बेटे पर जिन्न का साया है।

महिला ने इलाज पूछा तो मौलाना ने उसे 7 तरह की मिठाइयाँ लाने के लिए कहा। इसी के साथ मंसूर ने एक जोड़ी लौंग और जायफल भी मँगवाया। जब पीड़िता ये सब सामान ले आई तो मौलाना ने उसे कपड़े उतार कर नंगे ही चारपाई पर लेटने का फरमान सुनाया। मौलाना की इस बात पर पीड़िता को शक हुआ। उसने कपड़े उतारने से मना कर दिया तो मौलाना भड़क गया। आरोप है कि मंसूर ने पीड़िता को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए जान से मार डालने की धमकी भी दी।

खुद को फँसता देख कर महिला ने 112 नंबर डायल कर के पुलिस बुला ली। मौके पर पहुँच कर पुलिस ने मौलाना को हिरासत में ले लिया। मंसूर के खिलाफ महिला की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई और मौलाना को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘कैलेसिया सभा’ के नाम पर जुटाता था हिन्दुओं को, लालच दे कर बनाता था ईसाई: पादरी संजीव सीतापुर पुलिस की हिरासत में

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ईसाई धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहाँ संजीव कुमार नाम के व्यक्ति को पादरी बताते हुए हिन्दू संगठनों ने उस पर हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया है। धर्मान्तरण के लिए संजीव लोगों को ‘कैलेसिया’ नामक सभा के बहाने एकजुट करता था। हिन्दू संगठनों ने इस सभा में पहुँच कर हंगामा किया। पुलिस ने संजीव को हिरासत में ले कर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना शनिवार (7 सितंबर 2024) की है।

यह मामला सीतापुर जिले के थानाक्षेत्र सदरपुर का है। शनिवार को यहाँ राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में राहुल ने बताया कि उनको गाँव देवरिया खुर्द में संजीव कुमार नाम के एक धर्मांतरित ईसाई द्वारा हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन की सूचना मिली थी। संजीव सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। आरोप है कि खुद धर्म परिवर्तन के बाद वह अन्य हिन्दुओं को भी ईसाई बनाने के काम पर लगा हुआ है। इसी सूचना पर राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता गाँव देवरिया खुर्द पहुँच गए।

शिकायत में राहुल गुप्ता ने आगे बताया कि सूचना सही पाई गई और गाँव में संजीव हिन्दुओं के धर्मांतरण में व्यस्त मिला। वह एक घर में सभा जुटा कर लोगों को बहला-फुसला रहा था। सभा स्थल पर शिकायतकर्ता राहुल गुप्ता और उनके सहयोगियों ने हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची। मुख्य आरोपित संजीव को हिरासत में ले लिया गया है जिस से पूछताछ की जा रही है। आरोपित पर उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

जिस घर में धर्मांतरण की साजिश का आरोप है वहाँ की दीवारों पर ईसा मसीह के चित्र लगे हुए हैं। चित्रों के साथ दीवारों पर ईसाई साहित्य से जुड़ी कई अन्य बातें भी कागजों पर लिखी मिली। इस दौरान हिन्दू संगठन के सदस्यों और संजीव के समर्थकों में नोकझोंक भी हुई। राष्ट्रीय बजरंग दल के सीतापुर पदाधिकारी आशुतोष ने वीडियो जारी कर के बताया कि लोगों को ईसाई मत में लाने के लिए संजीव कैलेसिया नाम की सभा जुटाता था।

आशुतोष का दावा है कि कथित प्रार्थना स्थल पर बाइबिल, अन्य ईसाई सहित और एक तरल पदार्थ भी मिला है। उन्होंने सभा के आयोजक संजीव को पादरी बताया है। दावा है कि संजीव को हिन्दू संगठन से जुड़े लोग ही पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। आशुतोष ने आगे बताया कि ये उनके द्वारा अब तक एक दर्जन से अधिक कैलेसिया सभाएँ पकड़ी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले को देखने का अनुरोध करते हुए राष्ट्रीय बजरंग दल ने पुलिस से भी सक्रियता की उम्मीद जताई।

समाजवादी पार्टी के नेता ने किया रेप, वीडियो भी बनाया: नवाब यादव और मोईद खान की तरह वीरेंद्र पाल को भी बचाएँगे सपा सुप्रीमो अखिलेश?

समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम यादव ने ‘लड़कों से गलती हो जाती है…’ का बयान क्या दिया था, उनकी पार्टी के नेताओं ने इसे अपराध करने का लाइसेंस मान लिया। मोईद खान और नवाब यादव के बाद समाजवादी पार्टी के एक और नेता के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हुआ है। सपा नेता वीरेंद्र बहादुर पाल के खिलाफ एक महिला वकील ने मुकदमा दर्ज कराया है।

महिला उत्तर प्रदेश के मऊ की रहने वाली है और वीरेंद्र पाल की पूर्व सहयोगी है। उसने थाने में रविवार (8 सितंबर 2024) को मुकदमा दर्ज करवाया है। वीरेंद्र पाल के पिता दयाराम पाल भी सपा के नेता रहे हैं। वहीं, वीरेंद्र पाल सेंट्रल मऊ बार एसोसिएशन का दो बार अध्यक्ष रह चुका है। इतना ही नहीं, वह समाजवादी पार्टी का प्रदेश सचिव भी रह चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने मऊ के नगर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उसने कहा है कि वीरेंद्र पाल ने उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिला दिया। इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया। उसने यह भी बताया कि समाजवादी पार्टी के नेता ने इस कृत्य का अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया है।

महिला वकील ने बताया कि आरोपित उसका फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पिछले एक साल से उसका रेप कर रहा था। बकौल पीड़िता, वीरेंद्र पाल उसकी मर्जी के खिलाफ उसे लखनऊ लेकर गया था। महिला वकील की शिकायत पर पुलिस ने धारा 115(2), 351(2), 352, 123 और 64(2)(m) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

इस मामले पर मऊ के सीओ अंजनी कुमार पांडेय ने बताया, “एक पीड़िता ने वीरेंद्र बहादुर पाल के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में दुष्कर्म और मारपीट के आरोप में तहरीर थी। इसको लेकर बीते 7 सितंबर को केस दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपित पेशे से अधिवक्ता है।” पुलिस का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद से आरोपित फरार है।

पीड़ित महिला ने यह भी दावा किया है कि शुरू में स्थानीय पुलिस उसकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी। उसने जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई तब जाकर उसकी शिकायत पर कार्रवाई हुई। मऊ पुलिस ने अब वीरेंद्र पाल को पकड़ने के लिए टीम बनाई है।

अयोध्या और कन्नौज के बलात्कारी सपाई हो चुके हैं गिरफ्तार

इससे पहले अयोध्या और कन्नौज में सपा के दो नेताओं के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हुआ है। दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। अयोध्या के पूरा कलंदर थाना इलाके में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के बाद मोईद खान और उसके सहयोगी ने लड़की का अश्लील वीडियो बना लिया था। इसके जरिए उसे ब्लैकमेल करके बारी-बारी से उसका रेप करते रहे।

जब इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब निषाद समाज से आने वाली पीड़िता दो महीने की गर्भवती थी। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की। इस मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के भदरसा नगर अध्यक्ष मोईद खान और उसकी बेकरी पर काम करने वाले राजू को गिरफ्तार किया। मोईद की अवैध बेकरी को बुलडोजर से ढहा दिया गया है।

ऐसा ही एक मामला कन्नौज से सामने आया है। यहाँ सपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव पर एक नाबालिग ने रेप का आरोप लगा है। नाबालिग ने आरोप लगाया था कि उसे नौकरी देने के बहाने बुलाकर नवाब ने उसका रेप किया। बीते 11 अगस्त की रात के इस मामले में पुलिस ने नवाब को गिरफ्तार कर लिया है।

नवाब का बचाव करते हुए अखिलेश यादव ने डीएनए जाँच कराने की माँग की थी। डीएनए जाँच में पीड़िता का नवाब के साथ सैंपल मैच हो गया है। पुलिस ने नवाब के करीबी रिश्तेदार के कोल्ड स्टोरेज की अवैध दीवार को भी बुलडोजर से ढहा दिया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव का नवाब प्रतिनिधि भी रह चुका है।