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खुदा, रमजान, ईद, नमाज… पेपर हिंदी का और सवाल इस्लामिक, नेटिजन्स बोले- भरूच पाकिस्तान में आता है या भारत बन चुका है इस्लामिक देश?

गुजरात के भरूच के नर्मदा स्कूल में यूनिट टेस्ट में इस्लाम संबंधी प्रश्न पूछने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक प्रश्न पत्र वायरल हो रहा है जिसमें शुरुआत के चार के चार सवाल इस्लाम मजहब से जुड़े हैं। इस प्रश्न पत्र को देख लोग कह रहे हैं कि आखिर ये स्कूल भारत में आता है या फिर पाकिस्तान में। वहीं शिक्षा जिलाधिकारी का कहना है कि पेपर नियमानुसार ही छपा है।

जानकारी के मुताबिक, यह प्रश्न भरूच के जीएनएफसी नर्मदा विद्यालय में आठवीं कक्षा के छात्रों से पूछे गए। यूनिट टेस्ट 7 अगस्त को आयोजित हुआ था। पेपर की फोटो सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो रही है। इसमें पाँच MCQ नजर आ रहे हैं जिनमें से 4 इस्लाम संबंधित हैं।

पेपर में देख सकते हैं कि पहला प्रश्न हैं- ‘हम संसार में किसकी इच्छा से आए?’ विकल्पों में माता, पिता, परिवार को रखा गया और अंतिम विकल्प ‘खुदा’ दिया गया। दूसरा प्रश्न है – ‘यदि ईश्वर चाहे तो (रिक्त स्थान) से हर कोई बच सकता है। जिसमें किस्मत, मन्नत, दावत और आफत जैसे शब्द विकल्प दिए गए।

तीसरा सवाल रमजान को लेकर है जिसमें पूछा गया, रमजान पूरे तीस (खाली जगह) के बाद आता है। विकल्प में विघानों, दानों और फेरों और रोजा जैसे शब्द हैं। इसके बाद चौथा सवाल में पूछा गया। ईद की नमाज़ जगह का क्या नाम है? विकल्प हैं – ईदबाग, ईदमेदान, ईदघर और ईदगाह।

बताया जा रहा है कि जब बच्चों ने अपने घर पर जाकर इस प्रश्न पत्र को दिखाया तो अभिभावकों ने इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। साथ ही बच्चों से इस तरह के प्रश्न पूछे जाने का विरोध भी किया।

पाठ्यक्रम से पूछे सवाल, इरादा गलत नहीं: स्कूल प्रबंधन

जब ऑपइंडिया के संज्ञान में मामला आया तो हमने भी इस मामले में आगे जानकारी के लिए स्कूल से संपर्क किया। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, ” प्रश्न सरकारी पाठ्यपुस्तक से ही लिए गए हैं और कोई भी विषय से बाहर का प्रश्न नहीं पूछा गया है। विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि सवाल लगातार थे, लेकिन इसके पीछे पीछे स्कूल या शिक्षकों का कोई और इरादा नहीं था। यही कहना है कि प्रश्न पाठ से ही पूछे गए थे।” आगे कहा कि इस मामले में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर कार्यालय को जवाब भी सौंप दिया है।

वहीं इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी स्वातिबा रावल का भी बयान सामने आया है। उनका कहना है कि प्रश्न नियमानुसार पूछा गया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय को राई का पहाड़ बनाया जा रहा है।‘दिव्य भास्कर’ से बातचीत में उन्होंने कहा, ” सरकारी नियमों और पाठ्यपुस्तकों के अनुसार ही प्रश्न पूछे गए हैं और वे किसी पाठ्यक्रम के अध्याय से हैं। इस पूरी घटना को किसी ने तूल देने की कोशिश की है।”

ऑपइंडिया ने इस मामले में जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सचिन शाह से भी संपर्क किया। हालाँकि, उन्होंने कहा कि यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी के दायरे में आता है, लेकिन उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले पर एक रिपोर्ट राज्य सरकार को भी सौंपी गई है और प्रश्न पाठ्यपुस्तक से ही लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विवाद सुलझ गया है।

बगल में सुला कर किया नाबालिग छात्र से कुकर्म, मुँह खोलने पर मार डालने की धमकी: मदरसे का बावर्ची मुस्तकीन गिरफ्तार, मौलाना ने बच्चे में ही निकाल दिया ‘दोष’

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक मदरसे के अंदर नाबालिग छात्र से कुकर्म का मामला सामने आया है। अप्राकृतिक दुष्कर्म का आरोप मदरसे के ही एक कर्मचारी पर लगा है जिसका नाम मुस्तकीन है। बताया जा रहा है कि सहपाठियों के साथ हुए झगड़े की वजह से 10 वर्षीय पीड़ित छात्र को मुस्तकीन के कमरे में सोने के लिए कहा गया था। घटना शुक्रवार (2 अगस्त 2024) की बताई जा रही है। बाद में बच्चे ने अपनी माँ को बताया तो मामले में FIR दर्ज हुई। पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपित मुस्तकीन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मदरसे का मौलाना पीड़ित के बजाय आरोपित के पक्ष में उतर आया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला इंदौर के थानाक्षेत्र बड़गौंदा का है। यहाँ के महू इलाके में 12 अगस्त (सोमवार) को एक 10 वर्षीय बच्चा अपने भाई के साथ पुलिस स्टेशन पहुँचा। बच्चे ने बताया कि वह पिछले 2 महीने से महू रोड के एक मदरसे में रहता है। यहाँ पर पढ़ने वाले अन्य छात्र पीड़ित को परेशान करने लगे। इसकी शिकायत पीड़ित ने मदरसे के मौलाना से की। शिकायत के बाद मौलाना ने पीड़ित को मदरसे के स्टाफ मुस्तकीन के कमरे में रहने का फरमान सुना दिया। मुस्तकीन मदरसे की देखभाल के लिए रखा गया है।

पीड़ित ने आगे बताया कि शुक्रवार (2 अगस्त, 2024) की दोपहर में वह खाना खा कर कमरे में सो रहा था। इसी दौरान मुस्तकीन अपने कमरे में आया और बच्चे का मुँह दबा दिया। पीड़ित के तमाम विरोध के बावजूद मुस्तकीन ने उसके साथ कुकर्म किया। इसी रात एक बार फिर से मुस्तकीन ने पीड़ित से अप्राकृतिक सेक्स किया। बच्चे ने शोर मचाने की कोशिश की तो आरोपित ने उसे जान से मार डालने की धमकी देते हुए चुप करवा दिया। मुस्तकीन ने पीड़ित को इस घटना का जिक्र किसी ने न करने के लिए भी धमकाया।

अगले दिन सुबह ही पीड़ित मुस्तकीन के कमरे से बाहर निकल कर सड़क पर पहुँच गया। उसने एक राहगीर से मोबाइल फोन माँग कर अपनी अम्मी को सारी बात बताई। बच्चे की माँ मदरसे पर पहुँच कर उसे अपने साथ घर ले गईं। यहाँ परिवार के बाकी परिजनों को मामले की जानकारी हुई। आखिरकार मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई। SHO लोकेन्द्र सिंह ने मीडिया से बताया कि आरोपित मुस्तकीन पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है। मुस्तकीन को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है।

मौलाना उतरा आरोपित के पक्ष में

इस मामले में मदरसे का मौलाना खुल कर पीड़ित के बजाय आरोपित के पक्ष में उतर आया है। मीडिया से बात करते हुए मौलाना इरशाद ने बताया कि बच्चा अपने घर जाना चाहता था लेकिन उस्तादों ने उसे अकेले नहीं जाने दिया था। इरशाद के मुताबिक इसी वजह से बच्चा झूठे आरोप लगा रहा है। मौलाना ने अपनी जाँच रिपोर्ट में बावर्ची मुस्तकीन को क्लीन चिट दे दी। मौलाना के मुताबिक, बावर्ची मुस्तकीन और बच्चों के सोने के लिए अलग-अलग कमरे बने हैं। मौलाना ने किसी रईस नाम के व्यक्ति पर खुद से 5 लाख रुपए रंगदारी माँगने और न देने पर मदरसे को बदनाम करने की धमकी देने का आरोप लगाया।

हालाँकि मौलाना अंत में बोला कि अगर बावर्ची ने कुछ गलत किया होगा तो उसका हिसाब उसे ऊपर वाला देगा। इरशाद का यह भी कहना है कि अगर कुछ गलत हुआ भी है तो वो मदरसे के कैम्पस से बाहर की बात होगी। मुस्तकीन मूलतः सीहोर जिले का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, मौलाना या मदरसे के किसी भी व्यक्ति द्वारा रंगदारी माँगे जाने की शिकायत नहीं दी गई है। पूरे मामले की जाँच और जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

डेढ़ महीने के नवजात शिशु की मौत: खतना करते हुए काट दी नस, 8 घंटे तक बहता रहा खून, नाई कबीर हुआ फरार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गलत ढंग से खतना करने पर डेढ़ महीने के एक नवजात बच्चे की मौत हो गई है। आरोप है कि शद्दीक के बेटे कबीर हज्जाम ने खतने के दौरान बच्चे की गलत नस काट दी थी। कई घंटे तक लगातार खून बहने की वजह से आखिरकार बच्चे की मौत हो गई। घटना रविवार (11 अगस्त 2024) की है। बच्चे के दादा की तहरीर पर पुलिस ने कबीर हज्जाम पर FIR दर्ज कर ली है। घटना के बाद आरोपित फरार हो गया है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

यह घटना बरेली जिले के थाना क्षेत्र फतेहगंज पूर्वी की है। यहाँ सोमवार (12 अगस्त, 2024) को मृतक के दादा ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि उनका पोता डेढ़ माह का था। रविवार को सुबह लगभग 11:30 पर वो अपने पोते का खतना करवाने के लिए शद्दीक के बेटे कबीर हज्जाम के पास गए थे। कबीर ने बच्चे का खतना करने के दौरान गलत नस काट दी। इस वजह से बच्चे का लगातार खून बहने लगा। काफी कोशिशों के बावजूद भी खून नहीं रुका और इसी दिन शाम 7:30 पर बच्चे की जान चली गई।

मीडिया से बात करते हुए मृतक के दादा ने कहा, “मुसलमानी करवाई थी, उसने नस गलत काट दी। पहला बच्चा था। बड़े ऑपरेशन से हुआ था। घर में बड़ी खुशहाली थी।” उनके साथ ही खड़े दूसरे परिजन ने कहा कि सब मामला खराब हो गया। खुद को सँभालते हुए मृतक के दादा ने फिर कहा, “उसकी (कबीर) की लापरवाही है। वो हमें बता देता तो हम ले कर बरेली आ जाते। वो तो भाग गया वहाँ से।” मृतक के परिजनों ने गलत नस काटने वाले कबीर हज्जाम पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस ने मृतक बच्चे के परिजन की तहरीर पर शद्दीक के बेटे कबीर को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। वहीं इस घटना पर क्षेत्र के डिप्टी एसपी ने बताया कि मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम करवा कर जाँच और जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार चल रहे आरोपित कबीर को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगा दी गईं हैं।

‘ये कूड़ेदान में फेंकने लायक’: हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट पर भड़के वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, कहा – ये अमेरिका में भी बदनाम, भारत उड़ा रहा मजाक

हाल ही में ‘हिंडेनबर्ग रिसर्च’ नामक अमेरिकी संस्था ने एक बार फिर से भारत के अडानी ग्रुप को निशाना बनाया। इसके साथ-साथ भारतीय नियामक संस्था SEBI की अध्यक्ष माधवी पुरी और उनके पति धवल बुच को भी लपेटा। हालाँकि, इस बार पिछली बार की तरह अडानी की शेयरों में गिरावट नहीं देखी गई। अब वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने भी हिंडेनबर्ग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भारत का मजाक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी संस्थाओं पर लगाम नहीं लगाई गई तो एक दिन ये भारत की न्यायपालिका पर सवाल उठाएँगे।

उन्होंने कहा कि हिंडेनबर्ग अमेरिका में भी बदनाम है, लेकिन हम इसे यहाँ विश्वसनीयता दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि हम आखिर हिंडेनबर्ग को क्यों एक भविष्यवक्ता या फिर सटीक समाचार देने वाला मानते हैं? पूर्व सॉलिसिटर जनरल ने NDTV को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि किसी भी अन्य देश में यही माना जाता कि हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट कूड़ेदान में फेंकने के लायक है। उन्होंने कहा कि आज ये SEBI को धमका रहा है। बकौल हरीश साल्वे, भारत में मानहानि के लिए एक प्राधिकरण होना चाहिए।

वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता ने अंदेशा जताया कि कल को ऐसी संस्थाएँ जजों को भी नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि कुछ नेता हिंडेनबर्ग रिपोर्ट को गंभीरता से ले रहे हैं, ये शर्मनाक है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर लोग बेबुनियाद आरोप लगा कर कैसे निकल लेते हैं? हरीश साल्वे ने कहा कि भारत में लोग प्रतिष्ठा को गंभीरता से नहीं लेते हैं, हमें अब भारतीय प्रतिष्ठा को गंभीरता से लेने का समय आ गया है। हरीश साल्वे ने कहा कि हिंडेनबर्ग भारत का मजाक बना रहा है।

बता दें कि पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की फाँसी की सज़ा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में हरीश साल्वे ने ही रुकवाई थी। साथ ही हाल ही में उन्होंने ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS)’ में ‘भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन’ (IOA) की तरफ से विनेश फोगाट को मेडल दिलाने के लिए दलील दी। विनेश फोगाट को तय मानक से वजन अधिक होने के कारण मेडल से वंचित कर दिया गया था। इधर भारत में हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट के बाद सेबी की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच का इस्तीफा माँगा जा रहा है।

नशा तस्कर जावेद को पकड़ने पहुँची UP पुलिस पर सद्दाम हुसैन ने साथियों संग बोला हमला: बुर्के वाली खातूनों ने भी चलाए पत्थर, फाड़ डाली वर्दी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मुस्लिम भीड़ ने पुलिस पर हमला किया है। हमले में महिला पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया है। इस हमले की FIR में 31 नामजदों सहित कुल 32 हमलावरों को आरोपित बनाया गया है। हमलावरों में लगभग आधे दर्जन महिलाएँ शामिल थीं। पुलिस टीम गाँव में नशे का अवैध रैकेट चलाने वाले जावेद को पकड़ने गई थी। हमलावरों ने पुलिस पर लाठी-डंडे चलाने के साथ पत्थरबाजी भी की। पुलिस के वाहन को तोड़ कर उनकी वर्दी को फाड़ दिया गया।

आरोपित पुलिस वालों की आँखों में मिर्च पाउडर डाल कर जावेद को भी छुड़ा ले गए। घटना सोमवार (12 अगस्त, 2024) की है। पुलिस ने इस हिंसा में शामिल 3 महिलाओं सहित कुल 6 आरोपितों को दबोच लिया है। बाकी हमलावर फरार हैं जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

यह घटना सहारनपुर जिले के थाना क्षेत्र नकुड़ अंतर्गत आने वाले गाँव घाटमपुर की है। थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर नरेंद्र भड़ाना ने सोमवार को घटना की तहरीर दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्हें फरार चल रहे मादक द्रव्यों के तस्कर जावेद के अपने गाँव घाटमपुर में होने की सूचना मिली थी। दारोगा भड़ाना फ़ौरन ही अपनी टीम के साथ घाटमपुर पहुँच गए। पता चला कि जावेद गाँव के कुछ अन्य लोगों के साथ खेतों में बैठा है। नरेंद्र भड़ाना ने फ़ौरन ही अपने सीनियरों को कॉल किया और एक्स्ट्रा फ़ोर्स की माँग की। अतिरिक्त फ़ोर्स आने तक वो पैदल ही जावेद की संभावित लोकेशन की तरफ बढ़ गए।

सब-इंस्पेक्टर भड़ाना को मिली सूचना सही पाई गई और जावेद को पुलिस टीम ने दबोच लिया। इतनी देर में दोपहर लगभग 2:30 पर थाने से महिला पुलिसकर्मियों सहित अतिरिक्त फ़ोर्स भी जावेद के गाँव में पहुँच गई। पुलिस टीम अपनी कानूनी कार्रवाई में जुटी थी कि अचानक ही जावेद जोर-जोर से चिल्ला कर लोगों को जमा करने लगा। शोरगुल सुन कर जावेद के ही गाँव का इकराम अपने साथियों के साथ वहाँ पहुँच गया। इकराम ने जावेद को छुड़ाने के लिए पुलिस वालों को पहले गालियाँ दीं और बाद में साथियों सहित हमला बोल दिया।

आरोप है कि नशा के अवैध कारोबारी जावेद को छुड़ाने के लिए इकराम के साथ आई भीड़ ने पहले पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला किया फिर पत्थरबाजी भी की। पुलिस बल ने अपने वाहन में छिप कर खुद को बचाने का प्रयास किया तो हमलावर वहाँ भी पहुँच गए। उन्होंने पुलिस की गाडी के शीशे तोड़ डाले। इस दौरान हमलावरों ने सब इंस्पेक्टर नरेंद्र भड़ाना की वर्दी को भी फाड़ डाला और कस्टडी में मौजूद जावेद को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। जब पुलिस वालों ने प्रतिरोध किया तो उनकी आँखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया गया।

मिर्च पाउडर से पुलिसकर्मियों की आँखों में जलन होने लगी। इसी दौरान मौका पा कर भीड़ जावेद को छुड़ा कर अपने साथ ले गई। घटना का वीडियो बना रहे पुलिस वालों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने इस हमले में 31 आरोपित नामजद किए हैं। इनके नाम जावेद, इकराम, मशरूफ, शाहरुख़ नाम के 2 अलग-अलग युवक, इसरार, ज़ाकिर, इकरार, गय्यूर, फारुख, आमिर, फुरकान, कादिर, सुक्का, असजद, आमिर, राकिब, दानिश, अमजद, कैफ, वारिस, आसिफ, इस्तेकार और सद्दाम हुसैन हैं।

हमलावरों पर लगी धाराएँ

इन सभी पुरुष आरोपितों के अलावा इस केस में कई मुस्लिम महिलाएँ भी नामजद हैं। इनके नाम धौली, रिहाना, इसराना, नरगिस, इकरा, अनम और गुलशाना हैं। एक आरोपित को अज्ञात में रखा गया है। सब इंस्पेक्टर भड़ाना की इस शिकायत पर सभी आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS)- 2023 की धारा 191 (1), 191 (2), 324 (4), 351 (2), 121 (1), 262, 263, 352, 132, 125 और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने दबोचे आधे दर्जन हमलावर

इस घटना के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। एसपी देहात सागर जैन के नेतृत्व में हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया। ताबड़तोड़ दबिश दे कर महज 24 घंटों के अंदर 6 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसमें 3 महिलाएँ भी शामिल हैं। गिरफ्तार महिला आरोपितों में हारुना, मेहराना और शहरीन शामिल हैं। वहीं इन्ही के साथ पुलिस ने सद्दाम हुसैन, जाबिर और ज़ाकिर को भी दबोच लिया है। फरार चल रहे अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी हमलावरों को दबोच लिया जाएगा।

पुलिस प्रेसनोट

पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज सहित तमाम अन्य सबूतों को जुटाया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों को अदालत में पेश कर के जेल भेज दिया गया है। क्षेत्र में फिलहाल हालात सामान्य हैं।

करता था बलात्कार, खिलाता था गोमांस, रखवाता था रोजा… अकील ने ‘अखिल यादव’ बन शादीशुदा हिन्दू महिला को फाँसा, अब्बा और दोस्तों से भी करवाता था रेप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ अकील नाम का युवक पर अखिल यादव बन कर शादीशुदा हिन्दू महिला से गैंगरेप और कुकर्म का आरोप लगा है। पीड़िता को गोमाँस खिलाया गया और रोजा रखने पर मजबूर किया गया। विरोध करने पर पीड़िता की बेरहमी से पिटाई हुई जान से मार डालने की धमकी दी गई। इस करतूत में अकील के साथ उसके अम्मी-अब्बा, खलील, सानू, इरफ़ान इंतजार के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति को शामिल बताया जा रहा है। सोमवार (12 अगस्त 2024) को पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला दक्षिणी लखनऊ के थाना क्षेत्र मोहनलालगंज का है। यहाँ सोमवार को पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2023 में पीड़िता एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करती थी। यहाँ उसके सीनियर सानू ने पीड़िता का मोबाइल नंबर किसी उसी कम्पनी में जॉब कर रहे अकील को दे दिया। अकील ने पीड़िता से अपना परिचय अखिल यादव के तौर पर दिया। दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ ही दिनों में अकील ने पीड़िता को अपने विश्वास में ले लिया।

शिकायत के मुताबिक, 8 दिसंबर, 2023 को अकील नौकरी दिलाने का लालच दे कर पीड़िता को अपने साथ लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट ले गया। तब उसके साथ खलील और इंतज़ार अहमद के अलावा एक अन्य अज्ञात व्यक्ति भी मौजूद था। इन सभी ने एक वकील के द्वारा बनवाए गए कागजों पर पीड़िता के दस्तखत करवाए। पढ़ने-लिखने में बेहद कमजोर पीड़िता कागजों में लिखी बातें नहीं पढ़ पाई। यहाँ से सभी लोग पीड़िता को ले कर अकील के घर पहुँचे। यहाँ पीड़िता को 17 जनवरी 2024 तक बंधक बना कर रखा गया।

आरोप है कि यहाँ अकील और उसके अब्बा ने पीड़िता से कई बार रेप किया। विरोध करने पर पीड़िता की पिटाई भी हुई। इस करतूत में अकील की अम्मी अपने शौहर और बेटे को प्रोत्साहित करती रही। 17 जनवरी 2024 के अकील के अब्बा ने अपने घर से कुछ दूरी पर एक कमरा किराए पर ले लिया। यहाँ पीड़िता को रखा गया। इस कमरे में अकील, इरफ़ान, इंतज़ार और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने पीड़िता से कई बार रेप किया। आरोप है कि अकील पीड़िता को अपने दोस्तों के हवाले करने के बदले में पैसे भी वसूलता था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि अकील पीड़िता से रोज रेप करता था। वह पीड़िता को गाय का मांस खाने के साथ रोजा भी रखने पर मजबूर किया करता था। जब पीड़िता रहम की भीख माँगती थी तब उसे, उसके पति व पूरे परिवार को मार डालने की धमकी दी जाती थी। कहीं मुँह खोलने पर पीड़िता की ससुराल में मौजूद अन्य महिलाओं का भी बलात्कार करने जैसे धमकियाँ भी मिलती थीं। 2 जुलाई को अकील ने पीड़िता को बेरहमी से पीटा और घर से निकाल दिया। इसके बाद वो दोस्तों के साथ अजमेर चला गया।

अजमेर से लौट कर 9 अगस्त (शुक्रवार) को अकील ने पीड़िता को कुछ जरूरी काम कह कर मिलने के लिए मोहनलालगंज इलाके में बुलवाया। जब पीड़िता वहाँ पहुँची तो अकील उसे ले कर एक सुनसान बाग़ में गया। यहाँ उसने पीड़िता से रेप किया और जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाए। रोकने पर उसने पीड़िता की लात-घूंसों से पिटाई भी की। शिकायत के अंत में पीड़िता ने पुलिस से अकील, उसके अम्मी-अब्बा व सभी आरोपित दोस्तों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

लखनऊ पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान ले कर FIR दर्ज कर ली है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376- D, 420, 342, 323, 377 और 506 के तहत कार्रवाई की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने बताया कि मामले में जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

‘आपके पास अधिकार नहीं था’: राजदीप सरदेसाई को हाईकोर्ट की फटकार, घर में घुस महिला का वीडियो शूट करने का मामला

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (13 अगस्त 2024) को इंडिया टुडे के ‘पत्रकार’ राजदीप सरदेसाई को कड़ी फटकार लगाई और उनसे बीजेपी नेता शाजिया इल्मी का वीडियो हटाने को कहा। शाजिया इल्मी पर इंडिया टुडे के वीडियो पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, “आपके पास रिकॉर्ड (शाजिया का वीडियो) करने और इसका इस्तेमाल (सोशल मीडिया पर शेयर) करने का कोई अधिकार नहीं था।” दिल्ली हाई कोर्ट ने इल्मी पर इंडिया टुडे के एक वीडियो पत्रकार को ‘गाली’ देने का आरोप लगाते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपलोड किए गए वीडियो को हटाने के लिए कहा।

साभार: एक्स

दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से वीडियो को हटाने का भी आदेश दिया।

इस मामले में शाजिया इल्मी ने राजदीप सरदेसाई के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, क्योंकि राजदीप ने उन पर इंडिया टुडे समूह के कैमरामैन पर ‘हमला’ करने का आरोप लगाया था।

इल्मी ने ‘पत्रकार के वेश में प्रोपेगेंडिस्ट’ सरदेसाई की प्राइम टाइम की बहस को बीच में ही छोड़ दिया था, क्योंकि उसने बीजेपी प्रवक्ता शाजिया इल्मी के माइक को बंद करने के लिए कहा था। इसके बावजूद, कैमरामैन ने शाजिया का वीडियो शूट करना जारी रखा, जिसकी वजह से झगड़ा हो गया था।

एक ट्वीट में शाजिया इल्मी ने कहा, “आप कभी भी मेरी आवाज नहीं दबा सकतें। याद रखें कि मैं दोनों पक्षों (पत्रकार और पैनलिस्ट) में रही हूँ और जानती हूँ कि आप जैसे गुंडों से कैसे निपटना है। वैसे, पत्रकारों के वेश में राजनीतिक प्रोपेगेंडिस्ट लोगों को उपदेश देना शोभा नहीं देता।”

राजदीप सरदेसाई ने ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने में देर नहीं लगाई और बीजेपी प्रवक्ता पर कैमरामैन पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट में दावा किया, “मैं अपने सभी मेहमानों का हमेशा सम्मान करता हूँ। अगर कुछ है तो वह यह कि मैं बहुत ज़्यादा उदार हूँ: शो में क्रॉस-टॉक और शोर से बचने के लिए फेडर (आवाज) को नीचे किया जाता है। अगर आपको शो में मुझसे या सेना के किसी जनरल से कोई शिकायत है, तो बेशक, यह आपका विशेषाधिकार है। और मैं इसका भी सम्मान करता हूँ।”

सरदेसाई ने आगे लिखा, “लेकिन आपके लिए माइक फेंकना और हमारे वीडियो पत्रकार को गाली देना और उसे अपने घर से बाहर निकालना कतई उचित नहीं है। वह सिर्फ़ अपना काम कर रहा था। बुरे व्यवहार के लिए कोई बहाना नहीं। बाकी मैं आप पर छोड़ता हूँ। आपका वीकेंड अच्छा रहे (नीचे दिया गया वीडियो पिछली रात का है…।”

सरदेसाई ने झगड़े का एक वीडियो भी शेयर किया था। शाजिया इल्मी ने वीडियो सबूत उपलब्ध कराने के लिए प्रोपेगैंडिस्ट को धन्यवाद दिया और उनके सीने पर ज़ूम करने के लिए ‘विकृत’ कैमरामैन को बुलाया।

उन्होंने ट्वीट किया, “जब आप मुझे अपमानित करते हैं और कहते हैं कि शाजिया का माइक बंद कर दो, तो मैं आपके शो में क्यों रहूँगी? सिर्फ़ इसलिए क्योंकि मैंने आपसे पूछा था कि क्या आपको लगता है कि सभी रक्षा प्रमुख झूठ बोल रहे हैं। आपके बारे में नहीं पता, लेकिन मेरा आत्मसम्मान है।”

बीजेपी प्रवक्ता ने कैमरामैन के घटिया व्यवहार के बारे में भी बताया, जिसकी वजह से उसे उन्हें घर से बाहर निकालना पड़ा। उन्होंने बताया, “मेरे पैर में फ्रैक्चर है। आपके कैमरामैन को यह पता था (हमने इस पर चर्चा भी की थी, क्योंकि वह मेरे घर में कॉफी और बिस्कुट रखता था)। जब आपने मेरा ऑडियो काटने का फैसला किया तो मुझे आपके बेहद पक्षपाती शो में रहने का कोई मतलब नहीं लगा। आपके कैमरामैन ने मुझे उठते समय संघर्ष करते हुए देखा और व्हीलचेयर से मेरी मदद करने के बजाय, मुझे मेरा माइक हटाने की कोशिश करते हुए फिल्माना जारी रखा। उसने मेरे छाती पर कैमरा फोकस करना जारी रखा, जोकि मेरे लिए बहुत असहज था और इससे मुझे शर्मिंदगी हुई।”

शाजिया इल्मी ने पूछा, “कोई भी महिला आपको बताएगी कि उनकी छाती पर ध्यान केंद्रित करना स्पष्ट रूप से मना है। मैं इसे स्क्रीन पर लाइव देख सकती थी और मैंने उनसे अनुरोध किया कि वे मुझे कोई फिल्म न दें या कैमरे की लाइट बंद न करें। शो खत्म होने के बाद भी मेरी शारीरिक और भावनात्मक असुविधा के बावजूद उस घटिया कैमरामैन ने मुझे फिल्माना जारी रखा। क्यों? वह मेरी इच्छा के विरुद्ध मेरे घर, मेरी सुरक्षित जगह में उसे क्यों फिल्माता रहा? और वह भी शो के बाद?”

उन्होंने चेताते हुए लिखा, “सिर्फ़ इसलिए कि आप एक मशहूर एंकर हैं (जितना कि आप हारने पर दुखी हैं) इसका मतलब यह नहीं है कि आप उन लोगों को अपमानित कर सकते हैं जो आपको बुलाते हैं और अपने क्रू को लोगों पर थोपते हैं, ब्रीफ़ से परे और उनके प्राइवेसी का उल्लंघन करते हैं। और मैं इंडिया टुडे को चुनौती देती हूँ कि वह मेरे ऊपरी शरीर और छाती की फुटेज फिर से दिखाए। मैं इस मामले को गंभीरता से लूँगी क्योंकि इस व्यवहार से मुझे बहुत दुख और अपमान हुआ है।”

कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम में कलह, ट्रोल पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने TMC सांसद सागरिका घोष को कहा ‘चोर-बेशर्म’: राजदीप सरदेसाई और जयराम रमेश को भी नहीं छोड़ा, जानिए क्यों छिड़ी जंग

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कॉन्ग्रेसी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी और TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष के बीच लड़ाई चल रही है। पूरा मामला सागरिका घोष द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ, जिसमें बताया गया था कि राज्यसभा के नियम 238 के हिसाब से जब कोई सदस्य को बोलते हुए किसी अन्य सदस्य पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इसमें सभापति जगदीप धनखड़ पर इस नियम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनके वो वीडियो शेयर किए जिसमें वो हंगामेबाज सांसदों को डाँटते दिख रहे हैं।

उन्होंने सागरिका घोष से भी कहा था कि आप हर सप्ताह अख़बार में लेख लिखती हो और आपने ये कमाया है? इस वीडियो में जगदीप धनखड़ के कई क्लिप्स को काट-काट कर सन्दर्भ के बिना ही शेयर किया गया।

इसके बाद स्वाति चतुर्वेदी ने सागरिका घोष को डाँटते हुए पोस्ट किया, “इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। सागरिका घोष मैडम, कुछ तो शर्म करो। मैंने उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जो वीडियो शेयर किया है वो Exclusive है। क्या आप बृजभषण शरण सिंह जैसे यौन कुण्ठितों को मंच देने वाले अपने पति राजदीप सरदेसाई की तरह मतलबी परजीवी बनने से पहले एक कथित पत्रकार नहीं थीं? इस वीडियो को हटाओ बेशर्म।” उन्होंने इस वीडियो में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और सागरिका घोष की पार्टी की मुखिया ममता बनर्जी को भी टैग किया।

बता दें कि इस वीडियो को जहाँ स्वाति चतुर्वेदी ने मंगलवार (13 अगस्त, 2024) को सुबह के 10:51 बजे शेयर किया था, वहीं सागरिका घोष ने इस वीडियो को 11:28 बजे शेयर किया, यानी 37 मिनट बाद।

इतना ही नहीं, स्वाति चतुर्वेदी इससे इतना भड़क गईं कि उन्होंने राहुल गाँधी के सलाहकार जयराम पर भी भड़क गईं, उन्होंने उन्होंने सागरिका घोष द्वारा शेयर किए गए वीडियो को रीट्वीट किया। उन्होंने सागरिका घोष को ‘चोर’ भी कहा। उन्होंने इस दौरान राहुल गाँधी और सुप्रिया श्रीनेत को भी टैग किया और उन्हें ये सब रोकने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने लिखा कि दक्षिणपंथी समूह सागरिका घोष को बेकार बताता है, ये बिलकुल सही है।

‘सलाम वालेकुम’ के जवाब में ‘जय श्रीराम’ कहने पर हिंदू परिवार को पीटा: पीड़ित का दावा- घर में घुस गए थे 150-200 रोहिंग्या, की तोड़फोड़; बंगाल BJP ने जारी की वीडियो

पश्चिम बंगाल में एक हिंदू परिवार पर हमले की खबर है। बताया जा रहा है कि ये हमला निमता पाइकपारा में हुआ। हमले के दौरान रोहिंग्याओं की भीड़ ने घर में घुस देवी-देवताओं की मूर्ति तोड़ी। साथ ही उस घर के व्यक्ति को भी मारा जिससे उनका विवाद हुआ था।

भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल ईकाई ने अपने ट्वीट में एक वीडियो शेयर की है। ये वीडियो उसी घर की हैं जहाँ पर हमला हुआ। वीडियो में पीड़ित पक्ष अपना दर्द साझा करता दिख रहा है।

वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा बंगाल ने लिखा, निमता पाइकपारा के वार्ड 5 के निवासी बिस्वजीत मंडल के घर में 150-200 रोहिंग्याओं ने घुसकर तोड़फोड़ की, उनका सामान तोड़ दिया और उनकी मूर्तियाँ तोड़ दीं।”

भाजपा बंगाल ने पूछा, “उनका (बिस्वजीत मंडल) अपराध क्या था? सिर्फ ये कि जब एक मुस्लिम व्यक्ति ने उन्हें “सलालम वालेकुम” कहकर अभिवादन किया, तो उन्होंने ‘जय श्री राम’ कहकर जवाब दिया। तभी जिहादियों द्वारा समर्थित इन रोहिंग्याओं ने उन पर हमला कर दिया।”

बताया जा रहा है कि ये हमला रात में परिवार पर हुआ। इस दौरान घर में घुसकर जब भीड़ तोड़फोड़ कर रही थी और मारपीट कर रही थी तो वहाँ महिला ने उनके हाथ पाँव पकड़कर उन्हें छोड़ने को कहा लेकिन उन्हें गलत जगह हाथ लगाया गया और धमकी दी गई कि जल्द से जल्द वो उस जगह को खाली कर दें वरना वो दोबारा आएँगे।

बता दें कि बंगाल में हिंदू परिवार पर जिस तरह हमले की खबर है वैसी खबर कुछ दिन पहले बांग्लादेश से आ रही थी। वहाँ हिंसक भीड़ हिंदुओं के घर को चुन-चुनकर निशाना बना रही थी। मंदिरों को तोड़ा-फोड़ा जा रहा था। लूटपाट हो रही थी। बच्चों के अपहरण किए जा रहे थे। तमाम हिंदुओं के सड़कों पर उतरने के बाद ये हिंसा रुकी थी

कोलकाता में रेप के बाद जिस डॉक्टर की हुई हत्या, उनकी आँख में काँच के टुकड़े मिले-टूटी हुई थी गर्दन… हाई कोर्ट ने CBI को सौंपी जाँच

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टर की रेप और हत्या के मामले की जाँच अब सीबीआई करेगी। कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने मामले की जाँच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने सीबीआई को मामले की जाँच को सौंपने में कोई आपत्ति नहीं जताई। इस बीच, पीड़ित डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें उसके साथ हैवानियत की हद पार कर दी गई है। चेहरे से लेकर शरीर के हर अंग को चोट पहुँची थी। पीड़ित की आँख से खून भी निकल रहा था।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी जाँच

कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टर की रेप-हत्या के मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि जो समय बर्बाद हो चुका है, वो बहुमूल्य था। इस केस में सबूतों को बर्बाद होने से रोकने के लिए जरूरी है कि सीबीआई इस मामले में तुरंत जाँच करे।

जानकारी के मुताबिक, कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल को लेकर बड़ी बात कही। जस्टिस ने कहा कि जिस प्रिंसिपल ने इतनी बड़ी घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस्तीफा दिया हो, उसे तुरंत कैसे दूसरी जगह पर तैनात किया जा सकता है। कोर्ट ने प्रिंसिपल से तुरंत छुट्टी पर जाने को कहा। ऐसा न करने पर कोर्ट प्रिंसिपल को दूसरी तरह से हटाने का आदेश देगी।

चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले प्रिंसिपल को दूसरे सरकारी कॉलेज का प्रिंसिपल कैसे नियुक्त किया जा सकता है?” कोर्ट ने छुट्टी पर चले जाने के लिए कहा है।

हाई कोर्ट ने कहा कि प्रिंसिपल से पूछताछ की जानी चाहिए, साथ ही सवाल भी उठाया कि कैसे उन्हें दूसरे मेडिकल कॉलेज में वही पद दे दिया गया, जबकि उन्होंने इस्तीफा दिया है। इस दौरान कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील से पूछा, “आप उन्हें (प्रिंसिपल को) क्यों बचा रहे हैं। उनका बयान दर्ज करें। उन्हें जो कुछ भी पता है, उन्हें बताने दें।” चीफ जस्टिस के कोर्ट ने इस मामले की केस डायरी भी जमा करने को कहा है।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप-मर्डर केस के बाद प्रिंसिपल प्रो. (डॉ) संदीप घोष को कोलकाता के कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तैनात कर दिया गया था, जिसका छात्रों ने तीखा विरोध किया। इस दौरान कलकत्ता नेशमल मेडिकल कॉलेज पहुँचे पश्चिम बंगाल के मंत्री जावेद अहमद खान और टीएमसी विधायक स्वर्ण कमल साहा का छात्रों ने विरोध किया।

ट्रेंड बॉक्सर, 2019 से कोलकाता पुलिस के साथ काम

कोलकाता मेडिकल कॉलेज में रेप और मर्डर का मुख्य आरोपित संजय रॉय के बारे में पता चला है कि वो 4 शादियाँ पहले ही कर चुका है, इसके बावजूद अकेला था। वो हिंसक प्रवृत्ति का था और साल 2019 से कोलकाता पुलिस के साथ सिविक वालंटियर के तौर पर काम कर रहा था। संजय रॉय ट्रेंट बॉक्सर भी था।

डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेहरमी की बात सामने आई है, वो हैरान करने वाली हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। चार पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि गला घोंटने के कारण उसकी थायरॉयड कार्टिलेज टूट गई थी और उसके निजी अंगों में गहरा घाव पाया गया था। सूत्रों ने बताया कि हत्या और बलात्कार की घटना 9 अगस्त को सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुई। उसके पेट, होठों, उंगलियों और बाएँ पैर पर चोट के निशान पाए गए। आँख में चश्मे का सीसा घुस गया था, क्योंकि रेप के समय उसके चेहरे पर चोट पहुँची थी।

सूत्रों ने बताया कि पीड़िता की नाक और मुँह को दबाया गया था और उसे चीखने से रोकने के लिए उसके सिर को दीवार से टक्कर मारी गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिला की दोनों आँखों, मुँह और गुप्तांगों से खून बह रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके गुप्तांगों में घाव “कामुकता” और “जननांगों पर अत्याचार” के कारण हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिल दहलाने वाली है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोटो साभार : X_ShivAroor

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपित संजय रॉय शराब पीते हुए अश्लील फिल्में देखने का आदी था। वारदात वाली रात वो अस्पताल के अंदर कई बार आया गया था।

अनिश्चितकालीन हड़ताल का ओपीडी सेवाओं पर असर

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर देश में डॉक्टरों के अंदर आक्रोश है। डॉक्टरों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की माँग की है। वहीं, फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) ने कहा कि कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में उसकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन एक्स पर पोस्ट किया, “हम पूरे भारत में विरोध कर रहे डॉक्टरों के साथ खड़े हैं! हम पूरे देश के डॉक्टरों को आज से इस विरोध में शामिल होने का आह्वान करते हैं! हम न्याय चाहते हैं!”

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सेवाएँ बाधित कर दी गई हैं और ओपीडी पूरी तरह बंद है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों और छात्रों का प्रदर्शन जारी है। उन्होंने कहा है कि उनकी माँगें पूरी होने तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। कोलकाता ही नहीं, लखनऊ के केजीएमयू में भी डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, तो दिल्ली में लगातार दूसरे दिन भी एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लोकनायक, जीबी पंत सहित सभी बड़े अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इस वजह से ओपीडी और नियमित सर्जरी प्रभावित है।

आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। IMA ने मामले की निष्पक्ष और गहन जाँच की माँग की है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। साथ ही, एसोसिएशन ने उन परिस्थितियों की विस्तृत जाँच की माँग की है, जिनके कारण ऐसा अपराध हुआ। आईएमए ने तत्काल सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए यह अनुरोध किया कि कार्यस्थल पर डॉक्टरों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएँ।

गौरतलब है कि गुरुवार-शुक्रवार (8-9 अगस्त 2024) की रात 3-5 बजे के बीच डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले को दबाने का आरोप लगाया गया। शुरुआत में मृतक डॉक्टर के माता-पिता को आत्महत्या की सूचना दी गई थी, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के बाद इस मामले ने बड़ा तूल ले लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया है।

इस मामले में ड्यूटी पर मौजूद रहे तीन अन्य डॉक्टरों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रिंसिपल ने इस्तीफा दे दिया है। पूरे देश में प्रदर्शन किया जा रहा है। डॉक्टरों के हड़ताल के चलते ओपीडी सेवाएँ बंद हैं, तो मामला कोलकाता हाई कोर्ट में भी चल रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले की जाँच के लिए पुलिस को रविवार (18 अगस्त 2024) तक का वक्त दिया है, इसके बाद उन्होंने मामले को सीबीआई को सौंपने की बात कही है।